कैदी और कोकिला
माखनलाल चतुर्वेदी
प्रश्न 1) कोयल की कूक सुनकर कवि की क्या प्रतिक्रिया थी ?
उत्तर ) कवि जेल की काली कोठारी में अकेला व उदास है | कोयल से अपने मन का दुख व ब्रिटिश शासन के प्रति क्रोध को व्यक्त करते हुए कहता है कि यह समय मधुर गीत गाने का नहीं है बल्कि मुक्ति का गीत सुनाने का है | कवि को लगता है कि कोयल भी पूरे देश को एक जेल के रूप में देखने लगी है | इसलिए वह अर्धरात्रि में चीख उठी है |
प्रश्न 2) कवि ने कोकिल के बोलने के किन कारणों की संभावना बताई ?
उत्तर ) भारतमाता गुलामी की जंजीरों में जकड़ी हुई है | देशवासियों पर अत्याचार हो रहे है जिससे हर देशवासी परेशान व दुखी है | यह सब देखकर कोयल पागल हो गई है | यहीं कारण है कि कोयल देशवासियों को जगाने के लिए वीरता के गीत गाने लगी है | वह आजादी को पाने के लिए कैदियों को संदेश देने आई है | क्रांतिकारियों के मन में देश प्रेम की भावना को जगाने आई है |
प्रश्न 3) किस शासन की तुलना तम के प्रभाव से की गई है और क्यों ?
उत्तर ) गुलाम हुए भारत में अंग्रेजी शासन की तुलना तम के प्रभाव से की गई है | भारतवासियों पर अनेक अत्याचार किए जा रहे है | उन्हें उनके मूलभूत अधिकारों जैसे शिक्षा व स्वास्थ्य जैसी सुविधाओं से वंचित रखा जा रहा है | उनके विरुद्ध आवाज़ उठाने वालों को जेल की काली कोठरी में बंद कर दिया जाता है और उन्हें अपने विचार प्रकट करने का भी हक नहीं होता हैं |
प्रश्न 4) कविता के आधार पर पराधीन भारत की जेलों में दी जाने वाली यंत्रणाओं का वर्णन कीजिए |
उत्तर ) पराधीन भारत की जेलों में दी जाने वाली यंत्रणाएँ बहुत ही भयावह होती थी | स्वतन्त्रता सेनानियों को काल कोठरी में चोरों , डाकुओं और लुटेरों के साथ रखा जाता था | सभी कैदी काली लोहे की जंजीरों से जकड़े रहते थे और उन्हें भरपेट खाना भी नहीं दिया जाता था | जेलों में चमड़े के ढ़ोल से कुओं में से पानी निकलवाया जाता था | उन्हें मारा पीटा व बात - बात पर गालियां देकर अपमानित किया जाता था |
प्रश्न 5) भाव स्पष्ट कीजिए –
क) मृदुल वैभव की रखवाली – सी , कोकिल बोलो तो !
उत्तर ) कोयल हमेशा अपने मीठे स्वर से सबको मोहित करती है | इसलिए उसे मृदुल वैभव की रखवाली करने वाली कहा है | लेकिन जब वह अर्धरात्रि में चीख उठती है तो कवि हैरान व परेशान हो उठता है | उसे लगता है कि जिस कोयल की वाणी में करुणा के भाव होते थे आज वह रुलाने वाली वाणी बोलकर क्यों कहर ढा रही है ? शायद वह अपनी मातृभूमि को पराधीन नहीं देखना चाहती है |
ख ) हूँ मोट खींचता लगा पेट पर जुआ ,
खाली करता हूँ ब्रिटिश अकड़ का कुँआ |
उत्तर ) स्वतन्त्रता सेनानियों को जेलों में अनेक भयावह यातनाएँ सहनी पड़ती थी | उन्हें जेल की काली कोठरी में डालकर उनसे अत्यधिक काम करवाया जाता था | कैदियों के पेट पर जुआँ (लकड़ी का साँचा ) बांधकर , मोट (चमड़े के ढ़ोल ) में कुएँ से पानी खिंचवाया जाता था | स्वतन्त्रता सेनानी पानी खींचते हुए भी ब्रिटिश अकड़ का कुँआ ही खाली कर रहे थे | अर्थात भारतियों ने मुसीबतों से लड़ना सीख लिया था |
प्रश्न 6) अर्धरात्रि में कोयल की चीख से कवि को क्या अंदेशा है ?
उत्तर ) कवि को अंदेशा है कि ब्रिटिश शासन के पहरे के कारण कोयल भी दिन में अपना स्वर तेज नहीं कर सकती है इसलिए रात को कूक रही है | कवि को अंदेशा है कि कहीं उसने दावानल की लपटें तो नहीं देख ली अर्थात ब्रिटिश शासन के घोर अत्याचार को तो नहीं देख लिया | इसलिए उसका मन द्रवित हो गया | वह जेल में बंद स्वतन्त्रता सेनानियों के लिए विशेष संदेश लेकर आई है |
प्रश्न 7) कवि को कोयल से ईर्ष्या क्यों हो रही है ?
उत्तर ) कवि के अनुसार कोयल तो हरी डाल पर बैठकर अपना गीत गुनगुनाती है और पूरे आकाश में घूमती है | जबकि उसका संसार तो 10 फुट की काल कोठारी तक का ही है | कोयल के गीतों को सुनकर सब वाह वाह करते थे | जबकि की कवि की कविताओं को जुर्म मानकर उसे जेल में बंद कर दिया जाता था | उसके तो रोने को भी गुनाह माना जाता था |
प्रश्न 8) कवि के स्मृति पटल पर कोयल के गीतों की कौन सी मधुर स्मृति अंकित हैं, जिन्हें वह अब नष्ट करने पर तुली है ?
उत्तर ) कोयल हमेशा मधुर स्वर के लिए जानी जाती है, लेकिन अब वह मधुर स्वर के स्थान पर वेदना युक्त और बोझिल वाणी बोल रही है | अब वह स्वतन्त्रता सेनानियों की यातनाओं को देखकर पागल सी होकर अपनी ओज भरी वाणी में चीख रही है | पहले वह आम के पेड़ों पर अपना मधुर स्वर सुनाया करती थी | वह दिन के समय अर्थात सुबह, दोपहर या दिन ढले अपने गीत सुनाया करती है | लेकिन अब असमय अर्ध रात्रि के समय गीत सुनाना तो वेदना पूर्ण हूक सी लगती है |
प्रश्न 9) हथकड़ियों को गहना क्यों कहा गया है ?
उत्तर ) कवि के लिए हथकड़ियाँ बंधन न होकर गहना है | वह आज़ादी की लड़ाई को लड़ने वाला एक सिपाही है | उसने अपनी कविताओं के माध्यम से देश की आज़ादी के लिए आवाज उठाई है | अपनी मातृभूमि के लिए आवाज़ को बुलंद करना कोई जुर्म नहीं है, इसलिए हथकड़ियाँ बंधन न होकर गहना बन गई है |
प्रश्न 10 ) काली तू ..... ऐ आली ! – इन पंक्तियों में काली शब्द की आवर्ति से उत्पन्न चमत्कार का विवेचन कीजिए |
उत्तर ) जहां किसी विशिष्ट शब्द के प्रयोग के कारण चमत्कार आ जाता है ,वहाँ शब्दालंकार होता है | काली शब्द की बार-बार आवर्ती के माध्यम से –
अंग्रेज़ सरकार के बुरे शासन का साकार चित्रण किया है | अंग्रेज़ सरकार के काले कारनामे चारों तरफ फैल गए है |
सब लोग निराश व हताश होकर उनके जुल्म सहन कर रहे हैं |
प्रश्न 11) काव्य – सौन्दर्य स्पष्ट कीजिए |
क ) किस दावानल की ज्वालाएँ हैं दिखीं ?
काव्य सौंदर्य –
क . शैली प्रश्नात्मक व उत्साहित करने वाली हैं |
ख . वीररस व ओजस्वी रस की अभिव्यक्ति हुई है |
ग . दावानल की ज्वालाएँ दिखना जैसी मुहावरेदार भाषा के प्रयोग से चमत्कार पैदा हुआ है | जेल के कष्टों को दावानल की आग से तुलना करना ठीक ही है |
घ . ल वर्ण की पुनरावृति के कारण अनुप्रास अलंकार है |
ङ . स्वतंत्र छंदों का प्रयोग किया है |
च . बिम्ब व प्रतीकों की शब्द योजना उपयुक्त है |
छ . भाषा संस्कृतनिष्ठ खड़ी बोली है |
ख ) तेरे गीत कहावे वाह, रोना भी मुझे गुनाह |
देख विषमता तेरी मेरी, बजा रही तीस पर भी रणभेरी !
उत्तर ) काव्य सौन्दर्य –
वीर रस व ओजस्वी भाव की अभिव्यक्ति हुई है |
संस्कृत निष्ठ खड़ी बोली है | भाषा ओज गुण से सम्पन्न है | मुहावरे युक्त भाषा का प्रयाओग किया है |
बिम्बों व प्रतीकों का प्रयोग है | वीर ओजस्विता का भाव है | रोना गुनाह है – क्रोध का प्रतीक है | शैली प्रश्नात्मक व उत्साहित करने वाली है | ह वर्ण की आवर्ती से अनुप्रास अलंकार है | वक्रोक्ति अलंकार का अनूठा प्रयोग है | शिकायत के जरिये ब्रिटिश शासन के अत्याचारों का प्रयोग किया है | कवि की अनन्य देशभक्ति को प्रकट किया है |
प्रश्न ) कवि जेल के आसपास अन्य पक्षियों का चहकना भी सुनता होगा लेकिन उसने कोकिला की ही बात क्यों की है ?
उत्तर ) कवि ने देखा कि कोयल की भाषा भाव व वाणी सब कुछ बदल गया है | अन्य पक्षी पहले की तरह ही चहकते थे | लेकिन कोयल ने अपने मधुर स्वर के स्थान पर वीरता और ओजस्वी वाणी से भारतवासियों में जागृति पैदा करने लगी | ब्रिटिश शासन के खिलाफ आवाज़ बुलंद करने लगी है |
प्रश्न ) आपके विचार से स्वतन्त्रता सेनानियों और अपराधियों के साथ एक-सा व्यवहार क्यों किया जाता होगा ?
उत्तर ) अंग्रेज़ जानते थे कि स्वतन्त्रता सेनानी उनके राज पाठ को खत्म कर देंगे | इसलिए उनके द्वारा चलाए आंदोलनों को वे एक अपराध मानते थे | उन्हें अपराधियों कि तरह कठोर यातनाएँ दी जाती थी जिससे अन्य लोग भी स्वतन्त्रता आंदोलन में भाग न ले सके और उनका राज कायम रहें |
अन्य प्रश्न
प्रश्न 1) ‘कैदी और कोकिला’ कविता का संदेश /उद्देश्य स्पष्ट कीजिए |
उत्तर ) कवि ने परतंत्र जीवन की पीड़ा को उजागर किया है | ब्रिटिश शासन की जेलों में रह रहे लोगों पर होने वाले अत्याचारों को दिखाया है | कवि ने इन लोगों को कोयल के माध्यम से क्रांति करने का आह्वान किया है | कवि अपने एकाकी जीवन से दुखी है तभी वह कोयल के स्वर से प्रेरित हो जाता है | वह लोगों को आंदोलनों के माध्यम से गुलामी की बेड़ियाँ काटने के लिए प्रेरित करता है |
प्रश्न ) ‘कैदी और कोकिला’ कविता में कवि और कोयल के जीवन में कौन – सी समानताएँ या विषमताएँ चित्रित की गई है ?
उत्तर ) कोयल आज़ाद है व अभी भी अपनी ओजस्वी वाणी में लोगों को प्रेरित कर सकती है | हरी डाल पर बैठ सकती है | आकाश में घूम सकती है | उसकी कूक की लोग तारीफ करते है | लेकिन कवि का दस फुट का ही संसार है | वह काली कोठारी में बंद है और उसके हाथों में हथकड़ियाँ पड़ी है | वह न तो अपने विचार व्यक्त कर सकता है और न ही रो सकता है | इतनी विषमताएँ होते हुए भी दोनों में एक समानता यह है कि दोनों ही अपने गीतों के जरिए क्रांति का आह्वान कर रहे है |