पाठ 31 भीष्म शर-शैय्या पर
प्रश्न ) भीष्म शिखंडी के
बाणों का प्रत्युत्तर क्यों नहीं दे रहे थे
?
उत्तर
) शिखंडी वास्तव में पूर्ण पुरुष नहीं था | वह अंबा नाम की स्त्री ही थी,जिसे स्वयंवर से विचित्रवीर्य के लिए जबरदस्ती उठाकर लाया था | पर वह शाल्व नरेश से विवाह करना चाहती थी | उसने ये
बात भीष्म को बताई | तब भीष्म ने उसे शाल्व नरेश के पास जाने
की आज्ञा दे दी | शाल्व नरेश ने विवाह करने से इंकार कर दिया | इस प्रकार दोनों तरफ से निराश हुई अंबा ने स्त्री रूप छोड़कर अपना नाम शिखंडी
रख लिया | शिखंडी के स्त्री होने की बात भीष्म जानते थे| अतः वह उसके बाणों का प्रत्युत्तर नहीं दे रहे थे |
प्रश्न) भीष्म ने ऐसा क्यों
कहा कि अभी उनके मरने का समय नहीं हुआ है ?
उत्तर
) भीष्म ने अपने पिता के आजीवन ब्रह्मचारी रहकर विवाह न करने का संकल्प लिया और आजीवन
ब्रह्मचारी बने रहे | उनके
इस त्याग पर उनके पिता ने उनको इच्छित मृत्यु का वरदान दिया था | इस कारण भीष्म की मृत्यु तभी होती जब वे चाहते |
प्रश्न ) युधिष्ठिर को जीवित
पकड़ने की बात सुनकर द्रोण ने संतोष क्यों मान लिया ?