Thursday, September 29, 2022

कैदी और कोकिला (माखनलाल चतुर्वेदी) कक्षा दसवीं

 

कैदी और कोकिला

                          माखनलाल चतुर्वेदी

 

प्रश्न 1) कोयल की कूक सुनकर कवि की क्या प्रतिक्रिया थी ?

उत्तर ) कवि जेल की काली कोठारी में अकेला व उदास है | कोयल से अपने मन का दुख व ब्रिटिश शासन के प्रति क्रोध को व्यक्त करते हुए कहता है कि यह समय मधुर गीत गाने का नहीं है बल्कि मुक्ति का गीत सुनाने का है | कवि को लगता है कि कोयल भी पूरे देश को एक जेल के रूप में देखने लगी है | इसलिए वह अर्धरात्रि में  चीख उठी है |

प्रश्न 2) कवि ने कोकिल के बोलने के किन कारणों की संभावना बताई ?

उत्तर ) भारतमाता गुलामी की जंजीरों में जकड़ी हुई है | देशवासियों  पर अत्याचार  हो रहे  है जिससे हर देशवासी परेशान व दुखी  है | यह सब देखकर कोयल पागल हो गई है | यहीं कारण है कि कोयल देशवासियों को जगाने के लिए वीरता के गीत गाने लगी है | वह आजादी को पाने के लिए कैदियों को संदेश देने आई है | क्रांतिकारियों के मन में देश प्रेम की भावना को जगाने आई है |

प्रश्न 3)  किस शासन की तुलना तम के प्रभाव से की गई है और क्यों ?

उत्तर ) गुलाम हुए भारत में अंग्रेजी शासन की तुलना तम के प्रभाव से की गई है | भारतवासियों पर अनेक अत्याचार किए जा रहे है | उन्हें उनके मूलभूत अधिकारों जैसे शिक्षा व स्वास्थ्य जैसी सुविधाओं से वंचित रखा जा रहा है | उनके विरुद्ध आवाज़ उठाने वालों को जेल की काली कोठरी में बंद कर दिया जाता है  और उन्हें अपने विचार प्रकट करने का भी हक नहीं होता हैं |

प्रश्न 4) कविता के आधार पर पराधीन भारत की जेलों में दी जाने वाली यंत्रणाओं का वर्णन कीजिए |

उत्तर ) पराधीन भारत की जेलों में दी जाने वाली यंत्रणाएँ बहुत ही भयावह होती थी |  स्वतन्त्रता सेनानियों को काल कोठरी में चोरों , डाकुओं और लुटेरों के साथ रखा जाता था | सभी कैदी काली लोहे की जंजीरों से जकड़े रहते थे और उन्हें भरपेट खाना भी नहीं दिया जाता था | जेलों में चमड़े के ढ़ोल से कुओं में से पानी निकलवाया जाता था | उन्हें मारा पीटा व बात - बात पर गालियां देकर  अपमानित किया जाता था |

प्रश्न 5) भाव स्पष्ट कीजिए –

क)     मृदुल वैभव की रखवाली – सी ,  कोकिल बोलो तो !

  उत्तर ) कोयल हमेशा अपने मीठे स्वर से सबको मोहित करती है | इसलिए उसे मृदुल वैभव की रखवाली करने वाली कहा है | लेकिन जब वह अर्धरात्रि में चीख उठती है तो कवि हैरान व परेशान हो उठता है | उसे लगता है कि जिस कोयल की वाणी में करुणा के भाव होते थे आज वह रुलाने वाली वाणी बोलकर क्यों कहर ढा रही है ? शायद वह अपनी मातृभूमि को पराधीन नहीं देखना चाहती है |

ख ) हूँ मोट खींचता लगा पेट पर जुआ ,

    खाली करता हूँ ब्रिटिश अकड़ का कुँआ |

उत्तर ) स्वतन्त्रता सेनानियों को जेलों में अनेक भयावह यातनाएँ सहनी पड़ती थी | उन्हें जेल की काली कोठरी में डालकर उनसे अत्यधिक काम करवाया जाता था | कैदियों के पेट पर जुआँ (लकड़ी का साँचा ) बांधकर , मोट (चमड़े के ढ़ोल ) में कुएँ से पानी खिंचवाया जाता था |  स्वतन्त्रता सेनानी पानी खींचते हुए भी ब्रिटिश अकड़ का कुँआ ही खाली कर रहे थे | अर्थात भारतियों ने मुसीबतों से लड़ना सीख लिया था |

प्रश्न 6) अर्धरात्रि में कोयल की चीख से कवि को क्या अंदेशा है ?

उत्तर ) कवि को अंदेशा है कि ब्रिटिश शासन के पहरे के कारण कोयल भी दिन में अपना स्वर तेज नहीं कर सकती है इसलिए रात को कूक रही है | कवि को अंदेशा है कि कहीं उसने दावानल की लपटें तो नहीं देख ली अर्थात ब्रिटिश शासन के घोर अत्याचार को तो नहीं देख लिया | इसलिए उसका मन द्रवित हो गया | वह  जेल में बंद स्वतन्त्रता सेनानियों के लिए विशेष संदेश लेकर आई है |

प्रश्न 7) कवि को कोयल से ईर्ष्या क्यों हो रही है ?

उत्तर ) कवि के अनुसार कोयल तो हरी डाल पर बैठकर अपना गीत गुनगुनाती है और पूरे आकाश में घूमती है | जबकि उसका संसार तो 10 फुट की काल कोठारी तक का ही है | कोयल के गीतों को सुनकर सब वाह वाह करते थे  | जबकि की कवि की कविताओं को जुर्म मानकर उसे जेल में बंद कर दिया जाता था | उसके तो रोने को भी गुनाह माना जाता था |

प्रश्न 8) कवि के स्मृति पटल पर कोयल के गीतों की कौन सी मधुर स्मृति अंकित हैं, जिन्हें वह अब नष्ट करने पर तुली है ?

उत्तर ) कोयल हमेशा मधुर स्वर के लिए जानी जाती है, लेकिन अब वह मधुर स्वर के स्थान पर वेदना युक्त और बोझिल वाणी बोल रही है | अब वह स्वतन्त्रता सेनानियों की यातनाओं को देखकर पागल सी होकर अपनी ओज भरी वाणी में चीख रही है | पहले वह आम के पेड़ों पर अपना मधुर स्वर सुनाया करती थी | वह दिन के समय अर्थात सुबह, दोपहर या दिन ढले अपने गीत सुनाया करती है | लेकिन अब असमय अर्ध रात्रि के समय गीत सुनाना तो वेदना पूर्ण हूक सी लगती है |

प्रश्न 9) हथकड़ियों को गहना क्यों कहा गया है ?

उत्तर ) कवि के लिए हथकड़ियाँ बंधन न होकर गहना है | वह आज़ादी की लड़ाई को लड़ने वाला एक सिपाही है | उसने अपनी कविताओं के माध्यम से देश की आज़ादी के लिए आवाज उठाई है | अपनी मातृभूमि के लिए आवाज़ को बुलंद करना कोई जुर्म नहीं है, इसलिए हथकड़ियाँ बंधन न होकर गहना बन गई है |

प्रश्न 10 ) काली तू ..... ऐ आली ! – इन पंक्तियों में काली शब्द की आवर्ति से उत्पन्न चमत्कार का विवेचन कीजिए |

उत्तर ) जहां किसी विशिष्ट शब्द के प्रयोग के कारण चमत्कार आ जाता है ,वहाँ शब्दालंकार होता है | काली शब्द की बार-बार आवर्ती के माध्यम से –

अंग्रेज़ सरकार के बुरे शासन का साकार चित्रण किया है | अंग्रेज़ सरकार के काले कारनामे चारों तरफ फैल गए है |

सब लोग निराश व हताश होकर उनके जुल्म  सहन कर रहे हैं |

प्रश्न 11) काव्य – सौन्दर्य स्पष्ट कीजिए |

क ) किस दावानल की ज्वालाएँ हैं दिखीं ?

काव्य सौंदर्य –

क . शैली प्रश्नात्मक व उत्साहित करने वाली हैं |

ख . वीररस व ओजस्वी रस की अभिव्यक्ति हुई है |

ग .  दावानल की ज्वालाएँ दिखना जैसी मुहावरेदार भाषा के प्रयोग से चमत्कार पैदा हुआ है | जेल के कष्टों को दावानल की आग से तुलना करना ठीक ही है |

घ .  ल वर्ण की पुनरावृति  के कारण अनुप्रास अलंकार है |

ङ .  स्वतंत्र छंदों का प्रयोग किया है |

च .  बिम्ब व प्रतीकों की शब्द योजना उपयुक्त है |

छ . भाषा संस्कृतनिष्ठ खड़ी बोली है |

ख ) तेरे गीत कहावे वाह, रोना भी मुझे गुनाह |

    देख विषमता तेरी मेरी, बजा रही तीस पर भी रणभेरी !

उत्तर ) काव्य सौन्दर्य –

वीर रस व ओजस्वी भाव की अभिव्यक्ति हुई है |

संस्कृत निष्ठ खड़ी बोली है | भाषा ओज गुण  से सम्पन्न है | मुहावरे युक्त भाषा का प्रयाओग किया है |

बिम्बों व प्रतीकों का प्रयोग है | वीर ओजस्विता का भाव है | रोना गुनाह है – क्रोध का प्रतीक है | शैली प्रश्नात्मक व उत्साहित करने वाली है | ह वर्ण की आवर्ती से अनुप्रास अलंकार है | वक्रोक्ति  अलंकार का अनूठा प्रयोग है | शिकायत के जरिये ब्रिटिश शासन के अत्याचारों का प्रयोग किया है | कवि की अनन्य देशभक्ति को प्रकट किया है |

प्रश्न ) कवि जेल के आसपास अन्य पक्षियों का चहकना भी सुनता होगा लेकिन उसने कोकिला की ही बात क्यों की है ?

उत्तर ) कवि ने देखा कि कोयल की भाषा भाव व वाणी सब कुछ बदल गया है | अन्य पक्षी पहले की तरह ही चहकते थे | लेकिन कोयल ने अपने मधुर स्वर के स्थान पर वीरता और ओजस्वी वाणी से भारतवासियों में जागृति पैदा करने लगी | ब्रिटिश शासन के खिलाफ आवाज़ बुलंद करने लगी है |

प्रश्न ) आपके विचार से स्वतन्त्रता सेनानियों और अपराधियों के साथ एक-सा व्यवहार क्यों किया जाता होगा ?

उत्तर ) अंग्रेज़ जानते थे कि स्वतन्त्रता सेनानी उनके राज पाठ को खत्म कर देंगे | इसलिए उनके द्वारा चलाए आंदोलनों को वे एक अपराध मानते थे | उन्हें अपराधियों कि तरह कठोर यातनाएँ दी जाती थी जिससे अन्य लोग भी स्वतन्त्रता आंदोलन में भाग न ले सके और उनका राज कायम रहें |

अन्य प्रश्न  

प्रश्न 1) कैदी और कोकिला कविता का संदेश /उद्देश्य स्पष्ट कीजिए |

उत्तर ) कवि ने परतंत्र जीवन की पीड़ा को उजागर किया है | ब्रिटिश शासन की जेलों में रह रहे लोगों पर होने वाले अत्याचारों को दिखाया है | कवि ने इन लोगों को कोयल के माध्यम से क्रांति करने का आह्वान किया है | कवि अपने एकाकी जीवन से दुखी है तभी वह कोयल के स्वर से प्रेरित हो जाता है | वह लोगों को आंदोलनों के माध्यम से गुलामी की बेड़ियाँ काटने के लिए प्रेरित करता है |

प्रश्न ) कैदी और कोकिला कविता में कवि और कोयल के जीवन में कौन – सी समानताएँ या विषमताएँ चित्रित की गई है ?

उत्तर ) कोयल आज़ाद है व अभी भी अपनी ओजस्वी वाणी में लोगों को प्रेरित कर सकती है | हरी डाल पर बैठ सकती है | आकाश में घूम सकती है | उसकी कूक की लोग  तारीफ करते है |  लेकिन कवि का दस फुट का ही संसार है | वह काली कोठारी में बंद है और उसके हाथों में हथकड़ियाँ पड़ी है | वह न तो अपने विचार व्यक्त कर सकता है और न ही  रो सकता है | इतनी विषमताएँ होते हुए भी दोनों में एक समानता यह है कि दोनों ही अपने गीतों के जरिए क्रांति का आह्वान कर रहे है |  

 

Wednesday, August 10, 2022

साँवले सपनों की यादें (जाबिर हुसैन) क्षितिज भाग 1 कक्षा 9वीं

 

साँवले सपनों की यादें

जाबिर हुसैन

प्रश्न 1) किस घटना ने सालिम अली के जीवन को बदल दिया और उन्हें पक्षी प्रेमी बना दिया ?

उत्तर ) एक बार बचपन में सालिम अली की एयरगन से गोरैया जख्मी हो गई | जिससे उन्हें बहुत पीड़ा  हुई | उनका मन द्रवित हो उठा | इसी घटना ने उनके जीवन की दिशा बदल दी | उन्होंने पक्षियों की देखभाल को अपने जीवन का लक्ष्य बना लिया और वे पक्षी प्रेमी बन गए |

प्रश्न 2) सालिम अली ने पूर्व प्रधानमंत्री के सामने पर्यावरण से संबन्धित किन संभावित खतरों का चित्र खींचा होगा कि जिससे उनकी आँखें नम हो गई थीं ?

उत्तर ) सालिम अली केरल की साइलेंट वैली को रेगिस्तानी गर्म हवा के झोकों से बचाना चाहते थे | इसी प्रार्थना को लेकर वे प्रधानमंत्री के पास गए | साइलेंट वैली एक ऐसा स्थान है जहां देश - विदेश से पक्षी आकर शरण लेते थे | वहाँ इन रेगिस्तानी गरम हवाओं का  प्रभाव इन पक्षियों पर पड़ता था | जिससे कई जानें गई होंगी | इन पर्यावरण से होने वाले खतरों का चित्र सालिम अली ने पूर्व प्रधानमंत्री के सामने रखा होगा कि जिससे उसकी आँखें नम हो गई |

प्रश्न 3) लॉरेंस कि पत्नी फ्रीड़ा ने ऐसा क्यों कहा होगा कि “ मेरी छत पर बैठने वाली गोरैया लॉरेंस के बारे में ढेर सारी बातें जानती है ?”

उत्तर ) सालिम अली पक्षी प्रेमी व प्रकृति प्रेमी थे | वे अपना अत्यधिक समय पर्यावरण में होने वाली गतिविधियों व पक्षियों के साथ बिताते थे | वे पक्षियों को पक्षियों की नज़र से देखते थे | और छत पर बैठने वाली गोरैया के साथ अपना बहुत सा समय बिताते थे | इसलिए लॉरेंस कि पत्नी फ्रीड़ा ने ऐसा कहा होगा  कि “ मेरी छत पर बैठने वाली गोरैया लॉरेंस के बारे में ढेर सारी बातें जानती है ?”

प्रश्न 4) आशय स्पष्ट कीजिए –

क)    वो लॉरेंस की तरह, नैसर्गिक जिंदगी के प्रतिरूप बन गए थे |

उत्तर ) यहाँ सालिम अली के व्यक्तित्व की तुलना डी एच लॉरेंस से की है | वे प्रकृति प्रेमी थे  और मानते थे कि   मानव जाति एक उखड़े हुए महान वृक्ष  की भांति है जिसकी जड़ें हवा में फैली हुई हैं |’ इसलिए हमारा प्रकृति की ओर लौटना जरूरी है |’ सालिम अली भी प्रकृति के बहुत निकट थे | वे प्रकृति की दुनिया में अथाह सागर बनकर उभरे थे |

ख)   कोई अपने जिस्म की हरारत और दिल की धड़कन देकर भी उसे लौटना चाहे तो वह पक्षी अपने सपनों के गीत दोबारा कैसे गा सकेगा ?

उत्तर ) किसी व्यक्ति के मरने के बाद यदि कोई अपने शरीर की गर्मी और अपने दिल की धड़कनें देकर भी जीवित करना चाहे तो वह जीवित नहीं होता | इसी प्रकार  पक्षी सालिम अली  को कोई अपनी साँसे देकर भी जीवित नहीं  कर सकता | क्योंकि मृत्यु एक ऐसी यात्रा है जिसमें जाया तो जा सकता पर वापस नहीं आ सकते  |

ग) सालिम अली प्रकृति की दुनिया में एक टापू बनने की बजाए अथाह सागर बनकर उभरे थे |

उत्तर ) सालिम अली  एक महान व्यक्तित्व वाले व खुले विचार रखने वाले थे | उन्होने प्रकृति को बहुत गहराई से जाना था | वे दूरबीन लेकर हमेशा इसको निहारने में लगे रहते थे | वे टापू की तरह सीमित व उथले नहीं थे बल्कि सागर की तरह असीमित गहराई के व्यक्ति थे | यह उनके व्यक्तित्व की सबसे बड़ी विशेषता थी |

प्रश्न 5) इस पाठ के आधार पर लेखक की भाषा शैली की चार विशेषताएँ बताइए |

उत्तर )  लेखक की भाषा शैली की  विशेषताएँ निम्नलिखित हैं –

i)        इस पाठ में लेखक ने बोलचाल की सरल भाषा का प्रयोग किया है |

ii)       उर्दू हिन्दी अंग्रेजी की त्रिवेणी ने भाषा शैली में अनोखा प्रवाह ला दिया हैं |

उर्दू –सफ़र , खामोश, माहौल परिंदा आदि |

          तत्सम – वन पक्षी प्रकृति आदि |

          अंग्रेजी – एअरगन बर्ड वाचर साइलेंट वैली आदि |

iii)       लेखक ने मुहावरों का प्रयोग कर भाषा में रोचकता ला दी है जैसे – शब्दों का जामा पहनना, आँखें नाम होना, कदम थमना, कायल होना आदि |

iv)       इस पाठ में लेखक की भाषा शैली का काव्यात्मक  भी हो गई है, जैसे – एहसास की ऐसी ही एक ऊबड़-खाबड़ जमीन पर जन्मे मिथक का नाम है, सालिम अलि |’

प्रश्न 6) इस पाठ में लेखक सालिम अली के व्यक्तित्व का जो चित्र खींचा है उसे अपने शब्दों में लिखिए |

उत्तर )  सालिम अली प्रकृति प्रेमी थे | वे प्रकृति को प्रकृति  की नजर से देखने के पक्षधर थे | वे बर्ड  वाचर थे | उनकी आँखों पर हमेशा दूरबीन छड़ी रहती थी जिसे उन्होंने मृत्यु के बाद ही उतारा था | इसी प्रकृति के कारण उन्होंने पर्यावरण संबंधी अनेक खोजों को अंजाम दिया | वे संवेदनशील तथा संकल्पशील थे | प्रकृति और मनुष्य के बीच बढ़ रहे खतरे को महसूस करते थे | इसी कारण एक बार वो तत्कालीन प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह के पास केरल की साइलेंट वेली को रेगिस्तानी गरम हवाओं से  बचाने  का अनुरोध किया था |

प्रश्न 7) साँवले सपनों की याद शीर्षक की सार्थकता पर टिप्पणी कीजिए |

उत्तर ) लेखक के  लिए सालिम अली की मृत्यु गहरे दुख व अवसाद की बात रही है |  साँवले सपनों की याद शीर्षक में उसी दुख व अवसाद की झलक मिलती है | इनकी मृत्यु किसी भयानक सपने से कम नहीं है | इनको ले जाने वाले अपने दिल की धड़कन व जिस्म की हरारत देकर भी लौटा नहीं सकते | इनको जानने वाले लोगों को तो यहीं लगता है कि गले में दूरबीन लटकाए अपने खोज पूर्ण नतीजों को लेकर लौट आएंगे | इस प्रकर इस पाठ का शीर्षक सांवले सपनों की याद सार्थक है |

रचना व अभिव्यक्ति

प्रश्न 8) प्रस्तुत पाठ सालिम अली की पर्यावरण के प्रति चिंता को  अभिव्यक्त करता है | पर्यावरण को बचाने के लिए आप कैसे योगदान दे सकते हैं ?

उत्तर ) अधिक से अधिक पेड़ लगाने चाहिए | सभी लोगों को समय-समय पर पेड़ बचाओं, पर्यावरण बचाओं जैसे विषयों पर नाटक, लेख, व नारे आदि का आयोजन कर लोगों में जागरूकता लानी चाहिए | प्लास्टिक की थैलियों का प्रयोग नहीं करना चाहिए | तालाबों झीलों तथा नदियों में गंदगी नहीं डालनी चाहिए | फक्ट्रियों से निकालने वाले गंदे पानी की एक स्थान पर जमीन में ही इकट्ठा करने की व्यवस्था होनी चाहिए | जल, वायु व ध्वनि तीनों प्रकार के प्रदूषण से बचने की व्यवस्था होनी चाहिए |

अन्य प्रश्न

प्रश्न ) लेखक ने सांवले सपनों की याद संस्मरण क्यों लिखा ?

उत्तर ) लेखक ने सांवले सपनों की याद संस्मरण पक्षी विज्ञानी सालिम अली की मृत्यु पर लिखा | उनकी मृत्यु से उन्हें गहरा दुख हुआ | उन्होंने उनके व्यक्तित्व के कई अनछुए पहलुओं को उजागर किया | इस दुख ने लेखक को कई संस्मरण लिखने के लिए प्रेरित किया |

प्रश्न ) सालिम अली की मृत्यु किन कारणों से हुई ? लेखक ने उनके अंतिम समय का वर्णन किस प्रकार किया है ?

उत्तर ) उनकी मृत्यु कँसर जैसे जान लेवा बीमारी से हुई | वे प्रकृति से पक्षियों को  होने वाले संभावित खतरों से परिचित थे | अत: अंतिम समय तक मौत  सालिम अली की आँखों से वह रोशनी छिनने में सफल नहीं हुई जो पक्षियों की तलाश व उनकी हिफ़ाजत में समर्पित थे  | उनकी आँखों पर चढ़ी दूरबीन उनकी मृत्यु के बाद ही उतरी थी |

प्रश्न ) वृन्दावन की आज दशा का वर्णन कीजिए |

उत्तर ) आज भी अगर जाए तो यमुना नदी का सांवला पानी श्री कृष्ण की वृन्दावन में की गई अनेक लीलाओं की याद करा देता है | सुबह होते ही वृन्दावन की गलियों से निकलकर लोग यमुना की तरफ जाते  हैं | तब ऐसा ही लगता है कि श्री कृष्ण बांसुरी लेकर बजाने लगेंगे | उसकी तान पर सभी मंत्र मुग्ध हो जाएंगे | आज भी वातावरण श्री कृष्ण के बांसुरी के प्रभाव से भरा पड़ा है |

प्रश्न ) बर्ड वाचर से क्या अभिप्राय है ? इस पाठ में लेखक ने किसे बर्ड वाचर कहा है ?

उत्तर ) जिसे पक्षियों से प्रेम होता है उसे ही बर्ड वाचर कहते है | वह पक्षियों की विभिन्न प्रजातियों का बड़ी ही गहराई से अध्ययन करता है | उनके  लिए जानकारी उपलब्ध कराता है | वह पक्षियों की रक्षा के लिए ठोस कदम तैयार करता है | इस पाठ में सालिम अली को बर्ड वाचर कहा है | उन्होंने सारी उम्र पक्षियों की तलाश व हिफ़ाजत में बिता दी |

प्रश्न ) लॉरेंस कौन था ? उनकी मृत्यु के बाद उनकी पत्नी से लोगों ने क्या कहा ?

उत्तर ) बीसवीं सदी के अंग्रेजी के प्रसिद्ध साहित्यकार थे | उनका प्रकृति से गहरा लगाव था उन्होंने कई कविताएं लिखी | वे मानते थे कि मानव जाति उखड़े हुए महान वृक्ष की तरह है जिसकी जड़े हवा में फैली हुई है | इसलिए मनुष्य का प्रकृति की ओर लौटना जरूरी है | लॉरेंस की पत्नी को उनके विषय में कुछ लिखने के लिए कहा तो उन्होंने इसी कठिन कार्य बताया क्योंकि वो अपना अधिकतर समय छत  पर बैठी गोरैया से बातें करने में बिताते थे |

Wednesday, June 1, 2022

मेरे संग की औरतें मृदुला गर्ग (कक्षा 9वीं )

 

मेरे संग की औरतें

मृदुला गर्ग

हिन्दी - कृतिका भाग 1 (कक्षा 9वीं )

प्रश्न 1) लेखिका ने अपनी नानी को कभी देखा भी नहीं, फिर भी उनके व्यक्तित्व से प्रभावित थीं ?

उत्तर ) लेखिका ने अपनी नानी के व्यक्तित्व के संबंध में जो कुछ सुना उससे लेखिका बहुत प्रभावित थी | लेखिका की नानी ने पारंपरिक, अनपढ़ और पर्दे में रहने वाली स्त्री थी | उनके पति विलायती ढंग से जीवन जीने वाले बैरिस्टर थे | नानी ने अपने मरने से पूर्व अपने पति के खास मित्र प्यारे लाल शर्मा को बुलाया और अपनी पुत्री का विवाह उनके जैसे किसी स्वतन्त्रता सेनानी से करवाने का वचन लिया | उनके इस प्रकार के क्रांतिकारी कदमों ने लेखिका को प्रभावित किया |

प्रश्न 2) लेखिका की नानी की आज़ादी के आंदोलन में किस प्रकार भागीदारी रही ?

उत्तर ) लेखिका की नानी जब अपने आप को मरने के करीब पाया तो अपने पति के खास मित्र प्यारे लाल शर्मा को बुलाया और अपनी पुत्री का विवाह उनके जैसे किसी स्वतन्त्रता सेनानी से करवाने का वचन लिया | इस प्रकार आज़ादी के आंदोलन में भागीदारी प्रमाणित की |

प्रश्न 3) लेखिका की माँ परंपरा का निर्वाह न करते हुए भी सबके दिलों पर राज करती थी | इस कथन के आलोक में –

क)     लेखिका की माँ की विशेषताएँ लिखिए |

उत्तर ) लेखिका की माँ सुंदर कोमल निष्पक्ष स्वभाव वाली महिला थीं | पति के गांधीवादी होने के कारण उन्हें खद्दर की साड़ी पहननी पड़ती थी | वे अपना अधिकांश समय पुस्तकें पढ़ने, साहित्य चर्चा करने तथा संगीत सुनने में व्यतीत करती थीं | वे कभी झूठ नहीं बोलती थी | आउट एक की गोपनीय बात दूसरे को नहीं बताती थी | उनका इसलिए घर और बाहर दोनों जगह सम्मान था |

ख)    लेखिका की दादी के घर के माहौल का  शब्द – चित्र अंकित कीजिए |

उत्तर ) लेखिका की दादी के घर का माहौल गांधीवाद था | उनके घर में खादी के वस्त्र पहने जाते थे |उसकी दाई का परिवारी नानी के विलायती रहन-सहन से बहुत प्रभावित था | इसलिए लेखिका की माँ से कोई ठोस काम नहीं करवाया जाता था | लेकिन हर कार्य में उनकी राय जरूर ली जाती थी | उनकी माँ का दादी के घर में पूरा सम्मान था | बच्चों की देखभाल भी देखभाल बिना भेदभाव के समान रूप से होती थी | प्रत्येक व्यक्ति को अपना निजत्व रखने की छूट थी | कोई किसी के पत्र नहीं पढ़ता था |

प्रश्न 4) आप अपने कल्पना से लिखिए कि परदादी ने पतोहू के लिए पहले बच्चे के रूप में लड़की पैदा होने कि मन्नत क्यों मांगी ?

उत्तर ) परदादी को सदा लीक से हटकर चलने की आदत थी | वह जानती थी समाज में बेटियों के स्थान पर बेटों को महत्व मिलता है | वे इस भेदभाव के खिलाफ थी चूंकि वह खुद एक स्त्री थी, इसलिए उस पीड़ा को समझ सकती थीं | इसी सोच के तहत परदादी ने पतोहू के  लिए पहले संतान के रूप में लड़की की मन्नत मांगी |

प्रश्न 5) ड़राने-धमकाने, उपदेश देने या दबाव डालने की जगह सहजता से किसी को भी सही राह पर लाया जा सकता है – पाठ के आधार पर तर्क सहित उत्तर दीजिये |

उत्तर )  पाठ के अनुसार एक बार हवेली के सभी मर्द किसी बारात में गए थे | तभी एक चोर परदादी के कमरे में आ गया | परदादी ने उसे पानी लाने के लिए कहा | जब चोर पानी लेने के लिए गया तो उसे पकड़ लिया गया और उनके सामने लाया गया | तब परदादी ने लोटे का आधा पानी स्वयं पीकर आधा पानी चोर को पिलाकर उसे बेटा मानते हुए चोरी छोड़कर खेती करने की सलाह दी | चोर ने तभी से चोरी छोड़कर खेती करना आरंभ कर दिया | इस प्रकार कहा जा सकता है कि ड़राने-धमकाने, उपदेश देने या दबाव डालने की जगह सहजता से स्थायी बदलाव लाया जा सकता है |

प्रश्न 6) शिक्षा बच्चों का जन्मसिद्ध  अधिकार है – इस दिशा में लेखिका के प्रयासों का उल्लेख कीजिए|

उत्तर ) लेखिका जब कर्नाटक के एक छोटे  कस्बे बागलकोट में रहती थी तो उसे अपने दोनों बच्चों की पढ़ाई की चिंता हुई | क्योंकि बागलकोट में कोई भी प्राइमरी स्कूल नहीं था | उसने  पास के कैथोलिक बिशप से मिशन और वहाँ के सीमेंट कारखाने की सहायता से बागलकोट में प्राइमरी स्कूल खोलने की प्रार्थना की | क्योंकि वहाँ क्रिश्चियनों की संख्या कम थी इसलिए स्कूल खोलने में असमर्थता प्रकट की | तब लेखिका ने अपने जैसे विचारों वाले लोगों की मदद से अंग्रेजी, कन्नड़ तथा हिन्दी भाषाएँ पढ़ाने वाला प्राइमरी स्कूल खोला और बाद में कर्नाटक सरकार से मान्यता भी दिलवाई | लेखिका के इस प्रयास से सिद्ध होता है कि शिक्षा बच्चों का जन्मसिद्ध अधिकार है |’

प्रश्न 8) सच, अकेलेपन का मज़ा ही कुछ और है’- इस कथन के आधार पर लेखिका की बहन एवं लेखिका के व्यक्तित्व के बारे में अपने विचार व्यक्त कीजिए |

उत्तर ) लेखिका की बहन रेणु – वह संवेदनशील तथा जिद्दी स्वभाव की लड़की है | बस स्टैंड से घर तक घर से आई हुई गाड़ी में न बैठकर पैदल जाती है | क्योंकि उसे इस प्रकार गाड़ी में बैठना सामंतशाही लगता है | बी० ए०  की परीक्षा उसने पिता के कहने पर उत्तीर्ण की थी | एक दिन तेज़ वर्षा में भी वह सबके मना करने पर दो मील पैदल चलकर स्कूल गई और स्कूल बंद देखकर लौट आई |

 लेखिका – लेखिका पाँच बहनों में दूसरे नंबर पर है | वह दिल्ली के कॉलेज में पढ़ती थी परंतु विवाह के बाद डालमिया नगर और बागलकोट जैसे छोटे कस्बों में रहना पड़ा था | बागलकोट में छोटे बच्चों के लिए प्राइमरी स्कूल खुलवाया | अपने जैसे विचारों वाले लोगों से मिलकर नाटक मंडली बनाई और विभिन्न सहायता कोषों में नाटक का मंचन कर सहयोग राशि दी |    

अन्य प्रश्न                

प्रश्न ) जिस लड़के से लेखिका की माँ का  विवाह हुआ वह कौन था ?

उत्तर ) वह पढ़ा-लिखा तथा होनहार था | आर्थिक दृष्टि से उसके पास कोई पुश्तैनी जायदाद नहीं थी | वह गांधीवादी  था और खड़ी पहनता था | आज़ादी के आंदोलन में भाग लेने कारण उसे आई०सी० एस०  की परीक्षा में बैठने से रोक दिया गया था |

प्रश्न ) लेखिका के परिवार में कौन – कौन किस - किस नाम से लिखता है ?

उत्तर ) उसकी बड़ी बहन रानी मंजुल भगत के नाम से लिखती है | उन्होंने विवाह के बाद से लिखना आरंभ किया था, इसलिए अपना नाम बदल कर पति का नाम ग्रहण किया | लेखिका का घर का नाम उमा था उसने भी शादी के बाद लिखना आरंभ किया था और विवाह के बाद अपना नाम मृदुला गर्ग अपना लिया | सबसे छोटी बहन अचला ने अपने इसी नाम से लिखा लेकिन वह अंग्रेजी में लिखती थी | छोटा भाई राजीव के नाम से लिखता है और हिन्दी में ही लिखता है | इस प्रकार लेखिका के परिवार के चार सदस्य लिखते है |

प्रश्न ) लेखिका के नाना नानी से किस प्रकार भिन्न है ?

उत्तर ) लेखिका की नानी एक परंपरावादी , अनपढ़ और पर्दानशीं औरत थी लेकिन उसके नाना ने विलायत से बैरिस्ट्री पढ़ी थी | उन्होंने कैंब्रिज विश्वविद्यालय से डिग्री प्राप्त की थी | विलायत से वापस आने पर वे विलायती रीति-रिवाज के साथ जिंदगी गुजारने लगे थे | वे अंग्रेज़ो के प्रशंसक थे | वे अपने पैदायश के कारण भारतीय थे नहीं तो चेहरे के रंग-ढंग, पढ़ाई –लिखाई सब में अंग्रेज़ लगते थे |

प्रश्न ) लेखिका देश को मिली  आज़ादी का पहला जश्न क्यों नहीं देखने जा सकी ?

उत्तर ) जब हमारा देश 15 अगस्त 1947 को आज़ाद हुआ तो चारों ओर आनंद का माहौल था | सभी लोग इस आज़ादी को बड़ी उत्साह से मना रहे थे | परंतु लेखिका बिमार थी | उसका घर से निकलना बंद था | उसे टाइफाइड हो गया था | उसके रोने का घर के किसी सदस्य पर कोई असर नहीं हुआ | उसे और उसके पिता जी को  छोडकर सभी आज़ादी का जश्न देखने चले गए |

प्रश्न ) लेखिका को कौन सा उपन्यास पढ़ने को मिला था और उसका लेखिका पर क्या प्रभाव पड़ा ?

उत्तर ) लेखिका को टाइफाइड़ होने से ब्रदर्स कारांम जो का उपन्यास दिया | उस समय उसकी आयु नौ वर्ष थी | उस समय लेखिका को वह उपन्यास समझ में नहीं आया था | उसे फिर भी उसका एक अध्याय जो बच्चों पर होने वाले अनाचार –अत्याचार पर था | वह उसे कंठस्थ हो गया था | उसका लेखिका पर इतना प्रभाव था कि वह लेखिका के साथ उम्र के हर पड़ाव में  उनके साथ रहा तथा उनकी लेखनी को प्रभावित करता रहा |

प्रश्न ) लेखिका की बहन चित्रा का स्वभाव कैसा था ?

उत्तर ) वह जिस काम को सोच लेती थी उसे पूरा करके ही छोड़ती थी | अपनी पढ़ाई करने की अपेक्षा उसको दूसरों को पढाने में अधिक रुचि थी | इससे उसके नंबर कम और दूसरों के अधिक आते थे | उसने अपनी पसंद से शादी की थी | यहाँ तक कि उसने लड़के से भी उसकी पसंद नहीं पूछी | लड़के से साफ कह दिया कि वह उससे से शादी करना चाहती थी |

प्रश्न ) क्या सबसे छोटी बहन अचला ने भी अपनी बहनों का अनुसरण किया?

उत्तर ) वह पिता जी के विचारों पर चलने वाली थी पिता के आदेश के अनुसार उसने अर्थशास्त्र और पत्रकारिता की | फिर पिता की पसंद के लड़के से शादी की | परंतु उसका मन घर परिवार में अधिक नहीं लगा | उसने भी अपनी दोनों बहनों की तरह लेखन कार्य शुरू कर दिया | उसने घर में अंग्रेजी में लिखना आरंभ किया |

प्रश्न ) लेखिका शादी के बाद कहाँ रही और वहाँ का वातावरण कैसे था ?

उत्तर ) लेखिका पांचों बहनों में दूसरे नंबर पर थी | बिहार के छोटे से कस्बे डालमिया में उसने पुराने विचारों वाले लोगों को देखा | औरत –आदमी, चाहे वह पति –पत्नी क्यों न हों इकट्ठे नहीं जा सकते थे | फिल्म देखने के लिए भी अलग- अलग लाइनों में बैठते थे | उन्होंने कुछ आदमी औरतों को इकट्ठा करके नाटक मंडली बनाई और अनेक नाटकों का मंचन किया |

प्रश्न ) यदि हमारे देश की अधिकतर औरतें लेखिका की परदादी की तरह होती तो हमारे देश में लड़कियों की क्या स्थिति होती ? अपने शब्दों में लिखिए |

उत्तर ) अधिकतर हमारे समाज में बच्चे के रूप में लड़के के पैदा होने को अधिक महत्व दिया जाता है | इस पर भी लेखिका की परदादी ने पतोहू की पहली संतान के रूप में लड़की को माँगा | सभी उनकी बात से हैरान थे | इस प्रकार परिवार में लेखिका समेत पाँच कन्याओं ने लगातार जन्म लिया | यदि सभी महिलाएं लेखिका की परदादी की तरह होती तो समाज में लड़कियों की स्थिति बेहतर होती | इस प्रकार कन्या भ्रूण नहीं होती |

प्रश्न ) पाठ के आधार पर बताओ कि क्या पहले कि औरतों को अपने ढंग से जीने की आज़ादी थी ?

उत्तर ) लेखिका के जीवन में उसकी माँ, नानी, दादी और परदादी सभी औरतों का प्रभाव था | सभी औरतों ने अपने जीवन को अपने ढंग से बिताया | लेखिका की नानी ने विदेशी स्वभाव वाले पति के साथ रहते हुए अपनी आज़ादी को बरकरार रखा | लेखिका की दादी भी लीक से हटकर कार्य करने वालों में से थी | उसने चोर के गुनाह को माफ कर उसे सही रास्ते पर लाया | लेखिका की परदादी ने पतोहू की पहली संतान के रूप में लड़की को माँगा | सभी उनकी इस बात से हैरान थे | लेखिका की माँ ने लगातार पाँच कन्याओं को जन्म दिया तब भी माँ को परिवार वालों से कुछ नहीं सुनना पड़ा | संयुक्त परिवार में रहते हुए सभी को अपने तरीके से जीवन जीने का अधिकार था |

 

 

 

 

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