आश्रित वाक्य के भेद
आश्रित वाक्य के भेद – आश्रित वाक्य के तीन भेद होते है –
संज्ञा उपवाक्य – यदि उपवाक्य प्रधान वाक्य के उद्देश्य, कर्म या पूरक के रूप में संज्ञा के समान आए तो संज्ञा उपवाक्य होता है : जैसे –
मेरे जीवन के लक्ष्य है कि मैंने समाज सेवा करूँ |
इस वाक्य में ‘कि समाज सेवा करूँ’ प्रधान उपवाक्य कि क्रिया है का उद्देश्य है | अत: यह संज्ञा उपवाक्य है |
सीता ने कहा कि आज मुझे घर जाना है|
संज्ञा उपवाक्य के आरंभ में ‘कि’ योजक का प्रयोग होता है |
विशेषण उपवाक्य – प्रधान उपवाक्य की किसी संज्ञा, सर्वनाम या संज्ञा पदबंध की विशेषता प्रकट करने वाले उपवाक्य को विशेषण उपवाक्य कहते हैं | इस प्रकार के उपवाक्यों से पूर्व जो, जिसने, जैसे, जितना आदि शब्दों का प्रयोग किया जाता है | जैसे –
क ) मैंने एक बिलाव देखा जो कुत्ते जितना बड़ा था |
ख ) जो विद्यार्थी योग्य होते हैं, उन्हें सभी शिक्षक चाहते हैं|
क्रियाविशेषण उपवाक्य- जब आश्रित या गौण उपवाक्य का प्रयोग क्रियाविशेषण की भाँति हो तो वह क्रियाविशेषण उपवाक्य कहलाता है | ऐसे वाक्यों का आरंभ जब भी अथवा जहाँ-जहाँ जैसे शब्दों से होता है ; जैसे –
क ) जब-जब धर्म को खतरा होता है, ईश्वर अवतार लेते हैं |
ख ) जहाँ –जहाँ प्रधानमंत्री गए, लोगों ने उनका स्वागत किया |
इन वाक्यों में जब-तब तथा जहाँ- तहाँ से आरंभ होने वाले उपवाक्य प्रधान उपवाक्य की क्रिया के समय या स्थान की जानकारी दे रहे हैं| अत: ये क्रिया विशेषण उपवाक्य हैं |
क्रिया विशेषण उपवाक्य पाँच प्रकार के होते हैं |
कालवाची क्रियाविशेषण उपवाक्य-
ज्यों ही मैं स्टेशन पहुंचा, त्योहीं गाड़ी ने सीटी बजाई |
जब पानी बरस रहा था, तब मैं सो रहा था |
जब- जब मैंने बाहर जाने की तैयारी की, तब-तब घर में कोई न कोई बीमार पढ गया |
रीतिवाचक क्रियाविशेषण –
क) मैंने वैसे ही किया जैसा आपने बताया था |
ख) वह उसी प्रकार खेलता है, जैसे उसके कोच सिखाते हैं |
परिमाणवाची क्रियाविशेषण उपवाक्य –
क) जैसे –जैसे आमदनी बढ़ती जाती है, वैसे वैसे महँगाई बढ़ती जाती है |
ख) तुम जितना पढ़ोगे, उतना ही तुम्हारा लाभ होगा |
परिणामवाची क्रियाविशेषण उपवाक्य –
क) वह आएगा अवश्य क्योंकि उसको पैसे लेने हैं |
ख) यदि तुमने परिश्रम किया होता तो सफल हो जाते |
ग ) यद्यपि तुम मोटे ताज़े हो तो भी उससे जीत नहीं पाओगे |
घ ) वह तुम्हारे पास आ रहा है ताकि कल का कार्यक्रम बना सके |
स्थानवाची क्रियाविशेषण उपवाक्य-
क) जहाँ तुम पढ़ते थे वहीं मैं भी पढ़ता था |
ख)जिधर तुम जा रहे हो आगे रास्ता बंद है |
ग)जहाँ तुम्हारे भाई गए हैं, वहीं तुम भी जाओ|
मिश्र वाक्य और संयुक्त वाक्य में अंतर
संयुक्त वाक्य में मिश्र वाक्य हो सकता है परंतु मिश्र वाक्य में संयुक्त वाक्य नहीं हो सकता |
मिश्र वाक्य में एक प्रधान उपवाक्य होता है तथा शेष उपवाक्य उसके उपर आश्रित होता हैं, जबकि संयुक्त वाक्य के अंतर्गत जितने भी उपवाक्य होते हैं, वे स्वतंत्र और निराश्रित होते हैं |
जैसे – वह बाज़ार गई और उसने फल खरीदे | (संयुक्त वाक्य )
उसने कहा कि वह बाज़ार से फल लाएगी | ( मिश्र वाक्य )
मिश्र वाक्य में केवल एक प्रधान उपवाक्य होता है, किन्तु संयुक्त वाक्य में एक से अधिक प्रधान उपवाक्य होते हैं जैसे –
हम मद्रास गए और वहाँ दो सप्ताह रुके |
ऋषि कहते है कि सदा सत्य कि विजय होती है |