मेरे संग की औरतें
मृदुला गर्ग
हिन्दी - कृतिका भाग 1 (कक्षा 9वीं )
प्रश्न 1) लेखिका ने अपनी नानी को कभी देखा भी नहीं, फिर भी उनके व्यक्तित्व से प्रभावित थीं ?
उत्तर ) लेखिका ने अपनी नानी के व्यक्तित्व के संबंध में जो कुछ सुना उससे लेखिका बहुत प्रभावित थी | लेखिका की नानी ने पारंपरिक, अनपढ़ और पर्दे में रहने वाली स्त्री थी | उनके पति विलायती ढंग से जीवन जीने वाले बैरिस्टर थे | नानी ने अपने मरने से पूर्व अपने पति के खास मित्र प्यारे लाल शर्मा को बुलाया और अपनी पुत्री का विवाह उनके जैसे किसी स्वतन्त्रता सेनानी से करवाने का वचन लिया | उनके इस प्रकार के क्रांतिकारी कदमों ने लेखिका को प्रभावित किया |
प्रश्न 2) लेखिका की नानी की आज़ादी के आंदोलन में किस प्रकार भागीदारी रही ?
उत्तर ) लेखिका की नानी जब अपने आप को मरने के करीब पाया तो अपने पति के खास मित्र प्यारे लाल शर्मा को बुलाया और अपनी पुत्री का विवाह उनके जैसे किसी स्वतन्त्रता सेनानी से करवाने का वचन लिया | इस प्रकार आज़ादी के आंदोलन में भागीदारी प्रमाणित की |
प्रश्न 3) लेखिका की माँ परंपरा का निर्वाह न करते हुए भी सबके दिलों पर राज करती थी | इस कथन के आलोक में –
क) लेखिका की माँ की विशेषताएँ लिखिए |
उत्तर ) लेखिका की माँ सुंदर कोमल निष्पक्ष स्वभाव वाली महिला थीं | पति के गांधीवादी होने के कारण उन्हें खद्दर की साड़ी पहननी पड़ती थी | वे अपना अधिकांश समय पुस्तकें पढ़ने, साहित्य चर्चा करने तथा संगीत सुनने में व्यतीत करती थीं | वे कभी झूठ नहीं बोलती थी | आउट एक की गोपनीय बात दूसरे को नहीं बताती थी | उनका इसलिए घर और बाहर दोनों जगह सम्मान था |
ख) लेखिका की दादी के घर के माहौल का शब्द – चित्र अंकित कीजिए |
उत्तर ) लेखिका की दादी के घर का माहौल गांधीवाद था | उनके घर में खादी के वस्त्र पहने जाते थे |उसकी दाई का परिवारी नानी के विलायती रहन-सहन से बहुत प्रभावित था | इसलिए लेखिका की माँ से कोई ठोस काम नहीं करवाया जाता था | लेकिन हर कार्य में उनकी राय जरूर ली जाती थी | उनकी माँ का दादी के घर में पूरा सम्मान था | बच्चों की देखभाल भी देखभाल बिना भेदभाव के समान रूप से होती थी | प्रत्येक व्यक्ति को अपना निजत्व रखने की छूट थी | कोई किसी के पत्र नहीं पढ़ता था |
प्रश्न 4) आप अपने कल्पना से लिखिए कि परदादी ने पतोहू के लिए पहले बच्चे के रूप में लड़की पैदा होने कि मन्नत क्यों मांगी ?
उत्तर ) परदादी को सदा लीक से हटकर चलने की आदत थी | वह जानती थी समाज में बेटियों के स्थान पर बेटों को महत्व मिलता है | वे इस भेदभाव के खिलाफ थी चूंकि वह खुद एक स्त्री थी, इसलिए उस पीड़ा को समझ सकती थीं | इसी सोच के तहत परदादी ने पतोहू के लिए पहले संतान के रूप में लड़की की मन्नत मांगी |
प्रश्न 5) ड़राने-धमकाने, उपदेश देने या दबाव डालने की जगह सहजता से किसी को भी सही राह पर लाया जा सकता है – पाठ के आधार पर तर्क सहित उत्तर दीजिये |
उत्तर ) पाठ के अनुसार एक बार हवेली के सभी मर्द किसी बारात में गए थे | तभी एक चोर परदादी के कमरे में आ गया | परदादी ने उसे पानी लाने के लिए कहा | जब चोर पानी लेने के लिए गया तो उसे पकड़ लिया गया और उनके सामने लाया गया | तब परदादी ने लोटे का आधा पानी स्वयं पीकर आधा पानी चोर को पिलाकर उसे बेटा मानते हुए चोरी छोड़कर खेती करने की सलाह दी | चोर ने तभी से चोरी छोड़कर खेती करना आरंभ कर दिया | इस प्रकार कहा जा सकता है कि ड़राने-धमकाने, उपदेश देने या दबाव डालने की जगह सहजता से स्थायी बदलाव लाया जा सकता है |
प्रश्न 6) ‘शिक्षा बच्चों का जन्मसिद्ध अधिकार है’ – इस दिशा में लेखिका के प्रयासों का उल्लेख कीजिए|
उत्तर ) लेखिका जब कर्नाटक के एक छोटे कस्बे बागलकोट में रहती थी तो उसे अपने दोनों बच्चों की पढ़ाई की चिंता हुई | क्योंकि बागलकोट में कोई भी प्राइमरी स्कूल नहीं था | उसने पास के कैथोलिक बिशप से मिशन और वहाँ के सीमेंट कारखाने की सहायता से बागलकोट में प्राइमरी स्कूल खोलने की प्रार्थना की | क्योंकि वहाँ क्रिश्चियनों की संख्या कम थी इसलिए स्कूल खोलने में असमर्थता प्रकट की | तब लेखिका ने अपने जैसे विचारों वाले लोगों की मदद से अंग्रेजी, कन्नड़ तथा हिन्दी भाषाएँ पढ़ाने वाला प्राइमरी स्कूल खोला और बाद में कर्नाटक सरकार से मान्यता भी दिलवाई | लेखिका के इस प्रयास से सिद्ध होता है कि ‘शिक्षा बच्चों का जन्मसिद्ध अधिकार है |’
प्रश्न 8) ‘सच, अकेलेपन का मज़ा ही कुछ और है’- इस कथन के आधार पर लेखिका की बहन एवं लेखिका के व्यक्तित्व के बारे में अपने विचार व्यक्त कीजिए |
उत्तर ) लेखिका की बहन रेणु – वह संवेदनशील तथा जिद्दी स्वभाव की लड़की है | बस स्टैंड से घर तक घर से आई हुई गाड़ी में न बैठकर पैदल जाती है | क्योंकि उसे इस प्रकार गाड़ी में बैठना सामंतशाही लगता है | बी० ए० की परीक्षा उसने पिता के कहने पर उत्तीर्ण की थी | एक दिन तेज़ वर्षा में भी वह सबके मना करने पर दो मील पैदल चलकर स्कूल गई और स्कूल बंद देखकर लौट आई |
लेखिका – लेखिका पाँच बहनों में दूसरे नंबर पर है | वह दिल्ली के कॉलेज में पढ़ती थी परंतु विवाह के बाद डालमिया नगर और बागलकोट जैसे छोटे कस्बों में रहना पड़ा था | बागलकोट में छोटे बच्चों के लिए प्राइमरी स्कूल खुलवाया | अपने जैसे विचारों वाले लोगों से मिलकर नाटक मंडली बनाई और विभिन्न सहायता कोषों में नाटक का मंचन कर सहयोग राशि दी |
अन्य प्रश्न
प्रश्न ) जिस लड़के से लेखिका की माँ का विवाह हुआ वह कौन था ?
उत्तर ) वह पढ़ा-लिखा तथा होनहार था | आर्थिक दृष्टि से उसके पास कोई पुश्तैनी जायदाद नहीं थी | वह गांधीवादी था और खड़ी पहनता था | आज़ादी के आंदोलन में भाग लेने कारण उसे आई०सी० एस० की परीक्षा में बैठने से रोक दिया गया था |
प्रश्न ) लेखिका के परिवार में कौन – कौन किस - किस नाम से लिखता है ?
उत्तर ) उसकी बड़ी बहन रानी मंजुल भगत के नाम से लिखती है | उन्होंने विवाह के बाद से लिखना आरंभ किया था, इसलिए अपना नाम बदल कर पति का नाम ग्रहण किया | लेखिका का घर का नाम उमा था उसने भी शादी के बाद लिखना आरंभ किया था और विवाह के बाद अपना नाम मृदुला गर्ग अपना लिया | सबसे छोटी बहन अचला ने अपने इसी नाम से लिखा लेकिन वह अंग्रेजी में लिखती थी | छोटा भाई राजीव के नाम से लिखता है और हिन्दी में ही लिखता है | इस प्रकार लेखिका के परिवार के चार सदस्य लिखते है |
प्रश्न ) लेखिका के नाना नानी से किस प्रकार भिन्न है ?
उत्तर ) लेखिका की नानी एक परंपरावादी , अनपढ़ और पर्दानशीं औरत थी लेकिन उसके नाना ने विलायत से बैरिस्ट्री पढ़ी थी | उन्होंने कैंब्रिज विश्वविद्यालय से डिग्री प्राप्त की थी | विलायत से वापस आने पर वे विलायती रीति-रिवाज के साथ जिंदगी गुजारने लगे थे | वे अंग्रेज़ो के प्रशंसक थे | वे अपने पैदायश के कारण भारतीय थे नहीं तो चेहरे के रंग-ढंग, पढ़ाई –लिखाई सब में अंग्रेज़ लगते थे |
प्रश्न ) लेखिका देश को मिली आज़ादी का पहला जश्न क्यों नहीं देखने जा सकी ?
उत्तर ) जब हमारा देश 15 अगस्त 1947 को आज़ाद हुआ तो चारों ओर आनंद का माहौल था | सभी लोग इस आज़ादी को बड़ी उत्साह से मना रहे थे | परंतु लेखिका बिमार थी | उसका घर से निकलना बंद था | उसे टाइफाइड हो गया था | उसके रोने का घर के किसी सदस्य पर कोई असर नहीं हुआ | उसे और उसके पिता जी को छोडकर सभी आज़ादी का जश्न देखने चले गए |
प्रश्न ) लेखिका को कौन सा उपन्यास पढ़ने को मिला था और उसका लेखिका पर क्या प्रभाव पड़ा ?
उत्तर ) लेखिका को टाइफाइड़ होने से ‘ब्रदर्स कारांम जो’ का उपन्यास दिया | उस समय उसकी आयु नौ वर्ष थी | उस समय लेखिका को वह उपन्यास समझ में नहीं आया था | उसे फिर भी उसका एक अध्याय जो बच्चों पर होने वाले अनाचार –अत्याचार पर था | वह उसे कंठस्थ हो गया था | उसका लेखिका पर इतना प्रभाव था कि वह लेखिका के साथ उम्र के हर पड़ाव में उनके साथ रहा तथा उनकी लेखनी को प्रभावित करता रहा |
प्रश्न ) लेखिका की बहन चित्रा का स्वभाव कैसा था ?
उत्तर ) वह जिस काम को सोच लेती थी उसे पूरा करके ही छोड़ती थी | अपनी पढ़ाई करने की अपेक्षा उसको दूसरों को पढाने में अधिक रुचि थी | इससे उसके नंबर कम और दूसरों के अधिक आते थे | उसने अपनी पसंद से शादी की थी | यहाँ तक कि उसने लड़के से भी उसकी पसंद नहीं पूछी | लड़के से साफ कह दिया कि वह उससे से शादी करना चाहती थी |
प्रश्न ) क्या सबसे छोटी बहन अचला ने भी अपनी बहनों का अनुसरण किया?
उत्तर ) वह पिता जी के विचारों पर चलने वाली थी पिता के आदेश के अनुसार उसने अर्थशास्त्र और पत्रकारिता की | फिर पिता की पसंद के लड़के से शादी की | परंतु उसका मन घर परिवार में अधिक नहीं लगा | उसने भी अपनी दोनों बहनों की तरह लेखन कार्य शुरू कर दिया | उसने घर में अंग्रेजी में लिखना आरंभ किया |
प्रश्न ) लेखिका शादी के बाद कहाँ रही और वहाँ का वातावरण कैसे था ?
उत्तर ) लेखिका पांचों बहनों में दूसरे नंबर पर थी | बिहार के छोटे से कस्बे डालमिया में उसने पुराने विचारों वाले लोगों को देखा | औरत –आदमी, चाहे वह पति –पत्नी क्यों न हों इकट्ठे नहीं जा सकते थे | फिल्म देखने के लिए भी अलग- अलग लाइनों में बैठते थे | उन्होंने कुछ आदमी औरतों को इकट्ठा करके नाटक मंडली बनाई और अनेक नाटकों का मंचन किया |
प्रश्न ) यदि हमारे देश की अधिकतर औरतें लेखिका की परदादी की तरह होती तो हमारे देश में लड़कियों की क्या स्थिति होती ? अपने शब्दों में लिखिए |
उत्तर ) अधिकतर हमारे समाज में बच्चे के रूप में लड़के के पैदा होने को अधिक महत्व दिया जाता है | इस पर भी लेखिका की परदादी ने पतोहू की पहली संतान के रूप में लड़की को माँगा | सभी उनकी बात से हैरान थे | इस प्रकार परिवार में लेखिका समेत पाँच कन्याओं ने लगातार जन्म लिया | यदि सभी महिलाएं लेखिका की परदादी की तरह होती तो समाज में लड़कियों की स्थिति बेहतर होती | इस प्रकार कन्या भ्रूण नहीं होती |
प्रश्न ) पाठ के आधार पर बताओ कि क्या पहले कि औरतों को अपने ढंग से जीने की आज़ादी थी ?
उत्तर ) लेखिका के जीवन में उसकी माँ, नानी, दादी और परदादी सभी औरतों का प्रभाव था | सभी औरतों ने अपने जीवन को अपने ढंग से बिताया | लेखिका की नानी ने विदेशी स्वभाव वाले पति के साथ रहते हुए अपनी आज़ादी को बरकरार रखा | लेखिका की दादी भी लीक से हटकर कार्य करने वालों में से थी | उसने चोर के गुनाह को माफ कर उसे सही रास्ते पर लाया | लेखिका की परदादी ने पतोहू की पहली संतान के रूप में लड़की को माँगा | सभी उनकी इस बात से हैरान थे | लेखिका की माँ ने लगातार पाँच कन्याओं को जन्म दिया तब भी माँ को परिवार वालों से कुछ नहीं सुनना पड़ा | संयुक्त परिवार में रहते हुए सभी को अपने तरीके से जीवन जीने का अधिकार था |
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