Saturday, September 11, 2021

इंद्रप्रस्थ

 

पाठ 12  इंद्रप्रस्थ

प्रश्न) पांडवों के जीवित बचने तथा स्वयंवर में द्रौपदी को जीतने पर दुर्योधन की क्या प्रतिक्रिया हुई ?

उत्तर ) उनकी पांडवों के प्रति ईर्ष्या की आग ओर बलवती हो  गई | उसके मन में दबा वैर फिर से जाग गया क्योंकि एक तो पांडव अभी पहले से अधिक शक्तिशाली हो गए थे और दूसरे दृष्टधुम्न और शिखंडी भी अब उनके साथी बन चुके थे |

प्रश्न) कर्ण ने दुर्योधन को स्वयंवर से आने के बाद क्या सलाह दी?

उत्तर ) अब एक साल बाहर रहने व दुनिया देख लेने के बाद उन्हें काफी अनुभव हो गया है| आपस फूट डालकर भी उनको हराना संभव नहीं है| राजा द्रुपद धन के लोभ में आने वाले नहीं है| हमारे पास एक ही रास्ता है की पांडवों की ताकत बढने  से पहले ही उन पर हमला कर दिया जाए|  

प्रश्न) कर्ण की बात सुनकर द्रोणाचार्य क्रोधित क्यों हो गए ?

उत्तर ) आचार्य द्रोण द्वारा धृतराष्ट्र को कौरवों की भलाई के लिए दी जाने वाली शिक्षा भी बुरी सलाह लग रही थी | कर्ण को द्रोणाचार्य की नियत पर संदेह हो रहा था | वह दृतराष्ट्र को उनकी सलाह न मानने के लिए प्रेरित कर रहा था |,इसलिए कर्ण की बातें सुनकर द्रोणाचार्य क्रोधित हो गए |

प्रश्न) पितामह भीष्म ने पांडवों के जीवित रहने की खबर सुनकर दुर्योधन को क्या सलाह दी?

उत्तर ) उसने कहा पांडवों के साथ संधि करके उन्हें आधा राज्य दे दो |

प्रश्न) खांडवप्रस्थ के विषय में तुम क्या समझते हो? उसका नाम इंद्रप्रस्थ कैसे पड़ गया ?

उत्तर ) उस नगरी का नाम है ,जहां से पांडवों के पूर्वज पुरू नहुष,ययाति जैसे प्रतापी राजाओं ने अपने राज्य पर शासन किया था| बीतते समय के साथ-साथ खांडवप्रस्थ के भग्नावशेष ही रह गए और वह निर्जन वन में बदल गया | दृतराष्ट्र की सलाह पर जब पांडवों ने खांडवप्रस्थ में पुनः सुंदर भवनों तथा अभेध दुर्गों से नए नगर का निर्माण कराया तो उसका नाम इंद्रप्रस्थ रखा|

द्रौपदी स्वयंवर

पाठ 11 द्रौपदी स्वयंवर

प्रश्न) द्रौपदी स्वयंवर के संबंध में राजा द्रुपद ने क्या प्रतिज्ञा ली थी?

उत्तर ) जो राजकुमार पानी में  प्रतिबिंब देखकर उस भारी धनुष से तीर को चलाकर ऊपर टँगे हुए निशाने (मछ्ली) को गिरा देगा,उसी  को द्रौपदी वरमाला पहनाएगी |

प्रश्न) द्रौपदी स्वयंवर की शर्त किसने पूरी की और कैसे?

उत्तर ) अर्जुन ने ब्राह्मण वेष में आकर धनुष हाथ में लिया और उस पर डोरी चढ़ा दी| उसने धनुष पर तीर चढ़ाया और एक के बाद एक पाँच बाण उस घूमते हुए चक्र में मारे और हजारों लोगों के देखते-देखते निशाना टूटकर नीचे गिर पड़ा |

प्रश्न )द्रुपद के पुत्र धृष्टदुमन ने ब्राह्मण वेशधारियों के विषय में क्या सूचना दी?

उत्तर ) उसने कहा जब द्रौपदी उस युवक की मृगछाला पकड़े जाने लगी , तो मैं भी उनके पीछे हो गया | वह एक कुम्हार की कुटिया में पहुंचे | वहाँ उन्होंने माता कुंती को देखा तो निश्चय ही ये पांडव है|

प्रश्न)” द्रौपदी ने अर्जुन को पति रूप में चुना है “  यह जानकार द्रुपद ने संतोष की सांस क्यों ली?

उत्तर ) द्रुपद ने संतोष की सांस ली क्योंकि-

i)                     ब्राह्मण वेशधारी अर्जुन पांडु और कुंती के पुत्र हैं|

ii)                   महाबली कुशल योद्धा है|

iii)                  अब द्रुपद को आचार्य द्रोण की शत्रुता से चिंतित होने की जरूरत नहीं है,क्योंकि अब द्रुपद की हर संभव मदद करेंगे|

प्रश्न) द्रौपदी ने अर्जुन का  वरण कर लिया यह खबर माता कुंती को सुनाने के लिए अन्य पांडवों के साथ भीम क्यों नहीं गए?

उत्तर ) द्रौपदी स्वयंवर में हिस्सा लेने अनेक राजा ने स्वयंवर की  शर्त पूरी न की और वे हार गए| ब्राह्मण वेषधारी  अर्जुन ने स्वयंवर की शर्त पूरी की और द्रौपदी के गले में माला डाल दी | भीम को डर था कि वे क्रोधित राजा कहीं अर्जुन को कुछ कर न बैठे| अतः अर्जुन की सहायता के लिए भीम उनके साथ स्वयंवर  में रुके रहे |

 


Thursday, September 9, 2021

पद – परिचय (कक्षा दसवीं)

 पद – परिचय

वाक्य मे प्रयुक्त शब्द पद कहलाते है | इन पदो का परिचय देना , अर्थात उनकी स्थिति बताना , उनका लिंग , वचन , कारक , भेद तथा अन्य पदो से संबंध बताना पद-परिचय कहलाता है | अर्थात वाक्य के अतिरिक्त किसी शब्द की सभी भूमिकाओ का परिचय देना पद- परिचय कहलाता है |

पद-परिचय देने के लिए शब्दो के भेद , उपभेद , लिंग , वचन तथा कारक आदि का भी परिचय देना होता है| वाक्य मे प्रयुक्त पदो का परिचय निम्नलिखित बातो को ध्यान मे रखकर दिया जाता है |

1.    संज्ञा संज्ञा के तीनों भेद (जातिवाचक , व्यक्तिवाचक , भाववाचक) लिंग, वचन , कारक , तथा क्रिया के साथ उसका संबंध (यदि हो तो) |

2.   सर्वनाम – सर्वनाम के भेद (पुरूषवाचक , निश्चयवाचक , अनिश्चयवाचक , संबंधवाचक , प्रश्नवाचक) , पुरुष , लिंग , वचन , कारक तथा क्रिया के साथ उसका संबंध |

3.   विशेषण – विशेषण के भेद (गुणवाचक , परिमानवाचक ,संख्यावाचक , सार्वनामिक), लिंग , वचन ,विशेष्य|

4.   क्रिया – भेद (अकमर्क , सकर्मक , प्रेरणार्थक , समस्त , नामिक , पूर्वकालिक , मिश्र आदि ),लिंग , वच,पुरुष ,धातु,काल,वाच्य ,प्रयोग करता व कर्म का संकेत|

5.   क्रियाविशेषण – भेद (रीतिवाचक ,स्थानवाचक,कालवाचक,परिमानवाचक ) तथा उस क्रिया का उल्लेख जिसकी विशेषता बता रहा है |

6.   समुच्चयबोधक –भेद (समानाधिकरण ,व्याधिकरण), जिन शब्दों वाक्यों को मिला रहा है उनका उल्लेख |

7.   संबंधबोधक – भेद ,जिससे संबंध है उन संज्ञा /सर्वनामों का निर्देश |

8.   विस्मयाधिबोधक –भेद तथा कौनसा भाव प्रकट कर रहा है|

उदारहण-

1 रेखा पत्र लिखती है |

रेखा – व्यक्तिवाचक संज्ञा, स्त्रीलिंग , एकवचन ,कर्ता , लिखती है क्रिया की कर्ता |

पत्र – जातिवाचक संज्ञा, पुल्लिंग ,एकवचन , कर्म कारक , लिखती है क्रिया का कर्म |

लिखती है – सकर्मक क्रिया, स्त्रीलिंग , सामान्य वर्तमानकाल ,कर्तृवाच्य, अन्य पुरुष एकवचन रेखा कर्ता के अनुसार कर्तरि प्रयोग निश्चयार्थ |

2. वह क्या पढ़ रही है ?

वह – अन्य पुरूषवाचक सर्वनाम , स्त्रीलिंग , एकवचन , कर्तृकारक पढ़ रही है क्रिया का कर्ता |

क्या – प्रश्नवाचक सर्वनाम , अन्य पुरुष , पुल्लिंग , एकवचन , कर्मकारक , ‘पढ़ रही है क्रिया का कर्म |

पढ़ रही है – अकर्मक क्रिया , स्त्रीलिंग , एकवचन , अपूर्ण वर्तमानकाल , कर्तृवाच्य, वह के अनुसार कर्तरि प्रयोग , निश्चयार्थ |

3. भारत अनेक स्रोतो से हथियार प्राप्त करेगा |

भारत –  व्यक्तिवाचक संज्ञा , पुल्लिंग , एकवचन , कर्ताकारक , प्राप्त करेगा क्रिया का कर्ता है|

स्रोतो से – जातिवाचक संज्ञा , पुल्लिंग , बहुवचन , अपादान कारक |

हथियार -  जातिवाचक संज्ञा , पुल्लिंग , एकवचन , कर्म कारक , प्राप्त करेगा क्रिया का कर्म |

4. जो अपनी बात को नहीं रखता , वह विश्वास के योग्य नहीं है |

 जो – संबंधवाचक सर्वनाम , अन्य पुरुष ,पुल्लिंग , एकवचन , कर्ताकारक , रखता है क्रिया का कर्ता |

अपनी – सार्वनामिक विशेषण , बात संज्ञा कि विशेषता बताता है , स्त्रीलिंग , एकवचन |

बात को – भाववाचक संज्ञा , स्त्रीलिंग , एकवचन , कर्मकारक , रखता क्रिया का कर्म |

नहीं – निषेधात्मक क्रिया विशेषण , रखता क्रिया की विशेषता बताता है |

रखता – सकर्मक क्रिया , कर्तृवाच्य , पुल्लिंग , एकवचन , वर्तमानकाल , निश्चयार्थ प्रकार , जो कर्ता और बात इसका कर्म है , कर्तरि प्रयोग |

वह – निश्चयवाचक सर्वनाम , अन्य पुरुष , एकवचन , कर्ता कारक , है क्रिया का कर्ता |

विश्वास के – भाववाचक संज्ञा , पुल्लिंग , एकवचक , संबंध कारक |

योग्य – गुणवाचक विशेषण , वह विशेष्य |

नहीं – निषेधवाचक क्रिया विशेषण , है क्रिया से संबद्ध है |

है – अपूर्ण क्रिया , पुल्लिंग , एकवचक , वर्तमानकाल , कर्तृवाच्य , वह कर्ता का क्रिया |

5. मैं पिछले साल उसे लखनऊ मे मिला था |

मैं – पुरुषवाचक सर्वनाम (उत्तम पुरुष) , पुल्लिंग , एकवचन , कर्ताकारक |  

पिछले – विशेषण ( साल विशेष्य ) , पुल्लिंग , एकवचन |

साल – जातिवाचक संज्ञा , पुल्लिंग , एकवचन , अधिकरण कारक |

उसे – पुरूषवाचक सर्वनाम , एकवचन , कर्मकारक |

लखनऊ मे – व्यक्तिवाचक संज्ञा , पुल्लिंग , एकवचन , अधिकरण कराक |

मिला था – सकर्मक क्रिया , पूर्ण भूतकाल , पुल्लिंग , एकवचन |

6. शायद शाम तक वर्षा हो जाए |

शायद – अनिश्चयबोधक क्रिया-विशेषता , हो जाए क्रिया से संबद्ध |

शाम तक –कालवाचक क्रिया-विशेषण , हो जाए क्रिया से संबद्ध |

वर्षा – जातिवाचक संज्ञा , स्त्रीलिंग , एकवचन , अन्यपुरुष , कर्मकारक , हो जाए क्रिया का कर्म |

हो जाए – सकर्मक क्रिया , स्त्रीलिंग , एकवचन , कर्मकारक , संभाव्य भविष्य काल , संभावनार्थ |

7. लड़कियो ने बाग मे आकर फूल चुने |

लड़कियो ने – जातिवाचक संज्ञा , स्त्रीलिंग , बहुवचन , अन्य पुरुष , कर्ता कारक , चुने क्रिया का कर्ता |

बाग मे - जातिवाचक संज्ञा , पुल्लिंग , एकवचन , अधिकरण कारक , चुने क्रिया का कर्म |

आकर – असमापिका क्रिया , स्त्रीलिंग , बहुवचन , पूर्णकालिका कृदंत कर्मवाचक , कर्म के अनुसार कर्मणि प्रयोग , निश्चयार्थ |

फूल – जातिवाचक संज्ञा , पुल्लिंग , बहुवचन , कर्मकारक , अन्यपुरुष , चुने क्रिया का कर्म |

चुने – द्विकर्मक क्रिया , पुल्लिंग , बहुवचन , पूर्ण भूतकाल , कर्मवाच्य , कर्म के अनुसार कर्मणि प्रयोग , निश्चयार्थ |

8.हम बाग में गए परन्तु वहाँ कोई आम न मिला |

हम – पुरूषवाचक सर्वनाम , उत्तम पुरुष ,पुल्लिंग , बहुवचन , कर्ता कारक , गए क्रिया का कर्ता |

बाग में – जातिवाचक संज्ञा , पुल्लिंग , एकवचन , अधिकरण कारक |

गए – अकर्मक क्रिया , जा धातु , उत्तम पुरुष , पुल्लिंग , बहुवचन , भूतकाल , कर्तृवाच्य , हम सर्वनाम इसका कर्ता है |

परन्तु – व्यधिकरण समुच्चयबोधक , दो वाक्यो को जोड़ता है |

वहाँ – स्थानवाचक क्रियाविशेषण |

कोई – संख्यावाचक विशेषण , पुल्लिंग , एकवचन , आम विशेष्य का विशेषण |

न – रीतिवाचक क्रिया विशेषण |

मिला – सकर्मक क्रिया , मिल धातु , अन्य पुरुष , पुल्लिंग , एकवचन , भूतकाल , निश्चयार्थ , कर्तृवाच्य |

9.   आनंद यहाँ दसवी कक्षा मे पढ़ता था |

आनंद - व्यक्तिवाचक संज्ञा , पुल्लिंग , एकवचन , कर्ता कारक , पढ़ता था क्रिया का कर्ता |

यहाँ – स्थानवाचक क्रिया – विशेषण , “पढ़ता था” क्रिया का स्थान बताता है |

दसवीं – संख्यावाचक विशेषण , क्रमसूचक, स्त्रीलिंग , एकवचन , कक्षा विशेष्य |

कक्षा में - जातिवाचक संज्ञा , स्त्रीलिंग , एकवचन , अधिकरण कारक |

पढ़ता था – अकर्मक क्रिया , अन्य पुरुष , पुल्लिंग , एकवचन , भूतकाल , निश्चयार्थ , कर्तृवाच्य, आनंद कर्ता , कर्तरि प्रयोग |

10. उन्होंने महान विद्वानों का आदर किया |

उन्होंने – अन्य पुरूषवाचक सर्वनाम ,पुल्लिंग , बहुवचन , कर्ता कारक क्रिया का कर्ता |

महान – गुणवाचक विशेषण , पुल्लिंग , बहुवचन , विद्वानों विशेष्य का विशेषण |

विद्वानों - जातिवाचक संज्ञा , पुल्लिंग , बहुवचन , अन्यपुरुष , संबंधकारक |

आदर - भाववाचक संज्ञा , पुल्लिंग , एकवचन ,अन्यपुरुष , कर्मकारक  |

क्रिया -  सकर्मक क्रिया , अन्य पुरुष , पुल्लिंग , एकवचन , अन्यपुरुष , पूर्ण भूतकाल ,कर्मवाच्य , निश्चयार्थ |

11.  मैं सुबह-शाम धीरे धीरे टहलता हूँ |

मैं - उत्तम पुरूषवाचक सर्वनाम ,पुल्लिंग , एकवचन , कर्ता कारक , टहलता हूँ क्रिया का कर्ता |

   सुबह- शाम – काललवाचक क्रिया विशेषण |

धीरे धीरे – रीतिवाचक क्रिया – विशेषण , टहलता हूँ क्रिया से संबद्ध |

   टहलता हूँ - अकर्मक क्रिया , पुल्लिंग , एकवचन , निश्चयार्थ , सामान्य वर्तमान काल कर्तृवाच्य |

12. लड़के और लड़कियाँ पंक्तिबद्ध  खड़े थे |

लड़के - जातिवाचक संज्ञा , पुल्लिंग , बहुवचन , अन्यपुरुष ,कर्ता कारक , खड़े थे क्रिया के कर्ता |

लड़कियाँ - जातिवाचक संज्ञा , स्त्रीलिंग , बहुवचन , अन्यपुरुष ,कर्ता कारक , खड़े थे क्रिया के कर्ता |

पंक्तिबद्ध - रीतिवाचक क्रिया – विशेषण , खड़े थे क्रिया से संबद्ध |

खड़े थे - सकर्मक क्रिया , अन्य पुरुष , पुल्लिंग , बहुवचन , अन्यपुरुष , पूर्ण भूतकाल ,कर्तृवाच्य , निश्चयार्थ |

13.अरे वाह ! तुम भी पुस्तक पढ़ सकते हो |

अरे वाह !हर्षबोधक अव्यय |

तुम – मध्यम पुरूषवाचक सर्वनाम ,पुल्लिंग , एकवचन , कर्ता कारक , पढ़ सकते हो क्रिया का कर्ता |

भी – तुम पर बल देने वाला निपात |

पुस्तक - जातिवाचक संज्ञा , स्त्रीलिंग , एकवचन , अन्यपुरुष , कर्मकारक , पढ़ सकते हो क्रिया के कर्म |

पढ़ सकते हो - सकर्मक क्रिया , अन्य पुरुष , पुल्लिंग , एकवचन , अन्यपुरुष ,कर्तृवाच्य , कर्तरि प्रयोग , निश्चयार्थ |

14.उससे किताब नहीं पढ़ी गई |

उससे – अन्य पुरूषवाचक , सर्वनाम , पुल्लिंग , एकवचन , करणकारक पढ़ी गई क्रिया का कर्ता |

किताब - जातिवाचक संज्ञा , स्त्रीलिंग , एकवचन , अन्यपुरुष , कर्मकारक , पढ़ी गई क्रिया के कर्म|

नहीं पढ़ी गई – सकर्मक क्रिया , स्त्रीलिंग , एकवचन , अन्य पुरुष , कर्मवाच्य , असमर्थता का बोध कराने वाला भावे प्रयोग |

15. हम सब वहाँ पहुँचे , परंतु गाड़ी चली गई थी |

हम – उत्तम पुरूषवाचक सर्वनाम ,पुल्लिंग , बहुवचन , कर्ताकारक , पहुँचे क्रिया का कर्ता |

सब – अनिश्चयवाचक संख्यावाचक विशेषण , पुल्लिंग , बहुवचन , अन्य पुरुष  हम विशेष्य का विशेषण |

वहाँ – स्थानवाचक क्रिया – विशेषण , पहुँचे क्रिया से संबद्ध |

पहुँचे - अकर्मक क्रिया , पुल्लिंग , बहुवचन , पूर्ण भूतकाल , निश्चयार्थ , कर्तृवाच्य , कर्तरि प्रयोग |

परन्तु – समानाधिकरण समुच्चयबोधिक अव्यय हम सब वहाँ पहुँचे गाड़ी चली गई थी वाक्य को मिलाता है |

गाड़ी – जातिवाचक संज्ञा , स्त्रीलिंग , एकवचन , कर्मकारक , चली गई थी क्रिया का कर्म |

चली गई थी - सकर्मक क्रिया , स्त्रीलिंग , एकवचन , अन्य पुरुष , कर्मवाच्य , पूर्ण भूतकाल , निश्चयार्थ |

16. मैं कल बीमार था इसलिए गाँव नहीं गया |

मैं - पुरूषवाचक सर्वनाम ,पुल्लिंग ,उत्तम पुरुष , एकवचन , कर्ताकारक |

इसलिए – समुच्चयबोधक अव्यय , व्याधिकरण ( दो वाक्यो को जोड़ता है) |

17. जब वे घर पहुँचे तो कुसुम पढ़ रही थी |

वे - पुरूषवाचक सर्वनाम , अन्य पुरुष , पुल्लिंग , बहुवचन , कर्ताकारक , पहुँचे क्रिया का कर्ता |

घर - जातिवाचक संज्ञा , पुल्लिंग , एकवचन , कर्मकारक |

पढ़ रही थी – सकर्मक क्रिया भूतकाल , स्त्रीलिंग , एकवचन , सातत्यबोधिक पक्ष , कर्तृवाच्य , अन्य पुरुष , कुसुम कर्ता की क्रिया |

18. यह छात्र बहुत चतुर है |

यह – सार्वनामिक विशेषण , पुल्लिंग , एकवचन |

छात्र - जातिवाचक संज्ञा , बहुवचन , एकवचन , कर्ताकारक , है क्रिया के कर्ता |

बहुत – परिमाणवाचक विशेषण , चतुर विशेषण का प्रविशेषण |

चतुर – गुणवाचक विशेषण , पुल्लिंग , एकवचन , लड़का विशेष्य |

है – अपूर्ण अकर्मक , अस्तित्वबोधक , कर्तृवाच्य , लड़का कर्ता की क्रिया |

19. जल्दी चलो , गाड़ी जाने ही वाली है |

जल्दी – क्रियाविशेषण अव्यय , कालवाचक , इसकी क्रिया चलो है |

गाड़ी – जातिवाचक संज्ञा , स्त्रीलिंग , एकवचन , कर्ता कारक |

20. एवरेस्ट संसार का सबसे ऊँचा शिकार है |

एवरेस्ट – व्यक्तिवाचक संज्ञा , पुल्लिंग , एकवचन , कर्ता कारक , है क्रिया का कर्ता |


समास

  समास विनय अपने माता और पिता के साथ देव के मंदिर गया | चार राहों के समूह से गुजरते   हुए   उसने घोड़े पर सवारी करते हुए छ्त्रपति शि...