पाठ 11 द्रौपदी स्वयंवर
प्रश्न) द्रौपदी स्वयंवर के संबंध में राजा द्रुपद ने क्या प्रतिज्ञा
ली थी?
उत्तर ) जो राजकुमार पानी में प्रतिबिंब देखकर उस भारी धनुष से तीर को चलाकर
ऊपर टँगे हुए निशाने (मछ्ली) को गिरा देगा,उसी को द्रौपदी वरमाला पहनाएगी |
प्रश्न) द्रौपदी स्वयंवर की शर्त किसने पूरी की और कैसे?
उत्तर ) अर्जुन ने ब्राह्मण वेष में आकर धनुष हाथ में लिया
और उस पर डोरी चढ़ा दी| उसने धनुष पर तीर चढ़ाया और एक के बाद एक
पाँच बाण उस घूमते हुए चक्र में मारे और हजारों लोगों के देखते-देखते निशाना टूटकर
नीचे गिर पड़ा |
प्रश्न )द्रुपद के पुत्र धृष्टदुमन ने ब्राह्मण वेशधारियों के
विषय में क्या सूचना दी?
उत्तर ) उसने कहा जब द्रौपदी उस युवक की मृगछाला पकड़े जाने
लगी , तो मैं भी उनके पीछे हो गया | वह एक कुम्हार की कुटिया में पहुंचे | वहाँ
उन्होंने माता कुंती को देखा तो निश्चय ही ये पांडव है|
प्रश्न)” द्रौपदी ने अर्जुन को पति रूप में चुना है “ यह जानकार द्रुपद ने संतोष की सांस क्यों ली?
उत्तर ) द्रुपद ने संतोष की सांस ली क्योंकि-
i)
ब्राह्मण वेशधारी
अर्जुन पांडु और कुंती के पुत्र हैं|
ii)
महाबली कुशल योद्धा
है|
iii)
अब द्रुपद को आचार्य
द्रोण की शत्रुता से चिंतित होने की जरूरत नहीं है,क्योंकि अब द्रुपद की हर संभव मदद करेंगे|
प्रश्न) ‘द्रौपदी ने अर्जुन का
वरण कर लिया’ यह खबर माता कुंती को सुनाने के लिए
अन्य पांडवों के साथ भीम क्यों नहीं गए?
उत्तर ) द्रौपदी स्वयंवर में
हिस्सा लेने अनेक राजा ने स्वयंवर की शर्त
पूरी न की और वे हार गए| ब्राह्मण वेषधारी अर्जुन ने स्वयंवर की शर्त पूरी की और द्रौपदी के
गले में माला डाल दी | भीम को डर था कि वे क्रोधित राजा कहीं
अर्जुन को कुछ कर न बैठे| अतः अर्जुन की सहायता के लिए भीम उनके
साथ स्वयंवर में रुके रहे |
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