Monday, May 23, 2022

दो बैलों की कथा प्रेमचंद (कक्षा नौवीं)

 

दो बैलों की कथा

   लेखक - प्रेमचंद   

 कक्षा नौवीं

प्रश्न 1) कांजीहौस में कैद पशुओं की हाज़िरी क्यों ली जाती होगी ?

उत्तर ) कांजीहौस में कैद पशुओं की हाज़िरी निम्नलिखित कारणों से ली जाती होगी |

1.    कैद पशुओं में से कोई भाग तो नहीं गया हो, कोई पशु बीमार तो नहीं है तथा उनकी संख्या सही पता लगाया जा सके |

2.    समूह में उत्पात मचाने वाले पशुओं के लिए अलग प्रबंध किया जा सके |

3.    यदि किसी पशु का मालिक मिल जाता है तो उसे जुर्माने के साथ वापस कर दिया जाता है अगर नहीं मिलता तो उसकी नीलामी कर दी जाती थी |

प्रश्न 2) छोटी बच्ची को बैलों के प्रति प्रेम क्यों उमड़ आया ?

उत्तर ) छोटी बच्ची ने देखा कि दिन-रात बैलों से कड़ी मेहनत करवाई जा रही हैं और खाने के नाम पर केवल उन्हें सूखा भूसा दिया जा रहा है | वह खुद अपनी सौतली माँ के अत्याचारों से दुखी थी | इसी कारण उसे बैलों का कष्ट अपने के समान ही लगा और उसका बैलों के प्रति प्रेम उमड़ गया |

प्रश्न 3) कहानी के माध्यम से कौन-कौन से नीति-विषयक मूल्य उभरकर आए हैं ?

उत्तर ) i) आपसी प्रेम व भाईचारे की भावना का विकास होना |

     Ii) स्वतन्त्रता प्राप्त करने के लिए अथक प्रयास करना |

     iii)परोपकारिता व कृतज्ञता की भावना का विकास होना |

     iv) त्याग, समर्पण व बलिदान की भावना का विकास होना |

     v) संगठित शक्ति का विकास होना |

प्रश्न 4) प्रस्तुत कहानी में प्रेमचंद ने गधे की किन स्वभावगत विशेषताओं के आधार पर उसके प्रति रूढ़ अर्थ मूर्ख का प्रयोग न कर किस नए अर्थ की ओर संकेत किया है ?

उत्तर ) गधे को उसके स्वभाव के आधार पर मूर्खता का पर्याय कहा जाता है, पर प्रेमचंद ने उसके स्वभाव व उसकी विशेषताओं, सरलता व सहनशीलता  के आधार पर एक नए अर्थ की ओर हमारा  ध्यान खींचा है | सुख-दुख, लाभ-हानि, तथा विपरीत परिस्थितियों में एक जैसा बने रहने के कारण लेखक ने उसके सरल और सहनशील होने की और संकेत किया है |

प्रश्न 5) किन घटनाओं से पता चलता है कि हीरा व मोती में गहरी दोस्ती थी?

उत्तर)  1. हीरा और मोती एक-दूसरे को चाटकर और सूंघकर एक-दूसरे के प्रति प्रेम जताते   थे |

      2. हल में जोते जाने पर दोनों की यहीं कोशिश रहती थी कि ज्यादा से ज्यादा भार अपने ऊपर ले सके |

      3.एक घटना में दोनों मित्र मिलकर एक मजबूत साँड को मार गिराते है |

      4. मटर के खेत में चरते समय कांजीहौस के आदमियों द्वारा घेर किए जाने पर जब मोती के खुर जमीन में धंस गए और वह भाग न सका तो हीरा भी मित्र को संकट में देख वापस आ गया |

     5.इसी तरह एक बार कांजीहौस में हीरा के बंधे होने के कारण मोती भी उसे छोड़कर नहीं भागता जबकि वह चाहता तो भाग सकता था |

प्रश्न 6) लेकिन औरत जात पर सींग चलाना मना है, यह भूल जाते हो |’ हीरा का इस कथन के माध्यम से स्त्री के प्रति प्रेमचंद के दृष्टिकोण को स्पष्ट कीजिए |

उत्तर ) हीरा के इस कथन से लेखक का दृष्टिकोण ज्ञात होता है कि उस समय समाज में स्त्रियों की स्थिति अच्छी नहीं थी| वे पुरुषों द्वारा शोषित थीं | सामाजिक नियमों के अनुसार स्त्रियों को दंड देना अनुचित है  । लेखक नारियों के सम्मान का पक्षधर है | वह स्त्रियों और पुरुषों की समानता का पक्षधर है |

प्रश्न 7) किसान जीवन वाले समाज में पशु और मनुष्य के आपसी सम्बन्धों को कहानी में  किस तरह व्यक्त किया गया है ?

उत्तर ) किसान अकसर हल चलाने, बोझा ढोने, पानी खींचने तथा सवारी करने के लिए पशुओं का प्रयोग करते हैं | पशु भी चारे के लिए मानव जाति पर निर्भर है | कहानी में झूरी अपने बैलों को प्यार करता है उन्हें भरपेट खाने के लिए देता है | तभी वे हर संकट का सामना करते हुए गया के घर से भागकर पुन: झूरी के पास आ जाते है |

प्रश्न 8) इतना तो हो ही गया कि नौ दस प्राणियों की जान बच गई | वे सब तो आशीर्वाद देंगे – मोती के इस कथन के आलोक में उसकी विशेषताएँ बताइए |

उत्तर ) मोती के इस कथन के आलोक में उसकी निम्नलिखित विशेषताएँ दिखाई देती हैं –

i)        मोती उग्र स्वभाव का होते हुए भी दयालु है |

ii)        वह परोपकारी है तभी कांजीहौस में बंद जानवरों की जान बचाता है |

iii)       मोती कांजीहौस में बंद जानवरों को दीवार तोड़कर भगा देता है | वहाँ कैद पशुओं की जान बचा लेता है |

iv)       मोती साहसी है | वह हीरा की मदद से सांड को पराजित करता है |

प्रश्न 9) आशय स्पष्ट कीजिए –

क)    अवश्य ही उनमें कोई ऐसी गुप्त शक्ति थी, जिससे जीवों में श्रेष्ठता का दावा करने वाला मनुष्य वंचित है |

उत्तर ) हीरा और मोती पक्के मित्र थे | वे एक दूसरे की मन की बातें जान लेते थे | उनके पास ऐसी अवश्य ही गुप्त शक्ति थी जिससे ऐसा होता था | मनुष्य अपने आपको प्राणियों में श्रेष्ठ मानता है पर उसके पास भी इस तरह की शक्ति नहीं है |

ख ) उस रोटी से उनकी भूख तो क्या शांत होती; पर दोनों के हृदयों को मानो भोजन मिल गया|

त्तर ) गया के घर हीरा मोती का बहुत काम करना पड़ता था, पर उन्हें खाने में तो सिर्फ सूखा भूसा दिया जाता था |  तब उस घर की छोटी बच्ची दया कर उन दोनों को एक-एक रोटी खाने के लिए दे जाती | इससे भले ही उनकी भूख शांत नहीं होती पर उस बच्ची के अपने प्रति प्यार को देखकर उनमें उत्साह और शक्ति का संचार हो जाता था | उसी से उन दोनों का पेट भर जाता था |

प्रश्न 10) गया ने हीरा मोती को दोनों बार सूखा भूसा खाने के लिए दिया क्योंकि –

क)    गया पराय बैलों पर अधिक खर्च नहीं करना चाहता था |

ख)    गरीबी के कारण खाली आदि खरीदना उनके बस की बात न थी |

ग)     वह हीरा मोती के व्यवहार से अत्यधिक दुखी था |

घ)     उसे खाली आदि सामग्री की जानकारी न थी |

सही उत्तर के आगे  (का निशान लगाइए |

उत्तर ) वह हीरा- मोती के व्यवहार से दुखी था |

रचना व अभिव्यक्ति

प्रश्न 11 ) हीरा और मोती ने शोषण के खिलाफ आवाज़ उठाई लेकिन उसके लिए प्रताड़ना भी सही | हीरा मोती की इस प्रतिक्रिया पर तर्क सहित अपने विचार प्रकट करें |

उत्तर ) पहली बार गया के अत्याचार के खिलाफ उन्होंने आवाज़ उठाई लेकिन परिणामस्वरूप हीरा को मार पड़ी और दोनों को सूखा भूसा खाना पड़ा | दूसरी बार कांजीहौस में कैद फंसे जानवरों को मोती दीवार तोड़कर मुक्त करा देता है | लेकिन इसके लिए उन्हें कड़ी सजा मिलती है । इन घटनाओं से हमें पता चलता है कि आज़ाद रहना हमारा कर्तव्य है ‌।  हीरा-मोती की इस प्रतिक्रिया से यही संकेत मिलते हैं |

प्रश्न 12) क्या आपको लगता है कि यह कहानी आज़ादी की लड़ाई की ओर संकेत करती है ?

उत्तर ) हाँ, इस कहानी की एक एक घटना आज़ादी की लड़ाई की ओर संकेत करती है | भारतीय स्वतन्त्रता आंदोलन का प्रमुख उद्देश्य था- गुलामी से मुक्ति | इस कहानी में भी आज़ादी पाने के लिए हीरा-मोती लगातार प्रयास करते है | कांजीहौस से  भागने की कोशिश करते है | और अंत में कसाई के हाथों से मुक्त होकर अपनी मातृभूमि पर लौट जाते है । उन्हें पता है कि आज़ाद रहना उनका अधिकार है |

भाषा अध्ययन :

13. बस इतना ही काफी है | फिर भी ज़ोर लगाता हूँ |

ही भी वाक्य में किसी बात पर जोर देने का काम कर रहे हैं | ऐसे शब्दों को निपात कहते हैं | कहानी में से पाँच ऐसे वाक्य छाँटिए जिनमें निपात का प्रयोग हुआ हों |

उत्तर )

i)        कुत्ता भी बहुत गरीब जानवर है |

ii)        कभी-कभी दोनों सींग भी मिला लिया करते थे |

iii)       मेरा जी चाहता था कि बच्चे को मार ही डालूँ |

iv)       यहाँ भी किसी सज्जन का वास है |

v)        एक ही विजया ने उसे संसार में सभ्य जातियों में गण्य बना दिया |

प्रश्न 14) रचना के आधार पर वाक्य भेद बताइए तथा उपवाक्य छांटकर उसके भी भेद लिखिए –

क)    दीवार का गिरना था कि अधमरे –से पड़े हुए सभी जानवर चेत उठे |

ख ) सहसा एक दढ़ियल आदमी, जिसकी आंखे लाल थीं और मुद्रा अत्यंत कठोर, आया |

ग ) हीरा ने कहा – गया के हर से नाहक भागे |

घ ) मैं बेचूँगा तो बिकेंगे |

ड़) अगर वह मुझे पकड़ता तो मैं बे- मार न छोड़ता |

उत्तर ) क) दीवार का गिरना था                               प्रधान वाक्य

        कि अधमरे- से पड़े हुए सभी जानवर चेत उठे |   मिश्रित वाक्य

      ख ) सहसा एक दढ़ियल आदमी                         प्रधान वाक्य 

          जिसकी आंखे लाल थीं और मुद्रा अत्यंत कठोर, आया |   मिश्रित वाक्य

       ग ) हीरा ने कहा                                    प्रधान वाक्य

           गया के घर से नाहक भागे |                 मिश्रित वाक्य

      घ ) मैं बेचूँगा                                      प्रधान वाक्य

           तो बिकेंगे |                                  मिश्रित वाक्य

      ड़) अगर वह मुझे पकड़ता                            प्रधान वाक्य

         तो मैं बे-मारे न छोड़ता |                            मिश्रित वाक्य

  

 

 

 

Tuesday, May 17, 2022

संस्कृति (भदंत आनंद कौसल्यायन ) कक्षा दसवीं

 

संस्कृति

(भदंत आनंद कौसल्यायन )

प्रश्न 1) लेखक की दृष्टि में सभ्यता और संस्कृति की सही समझ अब तक क्यों नहीं बन पाई है ?

उत्तर ) लेखक का मानना है कि हम अपनी रूढ़ियों से इस प्रकार बंधे होते है कि हर क्षण बदलते संसार के साथ चल नहीं पाते हैं | हम अपनी संकुचित सोच के कारण सभ्यता और संस्कृति के लोकल्याणकारी रूप को भुला देते हैं और अपने व्यक्तिगत, जातिगत हितों की रक्षा में लग जाते हैं | लेकिन सभ्यता व संस्कृति में तो मानवीय स्वर प्रमुख होता है |इसके अभाव में सभ्यता असभ्यता में व संस्कृति असंस्कृति में बदल जाती है |

प्रश्न 2) आग की खोज एक बहुत बड़ी खोज क्यों मानी जाती है ? इस खोज के पीछे रही प्रेरणा के मुख्य स्रोत क्या रहे होंगे ?

उत्तर ) आग की खोज एक बहुत बड़ी खोज इसलिए मानी जाती है क्योंकि आग से मनुष्य के अनेक कार्य सुगम हो जाते होंगे | आग से हम खाना बनाते हैं | आग से ऊर्जा पैदा करके अनेक मशीनों को चलाया जाता हैं | इसकी खोज के पीछे पेट भरने के लिए खाद्य सामग्री  पकाने की प्रेरणा ही मुख्य है | अंधेरे में प्रकाश करना, ठंड में गर्मी प्राप्त करना आदि आग की खोज के अन्य प्रेरणा स्रोत हैं |

प्रश्न 3) वास्तविक अर्थ में संस्कृत व्यक्ति किसे कहा जा सकता है ?

उत्तर ) जिसकी योग्यता बुद्धि विवेक प्रेरणा अथवा प्रवृति उसे किसी नए तथ्य का दर्शन कराती है और वह जनकल्याण के लिए नि: स्वार्थ भाव से कार्य करता है | संस्कृत व्यक्ति सदा अच्छा कार्य करता है | वह प्राणीमात्र के कल्याण की चिंता करता है | अपने कार्यों से किसी का अहित नहीं करता है | स्वयं कष्ट उठाकर दूसरों को सुख देता है |

प्रश्न 4) न्यूटन को संस्कृत मानव कहने के पीछे क्या तर्क दिए गए हैं ? न्यूटन द्वारा प्रतिपादित सिद्धांतों एवं ज्ञान की दूसरी बारीकियों को जानने वाले लोग भी न्यूटन की तरह संस्कृत नहीं कहला सकते, क्यों ?

उत्तर )  अपनी योग्यता स्वभाव एवं प्रेरणा से लोगों के कल्याण के लिए गुरुत्वाकर्षण के सिद्धान्त का    आविष्कार किया था | उसकी यह खोज मौलिक थी | इस खोज के पीछे उसका अपना कोई स्वार्थ नहीं था | उसने यह मानव कल्याण के लिए की थी | आज जो लोग न्यूटन के गुरुत्वाकर्षण सिद्धांत के अलावा भौतिक विज्ञान से जुड़ी उन अनेक बातों को जानते है जो न्यूटन को पता नहीं थी | फिर भी इन लोगों को न्यूटन के समान संस्कृत नहीं कहा जा सकता क्योंकि इन लोगों ने स्वयं कोई आविष्कार नहीं किया है | ये लोग अन्य व्यक्तियों द्वारा की गई खोजों से ज्ञान प्राप्त करते हैं | अत: ये  लोग न्यूटन की तरह संस्कृत व्यक्ति नहीं कहे जा सकते |   

प्रश्न 5) किन महत्वपूर्ण आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए सुई-धागे  का आविष्कार हुआ होगा ?

उत्तर ) मानव ने सुई - धागे का आविष्कार कपड़े सीने, शीतोष्ण से बचने के लिए, वस्त्र बनाने आदि के लिए किया होगा | शरीर को सजाने के लिए बनाए जाने वाले वस्त्रों के लिए भी सुई –धागे का आविष्कार हुआ होगा | रज़ाई, गद्दे, टैंट, पर्दे आदि बनाने के लिए भी सुई-धागे का ही उपयोग होता है |

प्रश्न 6) “मानव संस्कृति एक अविभाज्य वस्तु है |” किन्हीं दो प्रसंगों का उललेख करें जब –

क)    मानव संस्कृति को विभाजित करने की चेष्टाएँ की गईं |

उत्तर ) मानव संस्कृति के नाम पर धर्म, मजहब के नाम पर एक-दूसरे से लड़ा दिया जाता है , जैसा कि ब्रिटिश सरकार ने हिन्दू – मुसलमानों को आपस में लड़ाकर हिंदुस्तान के दो टुकड़े हिंदुस्तान और पाकिस्तान कर दिए |

ख ) जब मानव संस्कृति ने अपने एक होने को प्रमाण दिया |

उत्तर )मानव संस्कृति में अपने एक होने का प्रमाण कोरोना काल में विभिन्न धर्मों के लोगों द्वारा आपसी मन-मुटाव भुलाकर एक- दूसरे की सहायता करके दिया  हैं | सिखों द्वारा बड़े लंगर का आयोजन करना, विभिन्न सुप्रसिद्ध अभिनेताओं द्वारा लोगों के बचाव के लिए बड़ी राशि का दान करना | उन्हें कोरोना से बचाव के लिए सुविधाएं प्रदान करवाना | परिजनों तक सुरूक्षित पहुँचाने का प्रबंध करना आदि हैं |

प्रश्न 7) आशय स्पष्ट कीजिए –

क ) मानव की जो योग्यता उससे आत्म- विनाश के साधनों का आविष्कार कराती है, हम उसे उसकी संस्कृति कहें या असंस्कृति ?

उत्तर ) लेखक का मानना है कि मनुष्य अपनी योग्यता और कुशलता के बल पर जिन विनाशकारी साधनों का आविष्कार करता है वह हमारी संस्कृति के अनुरूप नहीं है | विनाश करने वाले साधनों का आविष्कार करना तो असंस्कृति का प्रतीक है |

रचना और अभिव्यक्ति

प्रश्न 8) लेखक ने अपने दृष्टिकोण जे सभ्यता और संस्कृति की एक परिभाषा दी है | आप सभ्यता और संस्कृति के बारे में क्या सोचते हैं ? लिखिए |

उत्तर ) मेरे विचार में संस्कृति वह है जो श्रेष्ठ कर्म के रूप में व्यक्त होती है | यह मानवता के हित  के लिए किया गया कार्य होता है | ज्ञान व भाव हमारे कर्मों को श्रेष्ठ बनाते है, वहीं संस्कृति है | संस्कृति का कार्य ही हमें अच्छे कार्यों की तरफ ले जाता है | यह हमारे भौतिक जीवन को सुधारती है | और हमारी सभ्यता को विकसित करती करती है जो समाज जितना अधिक सुसंस्कृत होगा उसकी सभयता उतनी ही अधिक विकसित होगी |

अन्य प्रश्न

प्रश्न )  संस्कृत व्यक्ति की संतान (वंशज) के संबंध में लेखक का क्या  विचार है ?

उत्तर ) लेखक के अनुसार संस्कृत व्यक्ति किसी नई चीज़ की खोज करता है | यह वस्तु जब उसकी संतान को अनायास ही प्राप्त हो जाती है तो वह संस्कृत व्यक्ति नहीं बल्कि सभ्य व्यक्ति कहलाएंगा क्योंकि उस वस्तु की खोज उसने नहीं की है | खोज करने वाला व्यक्ति ही संस्कृत व्यक्ति है |

प्रश्न ) मनीषियों से मिलने वाला ज्ञान किसका परिचायक  है ?

उत्तर ) मनीषियों से मिलने वाला ज्ञान उनकी सहज संस्कृति की प्रवृति के कारण मिलता है | वे कभी भी निष्क्रिय नहीं बैठते है | नई से नई खोज में उनका मस्तिष्क सक्रिय रहता है | वे कभी संतुष्ट होकर नहीं बैठते हैं |

प्रश्न ) संस्कृति अविभाज्य कैसे है ? सिद्ध कीजिए |

उत्तर ) संस्कृति एक विचार है इसे जातिगत व धर्मगत आधारों पर नहीं बाँटा जा सकता | जिस व्यक्ति ने आग या सुई-धागे का आविष्कार किया, वह किसी एक जाति या धर्म का न होकर मानव मात्र के लिए है | इसलिए संस्कृति को नहीं बाँटा जा सकता |

प्रश्न ) सभ्यता या संस्कृति के विनाश का खतरा कब और कैसे होता है ?

उत्तर ) सभ्यता या संस्कृति के विनाश का खतरा तब  होता है जब किसी जाति अथवा देश पर अन्य लोगों की ओर से विनाशकारी आक्रमण होता है | हिटलर के आक्रमण करने के कारण मानव संस्कृति खतरे में पड़ी कही जाती थी | धर्म, संप्रदाय, वर्ण-व्यवस्था आदि के नाम पर होने वाले दंगों से भी सभ्यता और संस्कृति खतरें पद जाती है |

प्रश्न ) सभ्यता के अंतर्गत हम किस-किस को समाहित कर सकते है |

उत्तर ) हमारा खान–पान, पहनावा, यातायात के साधन, भौतिक सुख देने वाली सभी वस्तुएँ समाहित है  जिनका हम प्रयोग करते हैं |

प्रश्न ) संस्कृति पाठ से हमें क्या शिक्षा मिलती है ?

उत्तर ) हमें बौद्धिक क्षमता व ज्ञान का प्रयोग मानव मात्र के लिए व उसकी भलाई के लिए करना चाहिए | विश्व में हम कर्मशील बने रहे | सभ्यता व संस्कृति के विकास में अपना महत्वपूर्ण योगदान दें | ऐसा कोई काम न करें जिससे असंस्कृति तथा असभ्यता का प्रसार हो |

प्रश्न ) संस्कृति पाठ के आधार पर स्पष्ट कीजिए  कि सिद्धार्थ ने गृह –त्याग किस ध्येय को ध्यान में रखकर किया ?

उत्तर ) संस्कृति हमेशा मानव के लिए हितकर व कल्याणकारी होती है | वह सदा सारे कल्याण की भावना को अपने भीतर समेट कर सभी को एक साथ जोड़ने की कोशिश करती है | सिद्धार्थ ने अपनी मुक्ति के लिए गृह-त्याग नहीं किया था बल्कि विश्व भर को मानवता का पाठ पढ़ाने के लिए किया था | उसने सभी को परस्पर जोड़ने का पाठ पढ़ाया था |

प्रश्न) कैसा व्यक्ति संस्कृत नहीं कहला सकता ?

उत्तर ) ऐसा व्यक्ति जो अपने पूर्वजों से प्राप्त हर आविष्कार का उपभोग कर अपना जीवन सुखी बनाए वह सभ्य तो है, लेकिन उसे संस्कृत नहीं कहा जा सकता | क्योंकि उसने अपने बल पर मानवता के लिए कुछ भी नया कार्य नहीं किया, नई खोज व नए तथ्य नहीं ढूँढे |

 

समास

  समास विनय अपने माता और पिता के साथ देव के मंदिर गया | चार राहों के समूह से गुजरते   हुए   उसने घोड़े पर सवारी करते हुए छ्त्रपति शि...