Sunday, May 29, 2022

इस जल प्रलय में लेखक - फनीश्वरनाथ रेणु पुस्तक – कृतिका कक्षा -9वीं

 

                           इस जल प्रलय में

                                                लेखक - फनीश्वरनाथ रेणु

                                                पुस्तक – कृतिका

                                                कक्षा -9वीं

 

प्रश्न 1) बाढ़ की खबर सुनकर लोग किस तरह की तैयारी करने लगे ?

उत्तर ) बाढ़ की खबर सुनकर लोग परेशान हो गए | वे जल्दी-जल्दी अपने सामान को सुरक्षित अन्य स्थान पर पहुँचने की तैयारी में जुट गए | लोग ईंधन, आलू, मोमबत्ती, दियासलाई, सिगरेट, पीने का पानी तथा कांपोज की गोलियों के साथ सामान बाँधने लगे |

प्रश्न 2) बाढ़ की सही जानकारी लेने व बाढ़ का सही रूप देखने के लिए लेखक क्यों उत्सुक था ?

उत्तर ) लेखक ने दस वर्ष की आयु से बाढ़-पीड़ित क्षेत्रों में कार्य किया था, लेकिन बाढ़ को सहन करने का यह उसका पहला अनुभव था | तेज़ गति से निचले पड़े स्थानों पर पानी किस प्रकार आगे बढ़कर लोगों को हैरान और परेशान करता है | इस दृश्य को लेखक स्वयं देखना चाहता था | दूसरे को मुसीबत में देख अन्य लोगों का उनके प्रति क्या व्यवहार होता है वह यह भी देखना चाहता था |

प्रश्न 3) सबकी जबान पर एक ही जिज्ञासा कि पानी कहाँ तक आ गया है ?- इस कथन से जनसमूह की कौन सी भावनाएँ व्यक्त होती हैं ?

उत्तर ) पटना में लगातार बारिश से बाढ़ आ गई | इससे सभी लोग भयभीत थे और जानना चाहते थे कि पानी उनके इलाके में कहाँ तक आ गया ? जिन इलाकों को वे सुरक्षित समझ रहे थे वे सुरक्षित है भी या नहीं | सभी में असुरक्षा की भावना घर कर गई | उत्सुकता, हैरानी तथा नया अनुभव प्राप्त करने की इच्छा जागृत हो गई |

प्रश्न 4) मृत्य का तरल दूत किसे कहा गया है और क्यों ?

उतर ) मृत्य का तरल दूत बाढ़ के पानी को कहा गया है | क्योंकि इसका गंदा पानी जान माल का बड़ा नुकसान करता है | सब जगह अफरा - तफरी मच जाती है | लोगों को इस पानी से बचाव के लिए बहुत से प्रयास करने पड़ते है | कुछ प्रयास सफल हो जाते है तो कुछ असफल होते है |

प्रश्न 5) आपदाओं से बचने के लिए अपनी तरफ से कुछ सुझास दीजिए |

            अथवा

बाढ़ की खबर सुनकर हमें आपदा के समय क्या करना चाहिए ?

उत्तर ) इससे निबटने के लिए निम्नलिखित उपाय करने चाहिए |

i)                    लोगों को ईंधन, सब्जियाँ, मोमबत्ती, दियासलाई, राशन,पीने का पानी तथा कुछ आवश्यक दवाईयाँ घर में लाकर रख लेना चाहिए |

ii)                  बाढ़ के गंदे पानी के साथ कीड़े मकौड़े व जहरीले जानवर भी घर में आ जाते है | इसके लिए कीटनाशक रसायन, कछुआ छाप व गुड नाइट का प्रयोग करना चाहिए |

iii)                लोगों को जागरूक करें कि प्लास्टिक की थैलियों का प्रयोग न करें |

iv)                वर्षा के जल का संचयन एवं उचित प्रबंधन किया जाना चाहिए |

v)                   बाँध बनाकर बाढ़ के पानी को आगे बढ़ने से रोकना चाहिए |

प्रश्न 6) ईह ! जब दानापुर डूब रहा था तो पटनियाँ बाबू लोग उलटकर देखने भी नहीं गए...अब बूझो ! इस कथन के द्वारा लोगों की किस मानसिकता पर चोट की गई है ?

उत्तर ) पटना में बाढ़ आने पर वहाँ के लोग बड़ी जिज्ञासा से पानी कहाँ तक पहुँच गया देखने के लिए आए थे | लेकिन उसी भीड़ में से एक व्यक्ति ने उन पर कटाक्ष किया कि जब दानापुर डूब रहा था वहाँ पर कोई भी सहानुभूति प्रकट करने, व मदद करने के लिए नहीं आया | इससे पता चलता है कि वहाँ के लोग संकीर्ण सोच वाले, आत्म-केन्द्रित, स्वार्थी व संवेदनहीन है |

प्रश्न 7) खरीद – बिक्री बंद हो चुकने पर भी पान की बिक्री क्यों बढ़ गई थी ?

उत्तर ) लोग बाढ़ का हाल- चाल जानने व बाढ़ के पानी से संबन्धित तर्क - वितर्क करने तथा अपनी अपनी राय देने के लिए पान की दुकान पर इकठ्ठा होने लगे | इसलिए खरीद - बिक्री बंद हो चुकने पर भी पान की बिक्री बढ़ गई थी |

प्रश्न 8) जब लेखक को यह अहसास हुआ कि उसके इलाके में भी पानी घुसने की संभावना है तो उसने क्या-क्या प्रबंध किए |

उत्तर ) जब लेखक को यह अहसास हुआ कि उसके इलाके में भी पानी घुसने की संभावना है तो उसने अपनी पत्नी से कोयला , स्टोव, और किरोसिन के साथ-साथ गैस सिलिंडर को तैयार रखने के लिए कहने लगे | वह अपने घर में ईंधन, सब्जियाँ, मोमबत्ती, दियासलाई, राशन का समान ले आया | उसे मैगजीन पढ़ने का शौक था इसलिए वह हिन्दी, बांग्ला व अंग्रेजी की कई पत्रिकाएँ खरीद लाया |

प्रश्न 9) बाढ़ पीड़ित क्षेत्र में कौन - कौन सी बीमारियों के फैलने की आशंका रहती थी ?

उत्तर ) चारों तरफ बाढ़ का पानी होने से लोग अपनी जरूरत की चीजें लेने के लिए इधर –उधर आते-जाते रहते है | बाढ़ पीड़ित क्षेत्रों में हैजा, अतिसार, पेचिश व बार- बार पानी लगने के कारण पकाही घाव आदि बीमारियाँ फैलने की आशंका रहती थी |

प्रश्न 10) नौजवान के पानी में कूदने पर उसका कुत्ता भी पानी में  कूद गया | दोनों ने किन भावनाओं के वशीभूत होकर ऐसा किया ?

उत्तर ) जब एक बंगाली डॉक्टर ने नाव में इलाज़ करवाने के लिए आए युवक को अपने कुत्ते के साथ बैठा देखा तो उसने कुत्ते को भगाने के लिए कहा | गुस्से में युवक नाव से नीचे कूद गया | यह देखकर उसका वफादार व स्वामीभक्त कुत्ता भी नाव से नीचे कूद गया | मालिक का उसके कुत्ते के साथ घर के सदस्य की तरह एक अनोखा रिश्ता था | दोनों एक दूसरे से भावनात्मक व मानसिक रूप से जुड़े होने के कारण ही उन्होंने ऐसा किया था |

प्रश्न 11) अच्छा है, कुछ भी नहीं | वह भी चोरी चली गई | अच्छा है, कुछ भी नहीं – मेरे पास |’ – मूवी कैमरा टेप्रीकॉर्डर आदि की तीव्र उत्कंठा होते हुए भी लेखक ने उपर्युक्त कथन क्यों कहा है ?

उत्तर ) क्योंकि बाढ़ का दृश्य अत्यंत भयानक और दुखद था । कॉलोनी के आस-पास का सारा भाग ही पानी में डूब गया था | लोग मदद के लिए चीख रहे थे | अगर लेखक के पास कैमरा होता  तो वह भले इस दृश्य को कैद कर लेता, कलम से उसे लिखने के लिए अच्छा विषय मिल जाता | लेकिन इससे लोगों का भला नहीं  होता | लेखक तो हमेशा की तरह बाढ़-पीड़ितों की मदद करना चाहता था | इसलिए उसने ऐसा कहा है अच्छा है, कुछ भी नहीं | वह भी चोरी चली गई | अच्छा है, कुछ भी नहीं –मेरे पास |

प्रश्न 12) आपने भी देखा होगा कि मीडिया द्वारा प्रस्तुत कि गई घटनाएँ कई समस्याएँ बन जाती हैं, ऐसी किसी घटना का उल्लेख कीजिए |

उत्तर ) कई बार मीडिया के द्वारा बिना पूरी तरह से जाँचे – परखे घटनाएँ प्रस्तुत कर दी जाती है | जो बड़ी समस्याएँ पैदा कर देती है | कुछ दिनों पहले अधिकतर समाचार चैनलों तथा समाचार पत्रों के द्वारा दिल्ली में किसी धार्मिक समुदाय पर दंगों के भड़काने का आरोप लगाया गया | जिससे वहाँ के निवासियों में धार्मिक आधार पर सांप्रदायिक दंगे भडकनें का डर बना रहा | इतना ही नहीं देश के विभिन्न हिस्सों मे भी आपसी भाई चारे को ठेस पहुँचने लगी | जो देश और समाज के लिए एक समस्या बन गयी | जबकि असलियत यह थी कि कुछ उपद्रवियों ने सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने के लिए दंगे भढ़काने की कोशिश की थी जिसे पुलिस तथा प्रशासन के द्वारा समय रहते नियंत्रित कर लिया गया था | अत: इस प्रकार मीडिया द्वारा प्रस्तुत घटनाएँ एक समस्या बन जाती है |

प्रश्न 13) अपनी देखी – सुनी किसी आपदा का वर्णन कीजिए |

उत्तर ) 16 जून 2013  का दिन पूरे देश के लिए एक आपदा बन कर आया था | जिसे सोचकर आज भी मन सिहर उठता है | 15 जून 2013 को उतराखंड की केदारनाथ घाटी  में भारी बारिश हुई जो 16 जून को भी जारी रही जिससे के आस-पास के पहाड़ों पर बनी जिलों में भारी मात्रा में पानी भर गया और ग्लेशियर भी पिघलने लगे थे | केदारनाथ हिंदुओं का एक प्रसिद्ध धार्मिक स्थल है 16 जून को भी वहाँ तीर्थयात्रियों पुजारियों तथा श्रद्धालुओं की भारी भीड़ थी | मंदिर के आस पास होटलों धर्मशालाओं में लोग इस आपदा से अंजान होकर सो  रहे थे | अचानक केदारनाथ के आस-पास बादल फटने से पानी का सैलाब आया और सो रहे लोगों को को अपने साथ बहाकर ले गया | बड़े-बड़े भवन पानी के सैलाब के साथ बह गए | हर तरफ लोगों कि चीख पुकार सुनाई दे रही थी | हजारों लोग पानी के साथ बहकर चले गए | लोग अपने परिजनों और साथियों को खो चुके थे | सरकारी आकड़ों के अनुसार 4000 लोगों के मौत हुई लेकिन लगभग 12000 से अधिक लोग इस आपदा में मरने की संभावना जताई जाती है | आपदा के बाद स्थानीय लोगों तथा प्रशासन के द्वारा और अन्य सामाजिक संस्थाओं के द्वारा बचाव कार्य किए गए | यह आपदा इतनी भयानक थी कि जिसने इसे देखा या सुना वो केदारनाथ की इस घटना का नाम लेते ही एक बार डरने लगता हैं |

उपभोक्तावाद की संस्कृति श्यामाचरण दुबे (कक्षा नौवीं)

उपभोक्तावाद की  संस्कृति

         श्यामाचरण दुबे

 

प्रश्न 1) लेखक के अनुसार जीवन में सुख से क्या अभिप्राय है ?

उत्तर ) लेखक के अनुसार जीवन में सुख आजकल महंगी – महंगी वस्तुओं, आभूषणों का होना, उपभोग के लिए अधिक से अधिक साधनों का अपने पास होने को माना जाने लगा है | पर वास्तविकता यह है कि किसी व्यक्ति का शारीरिक और मानसिक रूप से  स्वस्थ होना ही सच्चा सुख है |

प्रश्न 2) आज की उपभोक्तावादी संस्कृति हमारे दैनिक जीवन को किस प्रकार बदल रही है ?

उत्तर ) आज की उपभोक्तावादी संस्कृति हमारे दैनिक जीवन को विभिन्न प्रकार से प्रभावित कर रही है जो कि इस प्रकार है |

i)        उसने हमारी सोच को बदल दिया है हम पश्चिमी सभ्यता का अनुकरण कर रहे हैं |

ii)       नैतिक मूल्य और मर्यादाएँ कमजोर पड़ रही है |

iii)      स्वार्थ की प्रवृति को बढ़ावा मिल रहा है |

iv)      समाज में विभिन्न वर्गों के बीच दूरियाँ बढ़ रही है |

v)       सामाजिक सरोकारों में कमी आने से व्यक्ति आत्म – केन्द्रित होते जा रहे है |

प्रश्न 3) गांधी जी ने उपभोक्तावादी संस्कृति को हमारे समाज के लिए चुनौती क्यों कहा है ?

उत्तर ) उपभोक्तावादी संस्कृति हमारी एकता व अखंडता की नींव को हिला रही है | व्यक्ति आत्म- केन्द्रित होता जा रहा है | वह सामाजिक सरोकारों से दूर होकर केवल अपने विषय में ही सोचता है | यह संस्कृति हमारी सामाजिक व सांस्कृतिक नींव को हिला रही है | गांधी जी के अनुसार हमें स्वस्थ सांस्कृतिक प्रभावों के लिए अपने खिड़की दरवाजे खुले रखने चाहिए, पर अपने बुनियादों पर भी कायम रहना चाहिए |

प्रश्न 4) आशय स्पष्ट कीजिए

क)   जाने – माने आज के माहौल में आपका चरित्र भी बदल रहा है और आप उत्पाद को समर्पित होते जा रहे हैं |

उत्तर ) उपभोक्तावादी संस्कृति ने उत्पादन पर जोर दिया है |  जिससे अधिक से अधिक सामान लोगों तक उनके उपयोग के लिए पहुँच सके | व्यक्ति की इन उत्पादों पर निर्भरता बढ़ गई है वह चाहकर पर भी इन वस्तुएँ के प्रयोग को नहीं छोड़ सकता | आजकल परिवार के सभी सदस्यों के लिए अलग-अलग मोबाइल होना इसका जीवंत उदाहरण है | इससे हमारी जीवन शैली बदल रही है | हमारा चरित्र और सोच में भी बदलाव आया है |

ख)   प्रतिष्ठा के अनेक रूप होते हैं, चाहे वे हास्यपाद ही क्यों न हों |

उत्तर ) उपभोक्तावादी संस्कृति के प्रभाव में आकर कुछ लोग इस प्रकार के कार्य कर देते है जो उन्हें हंसी का पात्र बना देते है |जैसे कुछ विशिष्ट लोग अमेरिका व यूरोप में  प्रतिष्ठा पाने हेतु अपने मृत्यु से पहले ही अच्छी कब्र  के लिए बहुत पैसे खर्च कर देते हैं | हरी घास और फव्वारे लगाने का प्रबंध कर देना इत्यादी |

रचना व अभिव्यक्ति :

प्रश्न 5) कोई वस्तु हमारी लिए उपयोगी हो या न हो, लेकिन टी. वी. पर विज्ञापन देखकर हम उसे खरीदने के लिए लालयित होते हैं ? क्यों ?

उत्तर ) क्योंकि टी. वी.  पर  दिखाए गए विज्ञापनों में  वस्तुओं का बहुत प्रभाव व उपयोग देखने को मिलता है व सबके मन मस्तिष्क पर छा जाता है | हमारे पसंदीदा कलाकारों द्वारा बढ़ा-चढ़ाकर‌ वस्तुओं की खूबियाँ बताना | छोटे बच्चे के दबाव में आकर भी हम वस्तुएँ खरीद लेते हैं |

प्रश्न 6) आपके अनुसार वस्तुओं को खरीदने का आधार वस्तु की गुणवत्ता होनी चाहिए या उसका विज्ञापन ? तर्क देकर स्पष्ट कीजिए |

उत्तर ) किसी भी विज्ञापन में वस्तुओं के गुणों की बढ़ा- चढ़ाकर कलाकारों द्वारा तारीफ की जाती हैं | उनकी कमियों को छिपा लिया जाता हैं | उनकी शैली भ्रामक व आकर्षित करने वाली होती हैं | जिससे हम प्रभावित होते चले जाते हैं | मेरे अनुसार वस्तुओं को खरीदने का आधार उनका विज्ञापन नहीं उनकी गुणवत्ता होना चाहिए |

प्रश्न 7) पाठ के आधार पर आज के उपभोक्तावादी युग में  पनप रही दिखावे की संस्कृति पर विचार व्यक्त कीजिए |

उत्तर ) आज के उपभोक्तावादी युग में  पनप रही दिखावे की संस्कृति समाज में यश पाने  का माध्यम बन गई है | जितनी महंगी वस्तुओं का हम प्रयोग करते है उतना ही हमारा समाज में यश  व प्रसिद्धि फैलती हैं | हम विशिष्ट लोगों में गिने जाने लगते हैं | झूठी शान व मान को पाने के लिए आय से अधिक खर्च करते हैं तथा कई बार तो बड़े कर्ज भी बैंक व अन्य लोगों से ले लेते हैं |

प्रश्न 8) आज की उपभोकतवादी संस्कृति हमारे रीति-रिवाजों और त्योहारों को किस प्रकार प्रभावित कर रही है ? अपने अनुभव के आधार पर एक अनुच्छेद लिखिए |

उत्तर ) भारत त्योहारों का देश है | यहाँ विभिन्न धर्मों के लोग समय – समय पर त्योहरों को अपने धर्म के अनुसार मनाते है |त्योहारों के आने से कुछ समय पूर्व ही अपना उत्पाद बेचने के लिए लेन-देन संबंधी विज्ञापन दिखाना शुरू कर देते हैं | इस प्रकार से विज्ञापन बनाकर दिखाया जाता है कि कैसे अमुक वस्तु हमारे रिश्तों को आपस में लेन – देन  से मजबूत कर देती है ? हम उस वस्तु की खरीददारी शुरू कर देते हैं |

भाषा अध्ययन:

प्रश्न 9) धीरे-धीरे सब कुछ बदल रहा है |

इस वाक्य में बदल रहा है क्रिया है | यह क्रिया कैसे हो रही है –धीरे धीरे | अत : यहाँ धीरे धीरे क्रियाविशेषण है | जो शब्द किसी क्रिया की विशेषता बताते हैं, क्रिया-विशेषण कहलाते हैं | जहां वाक्य से हमें पता चलता है क्रिया कैसे, कब कितनी और कहाँ हो रही है , वहाँ वह शब्द क्रिया विशेषण कहलाता है |

क)    ऊपर दिये गए उदाहरण को ध्यान में रखते हुए क्रिया-विशेषण से युक्त पाँच वाक्य पाठ में से छाँटकर लिखिए |

1)  धीरे धीरे सब कुछ बदल रहा है | ( रीतिवाचक क्रिया-विशेषण )

2)  आपको लुभाने की कोशिश में निरंतर लगी रहती है | (रीतिवाचक क्रिया-विशेषण )

3)  सामंती संस्कृति के तत्व भारत में पहले भी रहे हैं | ( कालवाचक क्रिया-विशेषण )

4)  हमारे सामाजिक सरोकारों में कमी आ रही  है |   ( परिणामवाचक क्रिया-विशेषण )

5)  अमेरिका में जो आज हो रहा है , कल वह भारत में भी आ सकता है |

( आज , कल परिणामवाचक क्रिया-विशेषण )

धीरे-धीरे, ज़ोर से, लगातार, हमेशा, आजकल, कम , ज्यादा, यहाँ , उधर, बाहर – इन क्रिया – विशेषण शब्दों का प्रयोग करते हुए वाक्य बनाइए |

ख)   धीरे – धीरे, ज़ोर से, लगातार, हमेशा, आजकल, कम, ज्यादा, यहाँ, उधर, बाहर – इन क्रिया – विशेषण शब्दों का प्रयोग करते हुए वाक्य बनाइए |

धीरे – धीरे : धीरे – धीरे सवेरा हो गया  |

      ज़ोर से   : वह ज़ोर से बजने लगा |

      लगातार  : पुलिस  लगातार पीटती  रही|

      हमेशा  : हमेशा सच बोलो |

      आजकल : आजकल महंगाई बढ़ती जा रही है |

      कम   : वह कम बोलता है |

      ज्यादा  : वह ज्यादा देर सोता है |

      यहाँ    : यहाँ वो मज़ा नहीं जो वहाँ है |

      उधर     : उधर मत भागो |

      बाहर     : बाहर रुककर देखो |

ग)     नीचे दिये गए वाक्यों में से क्रिया – विशेषण और विशेषण शब्द छाँटकर अलग लिखिए -

        

1.   कल रात से निरंतर बारिश हो रही है  |

क्रिया-विशेषण – निरंतर              विशेषण – कल

2.   पेड़ पर लगे पके आम देखकर बच्चों के मुंह से पानी आने लगा |

 

क्रिया विशेषण – लगे                  विशेषण – पके

3.   रसोईघर से आती पुलाव की हल्की सी खुशबू से मुझे ज़ोरों की भूख लग आई |

क्रिया-विशेषण – ज़ोरों की                       विशेषण -हल्की

4.   उतना ही खाओ जितनी भूख हो |

क्रिया-विशेषण   - उतना           विशेषण- जितनी

5.   विलासिता की वस्तुओं से आजकल बाजार भरा पड़ा है |

              क्रिया-विशेषण- आजकल       विशेषण- विलासिता

 

 

 

 

 

Wednesday, May 25, 2022

ल्हासा की ओर ( लेखक - राहुल सांकृत्यायन ) ( कक्षा नौवीं )

 

ल्हासा की ओर

  लेखक - राहुल सांकृत्यायन

प्रश्न 1) थोङ्ला के पहले के आखिरी गाँव पहुँचने पर भीखमँगे के वेश में होने के बावजूद लेखक को ठहरने के लिए उचित स्थान मिला जबकि दूसरी यात्रा के समय भद्र वेश में भी उन्हें उचित स्थान नहीं दिला सका | क्यों ?

उत्तर )पहली बार जब लेखक थोङ्ला पहुँचा तब उसके साथ सुमति था | जिसे गाँव के सभी लोग जानते थे | इसलिए रहने के लिए उचित स्थान मिल गया था | जबकि दूसरी यात्रा के समय  शाम के बाद वहाँ   के लोग छङ् पीकर मस्त हो जाते हैं और  उन्हें होश ही नहीं रहता कि आदमी भिखमंगा है या अमीर | इसलिए भद्र वेश भी उन्हें उचित स्थान नहीं दिला सका |

प्रश्न 2) उस समय तिब्बत में हथियार का कानून न रहने के कारण यात्रियों को किस प्रकार का भय बना रहता था ?

उत्तर )  उस समय तिब्बत में हथियार का कानून न रहने के कारण यात्रियों को चोर–डाकुओं का भय बना रहता था क्योंकि आमतौर पर कानून न होने के कारण लोग लाठी कि तरह पिस्तौल-बंदूक लिए घूमते  थे |

प्रश्न 3) लेखक लङ्कोर के मार्ग में अपने साथियों से किस कारण पिछड़ गया ?

उत्तर ) लेखक का घोड़ा बहुत धीमा चल रहा था | लेखक समझ नहीं पा रहा था कि घोड़ा आगे चल रहा है या पीछे | इसी कारण वह भटक गया और काफी देर के बाद अपने साथियों से मिल पाया |

प्रश्न 4) लेखक ने शेखर विहार में सुमति को उनके यजमानों के पास जाने से रोका, परंतु दूसरी बार रोकने का प्रयास क्यों नहीं किया ?

उत्तर ) सुमति के शेखर विहार के आसपास के गाँव में अनेक यजमान थे, जिन्हें  बोध गया से लाए कपड़े के चीर से बनाए गंडे बेचता था | यदि वह इन सारे गाँवों में जाकर गंड़े बाँटता तो उसे काफी समय लगता इसलिए  लेखक ने शेखर विहार में सुमति को उनके यजमानों के पास जाने से रोका परंतु दूसरी बार उसे बुद्धवचन अनुवाद की 103 पोथियां मिल गई | लेखक इन पोथियों कों पढ़ने  में रम चुका था दूसरी बार रोकने का प्रयास नहीं किया |

प्रश्न 5) अपनी यात्रा के दौरान लेखक कों किन कठिनाइयों का सामना करना पड़ा ?

उत्तर ) उसे यात्रा डाकुओं के डर के साए में करनी पड़ी | पहली बार तो भीखमँगे के भेष में करनी पड़ी| लेखक कों ऊंची-नीचे पहाड़ी रास्ते पर तेज़ धूप  में लगातार चलना पड़ा | वापस आते समय पीठ पर सामान लादकर यात्रा करनी पड़ी | उसका घोडा सुस्त होने के कारण पिछड़ गया इसलिए बाद में सुमति के गुस्से का भी सामना करना पड़ा |

प्रश्न 6) प्रस्तुत यात्रा-वृतांत के आधार पर बताइए कि उस समय का तिब्बती समाज कैसा था ?

उत्तर ) उस समय के तिब्बती समाज में  न तो छुआछूत था और न ही जाति –पाँति | स्त्रियाँ पर्दा नहीं करती थी | लोग बिना किसी भेदभाव के स्त्रियों का आदर करते थे | इसके अलावा चोर, डाकुओं के भय के साथ - साथ जमीन का असमान बंटवारा वहाँ की कुछ बड़ी समस्या थी | लेखक अपने साथ अनेक अच्छे - बुरे अनुभव लेकर आया |

प्रश्न 7) मैं अब पुस्तकों के भीतर था  नीचे दिये गए विकल्पों में से कौन सा इस वाक्य का अर्थ बतलाता है-

क)    लेखक पुस्तक पढ़ने में रम गया |   ख) लेखक पुस्तक की शैल्फ के भीतर चला गया |

ग ) लेखक के चारों ओर पुस्तकें ही थी |  घ ) पुस्तक में  लेखक का चित्र और परिचय छिपा था |

उत्तर )  लेखक पुस्तक पढ़ने में रम गया |

रचना और अभिव्यक्ति :

प्रश्न 8) सुमति के यजमान और अन्य परिचित लोग लगभग हर गाँव में मिले | इस आधार पर सुमति के व्यक्तित्व की किन विशेषताओं का चित्रण कर सकते हैं ?

उत्तर ) सुमति लेखक को तिब्बत की यात्रा के दौरान मिला | वह मंगोल भिक्षु था | सुमति के यजमान और अन्य परिचित लोग लगभग हर गाँव में थे | इससे पता चलता है कि वह लोगों में प्रसिद्ध था | वह अक्सर बोध गया जाता है वह लोग के लिए कपड़े के चीर के गंडे बाँटता था |

प्रश्न 9) हालांकि उस वक्त मेरा भेष ऐसा न था कि उन्हें कुछ ख्याल करना चाहिए था |’ – उक्त कथन के अनुसार हमारे आचार-व्यवहार के तरीके वेषभूषा के आधार पर तय होते हैं | आपकी समझ से यह उचित है अथवा अनुचित, विचार व्यक्त करें |

उत्तर ) यह बिलकुल ठीक नहीं है कि हमारे आचार-व्यवहार के तरीके हमारी वेश-भूषा से तय हो क्योंकि व्यक्ति की पहचान उसके तरीके से होती है, न कि वेशभूषा से | अच्छे कपड़े पहने हुए कुछ लोग बुरा काम भी करते हैं | और ऐसे भी लोग मिल जाएंगे जिनकी वेशभूषा भिखमंगों सी होती है | गांधी की वेशभूषा , कबीर जी , मुंशी प्रेमचंद जी की वेशभूषा बहुत साधारण थी लेकिन वे महान व्यक्ति थे |

प्रश्न 10) यात्रा-वृतांत के आधार पर तिब्बत की भौगोलिक स्थिति का शब्द –चित्र प्रस्तुत करें | वहाँ की स्थिति आपके राज्य/शहर से किस प्रकार भिन्न है ?

उत्तर ) तिब्बत हिमालय की पहाड़ियों से घिरा एक आकर्षक क्षेत्र है | यह भारत व नेपाल के उत्तर में स्थित है | इसके पूर्व से पश्चिम तक हिमालय की हजारों पर्वत श्रेणियाँ ने अपना जाल बिछा रखा है | यह कहीं सात आठ हज़ार फीट तो कहीं कहीं 17-18  हजा

र फीट ऊँचा है | लेखक ने जिस समय वहाँ की यात्रा की तो वहाँ बर्फ न थी और न ही हरियाली थी | उत्तर की तरफ भी बर्फ की चोटियाँ न थी, इसके कारण तिब्बत की जमीन जागीरदारों के बीच बँटी थी | लेकिन हमारे राज्य इनसे अलग मैदानी क्षेत्रों में बसा है जबकि तिब्बत पहाड़ी इलाके में है |

भाषा अध्ययन :

प्रश्न  11) किसी बात को अनेक प्रकार से कहा जा सकता है , जैसे-

·         सुबह होने से पहले हम गाँव में थे |

·         पौ फटने वाली थी कि हम गाँव में थे |

·         तारों की छांव रहते रहते हम गाँव में पहुँच गए |

 दिये गए वाक्यों को अलग अलग तरीके से लिखिए – जान नहीं पड़ता की घोडा आहे जा रहा है या पीछे |’

उत्तर ) i)घोड़ा आगे  जा रहा था कि पीछे पता ही नहीं चलता था |

      Ii) घोड़े की चाल इतनी धीमी थी कि हम आगे जा रहे हैं कि पीछे कुछ समझ नहीं आता था |

प्रश्न 12)  ऐसे शब्द जो किसी अंचल यानी क्षेत्र विशेष में प्रयुक्त होते हैं उन्हें आंचलिक शब्द कहा जाता है | प्रस्तुत पाठ में से आंचलिक शब्द ढूँढकर लिखिए |

उत्तर ) पाठ के आंचलिक शब्द निम्नलिखित हैं – चोंङी, छङ्, थोङ्ला, डांड़े, थुक्पा,गंडे नम्से कंजुर कुची-कुची |    

समास

  समास विनय अपने माता और पिता के साथ देव के मंदिर गया | चार राहों के समूह से गुजरते   हुए   उसने घोड़े पर सवारी करते हुए छ्त्रपति शि...