Wednesday, May 25, 2022

ल्हासा की ओर ( लेखक - राहुल सांकृत्यायन ) ( कक्षा नौवीं )

 

ल्हासा की ओर

  लेखक - राहुल सांकृत्यायन

प्रश्न 1) थोङ्ला के पहले के आखिरी गाँव पहुँचने पर भीखमँगे के वेश में होने के बावजूद लेखक को ठहरने के लिए उचित स्थान मिला जबकि दूसरी यात्रा के समय भद्र वेश में भी उन्हें उचित स्थान नहीं दिला सका | क्यों ?

उत्तर )पहली बार जब लेखक थोङ्ला पहुँचा तब उसके साथ सुमति था | जिसे गाँव के सभी लोग जानते थे | इसलिए रहने के लिए उचित स्थान मिल गया था | जबकि दूसरी यात्रा के समय  शाम के बाद वहाँ   के लोग छङ् पीकर मस्त हो जाते हैं और  उन्हें होश ही नहीं रहता कि आदमी भिखमंगा है या अमीर | इसलिए भद्र वेश भी उन्हें उचित स्थान नहीं दिला सका |

प्रश्न 2) उस समय तिब्बत में हथियार का कानून न रहने के कारण यात्रियों को किस प्रकार का भय बना रहता था ?

उत्तर )  उस समय तिब्बत में हथियार का कानून न रहने के कारण यात्रियों को चोर–डाकुओं का भय बना रहता था क्योंकि आमतौर पर कानून न होने के कारण लोग लाठी कि तरह पिस्तौल-बंदूक लिए घूमते  थे |

प्रश्न 3) लेखक लङ्कोर के मार्ग में अपने साथियों से किस कारण पिछड़ गया ?

उत्तर ) लेखक का घोड़ा बहुत धीमा चल रहा था | लेखक समझ नहीं पा रहा था कि घोड़ा आगे चल रहा है या पीछे | इसी कारण वह भटक गया और काफी देर के बाद अपने साथियों से मिल पाया |

प्रश्न 4) लेखक ने शेखर विहार में सुमति को उनके यजमानों के पास जाने से रोका, परंतु दूसरी बार रोकने का प्रयास क्यों नहीं किया ?

उत्तर ) सुमति के शेखर विहार के आसपास के गाँव में अनेक यजमान थे, जिन्हें  बोध गया से लाए कपड़े के चीर से बनाए गंडे बेचता था | यदि वह इन सारे गाँवों में जाकर गंड़े बाँटता तो उसे काफी समय लगता इसलिए  लेखक ने शेखर विहार में सुमति को उनके यजमानों के पास जाने से रोका परंतु दूसरी बार उसे बुद्धवचन अनुवाद की 103 पोथियां मिल गई | लेखक इन पोथियों कों पढ़ने  में रम चुका था दूसरी बार रोकने का प्रयास नहीं किया |

प्रश्न 5) अपनी यात्रा के दौरान लेखक कों किन कठिनाइयों का सामना करना पड़ा ?

उत्तर ) उसे यात्रा डाकुओं के डर के साए में करनी पड़ी | पहली बार तो भीखमँगे के भेष में करनी पड़ी| लेखक कों ऊंची-नीचे पहाड़ी रास्ते पर तेज़ धूप  में लगातार चलना पड़ा | वापस आते समय पीठ पर सामान लादकर यात्रा करनी पड़ी | उसका घोडा सुस्त होने के कारण पिछड़ गया इसलिए बाद में सुमति के गुस्से का भी सामना करना पड़ा |

प्रश्न 6) प्रस्तुत यात्रा-वृतांत के आधार पर बताइए कि उस समय का तिब्बती समाज कैसा था ?

उत्तर ) उस समय के तिब्बती समाज में  न तो छुआछूत था और न ही जाति –पाँति | स्त्रियाँ पर्दा नहीं करती थी | लोग बिना किसी भेदभाव के स्त्रियों का आदर करते थे | इसके अलावा चोर, डाकुओं के भय के साथ - साथ जमीन का असमान बंटवारा वहाँ की कुछ बड़ी समस्या थी | लेखक अपने साथ अनेक अच्छे - बुरे अनुभव लेकर आया |

प्रश्न 7) मैं अब पुस्तकों के भीतर था  नीचे दिये गए विकल्पों में से कौन सा इस वाक्य का अर्थ बतलाता है-

क)    लेखक पुस्तक पढ़ने में रम गया |   ख) लेखक पुस्तक की शैल्फ के भीतर चला गया |

ग ) लेखक के चारों ओर पुस्तकें ही थी |  घ ) पुस्तक में  लेखक का चित्र और परिचय छिपा था |

उत्तर )  लेखक पुस्तक पढ़ने में रम गया |

रचना और अभिव्यक्ति :

प्रश्न 8) सुमति के यजमान और अन्य परिचित लोग लगभग हर गाँव में मिले | इस आधार पर सुमति के व्यक्तित्व की किन विशेषताओं का चित्रण कर सकते हैं ?

उत्तर ) सुमति लेखक को तिब्बत की यात्रा के दौरान मिला | वह मंगोल भिक्षु था | सुमति के यजमान और अन्य परिचित लोग लगभग हर गाँव में थे | इससे पता चलता है कि वह लोगों में प्रसिद्ध था | वह अक्सर बोध गया जाता है वह लोग के लिए कपड़े के चीर के गंडे बाँटता था |

प्रश्न 9) हालांकि उस वक्त मेरा भेष ऐसा न था कि उन्हें कुछ ख्याल करना चाहिए था |’ – उक्त कथन के अनुसार हमारे आचार-व्यवहार के तरीके वेषभूषा के आधार पर तय होते हैं | आपकी समझ से यह उचित है अथवा अनुचित, विचार व्यक्त करें |

उत्तर ) यह बिलकुल ठीक नहीं है कि हमारे आचार-व्यवहार के तरीके हमारी वेश-भूषा से तय हो क्योंकि व्यक्ति की पहचान उसके तरीके से होती है, न कि वेशभूषा से | अच्छे कपड़े पहने हुए कुछ लोग बुरा काम भी करते हैं | और ऐसे भी लोग मिल जाएंगे जिनकी वेशभूषा भिखमंगों सी होती है | गांधी की वेशभूषा , कबीर जी , मुंशी प्रेमचंद जी की वेशभूषा बहुत साधारण थी लेकिन वे महान व्यक्ति थे |

प्रश्न 10) यात्रा-वृतांत के आधार पर तिब्बत की भौगोलिक स्थिति का शब्द –चित्र प्रस्तुत करें | वहाँ की स्थिति आपके राज्य/शहर से किस प्रकार भिन्न है ?

उत्तर ) तिब्बत हिमालय की पहाड़ियों से घिरा एक आकर्षक क्षेत्र है | यह भारत व नेपाल के उत्तर में स्थित है | इसके पूर्व से पश्चिम तक हिमालय की हजारों पर्वत श्रेणियाँ ने अपना जाल बिछा रखा है | यह कहीं सात आठ हज़ार फीट तो कहीं कहीं 17-18  हजा

र फीट ऊँचा है | लेखक ने जिस समय वहाँ की यात्रा की तो वहाँ बर्फ न थी और न ही हरियाली थी | उत्तर की तरफ भी बर्फ की चोटियाँ न थी, इसके कारण तिब्बत की जमीन जागीरदारों के बीच बँटी थी | लेकिन हमारे राज्य इनसे अलग मैदानी क्षेत्रों में बसा है जबकि तिब्बत पहाड़ी इलाके में है |

भाषा अध्ययन :

प्रश्न  11) किसी बात को अनेक प्रकार से कहा जा सकता है , जैसे-

·         सुबह होने से पहले हम गाँव में थे |

·         पौ फटने वाली थी कि हम गाँव में थे |

·         तारों की छांव रहते रहते हम गाँव में पहुँच गए |

 दिये गए वाक्यों को अलग अलग तरीके से लिखिए – जान नहीं पड़ता की घोडा आहे जा रहा है या पीछे |’

उत्तर ) i)घोड़ा आगे  जा रहा था कि पीछे पता ही नहीं चलता था |

      Ii) घोड़े की चाल इतनी धीमी थी कि हम आगे जा रहे हैं कि पीछे कुछ समझ नहीं आता था |

प्रश्न 12)  ऐसे शब्द जो किसी अंचल यानी क्षेत्र विशेष में प्रयुक्त होते हैं उन्हें आंचलिक शब्द कहा जाता है | प्रस्तुत पाठ में से आंचलिक शब्द ढूँढकर लिखिए |

उत्तर ) पाठ के आंचलिक शब्द निम्नलिखित हैं – चोंङी, छङ्, थोङ्ला, डांड़े, थुक्पा,गंडे नम्से कंजुर कुची-कुची |    

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