Wednesday, June 1, 2022

मेरे संग की औरतें मृदुला गर्ग (कक्षा 9वीं )

 

मेरे संग की औरतें

मृदुला गर्ग

हिन्दी - कृतिका भाग 1 (कक्षा 9वीं )

प्रश्न 1) लेखिका ने अपनी नानी को कभी देखा भी नहीं, फिर भी उनके व्यक्तित्व से प्रभावित थीं ?

उत्तर ) लेखिका ने अपनी नानी के व्यक्तित्व के संबंध में जो कुछ सुना उससे लेखिका बहुत प्रभावित थी | लेखिका की नानी ने पारंपरिक, अनपढ़ और पर्दे में रहने वाली स्त्री थी | उनके पति विलायती ढंग से जीवन जीने वाले बैरिस्टर थे | नानी ने अपने मरने से पूर्व अपने पति के खास मित्र प्यारे लाल शर्मा को बुलाया और अपनी पुत्री का विवाह उनके जैसे किसी स्वतन्त्रता सेनानी से करवाने का वचन लिया | उनके इस प्रकार के क्रांतिकारी कदमों ने लेखिका को प्रभावित किया |

प्रश्न 2) लेखिका की नानी की आज़ादी के आंदोलन में किस प्रकार भागीदारी रही ?

उत्तर ) लेखिका की नानी जब अपने आप को मरने के करीब पाया तो अपने पति के खास मित्र प्यारे लाल शर्मा को बुलाया और अपनी पुत्री का विवाह उनके जैसे किसी स्वतन्त्रता सेनानी से करवाने का वचन लिया | इस प्रकार आज़ादी के आंदोलन में भागीदारी प्रमाणित की |

प्रश्न 3) लेखिका की माँ परंपरा का निर्वाह न करते हुए भी सबके दिलों पर राज करती थी | इस कथन के आलोक में –

क)     लेखिका की माँ की विशेषताएँ लिखिए |

उत्तर ) लेखिका की माँ सुंदर कोमल निष्पक्ष स्वभाव वाली महिला थीं | पति के गांधीवादी होने के कारण उन्हें खद्दर की साड़ी पहननी पड़ती थी | वे अपना अधिकांश समय पुस्तकें पढ़ने, साहित्य चर्चा करने तथा संगीत सुनने में व्यतीत करती थीं | वे कभी झूठ नहीं बोलती थी | आउट एक की गोपनीय बात दूसरे को नहीं बताती थी | उनका इसलिए घर और बाहर दोनों जगह सम्मान था |

ख)    लेखिका की दादी के घर के माहौल का  शब्द – चित्र अंकित कीजिए |

उत्तर ) लेखिका की दादी के घर का माहौल गांधीवाद था | उनके घर में खादी के वस्त्र पहने जाते थे |उसकी दाई का परिवारी नानी के विलायती रहन-सहन से बहुत प्रभावित था | इसलिए लेखिका की माँ से कोई ठोस काम नहीं करवाया जाता था | लेकिन हर कार्य में उनकी राय जरूर ली जाती थी | उनकी माँ का दादी के घर में पूरा सम्मान था | बच्चों की देखभाल भी देखभाल बिना भेदभाव के समान रूप से होती थी | प्रत्येक व्यक्ति को अपना निजत्व रखने की छूट थी | कोई किसी के पत्र नहीं पढ़ता था |

प्रश्न 4) आप अपने कल्पना से लिखिए कि परदादी ने पतोहू के लिए पहले बच्चे के रूप में लड़की पैदा होने कि मन्नत क्यों मांगी ?

उत्तर ) परदादी को सदा लीक से हटकर चलने की आदत थी | वह जानती थी समाज में बेटियों के स्थान पर बेटों को महत्व मिलता है | वे इस भेदभाव के खिलाफ थी चूंकि वह खुद एक स्त्री थी, इसलिए उस पीड़ा को समझ सकती थीं | इसी सोच के तहत परदादी ने पतोहू के  लिए पहले संतान के रूप में लड़की की मन्नत मांगी |

प्रश्न 5) ड़राने-धमकाने, उपदेश देने या दबाव डालने की जगह सहजता से किसी को भी सही राह पर लाया जा सकता है – पाठ के आधार पर तर्क सहित उत्तर दीजिये |

उत्तर )  पाठ के अनुसार एक बार हवेली के सभी मर्द किसी बारात में गए थे | तभी एक चोर परदादी के कमरे में आ गया | परदादी ने उसे पानी लाने के लिए कहा | जब चोर पानी लेने के लिए गया तो उसे पकड़ लिया गया और उनके सामने लाया गया | तब परदादी ने लोटे का आधा पानी स्वयं पीकर आधा पानी चोर को पिलाकर उसे बेटा मानते हुए चोरी छोड़कर खेती करने की सलाह दी | चोर ने तभी से चोरी छोड़कर खेती करना आरंभ कर दिया | इस प्रकार कहा जा सकता है कि ड़राने-धमकाने, उपदेश देने या दबाव डालने की जगह सहजता से स्थायी बदलाव लाया जा सकता है |

प्रश्न 6) शिक्षा बच्चों का जन्मसिद्ध  अधिकार है – इस दिशा में लेखिका के प्रयासों का उल्लेख कीजिए|

उत्तर ) लेखिका जब कर्नाटक के एक छोटे  कस्बे बागलकोट में रहती थी तो उसे अपने दोनों बच्चों की पढ़ाई की चिंता हुई | क्योंकि बागलकोट में कोई भी प्राइमरी स्कूल नहीं था | उसने  पास के कैथोलिक बिशप से मिशन और वहाँ के सीमेंट कारखाने की सहायता से बागलकोट में प्राइमरी स्कूल खोलने की प्रार्थना की | क्योंकि वहाँ क्रिश्चियनों की संख्या कम थी इसलिए स्कूल खोलने में असमर्थता प्रकट की | तब लेखिका ने अपने जैसे विचारों वाले लोगों की मदद से अंग्रेजी, कन्नड़ तथा हिन्दी भाषाएँ पढ़ाने वाला प्राइमरी स्कूल खोला और बाद में कर्नाटक सरकार से मान्यता भी दिलवाई | लेखिका के इस प्रयास से सिद्ध होता है कि शिक्षा बच्चों का जन्मसिद्ध अधिकार है |’

प्रश्न 8) सच, अकेलेपन का मज़ा ही कुछ और है’- इस कथन के आधार पर लेखिका की बहन एवं लेखिका के व्यक्तित्व के बारे में अपने विचार व्यक्त कीजिए |

उत्तर ) लेखिका की बहन रेणु – वह संवेदनशील तथा जिद्दी स्वभाव की लड़की है | बस स्टैंड से घर तक घर से आई हुई गाड़ी में न बैठकर पैदल जाती है | क्योंकि उसे इस प्रकार गाड़ी में बैठना सामंतशाही लगता है | बी० ए०  की परीक्षा उसने पिता के कहने पर उत्तीर्ण की थी | एक दिन तेज़ वर्षा में भी वह सबके मना करने पर दो मील पैदल चलकर स्कूल गई और स्कूल बंद देखकर लौट आई |

 लेखिका – लेखिका पाँच बहनों में दूसरे नंबर पर है | वह दिल्ली के कॉलेज में पढ़ती थी परंतु विवाह के बाद डालमिया नगर और बागलकोट जैसे छोटे कस्बों में रहना पड़ा था | बागलकोट में छोटे बच्चों के लिए प्राइमरी स्कूल खुलवाया | अपने जैसे विचारों वाले लोगों से मिलकर नाटक मंडली बनाई और विभिन्न सहायता कोषों में नाटक का मंचन कर सहयोग राशि दी |    

अन्य प्रश्न                

प्रश्न ) जिस लड़के से लेखिका की माँ का  विवाह हुआ वह कौन था ?

उत्तर ) वह पढ़ा-लिखा तथा होनहार था | आर्थिक दृष्टि से उसके पास कोई पुश्तैनी जायदाद नहीं थी | वह गांधीवादी  था और खड़ी पहनता था | आज़ादी के आंदोलन में भाग लेने कारण उसे आई०सी० एस०  की परीक्षा में बैठने से रोक दिया गया था |

प्रश्न ) लेखिका के परिवार में कौन – कौन किस - किस नाम से लिखता है ?

उत्तर ) उसकी बड़ी बहन रानी मंजुल भगत के नाम से लिखती है | उन्होंने विवाह के बाद से लिखना आरंभ किया था, इसलिए अपना नाम बदल कर पति का नाम ग्रहण किया | लेखिका का घर का नाम उमा था उसने भी शादी के बाद लिखना आरंभ किया था और विवाह के बाद अपना नाम मृदुला गर्ग अपना लिया | सबसे छोटी बहन अचला ने अपने इसी नाम से लिखा लेकिन वह अंग्रेजी में लिखती थी | छोटा भाई राजीव के नाम से लिखता है और हिन्दी में ही लिखता है | इस प्रकार लेखिका के परिवार के चार सदस्य लिखते है |

प्रश्न ) लेखिका के नाना नानी से किस प्रकार भिन्न है ?

उत्तर ) लेखिका की नानी एक परंपरावादी , अनपढ़ और पर्दानशीं औरत थी लेकिन उसके नाना ने विलायत से बैरिस्ट्री पढ़ी थी | उन्होंने कैंब्रिज विश्वविद्यालय से डिग्री प्राप्त की थी | विलायत से वापस आने पर वे विलायती रीति-रिवाज के साथ जिंदगी गुजारने लगे थे | वे अंग्रेज़ो के प्रशंसक थे | वे अपने पैदायश के कारण भारतीय थे नहीं तो चेहरे के रंग-ढंग, पढ़ाई –लिखाई सब में अंग्रेज़ लगते थे |

प्रश्न ) लेखिका देश को मिली  आज़ादी का पहला जश्न क्यों नहीं देखने जा सकी ?

उत्तर ) जब हमारा देश 15 अगस्त 1947 को आज़ाद हुआ तो चारों ओर आनंद का माहौल था | सभी लोग इस आज़ादी को बड़ी उत्साह से मना रहे थे | परंतु लेखिका बिमार थी | उसका घर से निकलना बंद था | उसे टाइफाइड हो गया था | उसके रोने का घर के किसी सदस्य पर कोई असर नहीं हुआ | उसे और उसके पिता जी को  छोडकर सभी आज़ादी का जश्न देखने चले गए |

प्रश्न ) लेखिका को कौन सा उपन्यास पढ़ने को मिला था और उसका लेखिका पर क्या प्रभाव पड़ा ?

उत्तर ) लेखिका को टाइफाइड़ होने से ब्रदर्स कारांम जो का उपन्यास दिया | उस समय उसकी आयु नौ वर्ष थी | उस समय लेखिका को वह उपन्यास समझ में नहीं आया था | उसे फिर भी उसका एक अध्याय जो बच्चों पर होने वाले अनाचार –अत्याचार पर था | वह उसे कंठस्थ हो गया था | उसका लेखिका पर इतना प्रभाव था कि वह लेखिका के साथ उम्र के हर पड़ाव में  उनके साथ रहा तथा उनकी लेखनी को प्रभावित करता रहा |

प्रश्न ) लेखिका की बहन चित्रा का स्वभाव कैसा था ?

उत्तर ) वह जिस काम को सोच लेती थी उसे पूरा करके ही छोड़ती थी | अपनी पढ़ाई करने की अपेक्षा उसको दूसरों को पढाने में अधिक रुचि थी | इससे उसके नंबर कम और दूसरों के अधिक आते थे | उसने अपनी पसंद से शादी की थी | यहाँ तक कि उसने लड़के से भी उसकी पसंद नहीं पूछी | लड़के से साफ कह दिया कि वह उससे से शादी करना चाहती थी |

प्रश्न ) क्या सबसे छोटी बहन अचला ने भी अपनी बहनों का अनुसरण किया?

उत्तर ) वह पिता जी के विचारों पर चलने वाली थी पिता के आदेश के अनुसार उसने अर्थशास्त्र और पत्रकारिता की | फिर पिता की पसंद के लड़के से शादी की | परंतु उसका मन घर परिवार में अधिक नहीं लगा | उसने भी अपनी दोनों बहनों की तरह लेखन कार्य शुरू कर दिया | उसने घर में अंग्रेजी में लिखना आरंभ किया |

प्रश्न ) लेखिका शादी के बाद कहाँ रही और वहाँ का वातावरण कैसे था ?

उत्तर ) लेखिका पांचों बहनों में दूसरे नंबर पर थी | बिहार के छोटे से कस्बे डालमिया में उसने पुराने विचारों वाले लोगों को देखा | औरत –आदमी, चाहे वह पति –पत्नी क्यों न हों इकट्ठे नहीं जा सकते थे | फिल्म देखने के लिए भी अलग- अलग लाइनों में बैठते थे | उन्होंने कुछ आदमी औरतों को इकट्ठा करके नाटक मंडली बनाई और अनेक नाटकों का मंचन किया |

प्रश्न ) यदि हमारे देश की अधिकतर औरतें लेखिका की परदादी की तरह होती तो हमारे देश में लड़कियों की क्या स्थिति होती ? अपने शब्दों में लिखिए |

उत्तर ) अधिकतर हमारे समाज में बच्चे के रूप में लड़के के पैदा होने को अधिक महत्व दिया जाता है | इस पर भी लेखिका की परदादी ने पतोहू की पहली संतान के रूप में लड़की को माँगा | सभी उनकी बात से हैरान थे | इस प्रकार परिवार में लेखिका समेत पाँच कन्याओं ने लगातार जन्म लिया | यदि सभी महिलाएं लेखिका की परदादी की तरह होती तो समाज में लड़कियों की स्थिति बेहतर होती | इस प्रकार कन्या भ्रूण नहीं होती |

प्रश्न ) पाठ के आधार पर बताओ कि क्या पहले कि औरतों को अपने ढंग से जीने की आज़ादी थी ?

उत्तर ) लेखिका के जीवन में उसकी माँ, नानी, दादी और परदादी सभी औरतों का प्रभाव था | सभी औरतों ने अपने जीवन को अपने ढंग से बिताया | लेखिका की नानी ने विदेशी स्वभाव वाले पति के साथ रहते हुए अपनी आज़ादी को बरकरार रखा | लेखिका की दादी भी लीक से हटकर कार्य करने वालों में से थी | उसने चोर के गुनाह को माफ कर उसे सही रास्ते पर लाया | लेखिका की परदादी ने पतोहू की पहली संतान के रूप में लड़की को माँगा | सभी उनकी इस बात से हैरान थे | लेखिका की माँ ने लगातार पाँच कन्याओं को जन्म दिया तब भी माँ को परिवार वालों से कुछ नहीं सुनना पड़ा | संयुक्त परिवार में रहते हुए सभी को अपने तरीके से जीवन जीने का अधिकार था |

 

 

 

 

Sunday, May 29, 2022

इस जल प्रलय में लेखक - फनीश्वरनाथ रेणु पुस्तक – कृतिका कक्षा -9वीं

 

                           इस जल प्रलय में

                                                लेखक - फनीश्वरनाथ रेणु

                                                पुस्तक – कृतिका

                                                कक्षा -9वीं

 

प्रश्न 1) बाढ़ की खबर सुनकर लोग किस तरह की तैयारी करने लगे ?

उत्तर ) बाढ़ की खबर सुनकर लोग परेशान हो गए | वे जल्दी-जल्दी अपने सामान को सुरक्षित अन्य स्थान पर पहुँचने की तैयारी में जुट गए | लोग ईंधन, आलू, मोमबत्ती, दियासलाई, सिगरेट, पीने का पानी तथा कांपोज की गोलियों के साथ सामान बाँधने लगे |

प्रश्न 2) बाढ़ की सही जानकारी लेने व बाढ़ का सही रूप देखने के लिए लेखक क्यों उत्सुक था ?

उत्तर ) लेखक ने दस वर्ष की आयु से बाढ़-पीड़ित क्षेत्रों में कार्य किया था, लेकिन बाढ़ को सहन करने का यह उसका पहला अनुभव था | तेज़ गति से निचले पड़े स्थानों पर पानी किस प्रकार आगे बढ़कर लोगों को हैरान और परेशान करता है | इस दृश्य को लेखक स्वयं देखना चाहता था | दूसरे को मुसीबत में देख अन्य लोगों का उनके प्रति क्या व्यवहार होता है वह यह भी देखना चाहता था |

प्रश्न 3) सबकी जबान पर एक ही जिज्ञासा कि पानी कहाँ तक आ गया है ?- इस कथन से जनसमूह की कौन सी भावनाएँ व्यक्त होती हैं ?

उत्तर ) पटना में लगातार बारिश से बाढ़ आ गई | इससे सभी लोग भयभीत थे और जानना चाहते थे कि पानी उनके इलाके में कहाँ तक आ गया ? जिन इलाकों को वे सुरक्षित समझ रहे थे वे सुरक्षित है भी या नहीं | सभी में असुरक्षा की भावना घर कर गई | उत्सुकता, हैरानी तथा नया अनुभव प्राप्त करने की इच्छा जागृत हो गई |

प्रश्न 4) मृत्य का तरल दूत किसे कहा गया है और क्यों ?

उतर ) मृत्य का तरल दूत बाढ़ के पानी को कहा गया है | क्योंकि इसका गंदा पानी जान माल का बड़ा नुकसान करता है | सब जगह अफरा - तफरी मच जाती है | लोगों को इस पानी से बचाव के लिए बहुत से प्रयास करने पड़ते है | कुछ प्रयास सफल हो जाते है तो कुछ असफल होते है |

प्रश्न 5) आपदाओं से बचने के लिए अपनी तरफ से कुछ सुझास दीजिए |

            अथवा

बाढ़ की खबर सुनकर हमें आपदा के समय क्या करना चाहिए ?

उत्तर ) इससे निबटने के लिए निम्नलिखित उपाय करने चाहिए |

i)                    लोगों को ईंधन, सब्जियाँ, मोमबत्ती, दियासलाई, राशन,पीने का पानी तथा कुछ आवश्यक दवाईयाँ घर में लाकर रख लेना चाहिए |

ii)                  बाढ़ के गंदे पानी के साथ कीड़े मकौड़े व जहरीले जानवर भी घर में आ जाते है | इसके लिए कीटनाशक रसायन, कछुआ छाप व गुड नाइट का प्रयोग करना चाहिए |

iii)                लोगों को जागरूक करें कि प्लास्टिक की थैलियों का प्रयोग न करें |

iv)                वर्षा के जल का संचयन एवं उचित प्रबंधन किया जाना चाहिए |

v)                   बाँध बनाकर बाढ़ के पानी को आगे बढ़ने से रोकना चाहिए |

प्रश्न 6) ईह ! जब दानापुर डूब रहा था तो पटनियाँ बाबू लोग उलटकर देखने भी नहीं गए...अब बूझो ! इस कथन के द्वारा लोगों की किस मानसिकता पर चोट की गई है ?

उत्तर ) पटना में बाढ़ आने पर वहाँ के लोग बड़ी जिज्ञासा से पानी कहाँ तक पहुँच गया देखने के लिए आए थे | लेकिन उसी भीड़ में से एक व्यक्ति ने उन पर कटाक्ष किया कि जब दानापुर डूब रहा था वहाँ पर कोई भी सहानुभूति प्रकट करने, व मदद करने के लिए नहीं आया | इससे पता चलता है कि वहाँ के लोग संकीर्ण सोच वाले, आत्म-केन्द्रित, स्वार्थी व संवेदनहीन है |

प्रश्न 7) खरीद – बिक्री बंद हो चुकने पर भी पान की बिक्री क्यों बढ़ गई थी ?

उत्तर ) लोग बाढ़ का हाल- चाल जानने व बाढ़ के पानी से संबन्धित तर्क - वितर्क करने तथा अपनी अपनी राय देने के लिए पान की दुकान पर इकठ्ठा होने लगे | इसलिए खरीद - बिक्री बंद हो चुकने पर भी पान की बिक्री बढ़ गई थी |

प्रश्न 8) जब लेखक को यह अहसास हुआ कि उसके इलाके में भी पानी घुसने की संभावना है तो उसने क्या-क्या प्रबंध किए |

उत्तर ) जब लेखक को यह अहसास हुआ कि उसके इलाके में भी पानी घुसने की संभावना है तो उसने अपनी पत्नी से कोयला , स्टोव, और किरोसिन के साथ-साथ गैस सिलिंडर को तैयार रखने के लिए कहने लगे | वह अपने घर में ईंधन, सब्जियाँ, मोमबत्ती, दियासलाई, राशन का समान ले आया | उसे मैगजीन पढ़ने का शौक था इसलिए वह हिन्दी, बांग्ला व अंग्रेजी की कई पत्रिकाएँ खरीद लाया |

प्रश्न 9) बाढ़ पीड़ित क्षेत्र में कौन - कौन सी बीमारियों के फैलने की आशंका रहती थी ?

उत्तर ) चारों तरफ बाढ़ का पानी होने से लोग अपनी जरूरत की चीजें लेने के लिए इधर –उधर आते-जाते रहते है | बाढ़ पीड़ित क्षेत्रों में हैजा, अतिसार, पेचिश व बार- बार पानी लगने के कारण पकाही घाव आदि बीमारियाँ फैलने की आशंका रहती थी |

प्रश्न 10) नौजवान के पानी में कूदने पर उसका कुत्ता भी पानी में  कूद गया | दोनों ने किन भावनाओं के वशीभूत होकर ऐसा किया ?

उत्तर ) जब एक बंगाली डॉक्टर ने नाव में इलाज़ करवाने के लिए आए युवक को अपने कुत्ते के साथ बैठा देखा तो उसने कुत्ते को भगाने के लिए कहा | गुस्से में युवक नाव से नीचे कूद गया | यह देखकर उसका वफादार व स्वामीभक्त कुत्ता भी नाव से नीचे कूद गया | मालिक का उसके कुत्ते के साथ घर के सदस्य की तरह एक अनोखा रिश्ता था | दोनों एक दूसरे से भावनात्मक व मानसिक रूप से जुड़े होने के कारण ही उन्होंने ऐसा किया था |

प्रश्न 11) अच्छा है, कुछ भी नहीं | वह भी चोरी चली गई | अच्छा है, कुछ भी नहीं – मेरे पास |’ – मूवी कैमरा टेप्रीकॉर्डर आदि की तीव्र उत्कंठा होते हुए भी लेखक ने उपर्युक्त कथन क्यों कहा है ?

उत्तर ) क्योंकि बाढ़ का दृश्य अत्यंत भयानक और दुखद था । कॉलोनी के आस-पास का सारा भाग ही पानी में डूब गया था | लोग मदद के लिए चीख रहे थे | अगर लेखक के पास कैमरा होता  तो वह भले इस दृश्य को कैद कर लेता, कलम से उसे लिखने के लिए अच्छा विषय मिल जाता | लेकिन इससे लोगों का भला नहीं  होता | लेखक तो हमेशा की तरह बाढ़-पीड़ितों की मदद करना चाहता था | इसलिए उसने ऐसा कहा है अच्छा है, कुछ भी नहीं | वह भी चोरी चली गई | अच्छा है, कुछ भी नहीं –मेरे पास |

प्रश्न 12) आपने भी देखा होगा कि मीडिया द्वारा प्रस्तुत कि गई घटनाएँ कई समस्याएँ बन जाती हैं, ऐसी किसी घटना का उल्लेख कीजिए |

उत्तर ) कई बार मीडिया के द्वारा बिना पूरी तरह से जाँचे – परखे घटनाएँ प्रस्तुत कर दी जाती है | जो बड़ी समस्याएँ पैदा कर देती है | कुछ दिनों पहले अधिकतर समाचार चैनलों तथा समाचार पत्रों के द्वारा दिल्ली में किसी धार्मिक समुदाय पर दंगों के भड़काने का आरोप लगाया गया | जिससे वहाँ के निवासियों में धार्मिक आधार पर सांप्रदायिक दंगे भडकनें का डर बना रहा | इतना ही नहीं देश के विभिन्न हिस्सों मे भी आपसी भाई चारे को ठेस पहुँचने लगी | जो देश और समाज के लिए एक समस्या बन गयी | जबकि असलियत यह थी कि कुछ उपद्रवियों ने सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने के लिए दंगे भढ़काने की कोशिश की थी जिसे पुलिस तथा प्रशासन के द्वारा समय रहते नियंत्रित कर लिया गया था | अत: इस प्रकार मीडिया द्वारा प्रस्तुत घटनाएँ एक समस्या बन जाती है |

प्रश्न 13) अपनी देखी – सुनी किसी आपदा का वर्णन कीजिए |

उत्तर ) 16 जून 2013  का दिन पूरे देश के लिए एक आपदा बन कर आया था | जिसे सोचकर आज भी मन सिहर उठता है | 15 जून 2013 को उतराखंड की केदारनाथ घाटी  में भारी बारिश हुई जो 16 जून को भी जारी रही जिससे के आस-पास के पहाड़ों पर बनी जिलों में भारी मात्रा में पानी भर गया और ग्लेशियर भी पिघलने लगे थे | केदारनाथ हिंदुओं का एक प्रसिद्ध धार्मिक स्थल है 16 जून को भी वहाँ तीर्थयात्रियों पुजारियों तथा श्रद्धालुओं की भारी भीड़ थी | मंदिर के आस पास होटलों धर्मशालाओं में लोग इस आपदा से अंजान होकर सो  रहे थे | अचानक केदारनाथ के आस-पास बादल फटने से पानी का सैलाब आया और सो रहे लोगों को को अपने साथ बहाकर ले गया | बड़े-बड़े भवन पानी के सैलाब के साथ बह गए | हर तरफ लोगों कि चीख पुकार सुनाई दे रही थी | हजारों लोग पानी के साथ बहकर चले गए | लोग अपने परिजनों और साथियों को खो चुके थे | सरकारी आकड़ों के अनुसार 4000 लोगों के मौत हुई लेकिन लगभग 12000 से अधिक लोग इस आपदा में मरने की संभावना जताई जाती है | आपदा के बाद स्थानीय लोगों तथा प्रशासन के द्वारा और अन्य सामाजिक संस्थाओं के द्वारा बचाव कार्य किए गए | यह आपदा इतनी भयानक थी कि जिसने इसे देखा या सुना वो केदारनाथ की इस घटना का नाम लेते ही एक बार डरने लगता हैं |

उपभोक्तावाद की संस्कृति श्यामाचरण दुबे (कक्षा नौवीं)

उपभोक्तावाद की  संस्कृति

         श्यामाचरण दुबे

 

प्रश्न 1) लेखक के अनुसार जीवन में सुख से क्या अभिप्राय है ?

उत्तर ) लेखक के अनुसार जीवन में सुख आजकल महंगी – महंगी वस्तुओं, आभूषणों का होना, उपभोग के लिए अधिक से अधिक साधनों का अपने पास होने को माना जाने लगा है | पर वास्तविकता यह है कि किसी व्यक्ति का शारीरिक और मानसिक रूप से  स्वस्थ होना ही सच्चा सुख है |

प्रश्न 2) आज की उपभोक्तावादी संस्कृति हमारे दैनिक जीवन को किस प्रकार बदल रही है ?

उत्तर ) आज की उपभोक्तावादी संस्कृति हमारे दैनिक जीवन को विभिन्न प्रकार से प्रभावित कर रही है जो कि इस प्रकार है |

i)        उसने हमारी सोच को बदल दिया है हम पश्चिमी सभ्यता का अनुकरण कर रहे हैं |

ii)       नैतिक मूल्य और मर्यादाएँ कमजोर पड़ रही है |

iii)      स्वार्थ की प्रवृति को बढ़ावा मिल रहा है |

iv)      समाज में विभिन्न वर्गों के बीच दूरियाँ बढ़ रही है |

v)       सामाजिक सरोकारों में कमी आने से व्यक्ति आत्म – केन्द्रित होते जा रहे है |

प्रश्न 3) गांधी जी ने उपभोक्तावादी संस्कृति को हमारे समाज के लिए चुनौती क्यों कहा है ?

उत्तर ) उपभोक्तावादी संस्कृति हमारी एकता व अखंडता की नींव को हिला रही है | व्यक्ति आत्म- केन्द्रित होता जा रहा है | वह सामाजिक सरोकारों से दूर होकर केवल अपने विषय में ही सोचता है | यह संस्कृति हमारी सामाजिक व सांस्कृतिक नींव को हिला रही है | गांधी जी के अनुसार हमें स्वस्थ सांस्कृतिक प्रभावों के लिए अपने खिड़की दरवाजे खुले रखने चाहिए, पर अपने बुनियादों पर भी कायम रहना चाहिए |

प्रश्न 4) आशय स्पष्ट कीजिए

क)   जाने – माने आज के माहौल में आपका चरित्र भी बदल रहा है और आप उत्पाद को समर्पित होते जा रहे हैं |

उत्तर ) उपभोक्तावादी संस्कृति ने उत्पादन पर जोर दिया है |  जिससे अधिक से अधिक सामान लोगों तक उनके उपयोग के लिए पहुँच सके | व्यक्ति की इन उत्पादों पर निर्भरता बढ़ गई है वह चाहकर पर भी इन वस्तुएँ के प्रयोग को नहीं छोड़ सकता | आजकल परिवार के सभी सदस्यों के लिए अलग-अलग मोबाइल होना इसका जीवंत उदाहरण है | इससे हमारी जीवन शैली बदल रही है | हमारा चरित्र और सोच में भी बदलाव आया है |

ख)   प्रतिष्ठा के अनेक रूप होते हैं, चाहे वे हास्यपाद ही क्यों न हों |

उत्तर ) उपभोक्तावादी संस्कृति के प्रभाव में आकर कुछ लोग इस प्रकार के कार्य कर देते है जो उन्हें हंसी का पात्र बना देते है |जैसे कुछ विशिष्ट लोग अमेरिका व यूरोप में  प्रतिष्ठा पाने हेतु अपने मृत्यु से पहले ही अच्छी कब्र  के लिए बहुत पैसे खर्च कर देते हैं | हरी घास और फव्वारे लगाने का प्रबंध कर देना इत्यादी |

रचना व अभिव्यक्ति :

प्रश्न 5) कोई वस्तु हमारी लिए उपयोगी हो या न हो, लेकिन टी. वी. पर विज्ञापन देखकर हम उसे खरीदने के लिए लालयित होते हैं ? क्यों ?

उत्तर ) क्योंकि टी. वी.  पर  दिखाए गए विज्ञापनों में  वस्तुओं का बहुत प्रभाव व उपयोग देखने को मिलता है व सबके मन मस्तिष्क पर छा जाता है | हमारे पसंदीदा कलाकारों द्वारा बढ़ा-चढ़ाकर‌ वस्तुओं की खूबियाँ बताना | छोटे बच्चे के दबाव में आकर भी हम वस्तुएँ खरीद लेते हैं |

प्रश्न 6) आपके अनुसार वस्तुओं को खरीदने का आधार वस्तु की गुणवत्ता होनी चाहिए या उसका विज्ञापन ? तर्क देकर स्पष्ट कीजिए |

उत्तर ) किसी भी विज्ञापन में वस्तुओं के गुणों की बढ़ा- चढ़ाकर कलाकारों द्वारा तारीफ की जाती हैं | उनकी कमियों को छिपा लिया जाता हैं | उनकी शैली भ्रामक व आकर्षित करने वाली होती हैं | जिससे हम प्रभावित होते चले जाते हैं | मेरे अनुसार वस्तुओं को खरीदने का आधार उनका विज्ञापन नहीं उनकी गुणवत्ता होना चाहिए |

प्रश्न 7) पाठ के आधार पर आज के उपभोक्तावादी युग में  पनप रही दिखावे की संस्कृति पर विचार व्यक्त कीजिए |

उत्तर ) आज के उपभोक्तावादी युग में  पनप रही दिखावे की संस्कृति समाज में यश पाने  का माध्यम बन गई है | जितनी महंगी वस्तुओं का हम प्रयोग करते है उतना ही हमारा समाज में यश  व प्रसिद्धि फैलती हैं | हम विशिष्ट लोगों में गिने जाने लगते हैं | झूठी शान व मान को पाने के लिए आय से अधिक खर्च करते हैं तथा कई बार तो बड़े कर्ज भी बैंक व अन्य लोगों से ले लेते हैं |

प्रश्न 8) आज की उपभोकतवादी संस्कृति हमारे रीति-रिवाजों और त्योहारों को किस प्रकार प्रभावित कर रही है ? अपने अनुभव के आधार पर एक अनुच्छेद लिखिए |

उत्तर ) भारत त्योहारों का देश है | यहाँ विभिन्न धर्मों के लोग समय – समय पर त्योहरों को अपने धर्म के अनुसार मनाते है |त्योहारों के आने से कुछ समय पूर्व ही अपना उत्पाद बेचने के लिए लेन-देन संबंधी विज्ञापन दिखाना शुरू कर देते हैं | इस प्रकार से विज्ञापन बनाकर दिखाया जाता है कि कैसे अमुक वस्तु हमारे रिश्तों को आपस में लेन – देन  से मजबूत कर देती है ? हम उस वस्तु की खरीददारी शुरू कर देते हैं |

भाषा अध्ययन:

प्रश्न 9) धीरे-धीरे सब कुछ बदल रहा है |

इस वाक्य में बदल रहा है क्रिया है | यह क्रिया कैसे हो रही है –धीरे धीरे | अत : यहाँ धीरे धीरे क्रियाविशेषण है | जो शब्द किसी क्रिया की विशेषता बताते हैं, क्रिया-विशेषण कहलाते हैं | जहां वाक्य से हमें पता चलता है क्रिया कैसे, कब कितनी और कहाँ हो रही है , वहाँ वह शब्द क्रिया विशेषण कहलाता है |

क)    ऊपर दिये गए उदाहरण को ध्यान में रखते हुए क्रिया-विशेषण से युक्त पाँच वाक्य पाठ में से छाँटकर लिखिए |

1)  धीरे धीरे सब कुछ बदल रहा है | ( रीतिवाचक क्रिया-विशेषण )

2)  आपको लुभाने की कोशिश में निरंतर लगी रहती है | (रीतिवाचक क्रिया-विशेषण )

3)  सामंती संस्कृति के तत्व भारत में पहले भी रहे हैं | ( कालवाचक क्रिया-विशेषण )

4)  हमारे सामाजिक सरोकारों में कमी आ रही  है |   ( परिणामवाचक क्रिया-विशेषण )

5)  अमेरिका में जो आज हो रहा है , कल वह भारत में भी आ सकता है |

( आज , कल परिणामवाचक क्रिया-विशेषण )

धीरे-धीरे, ज़ोर से, लगातार, हमेशा, आजकल, कम , ज्यादा, यहाँ , उधर, बाहर – इन क्रिया – विशेषण शब्दों का प्रयोग करते हुए वाक्य बनाइए |

ख)   धीरे – धीरे, ज़ोर से, लगातार, हमेशा, आजकल, कम, ज्यादा, यहाँ, उधर, बाहर – इन क्रिया – विशेषण शब्दों का प्रयोग करते हुए वाक्य बनाइए |

धीरे – धीरे : धीरे – धीरे सवेरा हो गया  |

      ज़ोर से   : वह ज़ोर से बजने लगा |

      लगातार  : पुलिस  लगातार पीटती  रही|

      हमेशा  : हमेशा सच बोलो |

      आजकल : आजकल महंगाई बढ़ती जा रही है |

      कम   : वह कम बोलता है |

      ज्यादा  : वह ज्यादा देर सोता है |

      यहाँ    : यहाँ वो मज़ा नहीं जो वहाँ है |

      उधर     : उधर मत भागो |

      बाहर     : बाहर रुककर देखो |

ग)     नीचे दिये गए वाक्यों में से क्रिया – विशेषण और विशेषण शब्द छाँटकर अलग लिखिए -

        

1.   कल रात से निरंतर बारिश हो रही है  |

क्रिया-विशेषण – निरंतर              विशेषण – कल

2.   पेड़ पर लगे पके आम देखकर बच्चों के मुंह से पानी आने लगा |

 

क्रिया विशेषण – लगे                  विशेषण – पके

3.   रसोईघर से आती पुलाव की हल्की सी खुशबू से मुझे ज़ोरों की भूख लग आई |

क्रिया-विशेषण – ज़ोरों की                       विशेषण -हल्की

4.   उतना ही खाओ जितनी भूख हो |

क्रिया-विशेषण   - उतना           विशेषण- जितनी

5.   विलासिता की वस्तुओं से आजकल बाजार भरा पड़ा है |

              क्रिया-विशेषण- आजकल       विशेषण- विलासिता

 

 

 

 

 

समास

  समास विनय अपने माता और पिता के साथ देव के मंदिर गया | चार राहों के समूह से गुजरते   हुए   उसने घोड़े पर सवारी करते हुए छ्त्रपति शि...