Wednesday, August 10, 2022

साँवले सपनों की यादें (जाबिर हुसैन) क्षितिज भाग 1 कक्षा 9वीं

 

साँवले सपनों की यादें

जाबिर हुसैन

प्रश्न 1) किस घटना ने सालिम अली के जीवन को बदल दिया और उन्हें पक्षी प्रेमी बना दिया ?

उत्तर ) एक बार बचपन में सालिम अली की एयरगन से गोरैया जख्मी हो गई | जिससे उन्हें बहुत पीड़ा  हुई | उनका मन द्रवित हो उठा | इसी घटना ने उनके जीवन की दिशा बदल दी | उन्होंने पक्षियों की देखभाल को अपने जीवन का लक्ष्य बना लिया और वे पक्षी प्रेमी बन गए |

प्रश्न 2) सालिम अली ने पूर्व प्रधानमंत्री के सामने पर्यावरण से संबन्धित किन संभावित खतरों का चित्र खींचा होगा कि जिससे उनकी आँखें नम हो गई थीं ?

उत्तर ) सालिम अली केरल की साइलेंट वैली को रेगिस्तानी गर्म हवा के झोकों से बचाना चाहते थे | इसी प्रार्थना को लेकर वे प्रधानमंत्री के पास गए | साइलेंट वैली एक ऐसा स्थान है जहां देश - विदेश से पक्षी आकर शरण लेते थे | वहाँ इन रेगिस्तानी गरम हवाओं का  प्रभाव इन पक्षियों पर पड़ता था | जिससे कई जानें गई होंगी | इन पर्यावरण से होने वाले खतरों का चित्र सालिम अली ने पूर्व प्रधानमंत्री के सामने रखा होगा कि जिससे उसकी आँखें नम हो गई |

प्रश्न 3) लॉरेंस कि पत्नी फ्रीड़ा ने ऐसा क्यों कहा होगा कि “ मेरी छत पर बैठने वाली गोरैया लॉरेंस के बारे में ढेर सारी बातें जानती है ?”

उत्तर ) सालिम अली पक्षी प्रेमी व प्रकृति प्रेमी थे | वे अपना अत्यधिक समय पर्यावरण में होने वाली गतिविधियों व पक्षियों के साथ बिताते थे | वे पक्षियों को पक्षियों की नज़र से देखते थे | और छत पर बैठने वाली गोरैया के साथ अपना बहुत सा समय बिताते थे | इसलिए लॉरेंस कि पत्नी फ्रीड़ा ने ऐसा कहा होगा  कि “ मेरी छत पर बैठने वाली गोरैया लॉरेंस के बारे में ढेर सारी बातें जानती है ?”

प्रश्न 4) आशय स्पष्ट कीजिए –

क)    वो लॉरेंस की तरह, नैसर्गिक जिंदगी के प्रतिरूप बन गए थे |

उत्तर ) यहाँ सालिम अली के व्यक्तित्व की तुलना डी एच लॉरेंस से की है | वे प्रकृति प्रेमी थे  और मानते थे कि   मानव जाति एक उखड़े हुए महान वृक्ष  की भांति है जिसकी जड़ें हवा में फैली हुई हैं |’ इसलिए हमारा प्रकृति की ओर लौटना जरूरी है |’ सालिम अली भी प्रकृति के बहुत निकट थे | वे प्रकृति की दुनिया में अथाह सागर बनकर उभरे थे |

ख)   कोई अपने जिस्म की हरारत और दिल की धड़कन देकर भी उसे लौटना चाहे तो वह पक्षी अपने सपनों के गीत दोबारा कैसे गा सकेगा ?

उत्तर ) किसी व्यक्ति के मरने के बाद यदि कोई अपने शरीर की गर्मी और अपने दिल की धड़कनें देकर भी जीवित करना चाहे तो वह जीवित नहीं होता | इसी प्रकार  पक्षी सालिम अली  को कोई अपनी साँसे देकर भी जीवित नहीं  कर सकता | क्योंकि मृत्यु एक ऐसी यात्रा है जिसमें जाया तो जा सकता पर वापस नहीं आ सकते  |

ग) सालिम अली प्रकृति की दुनिया में एक टापू बनने की बजाए अथाह सागर बनकर उभरे थे |

उत्तर ) सालिम अली  एक महान व्यक्तित्व वाले व खुले विचार रखने वाले थे | उन्होने प्रकृति को बहुत गहराई से जाना था | वे दूरबीन लेकर हमेशा इसको निहारने में लगे रहते थे | वे टापू की तरह सीमित व उथले नहीं थे बल्कि सागर की तरह असीमित गहराई के व्यक्ति थे | यह उनके व्यक्तित्व की सबसे बड़ी विशेषता थी |

प्रश्न 5) इस पाठ के आधार पर लेखक की भाषा शैली की चार विशेषताएँ बताइए |

उत्तर )  लेखक की भाषा शैली की  विशेषताएँ निम्नलिखित हैं –

i)        इस पाठ में लेखक ने बोलचाल की सरल भाषा का प्रयोग किया है |

ii)       उर्दू हिन्दी अंग्रेजी की त्रिवेणी ने भाषा शैली में अनोखा प्रवाह ला दिया हैं |

उर्दू –सफ़र , खामोश, माहौल परिंदा आदि |

          तत्सम – वन पक्षी प्रकृति आदि |

          अंग्रेजी – एअरगन बर्ड वाचर साइलेंट वैली आदि |

iii)       लेखक ने मुहावरों का प्रयोग कर भाषा में रोचकता ला दी है जैसे – शब्दों का जामा पहनना, आँखें नाम होना, कदम थमना, कायल होना आदि |

iv)       इस पाठ में लेखक की भाषा शैली का काव्यात्मक  भी हो गई है, जैसे – एहसास की ऐसी ही एक ऊबड़-खाबड़ जमीन पर जन्मे मिथक का नाम है, सालिम अलि |’

प्रश्न 6) इस पाठ में लेखक सालिम अली के व्यक्तित्व का जो चित्र खींचा है उसे अपने शब्दों में लिखिए |

उत्तर )  सालिम अली प्रकृति प्रेमी थे | वे प्रकृति को प्रकृति  की नजर से देखने के पक्षधर थे | वे बर्ड  वाचर थे | उनकी आँखों पर हमेशा दूरबीन छड़ी रहती थी जिसे उन्होंने मृत्यु के बाद ही उतारा था | इसी प्रकृति के कारण उन्होंने पर्यावरण संबंधी अनेक खोजों को अंजाम दिया | वे संवेदनशील तथा संकल्पशील थे | प्रकृति और मनुष्य के बीच बढ़ रहे खतरे को महसूस करते थे | इसी कारण एक बार वो तत्कालीन प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह के पास केरल की साइलेंट वेली को रेगिस्तानी गरम हवाओं से  बचाने  का अनुरोध किया था |

प्रश्न 7) साँवले सपनों की याद शीर्षक की सार्थकता पर टिप्पणी कीजिए |

उत्तर ) लेखक के  लिए सालिम अली की मृत्यु गहरे दुख व अवसाद की बात रही है |  साँवले सपनों की याद शीर्षक में उसी दुख व अवसाद की झलक मिलती है | इनकी मृत्यु किसी भयानक सपने से कम नहीं है | इनको ले जाने वाले अपने दिल की धड़कन व जिस्म की हरारत देकर भी लौटा नहीं सकते | इनको जानने वाले लोगों को तो यहीं लगता है कि गले में दूरबीन लटकाए अपने खोज पूर्ण नतीजों को लेकर लौट आएंगे | इस प्रकर इस पाठ का शीर्षक सांवले सपनों की याद सार्थक है |

रचना व अभिव्यक्ति

प्रश्न 8) प्रस्तुत पाठ सालिम अली की पर्यावरण के प्रति चिंता को  अभिव्यक्त करता है | पर्यावरण को बचाने के लिए आप कैसे योगदान दे सकते हैं ?

उत्तर ) अधिक से अधिक पेड़ लगाने चाहिए | सभी लोगों को समय-समय पर पेड़ बचाओं, पर्यावरण बचाओं जैसे विषयों पर नाटक, लेख, व नारे आदि का आयोजन कर लोगों में जागरूकता लानी चाहिए | प्लास्टिक की थैलियों का प्रयोग नहीं करना चाहिए | तालाबों झीलों तथा नदियों में गंदगी नहीं डालनी चाहिए | फक्ट्रियों से निकालने वाले गंदे पानी की एक स्थान पर जमीन में ही इकट्ठा करने की व्यवस्था होनी चाहिए | जल, वायु व ध्वनि तीनों प्रकार के प्रदूषण से बचने की व्यवस्था होनी चाहिए |

अन्य प्रश्न

प्रश्न ) लेखक ने सांवले सपनों की याद संस्मरण क्यों लिखा ?

उत्तर ) लेखक ने सांवले सपनों की याद संस्मरण पक्षी विज्ञानी सालिम अली की मृत्यु पर लिखा | उनकी मृत्यु से उन्हें गहरा दुख हुआ | उन्होंने उनके व्यक्तित्व के कई अनछुए पहलुओं को उजागर किया | इस दुख ने लेखक को कई संस्मरण लिखने के लिए प्रेरित किया |

प्रश्न ) सालिम अली की मृत्यु किन कारणों से हुई ? लेखक ने उनके अंतिम समय का वर्णन किस प्रकार किया है ?

उत्तर ) उनकी मृत्यु कँसर जैसे जान लेवा बीमारी से हुई | वे प्रकृति से पक्षियों को  होने वाले संभावित खतरों से परिचित थे | अत: अंतिम समय तक मौत  सालिम अली की आँखों से वह रोशनी छिनने में सफल नहीं हुई जो पक्षियों की तलाश व उनकी हिफ़ाजत में समर्पित थे  | उनकी आँखों पर चढ़ी दूरबीन उनकी मृत्यु के बाद ही उतरी थी |

प्रश्न ) वृन्दावन की आज दशा का वर्णन कीजिए |

उत्तर ) आज भी अगर जाए तो यमुना नदी का सांवला पानी श्री कृष्ण की वृन्दावन में की गई अनेक लीलाओं की याद करा देता है | सुबह होते ही वृन्दावन की गलियों से निकलकर लोग यमुना की तरफ जाते  हैं | तब ऐसा ही लगता है कि श्री कृष्ण बांसुरी लेकर बजाने लगेंगे | उसकी तान पर सभी मंत्र मुग्ध हो जाएंगे | आज भी वातावरण श्री कृष्ण के बांसुरी के प्रभाव से भरा पड़ा है |

प्रश्न ) बर्ड वाचर से क्या अभिप्राय है ? इस पाठ में लेखक ने किसे बर्ड वाचर कहा है ?

उत्तर ) जिसे पक्षियों से प्रेम होता है उसे ही बर्ड वाचर कहते है | वह पक्षियों की विभिन्न प्रजातियों का बड़ी ही गहराई से अध्ययन करता है | उनके  लिए जानकारी उपलब्ध कराता है | वह पक्षियों की रक्षा के लिए ठोस कदम तैयार करता है | इस पाठ में सालिम अली को बर्ड वाचर कहा है | उन्होंने सारी उम्र पक्षियों की तलाश व हिफ़ाजत में बिता दी |

प्रश्न ) लॉरेंस कौन था ? उनकी मृत्यु के बाद उनकी पत्नी से लोगों ने क्या कहा ?

उत्तर ) बीसवीं सदी के अंग्रेजी के प्रसिद्ध साहित्यकार थे | उनका प्रकृति से गहरा लगाव था उन्होंने कई कविताएं लिखी | वे मानते थे कि मानव जाति उखड़े हुए महान वृक्ष की तरह है जिसकी जड़े हवा में फैली हुई है | इसलिए मनुष्य का प्रकृति की ओर लौटना जरूरी है | लॉरेंस की पत्नी को उनके विषय में कुछ लिखने के लिए कहा तो उन्होंने इसी कठिन कार्य बताया क्योंकि वो अपना अधिकतर समय छत  पर बैठी गोरैया से बातें करने में बिताते थे |

Wednesday, June 1, 2022

मेरे संग की औरतें मृदुला गर्ग (कक्षा 9वीं )

 

मेरे संग की औरतें

मृदुला गर्ग

हिन्दी - कृतिका भाग 1 (कक्षा 9वीं )

प्रश्न 1) लेखिका ने अपनी नानी को कभी देखा भी नहीं, फिर भी उनके व्यक्तित्व से प्रभावित थीं ?

उत्तर ) लेखिका ने अपनी नानी के व्यक्तित्व के संबंध में जो कुछ सुना उससे लेखिका बहुत प्रभावित थी | लेखिका की नानी ने पारंपरिक, अनपढ़ और पर्दे में रहने वाली स्त्री थी | उनके पति विलायती ढंग से जीवन जीने वाले बैरिस्टर थे | नानी ने अपने मरने से पूर्व अपने पति के खास मित्र प्यारे लाल शर्मा को बुलाया और अपनी पुत्री का विवाह उनके जैसे किसी स्वतन्त्रता सेनानी से करवाने का वचन लिया | उनके इस प्रकार के क्रांतिकारी कदमों ने लेखिका को प्रभावित किया |

प्रश्न 2) लेखिका की नानी की आज़ादी के आंदोलन में किस प्रकार भागीदारी रही ?

उत्तर ) लेखिका की नानी जब अपने आप को मरने के करीब पाया तो अपने पति के खास मित्र प्यारे लाल शर्मा को बुलाया और अपनी पुत्री का विवाह उनके जैसे किसी स्वतन्त्रता सेनानी से करवाने का वचन लिया | इस प्रकार आज़ादी के आंदोलन में भागीदारी प्रमाणित की |

प्रश्न 3) लेखिका की माँ परंपरा का निर्वाह न करते हुए भी सबके दिलों पर राज करती थी | इस कथन के आलोक में –

क)     लेखिका की माँ की विशेषताएँ लिखिए |

उत्तर ) लेखिका की माँ सुंदर कोमल निष्पक्ष स्वभाव वाली महिला थीं | पति के गांधीवादी होने के कारण उन्हें खद्दर की साड़ी पहननी पड़ती थी | वे अपना अधिकांश समय पुस्तकें पढ़ने, साहित्य चर्चा करने तथा संगीत सुनने में व्यतीत करती थीं | वे कभी झूठ नहीं बोलती थी | आउट एक की गोपनीय बात दूसरे को नहीं बताती थी | उनका इसलिए घर और बाहर दोनों जगह सम्मान था |

ख)    लेखिका की दादी के घर के माहौल का  शब्द – चित्र अंकित कीजिए |

उत्तर ) लेखिका की दादी के घर का माहौल गांधीवाद था | उनके घर में खादी के वस्त्र पहने जाते थे |उसकी दाई का परिवारी नानी के विलायती रहन-सहन से बहुत प्रभावित था | इसलिए लेखिका की माँ से कोई ठोस काम नहीं करवाया जाता था | लेकिन हर कार्य में उनकी राय जरूर ली जाती थी | उनकी माँ का दादी के घर में पूरा सम्मान था | बच्चों की देखभाल भी देखभाल बिना भेदभाव के समान रूप से होती थी | प्रत्येक व्यक्ति को अपना निजत्व रखने की छूट थी | कोई किसी के पत्र नहीं पढ़ता था |

प्रश्न 4) आप अपने कल्पना से लिखिए कि परदादी ने पतोहू के लिए पहले बच्चे के रूप में लड़की पैदा होने कि मन्नत क्यों मांगी ?

उत्तर ) परदादी को सदा लीक से हटकर चलने की आदत थी | वह जानती थी समाज में बेटियों के स्थान पर बेटों को महत्व मिलता है | वे इस भेदभाव के खिलाफ थी चूंकि वह खुद एक स्त्री थी, इसलिए उस पीड़ा को समझ सकती थीं | इसी सोच के तहत परदादी ने पतोहू के  लिए पहले संतान के रूप में लड़की की मन्नत मांगी |

प्रश्न 5) ड़राने-धमकाने, उपदेश देने या दबाव डालने की जगह सहजता से किसी को भी सही राह पर लाया जा सकता है – पाठ के आधार पर तर्क सहित उत्तर दीजिये |

उत्तर )  पाठ के अनुसार एक बार हवेली के सभी मर्द किसी बारात में गए थे | तभी एक चोर परदादी के कमरे में आ गया | परदादी ने उसे पानी लाने के लिए कहा | जब चोर पानी लेने के लिए गया तो उसे पकड़ लिया गया और उनके सामने लाया गया | तब परदादी ने लोटे का आधा पानी स्वयं पीकर आधा पानी चोर को पिलाकर उसे बेटा मानते हुए चोरी छोड़कर खेती करने की सलाह दी | चोर ने तभी से चोरी छोड़कर खेती करना आरंभ कर दिया | इस प्रकार कहा जा सकता है कि ड़राने-धमकाने, उपदेश देने या दबाव डालने की जगह सहजता से स्थायी बदलाव लाया जा सकता है |

प्रश्न 6) शिक्षा बच्चों का जन्मसिद्ध  अधिकार है – इस दिशा में लेखिका के प्रयासों का उल्लेख कीजिए|

उत्तर ) लेखिका जब कर्नाटक के एक छोटे  कस्बे बागलकोट में रहती थी तो उसे अपने दोनों बच्चों की पढ़ाई की चिंता हुई | क्योंकि बागलकोट में कोई भी प्राइमरी स्कूल नहीं था | उसने  पास के कैथोलिक बिशप से मिशन और वहाँ के सीमेंट कारखाने की सहायता से बागलकोट में प्राइमरी स्कूल खोलने की प्रार्थना की | क्योंकि वहाँ क्रिश्चियनों की संख्या कम थी इसलिए स्कूल खोलने में असमर्थता प्रकट की | तब लेखिका ने अपने जैसे विचारों वाले लोगों की मदद से अंग्रेजी, कन्नड़ तथा हिन्दी भाषाएँ पढ़ाने वाला प्राइमरी स्कूल खोला और बाद में कर्नाटक सरकार से मान्यता भी दिलवाई | लेखिका के इस प्रयास से सिद्ध होता है कि शिक्षा बच्चों का जन्मसिद्ध अधिकार है |’

प्रश्न 8) सच, अकेलेपन का मज़ा ही कुछ और है’- इस कथन के आधार पर लेखिका की बहन एवं लेखिका के व्यक्तित्व के बारे में अपने विचार व्यक्त कीजिए |

उत्तर ) लेखिका की बहन रेणु – वह संवेदनशील तथा जिद्दी स्वभाव की लड़की है | बस स्टैंड से घर तक घर से आई हुई गाड़ी में न बैठकर पैदल जाती है | क्योंकि उसे इस प्रकार गाड़ी में बैठना सामंतशाही लगता है | बी० ए०  की परीक्षा उसने पिता के कहने पर उत्तीर्ण की थी | एक दिन तेज़ वर्षा में भी वह सबके मना करने पर दो मील पैदल चलकर स्कूल गई और स्कूल बंद देखकर लौट आई |

 लेखिका – लेखिका पाँच बहनों में दूसरे नंबर पर है | वह दिल्ली के कॉलेज में पढ़ती थी परंतु विवाह के बाद डालमिया नगर और बागलकोट जैसे छोटे कस्बों में रहना पड़ा था | बागलकोट में छोटे बच्चों के लिए प्राइमरी स्कूल खुलवाया | अपने जैसे विचारों वाले लोगों से मिलकर नाटक मंडली बनाई और विभिन्न सहायता कोषों में नाटक का मंचन कर सहयोग राशि दी |    

अन्य प्रश्न                

प्रश्न ) जिस लड़के से लेखिका की माँ का  विवाह हुआ वह कौन था ?

उत्तर ) वह पढ़ा-लिखा तथा होनहार था | आर्थिक दृष्टि से उसके पास कोई पुश्तैनी जायदाद नहीं थी | वह गांधीवादी  था और खड़ी पहनता था | आज़ादी के आंदोलन में भाग लेने कारण उसे आई०सी० एस०  की परीक्षा में बैठने से रोक दिया गया था |

प्रश्न ) लेखिका के परिवार में कौन – कौन किस - किस नाम से लिखता है ?

उत्तर ) उसकी बड़ी बहन रानी मंजुल भगत के नाम से लिखती है | उन्होंने विवाह के बाद से लिखना आरंभ किया था, इसलिए अपना नाम बदल कर पति का नाम ग्रहण किया | लेखिका का घर का नाम उमा था उसने भी शादी के बाद लिखना आरंभ किया था और विवाह के बाद अपना नाम मृदुला गर्ग अपना लिया | सबसे छोटी बहन अचला ने अपने इसी नाम से लिखा लेकिन वह अंग्रेजी में लिखती थी | छोटा भाई राजीव के नाम से लिखता है और हिन्दी में ही लिखता है | इस प्रकार लेखिका के परिवार के चार सदस्य लिखते है |

प्रश्न ) लेखिका के नाना नानी से किस प्रकार भिन्न है ?

उत्तर ) लेखिका की नानी एक परंपरावादी , अनपढ़ और पर्दानशीं औरत थी लेकिन उसके नाना ने विलायत से बैरिस्ट्री पढ़ी थी | उन्होंने कैंब्रिज विश्वविद्यालय से डिग्री प्राप्त की थी | विलायत से वापस आने पर वे विलायती रीति-रिवाज के साथ जिंदगी गुजारने लगे थे | वे अंग्रेज़ो के प्रशंसक थे | वे अपने पैदायश के कारण भारतीय थे नहीं तो चेहरे के रंग-ढंग, पढ़ाई –लिखाई सब में अंग्रेज़ लगते थे |

प्रश्न ) लेखिका देश को मिली  आज़ादी का पहला जश्न क्यों नहीं देखने जा सकी ?

उत्तर ) जब हमारा देश 15 अगस्त 1947 को आज़ाद हुआ तो चारों ओर आनंद का माहौल था | सभी लोग इस आज़ादी को बड़ी उत्साह से मना रहे थे | परंतु लेखिका बिमार थी | उसका घर से निकलना बंद था | उसे टाइफाइड हो गया था | उसके रोने का घर के किसी सदस्य पर कोई असर नहीं हुआ | उसे और उसके पिता जी को  छोडकर सभी आज़ादी का जश्न देखने चले गए |

प्रश्न ) लेखिका को कौन सा उपन्यास पढ़ने को मिला था और उसका लेखिका पर क्या प्रभाव पड़ा ?

उत्तर ) लेखिका को टाइफाइड़ होने से ब्रदर्स कारांम जो का उपन्यास दिया | उस समय उसकी आयु नौ वर्ष थी | उस समय लेखिका को वह उपन्यास समझ में नहीं आया था | उसे फिर भी उसका एक अध्याय जो बच्चों पर होने वाले अनाचार –अत्याचार पर था | वह उसे कंठस्थ हो गया था | उसका लेखिका पर इतना प्रभाव था कि वह लेखिका के साथ उम्र के हर पड़ाव में  उनके साथ रहा तथा उनकी लेखनी को प्रभावित करता रहा |

प्रश्न ) लेखिका की बहन चित्रा का स्वभाव कैसा था ?

उत्तर ) वह जिस काम को सोच लेती थी उसे पूरा करके ही छोड़ती थी | अपनी पढ़ाई करने की अपेक्षा उसको दूसरों को पढाने में अधिक रुचि थी | इससे उसके नंबर कम और दूसरों के अधिक आते थे | उसने अपनी पसंद से शादी की थी | यहाँ तक कि उसने लड़के से भी उसकी पसंद नहीं पूछी | लड़के से साफ कह दिया कि वह उससे से शादी करना चाहती थी |

प्रश्न ) क्या सबसे छोटी बहन अचला ने भी अपनी बहनों का अनुसरण किया?

उत्तर ) वह पिता जी के विचारों पर चलने वाली थी पिता के आदेश के अनुसार उसने अर्थशास्त्र और पत्रकारिता की | फिर पिता की पसंद के लड़के से शादी की | परंतु उसका मन घर परिवार में अधिक नहीं लगा | उसने भी अपनी दोनों बहनों की तरह लेखन कार्य शुरू कर दिया | उसने घर में अंग्रेजी में लिखना आरंभ किया |

प्रश्न ) लेखिका शादी के बाद कहाँ रही और वहाँ का वातावरण कैसे था ?

उत्तर ) लेखिका पांचों बहनों में दूसरे नंबर पर थी | बिहार के छोटे से कस्बे डालमिया में उसने पुराने विचारों वाले लोगों को देखा | औरत –आदमी, चाहे वह पति –पत्नी क्यों न हों इकट्ठे नहीं जा सकते थे | फिल्म देखने के लिए भी अलग- अलग लाइनों में बैठते थे | उन्होंने कुछ आदमी औरतों को इकट्ठा करके नाटक मंडली बनाई और अनेक नाटकों का मंचन किया |

प्रश्न ) यदि हमारे देश की अधिकतर औरतें लेखिका की परदादी की तरह होती तो हमारे देश में लड़कियों की क्या स्थिति होती ? अपने शब्दों में लिखिए |

उत्तर ) अधिकतर हमारे समाज में बच्चे के रूप में लड़के के पैदा होने को अधिक महत्व दिया जाता है | इस पर भी लेखिका की परदादी ने पतोहू की पहली संतान के रूप में लड़की को माँगा | सभी उनकी बात से हैरान थे | इस प्रकार परिवार में लेखिका समेत पाँच कन्याओं ने लगातार जन्म लिया | यदि सभी महिलाएं लेखिका की परदादी की तरह होती तो समाज में लड़कियों की स्थिति बेहतर होती | इस प्रकार कन्या भ्रूण नहीं होती |

प्रश्न ) पाठ के आधार पर बताओ कि क्या पहले कि औरतों को अपने ढंग से जीने की आज़ादी थी ?

उत्तर ) लेखिका के जीवन में उसकी माँ, नानी, दादी और परदादी सभी औरतों का प्रभाव था | सभी औरतों ने अपने जीवन को अपने ढंग से बिताया | लेखिका की नानी ने विदेशी स्वभाव वाले पति के साथ रहते हुए अपनी आज़ादी को बरकरार रखा | लेखिका की दादी भी लीक से हटकर कार्य करने वालों में से थी | उसने चोर के गुनाह को माफ कर उसे सही रास्ते पर लाया | लेखिका की परदादी ने पतोहू की पहली संतान के रूप में लड़की को माँगा | सभी उनकी इस बात से हैरान थे | लेखिका की माँ ने लगातार पाँच कन्याओं को जन्म दिया तब भी माँ को परिवार वालों से कुछ नहीं सुनना पड़ा | संयुक्त परिवार में रहते हुए सभी को अपने तरीके से जीवन जीने का अधिकार था |

 

 

 

 

Sunday, May 29, 2022

इस जल प्रलय में लेखक - फनीश्वरनाथ रेणु पुस्तक – कृतिका कक्षा -9वीं

 

                           इस जल प्रलय में

                                                लेखक - फनीश्वरनाथ रेणु

                                                पुस्तक – कृतिका

                                                कक्षा -9वीं

 

प्रश्न 1) बाढ़ की खबर सुनकर लोग किस तरह की तैयारी करने लगे ?

उत्तर ) बाढ़ की खबर सुनकर लोग परेशान हो गए | वे जल्दी-जल्दी अपने सामान को सुरक्षित अन्य स्थान पर पहुँचने की तैयारी में जुट गए | लोग ईंधन, आलू, मोमबत्ती, दियासलाई, सिगरेट, पीने का पानी तथा कांपोज की गोलियों के साथ सामान बाँधने लगे |

प्रश्न 2) बाढ़ की सही जानकारी लेने व बाढ़ का सही रूप देखने के लिए लेखक क्यों उत्सुक था ?

उत्तर ) लेखक ने दस वर्ष की आयु से बाढ़-पीड़ित क्षेत्रों में कार्य किया था, लेकिन बाढ़ को सहन करने का यह उसका पहला अनुभव था | तेज़ गति से निचले पड़े स्थानों पर पानी किस प्रकार आगे बढ़कर लोगों को हैरान और परेशान करता है | इस दृश्य को लेखक स्वयं देखना चाहता था | दूसरे को मुसीबत में देख अन्य लोगों का उनके प्रति क्या व्यवहार होता है वह यह भी देखना चाहता था |

प्रश्न 3) सबकी जबान पर एक ही जिज्ञासा कि पानी कहाँ तक आ गया है ?- इस कथन से जनसमूह की कौन सी भावनाएँ व्यक्त होती हैं ?

उत्तर ) पटना में लगातार बारिश से बाढ़ आ गई | इससे सभी लोग भयभीत थे और जानना चाहते थे कि पानी उनके इलाके में कहाँ तक आ गया ? जिन इलाकों को वे सुरक्षित समझ रहे थे वे सुरक्षित है भी या नहीं | सभी में असुरक्षा की भावना घर कर गई | उत्सुकता, हैरानी तथा नया अनुभव प्राप्त करने की इच्छा जागृत हो गई |

प्रश्न 4) मृत्य का तरल दूत किसे कहा गया है और क्यों ?

उतर ) मृत्य का तरल दूत बाढ़ के पानी को कहा गया है | क्योंकि इसका गंदा पानी जान माल का बड़ा नुकसान करता है | सब जगह अफरा - तफरी मच जाती है | लोगों को इस पानी से बचाव के लिए बहुत से प्रयास करने पड़ते है | कुछ प्रयास सफल हो जाते है तो कुछ असफल होते है |

प्रश्न 5) आपदाओं से बचने के लिए अपनी तरफ से कुछ सुझास दीजिए |

            अथवा

बाढ़ की खबर सुनकर हमें आपदा के समय क्या करना चाहिए ?

उत्तर ) इससे निबटने के लिए निम्नलिखित उपाय करने चाहिए |

i)                    लोगों को ईंधन, सब्जियाँ, मोमबत्ती, दियासलाई, राशन,पीने का पानी तथा कुछ आवश्यक दवाईयाँ घर में लाकर रख लेना चाहिए |

ii)                  बाढ़ के गंदे पानी के साथ कीड़े मकौड़े व जहरीले जानवर भी घर में आ जाते है | इसके लिए कीटनाशक रसायन, कछुआ छाप व गुड नाइट का प्रयोग करना चाहिए |

iii)                लोगों को जागरूक करें कि प्लास्टिक की थैलियों का प्रयोग न करें |

iv)                वर्षा के जल का संचयन एवं उचित प्रबंधन किया जाना चाहिए |

v)                   बाँध बनाकर बाढ़ के पानी को आगे बढ़ने से रोकना चाहिए |

प्रश्न 6) ईह ! जब दानापुर डूब रहा था तो पटनियाँ बाबू लोग उलटकर देखने भी नहीं गए...अब बूझो ! इस कथन के द्वारा लोगों की किस मानसिकता पर चोट की गई है ?

उत्तर ) पटना में बाढ़ आने पर वहाँ के लोग बड़ी जिज्ञासा से पानी कहाँ तक पहुँच गया देखने के लिए आए थे | लेकिन उसी भीड़ में से एक व्यक्ति ने उन पर कटाक्ष किया कि जब दानापुर डूब रहा था वहाँ पर कोई भी सहानुभूति प्रकट करने, व मदद करने के लिए नहीं आया | इससे पता चलता है कि वहाँ के लोग संकीर्ण सोच वाले, आत्म-केन्द्रित, स्वार्थी व संवेदनहीन है |

प्रश्न 7) खरीद – बिक्री बंद हो चुकने पर भी पान की बिक्री क्यों बढ़ गई थी ?

उत्तर ) लोग बाढ़ का हाल- चाल जानने व बाढ़ के पानी से संबन्धित तर्क - वितर्क करने तथा अपनी अपनी राय देने के लिए पान की दुकान पर इकठ्ठा होने लगे | इसलिए खरीद - बिक्री बंद हो चुकने पर भी पान की बिक्री बढ़ गई थी |

प्रश्न 8) जब लेखक को यह अहसास हुआ कि उसके इलाके में भी पानी घुसने की संभावना है तो उसने क्या-क्या प्रबंध किए |

उत्तर ) जब लेखक को यह अहसास हुआ कि उसके इलाके में भी पानी घुसने की संभावना है तो उसने अपनी पत्नी से कोयला , स्टोव, और किरोसिन के साथ-साथ गैस सिलिंडर को तैयार रखने के लिए कहने लगे | वह अपने घर में ईंधन, सब्जियाँ, मोमबत्ती, दियासलाई, राशन का समान ले आया | उसे मैगजीन पढ़ने का शौक था इसलिए वह हिन्दी, बांग्ला व अंग्रेजी की कई पत्रिकाएँ खरीद लाया |

प्रश्न 9) बाढ़ पीड़ित क्षेत्र में कौन - कौन सी बीमारियों के फैलने की आशंका रहती थी ?

उत्तर ) चारों तरफ बाढ़ का पानी होने से लोग अपनी जरूरत की चीजें लेने के लिए इधर –उधर आते-जाते रहते है | बाढ़ पीड़ित क्षेत्रों में हैजा, अतिसार, पेचिश व बार- बार पानी लगने के कारण पकाही घाव आदि बीमारियाँ फैलने की आशंका रहती थी |

प्रश्न 10) नौजवान के पानी में कूदने पर उसका कुत्ता भी पानी में  कूद गया | दोनों ने किन भावनाओं के वशीभूत होकर ऐसा किया ?

उत्तर ) जब एक बंगाली डॉक्टर ने नाव में इलाज़ करवाने के लिए आए युवक को अपने कुत्ते के साथ बैठा देखा तो उसने कुत्ते को भगाने के लिए कहा | गुस्से में युवक नाव से नीचे कूद गया | यह देखकर उसका वफादार व स्वामीभक्त कुत्ता भी नाव से नीचे कूद गया | मालिक का उसके कुत्ते के साथ घर के सदस्य की तरह एक अनोखा रिश्ता था | दोनों एक दूसरे से भावनात्मक व मानसिक रूप से जुड़े होने के कारण ही उन्होंने ऐसा किया था |

प्रश्न 11) अच्छा है, कुछ भी नहीं | वह भी चोरी चली गई | अच्छा है, कुछ भी नहीं – मेरे पास |’ – मूवी कैमरा टेप्रीकॉर्डर आदि की तीव्र उत्कंठा होते हुए भी लेखक ने उपर्युक्त कथन क्यों कहा है ?

उत्तर ) क्योंकि बाढ़ का दृश्य अत्यंत भयानक और दुखद था । कॉलोनी के आस-पास का सारा भाग ही पानी में डूब गया था | लोग मदद के लिए चीख रहे थे | अगर लेखक के पास कैमरा होता  तो वह भले इस दृश्य को कैद कर लेता, कलम से उसे लिखने के लिए अच्छा विषय मिल जाता | लेकिन इससे लोगों का भला नहीं  होता | लेखक तो हमेशा की तरह बाढ़-पीड़ितों की मदद करना चाहता था | इसलिए उसने ऐसा कहा है अच्छा है, कुछ भी नहीं | वह भी चोरी चली गई | अच्छा है, कुछ भी नहीं –मेरे पास |

प्रश्न 12) आपने भी देखा होगा कि मीडिया द्वारा प्रस्तुत कि गई घटनाएँ कई समस्याएँ बन जाती हैं, ऐसी किसी घटना का उल्लेख कीजिए |

उत्तर ) कई बार मीडिया के द्वारा बिना पूरी तरह से जाँचे – परखे घटनाएँ प्रस्तुत कर दी जाती है | जो बड़ी समस्याएँ पैदा कर देती है | कुछ दिनों पहले अधिकतर समाचार चैनलों तथा समाचार पत्रों के द्वारा दिल्ली में किसी धार्मिक समुदाय पर दंगों के भड़काने का आरोप लगाया गया | जिससे वहाँ के निवासियों में धार्मिक आधार पर सांप्रदायिक दंगे भडकनें का डर बना रहा | इतना ही नहीं देश के विभिन्न हिस्सों मे भी आपसी भाई चारे को ठेस पहुँचने लगी | जो देश और समाज के लिए एक समस्या बन गयी | जबकि असलियत यह थी कि कुछ उपद्रवियों ने सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने के लिए दंगे भढ़काने की कोशिश की थी जिसे पुलिस तथा प्रशासन के द्वारा समय रहते नियंत्रित कर लिया गया था | अत: इस प्रकार मीडिया द्वारा प्रस्तुत घटनाएँ एक समस्या बन जाती है |

प्रश्न 13) अपनी देखी – सुनी किसी आपदा का वर्णन कीजिए |

उत्तर ) 16 जून 2013  का दिन पूरे देश के लिए एक आपदा बन कर आया था | जिसे सोचकर आज भी मन सिहर उठता है | 15 जून 2013 को उतराखंड की केदारनाथ घाटी  में भारी बारिश हुई जो 16 जून को भी जारी रही जिससे के आस-पास के पहाड़ों पर बनी जिलों में भारी मात्रा में पानी भर गया और ग्लेशियर भी पिघलने लगे थे | केदारनाथ हिंदुओं का एक प्रसिद्ध धार्मिक स्थल है 16 जून को भी वहाँ तीर्थयात्रियों पुजारियों तथा श्रद्धालुओं की भारी भीड़ थी | मंदिर के आस पास होटलों धर्मशालाओं में लोग इस आपदा से अंजान होकर सो  रहे थे | अचानक केदारनाथ के आस-पास बादल फटने से पानी का सैलाब आया और सो रहे लोगों को को अपने साथ बहाकर ले गया | बड़े-बड़े भवन पानी के सैलाब के साथ बह गए | हर तरफ लोगों कि चीख पुकार सुनाई दे रही थी | हजारों लोग पानी के साथ बहकर चले गए | लोग अपने परिजनों और साथियों को खो चुके थे | सरकारी आकड़ों के अनुसार 4000 लोगों के मौत हुई लेकिन लगभग 12000 से अधिक लोग इस आपदा में मरने की संभावना जताई जाती है | आपदा के बाद स्थानीय लोगों तथा प्रशासन के द्वारा और अन्य सामाजिक संस्थाओं के द्वारा बचाव कार्य किए गए | यह आपदा इतनी भयानक थी कि जिसने इसे देखा या सुना वो केदारनाथ की इस घटना का नाम लेते ही एक बार डरने लगता हैं |

समास

  समास विनय अपने माता और पिता के साथ देव के मंदिर गया | चार राहों के समूह से गुजरते   हुए   उसने घोड़े पर सवारी करते हुए छ्त्रपति शि...