चित्रकूट
में भरत
प्रश्न) राम के राज्याभिषेक के समय भरत कहाँ
थे?
उत्तर ) वे केकय राज्य में थे| अपने ननिहाल में थे | वे अयोध्या की घटनाओं से सर्वथा अनभिज्ञ थे|
प्रश्न) भरत ने सपने
में क्या देखा?
उत्तर ) भरत ने देखा की समुद्र सूख गया है| चंद्रमा धरती पर गिर पड़े है| वृक्ष सूख गए है| एक राक्षसी उसके पिता को खींचकर ले
जा रही है| वे रथ पर बैठे हैं|
रथ गधे खींच रहे हैं|
प्रश्न) भरत के ननिहाल से लौटने पर उसे
अयोध्या नगरी कैसी लगी?
उत्तर )नगरी उसे सामान्य नहीं लगी | सब कुछ बदला बदला सा था| सड़कें सूनी थी|बाग-बगीचे उदास थे| वहाँ कोई तुमलनाद नहीं था | पक्षी भी कलरव नहीं कर रहे थे| किसी ने भी भारत के
प्रश्नों का उत्तर नहीं दिया |
प्रश्न) पिता के देहांत की बात माता कैकयी से
सुनकर भरत की क्या दशा हुई?
उत्तर ) वे यह सुनते ही शोक सागर में डूब गए| पछाड़ खाकर गिर पड़े | विलाप करने लगे| माता कैकयी ने उनकी हिम्मत बँधाई
|
प्रश्न ) दो वरदान की बात माता कैकयी से सुनकर भरत ने माँ से क्या कहा?
उत्तर ) भरत ने माँ को अपराधिनी कहा| उन्होंने माँ को वन जाने को कहा| भरत के लिए यह राज
अर्थहीन है| पिता व भाई को खोकर ऐसा राज्य भरत को नहीं चाहिए |
प्रश्न) भरत ने बचकर भागती मंथरा को क्या सीख
दी?
उत्तर ) लक्ष्मण ने बचकर भागती हुई मंथरा को
पकड़ लिया |वे उसके बाल खींचते हुए भरत के पास
लाए |भरत ने उसे दासी की भूमिका बताई |
शत्रुघ्न उसे जान से मारने के लिए उद्यत थे| भरत ने बीच-बचाव
किया |
प्रश्न) भरत की विशाल सेना को देखकर लक्ष्मण
ने क्या अनुमान लगाया ?
उत्तर ) लक्ष्मण ने पेड़ से चीखकर कहा ,’भैया भरत सेना के साथ इधर आ रहे
हैं| लगता है वे हमें मार डालना चाहते हैं | ताकि एकछत्र राज्य कर सके|
प्रश्न) राम-लक्ष्मण से चित्रकूट में मिलने के
लिए अयोध्या से कौन- कौन आए ?
उत्तर ) भरत, तीनों माताएँ, गुरु वशिष्ठ व कुछ अयोध्यावासी चित्रकूट में राम-लक्ष्मण से मिलने
आए |
प्रश्न) भरत ने राम को पिता की मृत्यु का समाचार
किस प्रकार दिया ?
उत्तर ) उन्होंने कहा कि एक दुखद समाचार है भ्राता
! पिता दशरथ नहीं रहे | आपके आने के छठे दिन उन्होंने
प्राण त्याग दिए|यह सुनकर राम सन्न रहे गए | शोक में डूब गए|
प्रश्न) महर्षि वशिष्ठ ने राम को अयोध्या वापस
आकर राज भर संभालने के लिए क्या तर्क दिया?
उत्तर ) महर्षि वशिष्ठ ने कहा, “ राम! रघुकुल कि परंपरा में राजा ज्येष्ठ पुत्र ही
होता है | तुम्हें अयोध्या लौटकर अपना दायित्व निभाना चाहिए| इसी में कुल का मान है|”
प्रश्न ) भरत ने राम के वापस अयोध्या न लौटने पर
उनसे क्या चीज़ मांगी ?
उत्तर ) उन्होंने उनसे उनकी खड़ाऊँ मांगी और राम भैया को कहा कि वह अब से चौदह वर्ष तक राजकाज
इनकी ही आज्ञा से ही चलाएँगे|
प्रश्न) राम जी से चरण पादुकाएँ लेकर राम जी ने
क्या किया ?
उत्तर ) भरत ने चरण पादुकाओं को एक सुसज्जित हाथी
पर रखा | प्रतिहारी उस पर चँवर दुला रहे थे |अयोध्या पहुँचकर भरत ने पादुका पूजन किया| कहा, ये पादुकाएँ राम कि धरोहर है | मैं इनकी रक्षा करूँगा| इनकी गरिमा को आंच नहीं आने दूँगा|
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