Saturday, August 28, 2021

चित्रकूट में भरत

 

 चित्रकूट में भरत

प्रश्न) राम के राज्याभिषेक के समय भरत कहाँ थे?

उत्तर ) वे केकय राज्य में थे|  अपने ननिहाल में थे | वे अयोध्या की घटनाओं से सर्वथा अनभिज्ञ थे|

प्रश्न) भरत ने  सपने  में क्या  देखा?

उत्तर ) भरत ने देखा की समुद्र सूख गया है| चंद्रमा धरती पर गिर पड़े है| वृक्ष सूख गए है| एक राक्षसी उसके पिता को खींचकर ले  जा रही है| वे रथ पर बैठे हैं| रथ गधे खींच रहे हैं|

प्रश्न) भरत के ननिहाल से लौटने पर उसे अयोध्या नगरी कैसी लगी?

उत्तर )नगरी उसे सामान्य नहीं लगी | सब कुछ बदला बदला सा था| सड़कें सूनी थी|बाग-बगीचे उदास थे| वहाँ कोई तुमलनाद नहीं था | पक्षी भी कलरव नहीं कर रहे थे| किसी ने भी भारत के प्रश्नों का उत्तर नहीं दिया |

प्रश्न) पिता के देहांत की बात  माता कैकयी से  सुनकर भरत की क्या दशा हुई?

उत्तर ) वे यह सुनते ही शोक सागर में डूब गए| पछाड़ खाकर गिर पड़े | विलाप करने लगे| माता कैकयी ने उनकी हिम्मत  बँधाई  |

प्रश्न )  दो वरदान की बात माता कैकयी से सुनकर  भरत ने माँ से क्या कहा?

उत्तर ) भरत ने माँ को अपराधिनी कहा| उन्होंने माँ को वन जाने को कहा| भरत के लिए यह राज अर्थहीन है| पिता व भाई को खोकर  ऐसा राज्य भरत को नहीं चाहिए |

प्रश्न) भरत ने बचकर भागती मंथरा को क्या सीख दी?

उत्तर ) लक्ष्मण ने बचकर भागती हुई मंथरा को पकड़ लिया |वे उसके बाल खींचते हुए भरत के पास लाए |भरत ने उसे दासी की भूमिका बताई | शत्रुघ्न उसे जान से मारने के लिए उद्यत थे| भरत ने बीच-बचाव किया |

प्रश्न) भरत की विशाल सेना को देखकर लक्ष्मण ने क्या अनुमान लगाया ?

उत्तर ) लक्ष्मण ने पेड़ से चीखकर कहा ,’भैया भरत सेना के साथ इधर  आ रहे हैं| लगता है वे हमें मार डालना चाहते हैं | ताकि एकछत्र राज्य कर सके|

प्रश्न) राम-लक्ष्मण से चित्रकूट में मिलने के लिए अयोध्या से कौन- कौन आए ?

उत्तर ) भरत, तीनों माताएँ,  गुरु वशिष्ठ  व कुछ अयोध्यावासी चित्रकूट में राम-लक्ष्मण से मिलने आए |

प्रश्न) भरत ने राम को पिता की मृत्यु का समाचार किस प्रकार दिया ?

उत्तर ) उन्होंने कहा कि एक दुखद समाचार है भ्राता ! पिता दशरथ नहीं रहे | आपके आने के छठे दिन उन्होंने प्राण त्याग दिए|यह सुनकर राम सन्न रहे गए | शोक में डूब गए|

प्रश्न) महर्षि वशिष्ठ ने राम को अयोध्या वापस आकर राज भर संभालने के लिए क्या तर्क दिया?

उत्तर ) महर्षि वशिष्ठ ने कहा, राम! रघुकुल कि परंपरा में राजा ज्येष्ठ पुत्र ही होता है | तुम्हें अयोध्या लौटकर अपना दायित्व निभाना चाहिए| इसी में कुल का मान है|”

प्रश्न ) भरत ने राम के वापस अयोध्या न लौटने पर उनसे क्या चीज़ मांगी ?

उत्तर ) उन्होंने उनसे उनकी खड़ाऊँ मांगी  और राम भैया को कहा कि वह अब से चौदह वर्ष तक राजकाज इनकी ही आज्ञा से ही चलाएँगे|

प्रश्न) राम जी से चरण पादुकाएँ लेकर राम जी ने क्या किया ?

उत्तर ) भरत ने चरण पादुकाओं को एक सुसज्जित हाथी पर रखा | प्रतिहारी उस पर चँवर दुला रहे थे |अयोध्या पहुँचकर भरत ने पादुका पूजन किया| कहा, ये पादुकाएँ राम कि धरोहर है | मैं इनकी रक्षा करूँगा| इनकी गरिमा को आंच नहीं आने दूँगा|

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 


No comments:

Post a Comment

समास

  समास विनय अपने माता और पिता के साथ देव के मंदिर गया | चार राहों के समूह से गुजरते   हुए   उसने घोड़े पर सवारी करते हुए छ्त्रपति शि...