विराट का भ्रम
प्रश्न) यदि पांडव अपना अज्ञातवास विराटराज के यहाँ न बिता रहे
होते तो युद्ध में विराटराज की क्या स्थिति होती ? अपनी कल्पना से लिखिए |
उत्तर ) तब उन्हें युद्ध के दूसरे मोर्चे अर्थात्
दुर्योधन और उसके साथियों द्वारा उत्तर की ओर से किए गए हमले में पराजय का सामना करना
पड़ता | क्योंकि दुर्योधन
की सेना भीष्म, द्रोणाचार्य, कृपाचार्य
जैसे वीर योद्धाओं से सज्जित थी |
प्रश्न) विराटराज ने कंक के मुँह पर चौपड़ का पासा दे मारा | क्यों ?
उत्तर ) विराटराज के यहाँ पांडव विभिन्न रूपों में अपना अज्ञातवास
बिता रहे थे | युधिष्ठिर
भी कंक नामक दरबारी बनकर राजा के साथ चौपड़ खेला करते थे | विराटराज
इस बात से अनभिज्ञ थे | कंक के मुँह से अपने पुत्र की प्रशंसा
के स्थान पर सारथी की प्रशंसा सुनकर उन्होंने कंक के मुँह पर चौपड़ का पासा दे मारा
|
प्रश्न) अर्जुन ने उत्तरा से विवाह करना क्यों उचित नहीं समझा
?
उत्तर ) अर्जुन ने विराटराज की पुत्री
उत्तरा को नृत्य और गायन सिखाया था | वे उसे बेटी के समान मानते थे, इसलिए उन्होंने उत्तरा के साथ विवाह करना उचित न समझा |
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