पाठ 24 मंत्रणा
प्रश्न) सात्यकी ने ऐसा
क्यों कहा होगा कि दुर्योधन बगैर युद्ध के मानेगा नहीं?
उत्तर) सात्यकि ने ऐसा इसलिए कहा होगा, क्योंकि –
i)
सात्यकि दुर्योधन के स्वभाव से भली-
भांति परिचित रहे होंगे |
ii) पांडवों
ने प्राण निभाकर खेल कि शर्तों का पालन किया,फिर भी दुर्योधन ने
उन्हें मरने का प्रयास किया |
प्रश्न) ‘दुर्योधन युद्ध के बिना राज्य
वापस नहीं करेगा’ , यह जानकार भी उसके पास
दूत क्यों भेजे जा रहे थे ?
उत्तर) पांडव
पक्ष के अधिकांश लोग शांतिपूर्वक समस्या क्यों हल करना चाहते थे कि युद्ध से किसी का
भला नहीं हो सकता | इसके अलावा वे दुर्योधन और पांडवों
से संधि करना चाहते थे |
प्रश्न) अर्जुन ने मौका दिये जाने पर भी श्री कृष्ण को ही क्यों चुना ?
उत्तर ) अर्जुन
ये जानते थे कि वे सत्य के लिए लड़ रहे हैं | श्री कृष्ण सत्य का
नाश अवश्य कर देंगे | भले ही श्रीकृष्ण निहत्थे रहेंगे पर श्रीकृष्ण
इतने शक्तिशाली थे कि सेना उनकी शक्ति के सामने कहीं न ठहरती | इसके अलावा श्रीकृष्ण और अर्जुन में अत्यधिक प्रेम और अपनत्व था |
प्रश्न) मद्रराज शल्य को धोखे से दुर्योधन ने किस तरह अपनी तरफ कर लिया
?
उत्तर ) मद्रराज
शल्य ने भी एक विशाल सेना एकत्रित की और पांडवों की सहायता के लिए चल पड़े | उनके सेना सहित आने की खबर सुनकर दुर्योधन ने शल्य का इतना आदर किया कि वे
पांडवों को सहायता देने की बात भूलकर दुर्योधन को सहायता देने का वचन दे बैठे |
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