Thursday, June 24, 2021

वाक्य

 

                               वाक्य

शब्दों की रचना वर्णों  के सार्थक मेल से होती है | इन्हीं सार्थक शब्दों के सार्थक एवं व्यवस्थित मेल से वाक्य बनते हैं| वाक्य  भाषा की सबसे छोटी इकाई हैं,जिनके द्वारा लिखने व बोलने वाले के मन का आशय समझ में आ जाता है | इस तरह हम कह सकते हैं कि मनुष्य के विचारों को व्यक्त करने वाला शब्द समूह, जो व्यवस्थित हो तथा पूर्ण आशय प्रकट कर सके, वाक्य कहलाता है|”

वाक्य में निम्नलिखित बातों का होना जरूरी है-

1 सार्थकता – वाक्य रचना के लिए जरूरी है कि उसमें प्रयुक्त सभी पद सार्थक हों| कच-कच शब्द निरर्थक है,लेकिन क्या कच-कच लगा रखी है ? इस इस वाक्य में यह शब्द व्यर्थ की बकवास के अर्थ में प्रयुक्त हुआ है| अत: सार्थक बन गया है |

2 आकांक्षा – वाक्य के एक पद को सुनकर दूसरे पद को सुनने व जानने कि जो स्वाभाविक उत्कंठा जागती है, उसे आकांक्षा कहते हैं| जैसे – दिन में काम करते हैं |

इस वाक्य को सुनकर हम प्रश्न करते है – कौन लोग काम काम करते है ? यदि हम कहें कि सभी लोग काम करते है तो सभी कह देने से प्रश्न का उत्तर मिल जाता है | और वाक्य ठीक हो जाता है|

3 योग्यता-   से तात्पर्य है कि अर्थबोधन की सामर्थ्य| जैसे किसान लाठी से खेत जोतता है| इस वाक्य में लाठी के स्थान पर हल का प्रयोग होना चाहिए| क्योंकि हल खेत जोतने के संबंध में अर्थबोधक की क्षमता रखता है |

4आसक्ति – आसक्ति का अर्थ है – निकटता या समीपता | बोलते व लिखते समय शब्दों में निकटता व समीपता का होना अति आवश्यक है | अगर शब्द थोड़ी-थोड़ी देर बाद या-या रुक-रुककर बोले जाएँ तो वे वाक्य नहीं कहलाते|

5  पदक्रम – वाक्य के सही अर्थ को जानने के लिए शब्दों का सही पदक्रम का होना जरूरी है| पदक्रम के अभाव में वाक्य का सही अर्थ नहीं निकलता |उदाहरण के रुप में हिन्दी में प्राय: कर्ता के बाद कर्म और उसके बाद क्रिया का प्रयोग किया जाता है | जैसे – मोहन पत्र लिखता है|” किन्तु पत्र मोहन लिखता है या “लिखता है मोहन पत्र” ऐसा शब्द समूह वाक्य नहीं कहलाते क्योंकि इनमें पदक्रम नहीं हैं|

i)        सारे देश के नागरिक कर्तव्यनिष्ठ हैं |

देश के सारे नागरिक कर्तव्यनिष्ठ हैं |

   Ii)    गाय का ताकतवर दूध होता है |

        गाय का दूध ताकतवर होता है |

6 अन्वय – इसका अर्थ है – मेल | वाक्य में कर्ता, लिंग, कारक आदि में होना जरूरी है| इसके बिना वाक्य का पूर्ण अर्थ नहीं निकलता |

उदाहरण –i)  मेरा देश में अनेक नदियां बहता हैं |

            मेरा देश में अनेक नदियां बहती हैं |

        Ii) चूहें किताबें कुतर गई |

            चूहे किताबें कुतर गए |

वाक्य की संरचना के आधार पर उसको दो भागों में विभाजित किया जाता है|

1  उद्येश्य               2 विधेय

1 उद्येश्य – वाक्य का वह अंग, जिसके विषय में कुछ कहा जाए, उसे उद्येश्य कहते हैं|

उदाहरण-

1 राम सो रहा है |

2 राजू खाना खा रहा है|

3 किसान फलों के पेड़ भी लगाता है |

4 जवान देश की रक्षा करते है |

इन वाक्यों में राम’, राजू’, किसान और जवान के के विषय में बताया जा रहा है | इसलिए राम’, राजू’, किसान और जवान उद्येश्य हैं |

विधेय- वाक्य में उद्येश्य के बारे में जो कुछ कहा जाए, उसे विधेय कहते हैं |

उदारहण –

1 कर्ण खेल रहा है |

2 चित्रकार चित्र बनाता है |

3 चित्रा गीत गा रही है |

4 मंजरी बस से शहर गई |

 इन वाक्यों में खेल रहा है’, चित्र बनाता है’, गीत गा रही है और  बस से शहर गई वाक्यों के विधेय हैं |

रचना के आधार पर वाक्य के भेद तीन होते हैं

क ) सरल वाक्य   ख ) संयुक्त वाक्य  ग) मिश्र वाक्य

क ) सरल या साधारण  वाक्य – इसमें एक या एक से अधिक उद्येश्य और एक विधेय होते है अथवा जिस वाक्य में एक ही मुख्य क्रिया हो, उसे सरल वाक्य कहते हैं| जैसे-

वह ज़ोर ज़ोर से हँसा |

मैं और मेरा भाई शादी में  जाएंगे |

मोहन पार्क  जा रहा होगा |

वह अत्याचार किए जा रहा था |

पाकिस्तान वर्षों से आतंकवाद फैलाए जा रहा था|

इन वाक्यों में रेखांकित क्रियाएँ मुख्य क्रियाएँ हैं |

संयुक्त वाक्य – जिन वाक्यों में दो या दो से अधिक स्वतंत्र उपवाक्य किसी समुच्चयबोधक अव्यय से जुड़े होते हैं, उन्हें संयुक्त वाक्य कहते हैं|

उदाहरण :- माँ बाज़ार गई और सब्जियाँ लेकर आई |

          आप खाना खाए और आराम करें |

          राम बीमार है, इसलिए स्कूल नहीं आया |

          विद्यार्थी परिश्रमी होता है तो अवश्य सफल होता हैं |

           आप चाय लेंगे या कॉफी ?

 

संयुक्त वाक्य की पहचान

दो उपवाक्यों के बीच समानाधिकरण संबंध होता है |

दो या अधिक मुख्य या स्वतंत्र उपवाक्य होते है |

उपवाक्य होते हुए भी उनमें पूर्ण अर्थ का बोध होता है |

मुख्य वाक्य अपने पूर्ण अर्थ की अभिव्यक्ति के लिए दूसरे उपवाक्य पर आश्रित नहीं रहता हैं |मोहन दिल्ली जाएगा और शीला यहीं रहेगी |

क)   माता जी बाज़ार गई और बच्चों के लिए खिलौने लेकर आई |

ख)    यहाँ आप रह सकते है या आपका भाई रह सकता है |

कभी-कभी संयुक्त वाक्यों में समुच्चयबोधक अवयव चिह्नों का लोप होता है |

क)   रहने वाले रहेंगे, जाने वाले चले जाएंगे |

ख)    क्या सोचा था, क्या हो गया |

ग)    काम किया है, पैसा तो मागूँगा ही |

संयुक्त वाक्यों के भेद

1 संयोजक संयुक्त वाक्य- जिन संयुक्त वाक्यों में उपवाक्य दो कार्य- व्यापारों या स्थितियों को जोड़ने का कार्य करते हैं: जैसे –

क)   मैं दिल्ली गया था और मेरी पत्नी आगरा |

ख)   यहाँ मैं बैठूँगा तथा उधर दूसरे लोग बैठेंगे |

ग)    आपके लिए खिचड़ी बनी है एवं मेरे लिए चावल |

2 विभाजक संयुक्त वाक्य – जिन संयुक्त वाक्यों से आए उपवाक्यों से दो स्थितियों या कार्य-व्यापार के बीच विकल्प दिखाया जाए या एक को स्वीकार किया जाए तथा दूसरे को त्यागा जाए, वे विभाजक संयुक्त वाक्य कहे जाते है | इनमें या, अथवा, या-या, न-न, कि आदि समुच्चयबोधक अव्ययों का प्रयोग किया जाता है; जैसे –

क)   आप पहुँच जाएँगे या मैं फोन करूँ ?

ख)   थी से काम करो अथवा नौकरी छोड़ दो |

ग)    मैं न आपको पहचानता हूँ न आपके पिता जी को |

घ)    न तो शीला ही आई, न अपने बेटे को भेजा |

ङ)     आप मेरे साथ रहेंगे कि  मोहन के साथ |

3 विरोधसूचक संयुक्त वाक्य – जब उपवाक्य के बीच विरोध का बोध हो तो ऐसे संयुक्त वाक्य विरोधवाची संयुक्त वाक्य कहलाते हैं | ये प्राय: मगर, पर,लेकिन, बल्कि आदि अव्ययों से जुड़े रहते हैं ; जैसे-

क)   वह खेलने में तो अच्छा है मगर पढ़ाई-लिखाई नहीं करता|

ख)   मैंने उसे बहुत समझाया पर वह नहीं मानी|

ग)    हम जाना नहीं चाहते थे पर आपके पिताजी नहीं माने|

4 परिणामवाची संयुक्त वाक्य –जब एक उपवाक्य से कार्य का तथा दूसरे से उसके परिणाम का बोध होता है तो वे परिणामवाची संयुक्त वाक्य कहलाते हैं|

इनके उपवाक्य प्राय: इसलिए, अतः, सो आदि अव्ययों से जुड़े होते हैं; जैसे-

क ) आज बाज़ार बंद है इसलिए कुछ नहीं मिलेगा|

ख ) वह बहुत बीमार था अतः चुप ही बैठा रहा |

ग ) वह आना नहीं चाहता था सो झूठ बोलकर चला गया |

मिश्र वाक्य

संयुक्त वाक्यों में जहाँ प्रत्येक उपवाक्य स्वतंत्र उपवाक्य होता है,वहाँ मिश्र वाक्यों में एक उपवाक्य  तो स्वतंत्र उपवाक्य  होता है तथा शेष स्वतंत्र उपवाक्य पर आश्रित रहने के कारण आश्रित उपवाक्य कहलाता  है| स्वतंत्र उपवाक्य को प्रधान उपवाक्य भी कहा जाता है|

प्रधान उपवाक्य                           आश्रित उपवाक्य

क ) मैं उस लड़की से मिला था                      जिसकी किताब खो गई है|

ख ) मैंने वहीं मकान खरीदा है                       जहाँ  आप रहते हो |

ग ) पिताजी ने मुझसे कहा                          कि वे बीमार है |

मिश्र वाक्य के उपवाक्य प्राय: कि, जो, जब,तब,तो, अगर,जिसने, ज्योंही, जितना-उतना,जिधर-उधर,क्योंकि, यदि तो, ताकि यद्यपि-तथापि  आदि समुच्चयबोधक अवयव से जुड़े होते हैं | मिश्र वाक्यों के आश्रित उपवाक्य, वाक्य के आरंभ, मध्य तथा अंत में तीनों ही स्थानों पर आ सकते हैं ; जैसे-

क)   जो लड़का यहाँ आया था, वह बहुत बीमार है |

ख)   वह लड़का, जो कल यहाँ आया था, बहुत बीमार है |

ग)    वह लड़का बहुत बीमार है जो कल यहाँ आया था |

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

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Wednesday, June 23, 2021

पाठ 5 कुंती , बाल महाभारत

                                            पाठ 5

कुंती

प्रश्न 1 ) यदुवंश के प्रसिद्ध राजा शूरसेन किसके पितामह थे ?

उत्तर ) श्री कृष्ण के |

प्रश्न 2 ) राजा शूरसेन की कन्या का क्या नाम था ?

उत्तर ) पृथा

प्रश्न 3 ) शूरसेन ने कुंतिभोज को क्या वचन दिया ?

उत्तर ) शूरसेन ने कुंतिभोज को क्या वचन दिया कि जो उनकी पहली संतान होगी उन्हें वे कुंतिभोज को गोद दे देंगे |

प्रश्न 4 ) कर्ण का पालन पोषण किसने किया ?

उत्तर ) अधिरथ सारथी ने किया |

प्रश्न 5 ) ऋषि दुर्वासा ने कुंती को क्या आशीर्वाद दिया ?

उत्तर ऋषि दुर्वासा ने कुंती को उनकी एक वर्ष तक की गई  सेवा –टहल से प्रसन्न होकर आशीर्वाद दिया की  जब भी किसी देवता का ध्यान करेगी तो अपने जैसा ही वह देवता उसे तेजस्वी पुत्र प्रदान करेगा |

प्रश्न 6) कर्ण कौन था ?

कर्ण को कुंती ने ऋषि दुर्वासा से मिले वरदान से सूर्य के संयोग से पैदा किया |जन्मदाता कवच और कुंडलों से शोभित वही बालक आगे चलकर शस्त्रधारी कर्ण के नाम से विख्यात हुआ |

प्रश्न 7) पांडवों  का जन्म किस प्रकार हुआ ?

उत्तर - ऋषि –दंपति से मिले श्राप के कारण महाराज पांडु स्ंतनोत्पति नहीं कर सकते  थे | अत: कुंती ने विवाह से पहले दुर्वासा ऋषि से पाए वरदान का पांडु से जिक्र किया |उनके अनुराध से कुंती ने पाँच पांडवों को जन्म दिया |

 

Friday, June 18, 2021

प्रत्यय (व्याकरण )

 प्रत्यय का अर्थ

 

ऐसे शब्दांश जो किसी शब्द के बाद में जुड़कर उसके अर्थ को बदल लेते है ,उन्हें प्रत्यय कहते हैं |

कुछ प्रमुख प्रत्यय और उनके योग से बने शब्द  निम्नलिखित है |

     प्रत्यय                प्रत्यय से बने वाले शब्द

    आई मिठाई, लड़ाई, पढ़ाई   
    वाला दूधवाला, फेरीवाला, घरवाला  
    हार होनहार, पालनहार, लेनहार
    दार पहरेदार, हवलदार, चौकीदार
    वन धनवान, बलवान, दयावान       
    मान श्रीमान, यजमान, धीमान     
    इक मासिक, वार्षिक, धार्मिक  
    आवा दिखावा, पछतावा, चढ़ावा
    अक         नायक, पालक, चालक                 
    कार         कलाकार, मालाकार, चित्रकार  
    ना                 खेलना, पढ़ना, कूदना
    ता                  महानता, सुंदरता, प्रमुखता      
    अन चंदन, बंधन, यौवन               
    कर सोकर, लिखकर, पढ़कर 
    आवट सजावट, लिखावट, मिलावट 
    आहट मुस्कराहट, घबराहट, सनसनाहट    
    आर कुम्हार, सुनार, लुहार            
    गर कारीगर, बाजीगर, जादूगर   
             धनी, लालची, पालकी
    पन बचपन , तड़पन, लड़कपन
    ईय राष्ट्रीय, मानवीय, जलीय
    इया लुटिया, खटिया, मुठिया
    अक्कड़ भुलक्कड़, पियक्कड़
    आऊ बिकाऊ, टिकाऊ, कमाऊ
     मेला, केला, चेला
              खेती, रेती
    नी                चटनी, कहानी, जुबानी
    अंत रटंत, गढ़ंत
    आन उड़ान, चढ़ान
    या रुलाया, मिलाया
    ते         हँसते, बोलते
    इक धार्मिक, मार्मिक, शारीरिक
    इत पीड़ित, फलित, पुष्पित
   आलु दयालु, शंकालु          

Sunday, June 13, 2021

पाठ 2 तलाश ( भारत की खोज )

 

पाठ 2 तलाश

प्रश्न : 1 भारत के संबंध में लेखक ने कैसे जाना था ?

उत्तर – लेखक भारत को समझने की लगातार कोशिश करता रहा था | भारत उसके खून में रचा-बसा था | शुरू-शुरू  में वह पश्चिम के विद्वानों द्वारा रचित साहित्य को पढ़कर भारत को जानने की कोशिश करता था | बाद में उसने भारत के इतिहास, प्राचीन साहित्य, विदेशी यात्रियों के यात्रा – विवरणों तथा अपनी यात्राओं के माध्यम से भारत को जाना – समझा था |

प्रश्न:2 लेखक ने आधुनिक सभ्यता का आधार किसे और क्यों कहा है?

उत्तर -- लेखक ने आधुनिक सभ्यता का आधार भारत के उत्तर –पश्चिम में स्थित सिंधु घाटी में मोहनजोदड़ों की सभ्यता को कहा है | पाँच-छह हज़ार वर्ष पूर्व वहाँ अच्छी तरह से विकसित सभ्यता थी | उस प्राचीन नगर में घरों और गलियों के अवशेष अब  भी वहाँ हैं | इनके स्थायी रूप से टीके रहने का कारण इसका  भारतीयपन है |

प्रश्न :3  हिमालय के संबंध में लेखक के क्या विचार है ?

उत्तर – लेखक हिमालय का संबंध पुराने मिथकों व दंतकथाओं से मानता है | वह हिमालय पर घूमता रहा है | कश्मीर से पुराना रिश्ता होने कारण उसे पहाड़ो  से बहुत प्रेम था | उसे हिमालय से निकालने वाली सिंधु, ब्रह्मपुत्र नदियों ने बहुत आकर्षित किया | वह हिमालय को साहित्यकारों का प्रेरणा स्रोत मानता है |

प्रश्न : 4 लेखक को भारत के अतीत की कहानी कहता कौन प्रतीत होता है ?

उत्तर – लेखक ने  भारत के अनेक पुराने स्मारकों, भग्नावशेषों , प्राचीन मूर्तियों तथा भित्ति चित्रों को आँखों से देखा था | वह अजंता,एलोरा और ऐलीफेंटा  की गुफाओं को देखने गया | आगरा और दिल्ली की खूबसूरत इमारतों को भी उसने देखा था |उसे लगता था प्रत्येक पत्थर भारत के अतीत की कहानी बता रहा है |

प्रश्न: 5 लेखक के मन में अतीत के कैसे चित्र उभरते थे ?

उत्तर – लेखक को  लगता था कि उसके पूर्वजों कि भूमि में ऐसे जीते-जागते लोग रहे थे जो हँसते-रोते, प्यार करते, जिंदगी को जानने व समझने वाले थे | सारनाथ जाने पर उसे लगा जैसे बुद्ध के ढाई हज़ार वर्ष पूर्व दिए गए उपदेश उसके कानों में गूँज रहे है | अशोक के शिलालेख , अकबर  का फतेहपुर सीकरी में जिज्ञासु भाव उसके सम्मुख सजीव हो उठते थे |

प्रश्न : 6 लेखक ने भारत कि शक्ति किसे माना और उस शक्ति का पतन क्यों  हुआ ?

उत्तर -- लेखक ने भारत कि शक्ति उसके प्राचीन व नवीन में सामन्जस्य  स्थापित करने की इच्छा को माना है , जिस कारण वह पुराने को बनाए रखने के साथ-साथ नए विचारों को ग्रहण कर सका | तकनीकी दौड़ में पीछे होने के कारण भारत की शक्ति का पतन हुआ | मानसिक जड़ता और शारीरिक शिथिलता के कारण ही यह पतन हुआ था |

प्रश्न : 7 ‘भारत की तलाश’ में लेखक ने क्या प्राप्त किया ?

उत्तर --  ‘भारत की तलाश’ में लेखक उन भारतवासियों को तलाश कर रहा था जो भारत के आज़ादी के संघर्ष में नेतृत्व कर सकें | उन्होने  पाया कि मध्य वर्ग के  लोग चुनौती देने  सक्षम नहीं है | यह साहस ग्रामीण जनता में है क्योंकि उनमें एक प्रकार कि दृढ़ता और आंतरिक शक्ति है जो अङ्ग्रेज़ी सरकार को चुनौती दे सकती है |

प्रश्न: 8 लेखक के अनुसार भारत माता  का स्वरूप कैसा  है ?

उत्तर -- लेखक के अनुसार भारत माता सम्पूर्ण भारत की मिट्टी, पहाड़, नदियाँ, जंगल, खेत और भारत की जनता है | भारत माता के स्वरूप में यहाँ रहने वाले सभी लोग आ जाते हैं |

प्रश्न :  9 भारत की विविधता में एकता कैसे है ?

उत्तर – भारत की विविधता यहाँ के उत्तर- पश्चिम, पूरब-दक्षिण  में रहने वाले लोगों के रहन-सहन, खान-पान, भाषा आदि के रूप में स्पष्ट दिखाई देती है | भौगोलिक दृष्टि से भी इस देश में कहीं गर्मी , कहीं सर्दी, कहीं पहाड़ , कहीं मैदान,और कहीं रेगिस्तान है | परंतु सांस्कृतिक एवं सभ्यता के कारण सभी एकता के सूत्र में बंधे  हुए हैं |

प्रश्न : 10 भारत की जन संस्कृति की  झलक कहाँ मिलती है ?

उत्तर – भारत की  जन – संस्कृति की झलक यहाँ के प्राचीन महाकाव्य रामायण, महाभारत आदि में मिलती है | इनके अनुवाद अनेक भाषाओं में हुए है और उन्हें परंपरा के लोक मंच पर प्रस्तुत किया जाता है | अनपढ़ व्यक्ति भी इनका रसास्वादन  करते है | जन – जन में सांस्कृतिक विरासत सुरक्षित है |

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

Saturday, June 12, 2021

पाठ 1 अहमदनगर का किला

 

 

पाठ 1 अहमदनगर का किला

प्रश्न 1 लेखक की यह कौन सी और कैसी यात्रा थी ? वह यहाँ कितने समय से था ?

उत्तर -- लेखक की यह नौवीं जेल यात्रा थी | वह अहमदनगर के किले में बंदी था | उसे यहाँ आए बीस महीने से भी अधिक समय हो चुका था |

प्रश्न 2 लेखक को जेल में समय का ज्ञान कैसे होता था ?

उत्तर – लेखक इस जेल में आया तो शुक्ल पक्ष शुरू हो चुका था | उस दिन अंधकर से भरे आकाश में दूज का चाँद झिलमिला रहा था | इस प्रकार हर बार जब नया चाँद उगता था तो लेखक अंदाजा लगा लेता था कि एक महीना बीत गया | इस प्रकार उसे समय का ज्ञान होता था |

प्रश्न 3 अहमदनगर के किले में लेखक की दिनचर्या क्या थी?

उत्तर – अहमदनगर के किले में लेखक बागवानी करता था | वह प्रतिदिन घंटों फूलों की क्यारियाँ बनाता रहता था | तपती धूप में भी वह यह कार्य करता रहता था | वहाँ की मिट्टी पथरीली तथा मलबे से भरी हुई थी, इसलिए इस कार्य में उसे बहुत मेहनत करनी पड़ती थी |

प्रश्न 4 लेखक को अहमदनगर के किले से जुड़ी कौन सी घटना याद थी ?

उत्तर -- लेखक को अहमदनगर के किले से जुड़ी चाँद बीबी की घटना याद थी | वह एक साहसी महिला थी | उसने अकबर की शाही सेना के विरुद्ध हाथ में तलवार लेकर अपनी सेना का नेतृत्व किया था |अंत में उसी के एक व्यक्ति ने उसकी हत्या कर दी थी |

प्रश्न 5 लेखक को खुदाई में क्या मिला और उसे यह कार्य क्यों  रोक देना पड़ा ?

उत्तर – लेखक को खुदाई में जमीन की सतह के बहुत नीचे दबे हुए प्राचीन दीवार के हिस्से, कुछ गुंबदों के हिस्से तथा इमारतों के ऊपरी हिस्से दिखाई दिए | वह और खुदाई करना चाहते थे, परंतु उनके पास समुचित औज़ार नहीं थे तथा जेल के अधिकारियों ने भी उन्हें इस कार्य की मंजूरी नहीं दी थी | इसलिए उन्हें यह कार्य रोक देना पड़ा|

 प्रश्न 6 कुदाल छोडकर लेखक ने क्या करना चाहा ?

उत्तर – कुदाल छोड़कर लेखक ने कलम उठा ली और लिखने का मन बनाया | वह जो कुछ इन दिनों सोच रहा था अथवा अनुभव कर रहा था, उन्हें अपने शब्दों के द्वारा व्यक्त करना चाहता था |

 प्रश्न 7 अतीत के दबाव से क्या तात्पर्य है ?

 उत्तर -- अतीत के दबाव से  तात्पर्य है कि अपने बीते हुए दिनों, अपनी परंपरा, सभ्यता एवं संस्कृति का अपने ऊपर पड़ने वाला प्रभाव है | इसे ही हम अपनी विरासत कहते है, जिसे दसियों-हजारों साल में हमने प्राप्त किया है |

प्रश्न 8 लेखक किसके संबंध में लिखना चाहता है ?

उत्तर – लेखक भारतवासियों के संबंध में लिखना चाहता है | उसे लगता है कि हमारी विरासत में कोई एक खास बात अवश्य है जो अनोखी नहीं होकर भी हमारे रक्त, मांस और अस्थियों में समाई हुई है |  जिससे हमारा वर्तमान बना है और भविष्य संवरेगा |

 

 

 

 


उपसर्ग

 उपसर्ग का अर्थ

ऐसे शब्दांश जो किसी शब्द के पहले जुड़कर उसके अर्थ को बदल देते हैं, उन्हें उपसर्ग कहते हैं |

कुछ उपसर्ग एवं उनके योग से बने शब्दों निम्नलिखित है |

 

उपसर्ग                     उपसर्ग के योग के बने शब्द                                               

1.    अ           अमर, अटल, अकाल                      

2.    आ           आमरण, आकार, आरक्षण                

3.    नि           निडर, निदान, निहत्या

4.    स           सकल, सजन, संदेह

5.    सु           सुफल, सुयोग, सुगम

6.    अप          अपमान, अपयश, अपहरण 

7.    अधि         अधिकार, अधिकरण, अधिपति

8.    उप           उपकार, उपयोग, उपदेश           

9.    प्र            प्रगति, प्रभाव, प्रमाणा 

10.  परि          परिवार, परिधान, परिचय

11.  अन          अनजान, अनपढ़, अनमोल

12.  कु           कुमार्ग, कुकर्म, कुबेर               

13.  अभि         अभिमान, अभिलाषा, अभिशाप

14.  हर           हरपाल, हरएक, हरदिन

15.  भर          भरपेट, भरमार, भरपूर

16.  वि           विज्ञान, विधान, विदेश 

17.  बद          बदनाम, बदनसीब, बदबू       

18.  ना           नापसंद, नालायक, नासमझ         

19.  ला           लाचार, लाजवाब, लाइलाज 

 20.  हम          हमसफर, हमदर्द, हमराही          

समास

  समास विनय अपने माता और पिता के साथ देव के मंदिर गया | चार राहों के समूह से गुजरते   हुए   उसने घोड़े पर सवारी करते हुए छ्त्रपति शि...