Sunday, August 22, 2021

पाठ 8 शाम एक किसान - सर्वेश्वर दयाल सक्सेना

पाठ 8      शाम एक किसान

                            - सर्वेश्वर दयाल सक्सेना

 

आकाश  का साफा बाँधकर

सूरज की चिलम खींचता

बैठा है पहाड़ ,

घुटनों पर पड़ी है नदी चादर –सी,

पास ही दहक रही है

पलाश के जंगल की अँगीठी

अँधकार  दूर पूर्व में

सिमटा बैठा है भेड़ों के गल्ले –सा|

शब्दार्थ आकाश : आसमान ; साफा: पगड़ी ; चिलम : मिट्टी की एक छोटी सुराखयुक्त रचना जिसकी मदद से ग्रामीण लोग धूम्रपान करते  हैं; दहकना : गरम लाल लपटों के साथ जलना ; पलाश : टेसू ; पूर्व : पूरब ; सिमटना : इकट्ठा होना |

प्रसंग- बसंत भाग-2 पाठ्यपुस्तक में संकलित शाम एक किसान नामक इस कविता के रचयिता श्री सर्वेश्वरदयाल सक्सेना हैं| इन काव्य पंक्तियों में जाड़े की शाम का बड़ा ही अद्भुत वर्णन किया गया है|

सरलार्थ : कवि जाड़े की शाम के प्राकृतिक दृश्य का बड़ा ही सुंदर चित्रण करते हुए कहता है कि शाम के इस दृश्य में पहाड़ ऐसा दिख रहा है जैसे बैठा हुआ कोई किसान हो और उसके सिर पर साफा बाँधा हुआ हो| अर्थात पहाड़ के सिर आकाश साफे के समान बंधा दिखाई दे रहा है| पहाड़ के नीचे बहती नदी उस पहाड़ के घुटनों पर रखी चादर  के समान लग रही है| पलाश के पेड़ों पर खिले लाल-लाल फूल जलती हुई अँगीठी जैसे लग रहे है| पूरब दिशा में क्षितिज पर अँधकार बढ़ता जा रहा है| वह इस प्रकार लग रहा है जैसे भेड़ों का झुंड हो| पश्चिम दिशा में अस्त होता सूरज ,चिलम पर रखी आग जैसा लग रहा है| चारों ओर वातवरण में शांति छाई हुई है|

विशेष – शाम के प्राकृतिक दृश्य का बड़ा ही सुंदर वर्णन किया है|

       पहाड़ का मानवीकरण किया  गया है |

अचानक –बोला मोर |

जैसे किसी ने आवाज़ दी-

सुनते हो’|

चिलम औंधी

धुआँ उठा-

सूरज डूबा

अँधेरा छा गया|

शब्दार्थ –अचानक : एकाएक ; आवाज़ देना: बुलाना ; औंधी : उलट गई

प्रसंग – पूर्ववत्

कवि कहता है कि झाडे कि शाम में प्रकृति में चारों ओर शांति व्याप्त है | तभी मोर बोल उठता है,मानो किसी ने आवाज़ लगाई हो – सुन रहे हो | इसके बाद प्राकृतिक दृश्य में तेज़ी से बदलाव आता है| यह दृश्य घटना में बदलने लगता है|- चिलम एक ओर उल्टी हो जाती है| चिलम उलटते ही जलती आग बुझने  लगती है , धुआँ भी उठने लगता है| अब डूबने को तैयार सूरज डूब चुका है| शाम ढाल गई है और रात का अँधेरा गहराता जा रहा है|

विशेष – प्राकृतिक दृश्यों का घटनाओं में बदलने का स्वाभाविक वर्णन है|

 

प्रश्न अभ्यास

प्रश्न) इस कविता में शाम के दृश्य को किसान के रूप में दिखाया गया है- यह एक रूपक है| इसे बनाने के लिए पाँच एकरूपताओं की जोड़ी बनाई गई है| उन्हें उपमा कहते हैं| पहली एकरूपता आकाश और साफे में दिखाते हुए कविता में आकाश का साफा वाक्यांश आया है| इसी तरह तीसरी एकरूपता नदी और चादर में दिखाई गई है, मानो नदी चादर-सी हो | अब आप दूसरी, चौथी और पाँचवीं एकरूपताओं को खोजकर लिखिए |

उत्तर ) i) आकाश का साफा ii) पलाश के जंगल की अंगीठी iii) नदी चादर सी iv) सूरज की चिलम v) भेड़ों के गल्ले सा अंधकार

प्रश्न) शाम का दृश्य अपने घर की छत या खिड़की से देखकर बताइए –

क)   शाम कब से शुरू हुई?

ख)   तब से लेकर सूरज डूबने में कितना समय लगा ?

ग)    इस बीच आसमान में क्या- क्या परिवर्तन हुए?

उत्तर ) अपने घर की छत या खिड़की से शाम का दृश्य देखने पर पता चलता है कि-

क)   जाड़े में दिन छोटे वायुमंडल में कोहरा तथा सूर्य का प्रकाश ऊष्माहीन होने के कारण शाम जल्दी अर्थात चार, सवा चार बजे हो गई |

ख)   तब से लेकर सूरज डूबने में एक या सवा घंटा समय लगा|

ग)    इस आसमान में निम्नलिखित परिवर्तन हुए-

i)        आसमान में सूर्य का प्रकाश कमजोर पड़ता गया अर्थात धुंधलापन बढ़ता गया|

ii)       आसमान में उड़ते पक्षी अपने घोंसलों कि ओर लौटने लगे |

iii)      पूरब की दिशा में प्रकाश समाप्त हो गया और क्षितिज से अंधेरे का आगमन होने लगा |

 

प्रश्न)  इस कविता को चित्रित करने के लिए किन-किन रंगों का प्रयोग किया है?

उत्तर ) इस कविता को चित्रित करने के लिए नीला, पीला, लाल, भूरा, काला, हरा,कत्थई रंगों का प्रयोग करना होगा|

प्रश्न)   शाम के समय ये क्या करते हैं।पता लगाइए और लिखिए –

उत्तर ) पक्षी पक्षी कलरव करते हुए उड़कर अपने-अपने घोंसलें या कोटर की ओर जाते है|

      पेड़-पौधे- उन पर खिले फूल मुरझा जाते हैं| उन पर पड़ी ओस के कारण ऐसा लगता है कि वे दिन भर कि थकान उतारने के लिए अभी-अभी नहाए हैं|

    खिलाड़ी- खिलाड़ी अपने खेल का अभ्यास करते हैं|

    फल वाले- फलवाले ऊँची आवाज़ में बोलकर फल बेचने की कोशिश करते है|

    माँ – किसान अपने बैलों के साथ वापस आते हैं, और बैलों और गायों को चारा-पानी देते हैं|

    बच्चे-  खेलते – कूदते हैं| शोर करते हैं| टेलीविज़न देखते हैं|

भाषा की बात

   प्रश्न) नीचे लिखी पंक्तियों में रेखांकित शब्दों को ध्यान से देखिए|

क)   घुटनों पर पड़ी है नदी चादर-सी

ख)   सिमट बैठा है भेड़ों के गल्ले-सा

ग)    पानी का परदा –सा मेरे आसपास हिल रहा

घ)    मँडराता रहता था एक मरियल-सा कुत्ता आसपास

ङ)     दिल है छोटा- सा छोटी - सी आशा

च)    घास पर फुदकती नन्ही सी चिड़िया

इन पंक्तियों में सा/सी का प्रयोग व्याकरण की दृष्टि से कैसे शब्दों के साथ हो रहा है ?

उत्तर ) सा / सी का प्रयोग व्याकरण की दृष्टि से दो प्रकार के शब्दों के साथ हो रहा है –

i)        संज्ञा शब्दों के साथ जैसे – चादर-सी ,गल्ले-सा तथा पर्दा सा |

ii)       विशेषण शब्दों के साथ –मरियल –सा , छोटा-सा तथा नन्ही सी |

 

iii)      हाँ ,सा/सी का प्रयोग तुलना करने या समानता बताने के लिए किया जा रहा है| जैसे – चादर-सी, गल्ले-सा, पर्दा-सा, मरियल-सा|

अलग अर्थ में सा/सी का प्रयोग मात्रा या आकार बताने के लिए किया जा रहा है| जैसे –छोटा सा ,नन्हीं –सी|

प्रश्न) निम्नलिखित शब्दों का प्रयोग आप किन संदर्भों में करेंगे?

प्रत्येक शब्द के लिए दो-दो संदर्भ (वाक्य) रचिए |

आँधी          दहक                 सिमटा

उत्तर ) आँधी- i) धूल भरी तेज़ गति से चलने वाली हवा के संदर्भ में |

      वाक्य – आँधी से बचने के लिए किसान हवा की ओट में छिप गया |

            Ii) हलचल मचाने के संदर्भ में|

      वाक्य- ज्वार-भाटा आने से पहले समुद्र में तेज़ गति से आँधी उठने लगी|

    दहक -  i) अग्नि,लपट,ज्वाला के संदर्भ में|

    वाक्य- हवा का झोंका पाते ही आग दाहक उठी |

         Ii) जलन,दाह के संदर्भ में|

     वाक्य- अपने माँ की मौत का बदला पाने के लिए उसका मन अभी भी दहक रहा है|

  सिमटा -   i) संकुचित होने के संदर्भ में|

   वाक्य – सर्दी के कारण गरीब सड़क पर सिमर कर बैठा है|

 Ii) समाप्त होने के संदर्भ में |

  वाक्य- राधा के घर विवाह का सारा कार्य सिमट गया |

 


Friday, July 23, 2021

संवाद लेखन

संवाद लेखन

प्रश्न ) मान लो आप अपने मित्र रोहन से उसकी तबीयत पूछने जाते हो | तुम अपने और रोहन के बीच की बातचीत को संवाद के रूप में लिखो |

उत्तर ) रोहन के घर पहुँचने पर :-

       मैं –  रोहन ! क्या बात है ? तुम लेटे क्यों हुए हो ?

       रोहन – मेरे पेट में कुछ ऐसे-ऐसे हो रहा है |

       मैं -    ये ऐसे-ऐसे क्या होता है ?

       रोहन – (थोड़ा कराहकर) मेरे पेट में दर्द हो रहा है |

       मैं-     ये दर्द कब से हो रहा है ?

       रोहन - आज दोपहर से अचानक होने लगा है |

       मैं -    क्या तुमने किसी डॉक्टर या वैध को दिखाया और कोई दवाई ली ?

       रोहन – हाँ, वैध जी आए थे | उन्होनें मुझे कब्ज की दवाई दी थी | माँ ने हींग, फिटकरी और काला नमक लेकिन मुझे कोई आराम नहीं हुआ है |

       मैं –   घबराओ मत | थोड़ी देर में ठीक  हो जाएगा | मैं रात को फोन करके तुम्हारी तबीयत के बारे पूछुंगा | अब मैं घर जाता हूँ | क्योंकि कल विद्यालय जाना है और स्कूल का गृहकार्य भी पूरा करना है |  

अच्छा रोहन नमस्ते | अपना ख्याल रखना |

       रोहन – नमस्कार |

 

प्रश्न ) संकट के समय कौन-कौन से फोन नंबर याद रखने चाहिए ? ऐसे वक्त में पुलिस से तुम कैसे  बात करोगे ? तुम अपने और पुलिस अधिकारी के बीच की बातचीत को संवाद के रूप में लिखो |

उत्तर ) संकट के समय हमें अपने सगे संबंधियों, पुलिस, फायर ब्रिग्रेड और डॉक्टर (ऐम्बुलेंस) आदि के फोन नंबर याद रखने चाहिए |

       पुलिस से बातचीत-

       मैं    – हैलो |

       पुलिस – हैलो |

       मैं    - हैलो सर मैं _______ बोल रहा हूँ | क्या आप पुलिस स्टेशन से बोल रहे है ?

       पुलिस– हैलो, हाँ, मैं मैं इंस्पेक्टर_________ बोल रहा हूँ | कहिए, आपने किसलिए फोन किया है ?

      मैं    - नमस्ते सर | मै .... बोल रहा हूँ| मेरे पड़ोसी के मकान में चोरी हो गई है |यहाँ का          

              पता... है | कृपया शीघ्र पहुँचने की कृपया करे |

       इंस्पेक्टर मै जल्द ही आपके बताए पते पर पहुँच रहा हूँ |आप परेशान ना हो |

     मैं     - धन्यवाद |

प्रश्न) आसपास की निर्जीव चीजों को ध्यान मे  रखकर कुछ संवाद लिखिए, जैसे –

क)    चॉक का ब्लैकबोर्ड से संवाद

ख)    कलम का कॉपी  से संवाद

  उत्तर ) चॉक का ब्लैकबोर्ड से संवाद –

       ब्लैकबोर्ड  - (चाक से ) ओह ! तुम फिर मुझे गंदा करने आ गए | जरा दूर ही रहो | देखो आज ही मैने नया सुंदर-सा  काला रंग वाला नया कपड़ा पहना है |(नया रंग किया गया है )

       चॉक आज मै तुम्हें गंदा करने नहीं बल्कि छात्रों के लिए ज्ञानवर्धक बातें लिखने आयी हूँ |

      ब्लैकबोर्ड  - सबसे उपर लिखना नए सत्र में सभी छात्रों का स्वागत है | फिर चित्र बनाना |

       चॉक   - ठीक है | जैसा तुम चाहो |

उत्तर ) कलम का कॉपी से संवाद –

      कॉपी (कलम देखकर ) आज तुम मुझे फिर क्यों परेशान करने क्यों आ गई ?

      कलम – मै तुम्हें परेशान करने नहीं बल्कि आज के पाठ के प्रश्नोंत्तर  लिखने आई हूँ |

      कॉपी   कल तुम अनेक जगह मेरे सीने में चुभ गई  थी | मुझे अब तक उसका  दर्द है |

      कलम – कल मेरा प्वाइंट  खराब हो रहा था | पर आज ऐसा नहीं है |

      कॉपी – ठीक है | सावधानी से काम करना है और पूरा काम करना जिससे मानस को आज       

            शिक्षक से डांट न खानी पड़े |

      कलम – अरे वो तो कल मुझे सहेलियों के साथ खेलने जाना था | पर आज बिना पूरा काम किए

             उठूँगी ही नहीं |

Monday, July 19, 2021

पाठ -10 पांडवों की रक्षा

 

पाठ -10

पांडवों की रक्षा

प्रश्न 1 विदुर ने वारणावत के लिए निकलने से पहले युधिष्ठिर को क्या समझाया ?

उत्तर – दुर्योधन के षड्यंत्र और उससे बचने का उपाय विदुर ने युधिष्ठिर को इस तरह गूढ भाषा में सीखा दिया कि कोई समझ न पाए |

प्रश्न 2 युधिष्ठिर ने ध्यान से देखने पर घर के बारे में क्या भेद समझा ?

उत्तर – उसे पता लगा कि यह घर जल्दी आग पकड़ने वाली चीजों से बना है पर साथ ही इस भेद को किसी को पत्ता न लगने के लिए कहा |ताकि मौका देखकर वह अपने भाइयों के साथ चुपचाप यहाँ से निकल सके |

प्रश्न 3 विदुर द्वारा भेजे गए दूत ने पांडवो से क्या कहा ?

उत्तर – उसने कहा की आप लोगों की भलाई के लिए हस्तिनापुर से रवाना होते समय विदुर ने युद्धिष्ठिर से सांकेतिक भाषा में जो कुछ कहा था , वह बात मै जनता हूँ |यही मेरे सच्चे मित्र होने की पहचान है |

प्रश्न 4 भीम पांडव लाख के घर से कैसे बचकर भाग निकले ?

उत्तर – माता  कुंती ने एक दिन बड़े भोज़न का प्रबध किया जिसमे नगर के सभी लोग भोजन करने आए |जब खूब खा –पीकर भवन के सभी कर्मचारी गहरी नींद में सो गए तब आधी रात के समय भीमसेन ने घर में आग लगा दी |पुरोचन भी उस आग में जलकर मर गया |भीम आदि पांडव बचकर भाग निकले |

प्रश्न 5 भीम ने घने जंगल में किस तरह अपनी माता व भाइयो को रास्ता पार कराया ?

उत्तर - उसने माता को अपने कंधे पर बैठा लिया | नकुल व सहदेव को अपनी कमर पर ले लिया| युधिष्ठिर व अर्जुन को दोनों हाथों से पकड़ लिया और घना जंगल का रास्ता पार किया |

प्रश्न 6 एकचक्रा नगरी में पांडव किस तरह अपने भोजन की व्यवस्था करते थे ?

उत्तर - वह वहाँ भिक्षा माँगकर लाते तथा एक हिस्सा भीम को देकर बाकी हिस्सा कुंती चारों भाइयो में व स्वयं खाकर गुजारा करती थी |

प्रश्न 7 एकचक्रा नगरी में ब्राह्मण के घर में क्या संकट आया ? 

उत्तर – एकचक्रा नगरी के पास रहने वाले राक्षस बकासुर के अनुसार आज ब्राह्मण के घर के किसी सदस्य को उसका भोजन बनने का नंबर था | इसलिए ब्राह्मण के घर यह विवाद हो रहा था कि कौन उसका भोजन बनने के लिय राक्षस के पास जाएगा |

प्रश्न 8 माता कुंती ने ब्राह्मण की किस प्रकार सहायता की |

 उत्तर – उसने भीमसेन को राक्षस का भोजन बनने के लिए तैयार किया | भीमसेन को जब बकासुर ने भोजन करते हुए देखा तो उसका चेहरा गुस्से से एकदम लाल हो गया |उसने भीमसेन पर बड़ा पेड़ उखाड़कर मारा जिसे भीमसेन ने बाएँ हाथ से रोक लिया |तब दोनों में भयानक मुठभेड़ हुई| आखिर में भीमसेन ने उसे मुंह के बल गिरा दिया और उसकी पीठ पर घुटनों की मार देकर उसकी रीढ़ तोड़ डाली |उसके प्राण पखेरू उड़ गए |     

 

पाठ 7 पापा खो गए विजय तेंदुलकर

 

पाठ 7  पापा खो गए

                विजय तेंदुलकर

नाटक में विचित्र पात्र -  नाटक की घटनाएँ एक सड़क पर घटती है | रात बिजली का खंबा और पेड़ अपने जीवन के बारे में बाते करते है|  खभें  को रात- दिन खड़े रहने की परेशानी है | पेड़ को भी   सर्दी , गरमी  , बरसात में सदा खड़ा ही रहता है |उन्हें आँधी तूफान झेलना पड़ता है| तभी लेटर बॉक्स (लाल ताऊ ) भी उनकी बातचीत में शामिल हो जाता है | वह कुछ पत्र निकालकर पढ़ने लगता है |खंभा और पेड़ समझते हैं कि किसी का पत्र पदना अच्छा नहीं। जिसे लिखा गया हो उसे ही पढ़ना  एक चाहिए | तभी एक गुंडा बदमाश आदमी आता है |यह एक छोटी सी लड़की को उठाकर लाया है | अगले दिन किसी किसी को बेच देगा |लड़की को उसने थोड़ी सी  बेहोशी की दवाई दी है |यह पेड़ की आड़ में लड़की को लिटा कर भोजन की तलाश में जाता है |

 

 

 

 

लेटर बॉक्स की चिंता – गुंडे के जाते ही खंबा ,पेड़ और लेटर बॉक्स बच्ची के बारे में चिंतित हो जाते है| वे कौवे को भी जगाते है |  तभी लड़की को बचाने के बारे में बातें करने लगते है |तभी लड़की को कुछ होश आता है वह समझ नहीं पाती की बातें कौन कर रहा था | उसे अंधेरे में डर लगने लगा | लेटर बॉक्स बोलता है तो वह बहुत खुश होती    है |ये दोनों बातें हैं |लेटर बॉक्स लड़की का पता – ठिखाना जानना चाहता है | पर लड़की को कुछ ठीक  से मालूम नहीं हैं धीरे धीरे पेड़ ;खंभा और कोवा भी बातचीत में शामिल हो जाते हैं | अब लडकी को डर नहीं लगता | वह सबके साथ खेलने लगती है |पोस्टर की लड़की भी उसके साथ नाचने लगती है |  

बदमाश से मुक्ति –तभी वह दुष्ट आदमी आ जाता है | सब चुप हो जाते हैं |वह लडकी को दूँदता है |लड़की बचने का प्रयत्न करती हैं |पेड़ ,लेटर बॉक्स  ,खंभा , और पोस्टर सभी लपक झपक कर बीच मे आते है| और लड़की को गुंडे के हाथ नहीं आने देते |तभी कौवा चिल्लता है-भूत !फिर सभी भूत -भूत चिल्लाने लगते हैं | गुंडा घबराकर भाग जाता है |सभी खूब हँसते हैं | कुछ देर लड़की नहीं मिलती तो सब मिलकर उसे दूँदते और थपकी देकर उसे सुला देते हैं |

पापा को यहाँ लाइए -  खंभा,पेड़ ,आदि के सामने समस्या है कि लड़की को उसके घर कैसे पहुँचाएँ | उसे  तो अपने पापा का नाम भी नहीं मामूल |वे एक योजना बनाते हैं |सुबह होती है |सड़क पर सोई लड़की पर पेड़ झुक कर छाया किए हुए है | खंभा टेदा खड़ा है |देखने में लगता है जेसे कोई दुर्घटना हुई हो |  कौवा शोर मचाकर लोगो का ध्यान आकर्षित करता है |पोस्टर पर लिखा है -मेरे पापा खो गए है | लेटर बॉक्स सरकता हुआ लोगों से कहता है - इस प्यारी बच्ची  के पापा मिल जाएँ तो यहाँ ले आइए |

कठिन शब्दार्थ

भंगिमा : शारीरिक मुद्रा ;  हड़बड़ी : जल्दबाज़ी ; आफत : आपदा ; तकलीफ : परेशानी ;कायम : स्थिर ; चरण: कविता की एक पंक्ति ; कर्कश: अच्छी न लगना ; फोकट : मुफ्त ; गुप्त :छिपा हुआ ; ओट में :आड़ में; गश्त लगाना :घूमना ; चकमा देना : धोखा देना ; संरक्षण : हिफाजत;  प्रेषक : दर्शक |

       प्रश्न) नाटक में आपको सबसे बुद्धिमान पात्र कौन लगा और क्यों ?

उत्तर ) नाटक में आपको सबसे बुद्धिमान पात्र  कौआ लगा ,क्योंकि लड़की को बचाने में वह सबसे ज्यादा बुद्धिमानी दिखाता है |पहले बार तब ,जब वह लड़की उठाने भिखारी को आता देख कर भूत चिल्लाता है और सबके भूत भूत चिल्लाने पर उसे भगना पड़ता है|  और दूसरी बार कौआ ही सबको लड़की को उसके पापा के पास पहुँचाने की योजना बनाता है |

प्रश्न) पेड़  और खंबे में दोस्ती कैसे हुई ?

उत्तर ) पेड़  और खंबे दोनों पास- पास स्थित थे | एक बार आँधी में खंभा जब गिरने लगा तो पेड़ ने उसे सहारा देकर बचा लिया था |इस क्रिया में पेड़ जख्मी हो गया था | तब से दोनों में दोस्ती हो गई |

प्रश्न ) लेटरबॉक्स को सभी लाल ताऊ कहकर क्यों पुकारते थे ?

उत्तर ) लेटरबॉक्स पढ़ा लिखा है और दूसरों की चिट्ठियाँ अपने पेट से निकालकर पढ़ता है |वह परीक्षित के स्कूल

 

 

 

 

 

छोड़कर बंटे खेलने से दुखी है | वह कहता है कि यदि वह परीक्षित का हैडमास्टर होता तो उसके होश ठिकाने पर ला देता |

प्रश्न ) लाल ताऊ किस प्रकार बाकी पात्रों से भिन्न है ?

उत्तर ) लेटरबॉक्स पढ़ा लिखा है और दूसरों की चिट्ठियाँ अपने पेट से निकालकर पढ़ता है | वह मधुर आवाज़ में बातें करता है | उसका रंग लाल है | उसे लाल ताऊ कहा जाता है | नाटक के अंत में वह कहता है कि इस लड़की के पापा मिल जाए तो उन्हें जल्दी यहाँ ले आए |

    प्रश्न )नाटक में बच्ची को बचाने वाले पात्रों में एक ही सजीव पात्र है | उसकी कौन कौन सी बातें आपको मजेदार

    लगी लिखिए |                                    

    उत्तर )  नाटक के पात्रों में एक ही सजीव पात्र है वह है कौआ | वह लड़की  को उठाने वाले  को आता देख सबसे        पहले  भूत कहकर चिल्लाता है और एक साथ  सबके भूत- भूत चिल्लाने पर भिखारी जैसा दिखने वाला भागता है | लोगों का ध्यान आकृष्ट करने के लिए कौवा कांव - कांव चिल्लाता है जिससे लोगो का ध्यान लड़की कि ओर आ जाए और वह    अपने पापा से मिल सके |

   प्रश्न ) क्या वजह थी कि सभी पत्र मिलकर भी लड़की को उसके घर नहीं पहुंचा सके |

उत्तर ) क्योंकि छोटी लड़की को अपने घर का पता, गली का नाम और पापा का नाम भी बता नहीं पा  रही थी| इसलिए चाह कर भी  सभी पात्र मिलकर भी लड़की को उसके घर नहीं पहुंचा सके|     

Sunday, July 18, 2021

पाठ -13 मानवीय करुणा की दिव्य चमक सर्वेश्वर दयाल सक्सेना

 

पाठ -13   मानवीय करुणा की दिव्य चमक

              सर्वेश्वर दयाल सक्सेना

प्रश्न) फादर की उपस्थिति देवदार की छाया जैसी क्यों लगती थी?

उत्तर ) फादर परिमल गोष्ठियों में सबसे बड़े माने जाते थे|  वे सबके साथ पारिवारिक संबंध अथवा मेलजोल बनाकर रखते थे| इससे भी अधिक महत्वपूर्ण बात कि वे सबके घरों में होने वाले विभिन्न उत्सवों में जाया करते थे | हर व्यक्ति के हृदय में स्नेह था| इसलिए सबको अपनी उपस्थिति देवदार के वृक्ष के समान अनुभव होती थी|

प्रश्न) फादर बुल्के भारतीय संस्कृति के अभिन्न अंग हैं,किस आधार पर ऐसा कहा गया है?

उत्तर ) लेखक ने फादर बुल्के भारतीय संस्कृति के अभिन्न अंग स्वीकार किया है | वे बेल्जियम के रहने वाले थे| भारत आकर उन्होने भारतीय संस्कृति को गहराई से समझा व हिन्दी भाषा को पढ़ना व लिखना सीखा | रामायण विषय को लेकर शोध प्रबंध किया | इससे उनका भारतीय संस्कृति से अधिक लगाव का पता चलता है|

प्रश्न) पाठ में आए उन प्रसंगों  का  उल्लेख कीजिए जिनसे फादर बुल्के का हिन्दी प्रेम प्रकट होता है?

उत्तर) फादर ने मातरलिंक द्वारा रचित सुप्रसिद्ध नाटक ब्लू बर्ड का नीलपंछी के नाम से हिन्दी अनुवाद किया | उन्होंने अंग्रेजी हिन्दी कोश का निर्माण किया व धार्मिक ग्रंथ बाइबल का हिन्दी अनुवाद किया | वे सदा हिन्दी को राष्ट्रभाषा का दर्जा दिलवाने की चिंता में रहते थे| इसके लिए उन्होंने अनेक प्रयास किए व अकाट्य तर्क भी प्रस्तुत किए | उन्हें उन हिन्दी भाषी लोगों पर झुंझलाहट होती थी जो हिन्दी जानते हुए भी हिन्दी का प्रयोग नहीं करते थे|

प्रश्न) लेखक ने फादर को मानवीय करुणा की दिव्य चमक क्यों कहा?

उत्तर ) लेखक कामिल बुलके अपने हृदय में दीन-दुखियों के प्रति करुणा भाव रखते थे | वे एक बार जिससे रिश्ता बना लेते थे उसे जीवनभर निभाते थे | उनके संपर्क जो भी आता था उसे असीम शांति की अनुभूति होती थी| इसी कारण लेखक ने उन्हें मानवीय करुणा की दिव्य चमक कहा है जो उचित प्रतीत होती थी|

प्रश्न) फादर बुल्के ने सन्यासी की परंपरागत छवि से अलग एक नई छवि प्रस्तुत की है,कैसे?

उत्तर ) परंपरागत सन्यासी समाज से अपना नाता तोड़ लेते थे | वे किसी के सुख-दु:ख में सम्मिलित नहीं होते है| वे  हमेशा अपनी भक्ति में लीन रहते है| किन्तु फादर बुल्के की छवि अलग थी वे समाज में रहते थे | उन्हें भारत में रहते  हुए भी अपने परिवार वालों की चिंता रहती थी| वे उन्हें हमेशा  पत्र लिखते थे | वे जब भी दिल्ली आते तो लेखक से जरूर मिलते थे |इस प्रकार  फादर बुल्के ने सन्यासी की परंपरागत छवि से अलग एक नई छवि प्रस्तुत की है

प्रश्न) 7 आशय स्पष्ट कीजिए|

क)    नाम आँखों को गिनना स्याही फैलाना है|

ख)   फादर को याद करना एक उदास शांत संगीत को सुनने जैसा  है|

उत्तर) क) फादर कामिल बुल्के की मृत्यु पर उनके परिचित, मित्र  और साहित्यिक मित्र इतनी अधिक संख्या में थे कि उनको गिनना कठिन था अर्थात बहुत लोग थे| इसलिए रोने वालों के लिए लिखना स्याही खर्च  करने के समान है|

क)    उत्तर) ख) जिस प्रकार उदास शांत संगीत को सुनकर व्यक्ति तन्हाइयों में डूब जाता है,उसी प्रकार फादर को याद करके, उनके साथ बिताए गए सुखद क्षण और उनके वात्सल्य भाव को याद करके मन में एक शांति पैदा होती है कहना उचित है कि फादर को याद करना एक उदास शांत संगीत को सुनने जैसा  है|

प्रश्न) आपके विचार से बुल्के ने भारत आने का मन क्यों बनाया होगा?

उत्तर) फादर कामिल बुल्के के मन में हिन्दी साहित्य, हिन्दी भाषा की जानकारी प्राप्त करने की इच्छा थी| फादर के मन में शायद भारत के संतों, ऋषियों तथा आध्यात्मिक पुरुषों  का आकर्षण भी रहा होगा साथ ही वे भारत तथा भारतीय संस्कृति के प्रति भी आकर्षित थे इसलिए वे भारत आना चाहते थे|

प्रश्न) बहुत सुंदर है मेरी जन्मभूमि – रेम्सचैंपल| इस पंक्ति में फादर बुल्के की अपनी जन्मभूमि के प्रति कौन-सी भावनाएं अभिव्यक्त होती है?आप अपनी जन्मभूमि के बारे में क्या सोचते हैं?

उत्तर) फादर कामिल बुल्के की जन्मभूमि रेम्सचैंपल थी| फादर बुल्के के इस कथन से यह स्पष्ट है कि उन्हें अपनी जन्मभूमि से बहुत प्रेम था, वहाँ उनकी माँ तथा परिवार के अन्य लोग रहते थे| मनुष्य कहीं भी रहे परंतु अपनी जन्मभूमि कि स्मृतियाँ हमेशा उसके साथ रहती है, हमारे लिए भी हमारी जन्मभूमि अनमोल है | हमें अपनी जन्मभूमि की  सभी वस्तुओं से प्रेम है| | यहीं हमारा पालन-पोषण हुआ | अत: हमें अपनी मातृभूमि पर गर्व है | हम चाहें जहां भी रहे परंतु ऐसा कोई भी कार्य नही करेंगे जिससे हमारी जन्मभूमि को अपमानित होना पड़े |

प्रश्न) निम्नलिखित वाक्यों में समुच्चयबोधक छांटकर अलग लिखिए |

क)    तब भी जब वह इलाहाबाद में थे और तब भी जब वह दिल्ली आते थे|

ख)   माँ ने बचपन में ही घोषित कर दिया था कि लड़का हाथ से गया |

ग)     वे रिश्ता बनाते थे तो तोड़ते नहीं थे|

घ)     उनके मुख से सांत्वना के जादू भरे शब्द सुनना एक ऐसी रोशनी से भर भर देता था कि लड़का हाथ से गया |

ङ)     पिता और भाइयों के लिए बहुत लगाव मन में नहीं था लेकिन वो स्मृति में अक्सर डूब जाते|

उत्तर) क) और ख) कि ग) तो घ) जो ड़) लेकिन

 

 

समास

  समास विनय अपने माता और पिता के साथ देव के मंदिर गया | चार राहों के समूह से गुजरते   हुए   उसने घोड़े पर सवारी करते हुए छ्त्रपति शि...