पाठ 7 पापा खो गए
विजय तेंदुलकर
नाटक में विचित्र पात्र - नाटक की घटनाएँ एक
सड़क पर घटती है | रात बिजली का खंबा और पेड़ अपने जीवन के
बारे में बाते करते है| खभें को
रात- दिन खड़े रहने की परेशानी है | पेड़ को भी सर्दी , गरमी ,
बरसात में सदा खड़ा ही रहता है |उन्हें आँधी तूफान झेलना पड़ता
है| तभी लेटर बॉक्स (लाल ताऊ ) भी उनकी बातचीत में शामिल हो
जाता है | वह कुछ पत्र निकालकर पढ़ने लगता है |खंभा और पेड़ समझते हैं कि किसी का पत्र पदना अच्छा नहीं। जिसे लिखा गया हो
उसे ही पढ़ना एक चाहिए | तभी एक गुंडा बदमाश आदमी आता है |यह एक छोटी सी
लड़की को उठाकर लाया है | अगले दिन किसी किसी को बेच देगा |लड़की को उसने थोड़ी सी बेहोशी की
दवाई दी है |यह पेड़ की आड़ में लड़की को लिटा कर भोजन की तलाश
में जाता है |
लेटर बॉक्स की चिंता – गुंडे के जाते ही खंबा ,पेड़ और लेटर
बॉक्स बच्ची के बारे में चिंतित हो जाते है| वे कौवे को भी
जगाते है | तभी लड़की
को बचाने के बारे में बातें करने लगते है |तभी लड़की को कुछ
होश आता है वह समझ नहीं पाती की बातें कौन कर रहा था | उसे अंधेरे
में डर लगने लगा | लेटर बॉक्स बोलता है तो वह बहुत खुश होती है |ये दोनों बातें हैं |लेटर बॉक्स लड़की का पता – ठिखाना
जानना चाहता है | पर लड़की को कुछ ठीक से मालूम नहीं हैं धीरे धीरे पेड़ ;खंभा और कोवा भी बातचीत में शामिल हो जाते हैं | अब
लडकी को डर नहीं लगता | वह सबके साथ खेलने लगती है |पोस्टर की लड़की भी उसके साथ नाचने लगती है |
बदमाश से मुक्ति –तभी वह दुष्ट आदमी आ जाता है | सब चुप हो जाते हैं |वह लडकी को दूँदता है
|लड़की बचने का प्रयत्न करती हैं |पेड़ ,लेटर बॉक्स ,खंभा , और पोस्टर सभी लपक झपक कर बीच मे आते है| और लड़की को गुंडे के हाथ नहीं आने देते |तभी कौवा
चिल्लता है-भूत !फिर सभी भूत -भूत चिल्लाने लगते हैं | गुंडा
घबराकर भाग जाता है |सभी खूब हँसते हैं | कुछ देर लड़की नहीं मिलती तो सब मिलकर उसे दूँदते और थपकी देकर उसे सुला
देते हैं |
पापा को यहाँ लाइए - खंभा,पेड़ ,आदि के सामने समस्या है कि लड़की को उसके घर कैसे पहुँचाएँ | उसे तो अपने पापा का नाम भी नहीं
मामूल |वे एक योजना बनाते हैं |सुबह
होती है |सड़क पर सोई लड़की पर पेड़ झुक कर छाया किए हुए है | खंभा टेदा खड़ा है |देखने में लगता है जेसे कोई
दुर्घटना हुई हो |
कौवा शोर मचाकर लोगो का ध्यान आकर्षित करता है |पोस्टर पर लिखा है -मेरे पापा खो गए है | लेटर बॉक्स
सरकता हुआ लोगों से कहता है - इस प्यारी बच्ची
के पापा मिल जाएँ तो यहाँ ले आइए |
कठिन शब्दार्थ
भंगिमा : शारीरिक मुद्रा ; हड़बड़ी :
जल्दबाज़ी ; आफत : आपदा ;
तकलीफ : परेशानी ;कायम :
स्थिर ; चरण: कविता की एक पंक्ति ; कर्कश: अच्छी न लगना ; फोकट : मुफ्त ; गुप्त :छिपा हुआ ; ओट में :आड़ में; गश्त लगाना :घूमना ; चकमा देना : धोखा देना ; संरक्षण : हिफाजत; प्रेषक
: दर्शक |
प्रश्न) नाटक
में आपको सबसे बुद्धिमान पात्र कौन लगा और क्यों ?
उत्तर ) नाटक में आपको सबसे
बुद्धिमान पात्र कौआ लगा ,क्योंकि लड़की को बचाने में वह सबसे ज्यादा बुद्धिमानी दिखाता
है |पहले बार तब ,जब वह लड़की उठाने
भिखारी को आता देख कर ‘ भूत’ चिल्लाता
है और सबके भूत भूत चिल्लाने पर उसे भगना पड़ता है| और दूसरी बार कौआ ही सबको लड़की को उसके पापा के
पास पहुँचाने की योजना बनाता है |
प्रश्न) पेड़ और खंबे में दोस्ती कैसे हुई ?
उत्तर ) पेड़ और खंबे दोनों पास- पास स्थित थे | एक बार आँधी में खंभा जब
गिरने लगा तो पेड़ ने उसे सहारा देकर बचा लिया था |इस क्रिया
में पेड़ जख्मी हो गया था | तब से दोनों में दोस्ती हो गई |
प्रश्न ) लेटरबॉक्स को सभी लाल
ताऊ कहकर क्यों पुकारते थे ?
उत्तर ) लेटरबॉक्स पढ़ा लिखा है
और दूसरों की चिट्ठियाँ अपने पेट से निकालकर पढ़ता है |वह परीक्षित के स्कूल
छोड़कर बंटे खेलने से दुखी है | वह कहता है कि यदि वह परीक्षित का हैडमास्टर होता तो उसके होश
ठिकाने पर ला देता |
प्रश्न ) लाल ताऊ किस प्रकार
बाकी पात्रों से भिन्न है ?
उत्तर ) लेटरबॉक्स पढ़ा लिखा है
और दूसरों की चिट्ठियाँ अपने पेट से निकालकर पढ़ता है | वह मधुर आवाज़ में बातें करता है | उसका
रंग लाल है | उसे लाल ताऊ कहा जाता है | नाटक के अंत में वह कहता है कि इस लड़की के पापा मिल जाए तो उन्हें जल्दी
यहाँ ले आए |
प्रश्न )नाटक
में बच्ची को बचाने वाले पात्रों में एक ही सजीव पात्र है | उसकी कौन कौन सी बातें आपको मजेदार
लगी लिखिए |
उत्तर ) नाटक के पात्रों में एक ही सजीव पात्र है वह है
कौआ | वह लड़की
को उठाने वाले को आता देख सबसे पहले
भूत कहकर चिल्लाता है और एक साथ
सबके भूत- भूत चिल्लाने पर भिखारी जैसा दिखने वाला भागता है | लोगों का ध्यान आकृष्ट करने के लिए कौवा कांव - कांव चिल्लाता है जिससे
लोगो का ध्यान लड़की कि ओर आ जाए और वह अपने
पापा से मिल सके |
प्रश्न ) क्या
वजह थी कि सभी पत्र मिलकर भी लड़की को उसके घर नहीं पहुंचा सके |
उत्तर ) क्योंकि छोटी लड़की को अपने घर का पता, गली का नाम और पापा का नाम भी बता नहीं पा रही थी| इसलिए चाह कर
भी सभी पात्र मिलकर भी लड़की को उसके घर
नहीं पहुंचा सके|
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