पाठ 6 दंडक वन में दस वर्ष
प्रश्न) चित्रकूट अयोध्या से कितनी दूरी पर था?
उत्तर) चार दिन की दूरी पर था|
प्रश्न) राम जी ने चित्रकूट से दूर चले जाने
का निर्णय क्यों लिया?
उत्तर ) अयोध्यावासी राय माँगने के लिए चित्रकूट
आते - जाते रहते है | यह राजकाज में हस्तक्षेप की
तरह होता | राम-लक्ष्मण उस वन से राक्षसों का सफाया कर चुके
थे| अब तपस्या में कोई बाधा नहीं थी |
इसलिए राम जी ने चित्रकूट से दूर चले जाने का निर्णय बना लिया|
प्रश्न) दंडकारण्य
का वर्णन अपने शब्दों में करो?
उत्तर ) दंडकारण्य घना था | पशु-पक्षियों और वनस्पतियों से परिपूर्ण | इस वन
में अनेक तपस्वियों के आश्रम थे| लेकिन राक्षस भी कम नहीं थे| वे ऋषि मुनियों को कष्ट देते थे| और अनुष्ठानों में
विघ्न डालते थे |
प्रश्न ) सीता की राक्षसों के राम द्वारा
संहार के संबंध में क्या राय थी?
उत्तर ) वे चाहती थी कि राम अकारण राक्षसों का
वध न करें | उन्हें न मारें , जिन्होंने उनका कोई अहित नहीं किया है|
प्रश्न)
राम-लक्ष्मण और सीता दंडकरण्य में कितने वर्ष रहे?
उत्तर ) दस वर्ष तक रहे |
प्रश्न ) विंध्याचल पर्वत पार करने वाले सबसे पहले
ऋषि का नाम बताए ?
उत्तर ) अगस्त्य ऋषि |
प्रश्न) पंचवटी के मार्ग में राम को क्या मिला
?
उत्तर ) विशालकाय गिद्ध मिला |
प्रश्न) जटायु कौन था ?
उत्तर ) जटायु विशालकाय गिद्ध था | वह महाराज दशरथ का मित्र था | पहली बार सीता उनके
स्वरूप को देखकर डर गई थी | वह राम-लक्ष्मण के बाहर जाने पर
माता सीता की रक्षा करता था |वह रावण से माता सीता को बचाने
के लिए लड़ा और अंत में मर गया |
प्रश्न) शूर्पणखा कौन थी?
उत्तर ) वह राक्षस राज रावण की बहन थी| वह बूढ़ी थी पर राम के रूप सौंदर्य पर मोहित हो गई |
उसने अपना रूप सुंदर स्त्री का बनाया और राम जी के पास उनसे विवाह करने का प्रस्ताव
लेकर गई |
प्रश्न) शूर्पणखा से विवाह न करने का कारण राम
और लक्ष्मण ने क्या कारण बताया ?
उत्तर ) राम जी ने सीता की ओर संकेत करते हुए
कहा कि ये मेरी पत्नी है | मेरा विवाह हो
चुका है|
लक्ष्मण ने स्वयं को राम जी का दास बताया और कहा मुझसे विवाह करके तुम दासी
बन जाओगी |
प्रश्न) अंत में दुखी होकर शूर्पणखा ने क्या
करने की सोची और लक्ष्मण ने फिर क्या किया ?
उत्तर ) क्रोध में आकर सीता पर झपट्टा मारा | लक्ष्मण तत्काल उठे और तलवार से उसके नाक-कान काट लिए | खून से लथपथ
शूर्पणखा अपने सौतले भाई खर-दूषण के पास गई|
प्रश्न) खर-दूषण और राम युद्ध का वर्णन करो?
उत्तर ) खर ने देखा कि आसमान काला पड़ गया |घोड़े स्वयं धरती पर गिरकर मर गए |आकाश में गिद्ध
मँडराने लगे है| ये अमंगल के संकेत थे|
पर वह रुका नहीं | आगे बढ़ता गया| दोनों
में घमासान युद्ध हुआ| खर –दूषण सहित उनकी सेना धराशायी हो
गई| अंत में विजय राम की हुई|
प्रश्न) अकंपन ने राम के बारे में रावण को
क्या सूचना दी?
उत्तर ) राम कुशल योद्धा है| उनके पास
विलक्षण शक्तियाँ हैं| उन्हें कोई नहीं मार सकता | इसका एक ही उपाय है सीता का अपहरण | इससे उनके
प्राण आप ही निकल जाएँगे |
प्रश्न)ताड़का पुत्र मारीच ने सीता अपहरण के संबंध में रावण को क्या
सलाह दी?
उत्तर ) उसने रावण को समझाया कि ऐसा करना
विनाश को आमंत्रण देना है |रावण ने मारीच कि
बात मान ली और वह चुपचाप लंका चला गया |
प्रश्न) शूर्पणखा ने रावण को नाक-कान काटने का
क्या कारण बताया ?
उत्तर ) सीता अतीव सुंदरी थी | उसे मैं तुम्हारे लिए लाना चाहती थी| मैंने उन्हें
बताया कि मैं रावण कि बहन हूँ | क्रोध में आकर लक्ष्मण ने
मेरे नाक-कान काट दिए|
प्रश्न) सीता का अपहरण करने के लिए रावण ने
क्या किया ?
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