Sunday, August 29, 2021

पाठ 6 दंडक वन में दस वर्ष

                                                  पाठ 6  दंडक वन में दस वर्ष

प्रश्न) चित्रकूट अयोध्या से कितनी दूरी पर था?

उत्तर) चार दिन  की दूरी पर था|

प्रश्न) राम जी ने चित्रकूट से दूर चले जाने का निर्णय क्यों लिया?

उत्तर ) अयोध्यावासी राय माँगने के लिए चित्रकूट आते - जाते रहते है | यह राजकाज में हस्तक्षेप की तरह होता | राम-लक्ष्मण उस वन से राक्षसों का सफाया कर चुके थे| अब तपस्या में कोई बाधा नहीं थी | इसलिए राम जी ने चित्रकूट से दूर चले जाने का निर्णय बना  लिया|

प्रश्न) दंडकारण्य का वर्णन अपने शब्दों में करो?

उत्तर ) दंडकारण्य घना था | पशु-पक्षियों और वनस्पतियों से परिपूर्ण | इस वन में अनेक तपस्वियों के आश्रम थे| लेकिन राक्षस भी कम नहीं थे| वे ऋषि मुनियों को कष्ट देते थे| और अनुष्ठानों में विघ्न डालते थे |

प्रश्न ) सीता की राक्षसों के राम द्वारा संहार के संबंध में क्या राय थी?

उत्तर ) वे चाहती थी कि राम अकारण राक्षसों का वध न करें | उन्हें न मारें , जिन्होंने उनका कोई अहित नहीं किया है|

प्रश्न) राम-लक्ष्मण और सीता दंडकरण्य में कितने वर्ष रहे?

उत्तर ) दस वर्ष तक रहे |

प्रश्न ) विंध्याचल पर्वत पार करने वाले सबसे पहले ऋषि का नाम बताए ?

उत्तर ) अगस्त्य ऋषि |

प्रश्न) पंचवटी के मार्ग में राम को क्या मिला ?

उत्तर ) विशालकाय गिद्ध मिला |

प्रश्न) जटायु कौन था ?

उत्तर ) जटायु  विशालकाय गिद्ध था | वह महाराज दशरथ का मित्र था | पहली बार सीता उनके स्वरूप को देखकर डर गई थी | वह राम-लक्ष्मण के बाहर जाने पर माता सीता की रक्षा करता था |वह रावण से माता सीता को बचाने के लिए लड़ा और अंत में मर गया |

प्रश्न) शूर्पणखा कौन थी?

उत्तर ) वह राक्षस राज रावण की बहन थी| वह बूढ़ी थी पर राम के रूप सौंदर्य पर मोहित हो गई | उसने  अपना रूप सुंदर स्त्री का बनाया  और राम जी के पास उनसे विवाह करने का प्रस्ताव लेकर गई |

प्रश्न) शूर्पणखा से विवाह न करने का कारण राम और लक्ष्मण ने क्या कारण  बताया ?

उत्तर ) राम जी ने सीता की ओर संकेत करते हुए कहा कि ये मेरी पत्नी है | मेरा विवाह हो चुका है|

      लक्ष्मण ने स्वयं को राम जी का दास बताया और कहा मुझसे विवाह करके तुम दासी बन जाओगी |

प्रश्न) अंत में दुखी होकर शूर्पणखा ने क्या करने की सोची और लक्ष्मण ने फिर क्या किया ?

उत्तर ) क्रोध में आकर सीता पर झपट्टा मारा | लक्ष्मण तत्काल उठे और तलवार से उसके नाक-कान  काट लिए | खून से लथपथ शूर्पणखा अपने सौतले भाई खर-दूषण के पास गई|

प्रश्न) खर-दूषण और राम युद्ध का वर्णन करो?

उत्तर ) खर ने देखा कि आसमान काला पड़ गया |घोड़े स्वयं धरती पर गिरकर मर गए |आकाश में गिद्ध मँडराने लगे है| ये अमंगल के संकेत थे| पर वह रुका नहीं | आगे बढ़ता गया| दोनों में घमासान युद्ध हुआ| खर –दूषण सहित उनकी सेना धराशायी हो गई| अंत में विजय राम की हुई|

प्रश्न) अकंपन ने राम के बारे में रावण को क्या सूचना दी?

उत्तर ) राम कुशल योद्धा  है| उनके पास विलक्षण शक्तियाँ हैं| उन्हें कोई नहीं मार सकता | इसका एक ही उपाय है सीता का अपहरण | इससे उनके प्राण आप ही निकल जाएँगे |

प्रश्न)ताड़का पुत्र  मारीच ने सीता अपहरण के संबंध में रावण को क्या सलाह दी?

उत्तर ) उसने रावण को समझाया कि ऐसा करना विनाश को आमंत्रण देना है |रावण ने मारीच कि बात मान ली और वह चुपचाप लंका  चला गया |

प्रश्न) शूर्पणखा ने रावण को नाक-कान काटने का क्या कारण बताया ?

उत्तर ) सीता अतीव सुंदरी थी | उसे मैं तुम्हारे लिए लाना चाहती थी| मैंने उन्हें बताया कि मैं रावण कि बहन हूँ | क्रोध में आकर लक्ष्मण ने मेरे नाक-कान काट दिए|

प्रश्न) सीता का अपहरण करने के लिए रावण ने क्या किया ?

उत्तर ) उसने मारीच को सोने के हिरण का रूप बदल कर पंचवटी के पास घूमने के लिए कहा | जब राम लक्ष्मण उसे पकड़ने के लिए पंचवटी से दूर आ जाये | तब पीछे से ब्राह्मण के वेश में आकर सीता का अपहरण करने का निर्णय लिया |

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