Wednesday, June 23, 2021

पाठ 5 कुंती , बाल महाभारत

                                            पाठ 5

कुंती

प्रश्न 1 ) यदुवंश के प्रसिद्ध राजा शूरसेन किसके पितामह थे ?

उत्तर ) श्री कृष्ण के |

प्रश्न 2 ) राजा शूरसेन की कन्या का क्या नाम था ?

उत्तर ) पृथा

प्रश्न 3 ) शूरसेन ने कुंतिभोज को क्या वचन दिया ?

उत्तर ) शूरसेन ने कुंतिभोज को क्या वचन दिया कि जो उनकी पहली संतान होगी उन्हें वे कुंतिभोज को गोद दे देंगे |

प्रश्न 4 ) कर्ण का पालन पोषण किसने किया ?

उत्तर ) अधिरथ सारथी ने किया |

प्रश्न 5 ) ऋषि दुर्वासा ने कुंती को क्या आशीर्वाद दिया ?

उत्तर ऋषि दुर्वासा ने कुंती को उनकी एक वर्ष तक की गई  सेवा –टहल से प्रसन्न होकर आशीर्वाद दिया की  जब भी किसी देवता का ध्यान करेगी तो अपने जैसा ही वह देवता उसे तेजस्वी पुत्र प्रदान करेगा |

प्रश्न 6) कर्ण कौन था ?

कर्ण को कुंती ने ऋषि दुर्वासा से मिले वरदान से सूर्य के संयोग से पैदा किया |जन्मदाता कवच और कुंडलों से शोभित वही बालक आगे चलकर शस्त्रधारी कर्ण के नाम से विख्यात हुआ |

प्रश्न 7) पांडवों  का जन्म किस प्रकार हुआ ?

उत्तर - ऋषि –दंपति से मिले श्राप के कारण महाराज पांडु स्ंतनोत्पति नहीं कर सकते  थे | अत: कुंती ने विवाह से पहले दुर्वासा ऋषि से पाए वरदान का पांडु से जिक्र किया |उनके अनुराध से कुंती ने पाँच पांडवों को जन्म दिया |

 

Friday, June 18, 2021

प्रत्यय (व्याकरण )

 प्रत्यय का अर्थ

 

ऐसे शब्दांश जो किसी शब्द के बाद में जुड़कर उसके अर्थ को बदल लेते है ,उन्हें प्रत्यय कहते हैं |

कुछ प्रमुख प्रत्यय और उनके योग से बने शब्द  निम्नलिखित है |

     प्रत्यय                प्रत्यय से बने वाले शब्द

    आई मिठाई, लड़ाई, पढ़ाई   
    वाला दूधवाला, फेरीवाला, घरवाला  
    हार होनहार, पालनहार, लेनहार
    दार पहरेदार, हवलदार, चौकीदार
    वन धनवान, बलवान, दयावान       
    मान श्रीमान, यजमान, धीमान     
    इक मासिक, वार्षिक, धार्मिक  
    आवा दिखावा, पछतावा, चढ़ावा
    अक         नायक, पालक, चालक                 
    कार         कलाकार, मालाकार, चित्रकार  
    ना                 खेलना, पढ़ना, कूदना
    ता                  महानता, सुंदरता, प्रमुखता      
    अन चंदन, बंधन, यौवन               
    कर सोकर, लिखकर, पढ़कर 
    आवट सजावट, लिखावट, मिलावट 
    आहट मुस्कराहट, घबराहट, सनसनाहट    
    आर कुम्हार, सुनार, लुहार            
    गर कारीगर, बाजीगर, जादूगर   
             धनी, लालची, पालकी
    पन बचपन , तड़पन, लड़कपन
    ईय राष्ट्रीय, मानवीय, जलीय
    इया लुटिया, खटिया, मुठिया
    अक्कड़ भुलक्कड़, पियक्कड़
    आऊ बिकाऊ, टिकाऊ, कमाऊ
     मेला, केला, चेला
              खेती, रेती
    नी                चटनी, कहानी, जुबानी
    अंत रटंत, गढ़ंत
    आन उड़ान, चढ़ान
    या रुलाया, मिलाया
    ते         हँसते, बोलते
    इक धार्मिक, मार्मिक, शारीरिक
    इत पीड़ित, फलित, पुष्पित
   आलु दयालु, शंकालु          

Sunday, June 13, 2021

पाठ 2 तलाश ( भारत की खोज )

 

पाठ 2 तलाश

प्रश्न : 1 भारत के संबंध में लेखक ने कैसे जाना था ?

उत्तर – लेखक भारत को समझने की लगातार कोशिश करता रहा था | भारत उसके खून में रचा-बसा था | शुरू-शुरू  में वह पश्चिम के विद्वानों द्वारा रचित साहित्य को पढ़कर भारत को जानने की कोशिश करता था | बाद में उसने भारत के इतिहास, प्राचीन साहित्य, विदेशी यात्रियों के यात्रा – विवरणों तथा अपनी यात्राओं के माध्यम से भारत को जाना – समझा था |

प्रश्न:2 लेखक ने आधुनिक सभ्यता का आधार किसे और क्यों कहा है?

उत्तर -- लेखक ने आधुनिक सभ्यता का आधार भारत के उत्तर –पश्चिम में स्थित सिंधु घाटी में मोहनजोदड़ों की सभ्यता को कहा है | पाँच-छह हज़ार वर्ष पूर्व वहाँ अच्छी तरह से विकसित सभ्यता थी | उस प्राचीन नगर में घरों और गलियों के अवशेष अब  भी वहाँ हैं | इनके स्थायी रूप से टीके रहने का कारण इसका  भारतीयपन है |

प्रश्न :3  हिमालय के संबंध में लेखक के क्या विचार है ?

उत्तर – लेखक हिमालय का संबंध पुराने मिथकों व दंतकथाओं से मानता है | वह हिमालय पर घूमता रहा है | कश्मीर से पुराना रिश्ता होने कारण उसे पहाड़ो  से बहुत प्रेम था | उसे हिमालय से निकालने वाली सिंधु, ब्रह्मपुत्र नदियों ने बहुत आकर्षित किया | वह हिमालय को साहित्यकारों का प्रेरणा स्रोत मानता है |

प्रश्न : 4 लेखक को भारत के अतीत की कहानी कहता कौन प्रतीत होता है ?

उत्तर – लेखक ने  भारत के अनेक पुराने स्मारकों, भग्नावशेषों , प्राचीन मूर्तियों तथा भित्ति चित्रों को आँखों से देखा था | वह अजंता,एलोरा और ऐलीफेंटा  की गुफाओं को देखने गया | आगरा और दिल्ली की खूबसूरत इमारतों को भी उसने देखा था |उसे लगता था प्रत्येक पत्थर भारत के अतीत की कहानी बता रहा है |

प्रश्न: 5 लेखक के मन में अतीत के कैसे चित्र उभरते थे ?

उत्तर – लेखक को  लगता था कि उसके पूर्वजों कि भूमि में ऐसे जीते-जागते लोग रहे थे जो हँसते-रोते, प्यार करते, जिंदगी को जानने व समझने वाले थे | सारनाथ जाने पर उसे लगा जैसे बुद्ध के ढाई हज़ार वर्ष पूर्व दिए गए उपदेश उसके कानों में गूँज रहे है | अशोक के शिलालेख , अकबर  का फतेहपुर सीकरी में जिज्ञासु भाव उसके सम्मुख सजीव हो उठते थे |

प्रश्न : 6 लेखक ने भारत कि शक्ति किसे माना और उस शक्ति का पतन क्यों  हुआ ?

उत्तर -- लेखक ने भारत कि शक्ति उसके प्राचीन व नवीन में सामन्जस्य  स्थापित करने की इच्छा को माना है , जिस कारण वह पुराने को बनाए रखने के साथ-साथ नए विचारों को ग्रहण कर सका | तकनीकी दौड़ में पीछे होने के कारण भारत की शक्ति का पतन हुआ | मानसिक जड़ता और शारीरिक शिथिलता के कारण ही यह पतन हुआ था |

प्रश्न : 7 ‘भारत की तलाश’ में लेखक ने क्या प्राप्त किया ?

उत्तर --  ‘भारत की तलाश’ में लेखक उन भारतवासियों को तलाश कर रहा था जो भारत के आज़ादी के संघर्ष में नेतृत्व कर सकें | उन्होने  पाया कि मध्य वर्ग के  लोग चुनौती देने  सक्षम नहीं है | यह साहस ग्रामीण जनता में है क्योंकि उनमें एक प्रकार कि दृढ़ता और आंतरिक शक्ति है जो अङ्ग्रेज़ी सरकार को चुनौती दे सकती है |

प्रश्न: 8 लेखक के अनुसार भारत माता  का स्वरूप कैसा  है ?

उत्तर -- लेखक के अनुसार भारत माता सम्पूर्ण भारत की मिट्टी, पहाड़, नदियाँ, जंगल, खेत और भारत की जनता है | भारत माता के स्वरूप में यहाँ रहने वाले सभी लोग आ जाते हैं |

प्रश्न :  9 भारत की विविधता में एकता कैसे है ?

उत्तर – भारत की विविधता यहाँ के उत्तर- पश्चिम, पूरब-दक्षिण  में रहने वाले लोगों के रहन-सहन, खान-पान, भाषा आदि के रूप में स्पष्ट दिखाई देती है | भौगोलिक दृष्टि से भी इस देश में कहीं गर्मी , कहीं सर्दी, कहीं पहाड़ , कहीं मैदान,और कहीं रेगिस्तान है | परंतु सांस्कृतिक एवं सभ्यता के कारण सभी एकता के सूत्र में बंधे  हुए हैं |

प्रश्न : 10 भारत की जन संस्कृति की  झलक कहाँ मिलती है ?

उत्तर – भारत की  जन – संस्कृति की झलक यहाँ के प्राचीन महाकाव्य रामायण, महाभारत आदि में मिलती है | इनके अनुवाद अनेक भाषाओं में हुए है और उन्हें परंपरा के लोक मंच पर प्रस्तुत किया जाता है | अनपढ़ व्यक्ति भी इनका रसास्वादन  करते है | जन – जन में सांस्कृतिक विरासत सुरक्षित है |

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

Saturday, June 12, 2021

पाठ 1 अहमदनगर का किला

 

 

पाठ 1 अहमदनगर का किला

प्रश्न 1 लेखक की यह कौन सी और कैसी यात्रा थी ? वह यहाँ कितने समय से था ?

उत्तर -- लेखक की यह नौवीं जेल यात्रा थी | वह अहमदनगर के किले में बंदी था | उसे यहाँ आए बीस महीने से भी अधिक समय हो चुका था |

प्रश्न 2 लेखक को जेल में समय का ज्ञान कैसे होता था ?

उत्तर – लेखक इस जेल में आया तो शुक्ल पक्ष शुरू हो चुका था | उस दिन अंधकर से भरे आकाश में दूज का चाँद झिलमिला रहा था | इस प्रकार हर बार जब नया चाँद उगता था तो लेखक अंदाजा लगा लेता था कि एक महीना बीत गया | इस प्रकार उसे समय का ज्ञान होता था |

प्रश्न 3 अहमदनगर के किले में लेखक की दिनचर्या क्या थी?

उत्तर – अहमदनगर के किले में लेखक बागवानी करता था | वह प्रतिदिन घंटों फूलों की क्यारियाँ बनाता रहता था | तपती धूप में भी वह यह कार्य करता रहता था | वहाँ की मिट्टी पथरीली तथा मलबे से भरी हुई थी, इसलिए इस कार्य में उसे बहुत मेहनत करनी पड़ती थी |

प्रश्न 4 लेखक को अहमदनगर के किले से जुड़ी कौन सी घटना याद थी ?

उत्तर -- लेखक को अहमदनगर के किले से जुड़ी चाँद बीबी की घटना याद थी | वह एक साहसी महिला थी | उसने अकबर की शाही सेना के विरुद्ध हाथ में तलवार लेकर अपनी सेना का नेतृत्व किया था |अंत में उसी के एक व्यक्ति ने उसकी हत्या कर दी थी |

प्रश्न 5 लेखक को खुदाई में क्या मिला और उसे यह कार्य क्यों  रोक देना पड़ा ?

उत्तर – लेखक को खुदाई में जमीन की सतह के बहुत नीचे दबे हुए प्राचीन दीवार के हिस्से, कुछ गुंबदों के हिस्से तथा इमारतों के ऊपरी हिस्से दिखाई दिए | वह और खुदाई करना चाहते थे, परंतु उनके पास समुचित औज़ार नहीं थे तथा जेल के अधिकारियों ने भी उन्हें इस कार्य की मंजूरी नहीं दी थी | इसलिए उन्हें यह कार्य रोक देना पड़ा|

 प्रश्न 6 कुदाल छोडकर लेखक ने क्या करना चाहा ?

उत्तर – कुदाल छोड़कर लेखक ने कलम उठा ली और लिखने का मन बनाया | वह जो कुछ इन दिनों सोच रहा था अथवा अनुभव कर रहा था, उन्हें अपने शब्दों के द्वारा व्यक्त करना चाहता था |

 प्रश्न 7 अतीत के दबाव से क्या तात्पर्य है ?

 उत्तर -- अतीत के दबाव से  तात्पर्य है कि अपने बीते हुए दिनों, अपनी परंपरा, सभ्यता एवं संस्कृति का अपने ऊपर पड़ने वाला प्रभाव है | इसे ही हम अपनी विरासत कहते है, जिसे दसियों-हजारों साल में हमने प्राप्त किया है |

प्रश्न 8 लेखक किसके संबंध में लिखना चाहता है ?

उत्तर – लेखक भारतवासियों के संबंध में लिखना चाहता है | उसे लगता है कि हमारी विरासत में कोई एक खास बात अवश्य है जो अनोखी नहीं होकर भी हमारे रक्त, मांस और अस्थियों में समाई हुई है |  जिससे हमारा वर्तमान बना है और भविष्य संवरेगा |

 

 

 

 


उपसर्ग

 उपसर्ग का अर्थ

ऐसे शब्दांश जो किसी शब्द के पहले जुड़कर उसके अर्थ को बदल देते हैं, उन्हें उपसर्ग कहते हैं |

कुछ उपसर्ग एवं उनके योग से बने शब्दों निम्नलिखित है |

 

उपसर्ग                     उपसर्ग के योग के बने शब्द                                               

1.    अ           अमर, अटल, अकाल                      

2.    आ           आमरण, आकार, आरक्षण                

3.    नि           निडर, निदान, निहत्या

4.    स           सकल, सजन, संदेह

5.    सु           सुफल, सुयोग, सुगम

6.    अप          अपमान, अपयश, अपहरण 

7.    अधि         अधिकार, अधिकरण, अधिपति

8.    उप           उपकार, उपयोग, उपदेश           

9.    प्र            प्रगति, प्रभाव, प्रमाणा 

10.  परि          परिवार, परिधान, परिचय

11.  अन          अनजान, अनपढ़, अनमोल

12.  कु           कुमार्ग, कुकर्म, कुबेर               

13.  अभि         अभिमान, अभिलाषा, अभिशाप

14.  हर           हरपाल, हरएक, हरदिन

15.  भर          भरपेट, भरमार, भरपूर

16.  वि           विज्ञान, विधान, विदेश 

17.  बद          बदनाम, बदनसीब, बदबू       

18.  ना           नापसंद, नालायक, नासमझ         

19.  ला           लाचार, लाजवाब, लाइलाज 

 20.  हम          हमसफर, हमदर्द, हमराही          

Saturday, May 29, 2021

मुहावरे

 


परिभाषा –जिन वाक्यांशों का अर्थ सामान्य न होकर विशेष होता हैं ,उन्हें मुहावरे कहते हैं |

भाषा में मुहावरों के प्रयो से भाषा सुंदर ,आकर्षण एवं प्रभावशाली हो जाती है |


प्रमुख मुहावरे ,उनका अर्थ और वाक्य और वाक्य प्रयोग :


 अंधे की लकड़ी  -एकमात्र सहारा

 प्रयोग –नेहा अपने माँ –बाप के लिए अंधे की लकड़ी है |

 अंग –अंग ढीला होना – बहुत अधिक थक जाना |

 प्रयोग – आज मुझे दिन भर इतना अधिक काम करना पड़ा की अंग –अंग ढीला हो गया |

अपना उल्लू सीधा करना – अपना कम बनाना |

 प्रयोग – चुनाव मे नेता लोग झूठे वादे करके अपना उल्लू सीधा करते हैं |

अपने मुंह मियाँ मिट्ठू बनना –अपनी प्रशंसा स्वयं करना |

प्रयोग –मयंक हमेशा अपने मुंह मिया मिट्ठू बना करता है |

अंकुश रखना –दबाव में रखना

प्रयोग –माँ – बाप को अपने बच्चों पर अंकुश रखना चाहिए |

आंखे दिखना –क्रोधित होना

प्रयोग –अध्यापक के आँखें दिखने पर कक्षा के सभी बच्चे चुप हो गए |

आँखें  खुलना –होश मे आना |

प्रयोग –नौकर की सच्चाई जानकार सबकी आँखें खुल गई  |

आँख लगना – नींद आना |

प्रयोग –यदि चालक की आँख न लगती तो दुर्घटना न घटती |

आग उगलना –क्रोध मे कटु वचन कहना |

प्रयोग –क्रिकेट की गेंद से जब खिलाड़ी का शीशा टूटा गया तो मकान मालिक सभी पर आग उगलने लगा|

आग बबूला होना –क्रोधित होना |

प्रयोग –वैभव के परीक्षा मे फ़ेल हो जाने से उसके पिता आग बबूला हो उठे |

आसमान से बातें करना –बहुत ऊंचा होना |

प्रयोग –शहरों की  इमारतें आसमान से बातें करती है |

आसमान सिर पर उठाना – बहुत अधिक शोर करना

प्रयोग –अध्यापक के कक्षा से बाहर निकलते ही बच्चे आसमान सिर पर उठा लेते हैं |

ईद का चाँद होना – बहुत दिनों बाद दिखाई देना

प्रयोग –परीक्षा के बाद मोहन ईद का चाँद हो गया |

उल्लू बनाना – मूर्ख बनाना

प्रयोग –देश में कई फर्जी कंपनियाँ देश में लोगो का उल्लू बनाकर गायब हो जाती है |

उल्टी गंगा बहाना – नियम के विरुद्ध काम करना

प्रयोग –आजकल के कई नेता उलटी गंगा बहाते  रहते  है |

कमर कसना – तैयार होना |

प्रयोग –युद्ध से पहले सैनिक कमर कस लेते हैं |

कान  पर जूं न रेंगना – कोई ध्यान न देना |

प्रयोग –मैं बच्चों से पढ़ने के लिए कहता हूँ पर उनके कान पर जूं नहीं रेंगती है |

कानोंकान खबर न होना – किसी को पता न चलना |

प्रयोग –मैंने शहर जाकर फिल्म देखी  और घर मे किसी को कानों कान खबर नहीं हुई |

कलाई खुलना –भेद खुल जाना |

प्रयोग –कब अधिकारी रिश्वत लेते पकड़े गए तो उनकी सारी कलई खुल गई |

गाल बजाना –व्यर्थ की बातें करना |

प्रयोग –कुछ न कुछ करके दिखाओ ,गाल बजाने से क्या कोई लाभ नहीं होगा |

गुड गोबर होना  - बना कम बिगड़ जाना |

प्रयोग- तेज वर्षा और आँधी आ जाने से कार्यक्रम देखने का मजा गुड़ गोबर हो गया |

घी के दिए जलाना –खुशियाँ मनाना |

प्रयोग –जब देश स्वतंत्र हुआ तो देशवासियों ने घी के दिये जलाए थे |

घोड़े बेंचकर सोना –निश्चिंत हो जाना |

प्रयोग-परीक्षा के बाद ग्रीष्मवकाश मे बच्चे घोड़े बेंचकर सोते है |

चार चाँद लगना –शोभा बढ़ाना |

प्रयोग –कार्यक्रम मे अच्छे संगीत से चार चाँद लग गए |

चैन की बंशी बजाना बेफिक्र होना |

प्रयोग – नौकरी पाने के बाद लोग चैन की बंसी बजाने लगते है |

छक्के छुड़ाना –बुरी तरह हारना |

प्रयोग –विश्व कप के फ़ाइनल मे भारतीय टीम ने श्रीलंका की टीम के छक्के छुड़ा दिए|

जान पर खेलना – अपनी जान जोखिम मे डालना |

प्रयोग –हमारे सैनिक जान पर खेलकर देश की सुरक्षा करते है |

झक मारना –विवश हो जाना |

प्रयोग –झक मारकर मुझे मित्र के साथ बाजार जाना पड़ा |

टेढ़ी खीर होना –कठिन काम होना |

प्रयोग – आजकल पढ़ लिखकर नौकरी पाना टेड़ी खीर है |

टस से मस  न होना –अपनी बात  पर अड़े रहना |

प्रयोग – जो सच्चा और इमनदसर होता है वह अपनी जगह से कभी टस से मस नहीं होता

ठोकर खाना –कष्ट सहन करना

प्रयोग –आजकल बेरोजगार युवक नौकरी के लिए दर-दर की ठोकरें खाते है |

थाली का बैंगन – सिद्धांतहीन व्यक्ति

प्रयोग –अवसरवादी नेता थाली के बैंगन की तरह दल बदलते रहते है |

दाल न गलना – वश न चलना

प्रयोग – आप यहाँ से चले जाइए यहाँ आपकी दाल नहीं गलेगी |

दिल दुखाना – कष्ट पहुंचाना

प्रयोग- हमें किसी कमजोर  का दिल नहीं दुखाना चाहिए |

धज्जियाँ उड़ाना – दुर्गति करना

प्रयोग- सदन में विधायकों ने प्रस्ताव की धज्जियाँ उड़ा दी |

नौ दो ग्यारह  होना  – भाग जाना

प्रयोग- बिल्ली को देखते ही चूहे नौ दो ग्यारह हो गए |

नाक कटना – बेइज्जत होना

प्रयोग - रमेश जब चोरी करते पकड़ा गया तो उसके पूरे परिवार की नाक कट गई |

पोल खुलना –भेद खुल जाना

प्रयोग – जब विकास की पोल खुल गई तो पार्टी को बीच में ही छोडकर वह भाग गया |

पेट में चूहे कूदना – भूख लग जाना

प्रयोग – आज मैंने सुबह से कुछ नहीं खाया ,अब मेरे पेट में चूहे कूद रहे है |

फूला  न समाना – बहुत खुश होना |

प्रयोग – स्कूल में प्रथम आने पर संतोष फूला न समाया |

बाएँ हाथ का खेल – बहुत आसान काम

प्रयोग - कवि को कविता सुनना उसके बाएँ हाथ का खेल है |

भीगी बिल्ली बनना – दर जाना  

प्रयोग –पुलिस ने जब चोर को पकड़ा तो वह भीगी बिल्ली बन गया |

मुँह में पानी आना – खाने को मन ललचाना

प्रयोग- मिठाई देखकर लोगो के मुंह में पानी आ जाता है |

रात दिन एक करना –कठिन  कठिन परिश्रम करना

प्रयोग – मेंने परीक्षा के समय अपना रात दिन एक कर दिया था

लोहा लेना –सामना  करना

प्रयोग - रानी लक्ष्मी बाई ने अंग्रेजों से लोहा लिया |

विष उगलना – कटु वचन कहना

प्रयोग- तुम कभी अपने मित्र के बारे में अच्छा नहीं बोलते ,हमेशा विष उगलते रहते हो |

हवा से बातें करना - बहुत तेज दौड़ना

प्रयोग - राणा प्रताप का घोड़ा चेतक हवा से बातें करता  था |

 हाथ बँटाना -काम में मदद करना

प्रयोग - बच्चो को अपने माता पिता के कामों में हाथ बाँटना चाहिए |

हिम्मत न हारना – साहस नहीं छोड़ना

 प्रयोग – संकट के समय हमें हिम्मत नहीं हारनी चाहिए |

दुम दबाकर भगाना – डरकर भा  जाना 

प्रयोग - पुलिस को देखकर चोर  दुम दबाकर भाग गए

दो दिन का मेहमान – मुत्यु के निकट होना

प्रयोग - अपनी लंबी बीमारी से जूझते हुए लाला जी बस अब दो दिन के मेहमान रह गए |

 

 

  

समास

  समास विनय अपने माता और पिता के साथ देव के मंदिर गया | चार राहों के समूह से गुजरते   हुए   उसने घोड़े पर सवारी करते हुए छ्त्रपति शि...