परिभाषा –जिन वाक्यांशों का अर्थ
सामान्य न होकर विशेष होता हैं ,उन्हें
मुहावरे कहते हैं |
भाषा में मुहावरों के प्रयो से
भाषा सुंदर ,आकर्षण एवं प्रभावशाली हो जाती
है |
प्रमुख मुहावरे ,उनका अर्थ और वाक्य और वाक्य प्रयोग :
अंधे की लकड़ी -एकमात्र सहारा
प्रयोग –नेहा अपने माँ –बाप के लिए अंधे की लकड़ी
है |
अंग –अंग ढीला होना – बहुत अधिक थक जाना |
प्रयोग – आज मुझे दिन भर इतना अधिक काम करना पड़ा
की अंग –अंग ढीला हो गया |
अपना उल्लू सीधा करना – अपना कम
बनाना |
प्रयोग – चुनाव मे नेता लोग झूठे वादे करके अपना
उल्लू सीधा करते हैं |
अपने मुंह मियाँ मिट्ठू बनना –अपनी
प्रशंसा स्वयं करना |
प्रयोग –मयंक हमेशा अपने मुंह
मिया मिट्ठू बना करता है |
अंकुश रखना –दबाव में रखना
प्रयोग –माँ – बाप को अपने बच्चों
पर अंकुश रखना चाहिए |
आंखे दिखना –क्रोधित होना
प्रयोग –अध्यापक के आँखें दिखने
पर कक्षा के सभी बच्चे चुप हो गए |
आँखें खुलना –होश मे आना |
प्रयोग –नौकर की सच्चाई जानकार
सबकी आँखें खुल गई |
आँख लगना – नींद आना |
प्रयोग –यदि चालक की आँख न लगती
तो दुर्घटना न घटती |
आग उगलना –क्रोध मे कटु वचन कहना |
प्रयोग –क्रिकेट की गेंद से जब
खिलाड़ी का शीशा टूटा गया तो मकान मालिक सभी पर आग उगलने लगा|
आग बबूला होना –क्रोधित होना |
प्रयोग –वैभव के परीक्षा मे फ़ेल
हो जाने से उसके पिता आग बबूला हो उठे |
आसमान से बातें करना –बहुत ऊंचा
होना |
प्रयोग –शहरों की इमारतें आसमान से बातें करती है |
आसमान सिर पर उठाना – बहुत अधिक
शोर करना
प्रयोग –अध्यापक के कक्षा से बाहर
निकलते ही बच्चे आसमान सिर पर उठा लेते हैं |
ईद का चाँद होना – बहुत दिनों बाद
दिखाई देना
प्रयोग –परीक्षा के बाद मोहन ईद
का चाँद हो गया |
उल्लू बनाना – मूर्ख बनाना
प्रयोग –देश में कई फर्जी
कंपनियाँ देश में लोगो का उल्लू बनाकर गायब हो जाती है |
उल्टी गंगा बहाना – नियम के विरुद्ध
काम करना
प्रयोग –आजकल के कई नेता उलटी
गंगा बहाते रहते है |
कमर कसना – तैयार होना |
प्रयोग –युद्ध से पहले सैनिक कमर
कस लेते हैं |
कान पर जूं न रेंगना – कोई ध्यान न देना |
प्रयोग –मैं बच्चों से पढ़ने के
लिए कहता हूँ पर उनके कान पर जूं नहीं रेंगती है |
कानोंकान खबर न होना – किसी को
पता न चलना |
प्रयोग –मैंने शहर जाकर फिल्म देखी
और घर मे किसी को कानों कान खबर नहीं हुई |
कलाई खुलना –भेद खुल जाना |
प्रयोग –कब अधिकारी रिश्वत लेते
पकड़े गए तो उनकी सारी कलई खुल गई |
गाल बजाना –व्यर्थ की बातें करना |
प्रयोग –कुछ न कुछ करके दिखाओ ,गाल बजाने से क्या कोई लाभ नहीं होगा |
गुड गोबर होना - बना कम बिगड़ जाना |
प्रयोग- तेज वर्षा और आँधी आ जाने
से कार्यक्रम देखने का मजा गुड़ गोबर हो गया |
घी के दिए जलाना –खुशियाँ मनाना |
प्रयोग –जब देश स्वतंत्र हुआ तो
देशवासियों ने घी के दिये जलाए थे |
घोड़े बेंचकर सोना –निश्चिंत हो
जाना |
प्रयोग-परीक्षा के बाद ग्रीष्मवकाश
मे बच्चे घोड़े बेंचकर सोते है |
चार चाँद लगना –शोभा बढ़ाना |
प्रयोग –कार्यक्रम मे अच्छे संगीत
से चार चाँद लग गए |
चैन की बंशी बजाना –बेफिक्र होना |
प्रयोग – नौकरी पाने के बाद लोग
चैन की बंसी बजाने लगते है |
छक्के छुड़ाना –बुरी तरह हारना |
प्रयोग –विश्व कप के फ़ाइनल मे
भारतीय टीम ने श्रीलंका की टीम के छक्के छुड़ा दिए|
जान पर खेलना – अपनी जान जोखिम मे
डालना |
प्रयोग –हमारे सैनिक जान पर खेलकर
देश की सुरक्षा करते है |
झक मारना –विवश हो जाना |
प्रयोग –झक मारकर मुझे मित्र के
साथ बाजार जाना पड़ा |
टेढ़ी खीर होना –कठिन काम होना |
प्रयोग – आजकल पढ़ लिखकर नौकरी
पाना टेड़ी खीर है |
टस से मस न होना –अपनी बात पर अड़े रहना |
प्रयोग – जो सच्चा और इमनदसर होता
है वह अपनी जगह से कभी टस से मस नहीं होता
ठोकर खाना –कष्ट सहन करना
प्रयोग –आजकल बेरोजगार युवक नौकरी
के लिए दर-दर की ठोकरें खाते है |
थाली का बैंगन – सिद्धांतहीन
व्यक्ति
प्रयोग –अवसरवादी नेता थाली के
बैंगन की तरह दल बदलते रहते है |
दाल न गलना – वश न चलना
प्रयोग – आप यहाँ से चले जाइए
यहाँ आपकी दाल नहीं गलेगी |
दिल दुखाना – कष्ट पहुंचाना
प्रयोग- हमें किसी कमजोर का दिल नहीं दुखाना चाहिए |
धज्जियाँ उड़ाना – दुर्गति करना
प्रयोग- सदन में विधायकों ने
प्रस्ताव की धज्जियाँ उड़ा दी |
नौ दो ग्यारह होना –
भाग जाना
प्रयोग- बिल्ली को देखते ही चूहे
नौ दो ग्यारह हो गए |
नाक कटना – बेइज्जत होना
प्रयोग - रमेश जब चोरी करते पकड़ा गया तो उसके पूरे परिवार की नाक कट गई |
पोल खुलना –भेद खुल जाना
प्रयोग – जब विकास की पोल खुल गई
तो पार्टी को बीच में ही छोडकर वह भाग गया |
पेट में चूहे कूदना – भूख लग जाना
प्रयोग – आज मैंने सुबह से कुछ
नहीं खाया ,अब मेरे पेट में चूहे कूद रहे
है |
फूला न समाना – बहुत खुश होना |
प्रयोग – स्कूल में प्रथम आने पर
संतोष फूला न समाया |
बाएँ हाथ का खेल – बहुत आसान काम
प्रयोग - कवि को कविता सुनना उसके
बाएँ हाथ का खेल है |
भीगी बिल्ली बनना – दर जाना
प्रयोग –पुलिस ने जब चोर को पकड़ा
तो वह भीगी बिल्ली बन गया |
मुँह में पानी आना – खाने को मन
ललचाना
प्रयोग- मिठाई देखकर लोगो के मुंह
में पानी आ जाता है |
रात दिन एक करना –कठिन कठिन परिश्रम करना
प्रयोग – मेंने परीक्षा के समय
अपना रात दिन एक कर दिया था
लोहा लेना –सामना करना
प्रयोग - रानी लक्ष्मी बाई ने
अंग्रेजों से लोहा लिया |
विष उगलना – कटु वचन कहना
प्रयोग- तुम कभी अपने मित्र के
बारे में अच्छा नहीं बोलते ,हमेशा विष उगलते
रहते हो |
हवा से बातें करना - बहुत तेज
दौड़ना
प्रयोग - राणा प्रताप का घोड़ा
चेतक हवा से बातें करता था |
हाथ बँटाना -काम में मदद करना
प्रयोग - बच्चो को अपने माता पिता
के कामों में हाथ बाँटना चाहिए |
हिम्मत न हारना – साहस नहीं छोड़ना
प्रयोग – संकट के समय हमें
हिम्मत नहीं हारनी चाहिए |
दुम दबाकर भगाना – डरकर
भाग जाना
प्रयोग - पुलिस
को देखकर चोर दुम दबाकर भाग गए
दो दिन का मेहमान –
मुत्यु के निकट होना
प्रयोग - अपनी
लंबी बीमारी से जूझते हुए लाला जी बस अब दो दिन के मेहमान रह गए |