Saturday, May 29, 2021

मुहावरे

 


परिभाषा –जिन वाक्यांशों का अर्थ सामान्य न होकर विशेष होता हैं ,उन्हें मुहावरे कहते हैं |

भाषा में मुहावरों के प्रयो से भाषा सुंदर ,आकर्षण एवं प्रभावशाली हो जाती है |


प्रमुख मुहावरे ,उनका अर्थ और वाक्य और वाक्य प्रयोग :


 अंधे की लकड़ी  -एकमात्र सहारा

 प्रयोग –नेहा अपने माँ –बाप के लिए अंधे की लकड़ी है |

 अंग –अंग ढीला होना – बहुत अधिक थक जाना |

 प्रयोग – आज मुझे दिन भर इतना अधिक काम करना पड़ा की अंग –अंग ढीला हो गया |

अपना उल्लू सीधा करना – अपना कम बनाना |

 प्रयोग – चुनाव मे नेता लोग झूठे वादे करके अपना उल्लू सीधा करते हैं |

अपने मुंह मियाँ मिट्ठू बनना –अपनी प्रशंसा स्वयं करना |

प्रयोग –मयंक हमेशा अपने मुंह मिया मिट्ठू बना करता है |

अंकुश रखना –दबाव में रखना

प्रयोग –माँ – बाप को अपने बच्चों पर अंकुश रखना चाहिए |

आंखे दिखना –क्रोधित होना

प्रयोग –अध्यापक के आँखें दिखने पर कक्षा के सभी बच्चे चुप हो गए |

आँखें  खुलना –होश मे आना |

प्रयोग –नौकर की सच्चाई जानकार सबकी आँखें खुल गई  |

आँख लगना – नींद आना |

प्रयोग –यदि चालक की आँख न लगती तो दुर्घटना न घटती |

आग उगलना –क्रोध मे कटु वचन कहना |

प्रयोग –क्रिकेट की गेंद से जब खिलाड़ी का शीशा टूटा गया तो मकान मालिक सभी पर आग उगलने लगा|

आग बबूला होना –क्रोधित होना |

प्रयोग –वैभव के परीक्षा मे फ़ेल हो जाने से उसके पिता आग बबूला हो उठे |

आसमान से बातें करना –बहुत ऊंचा होना |

प्रयोग –शहरों की  इमारतें आसमान से बातें करती है |

आसमान सिर पर उठाना – बहुत अधिक शोर करना

प्रयोग –अध्यापक के कक्षा से बाहर निकलते ही बच्चे आसमान सिर पर उठा लेते हैं |

ईद का चाँद होना – बहुत दिनों बाद दिखाई देना

प्रयोग –परीक्षा के बाद मोहन ईद का चाँद हो गया |

उल्लू बनाना – मूर्ख बनाना

प्रयोग –देश में कई फर्जी कंपनियाँ देश में लोगो का उल्लू बनाकर गायब हो जाती है |

उल्टी गंगा बहाना – नियम के विरुद्ध काम करना

प्रयोग –आजकल के कई नेता उलटी गंगा बहाते  रहते  है |

कमर कसना – तैयार होना |

प्रयोग –युद्ध से पहले सैनिक कमर कस लेते हैं |

कान  पर जूं न रेंगना – कोई ध्यान न देना |

प्रयोग –मैं बच्चों से पढ़ने के लिए कहता हूँ पर उनके कान पर जूं नहीं रेंगती है |

कानोंकान खबर न होना – किसी को पता न चलना |

प्रयोग –मैंने शहर जाकर फिल्म देखी  और घर मे किसी को कानों कान खबर नहीं हुई |

कलाई खुलना –भेद खुल जाना |

प्रयोग –कब अधिकारी रिश्वत लेते पकड़े गए तो उनकी सारी कलई खुल गई |

गाल बजाना –व्यर्थ की बातें करना |

प्रयोग –कुछ न कुछ करके दिखाओ ,गाल बजाने से क्या कोई लाभ नहीं होगा |

गुड गोबर होना  - बना कम बिगड़ जाना |

प्रयोग- तेज वर्षा और आँधी आ जाने से कार्यक्रम देखने का मजा गुड़ गोबर हो गया |

घी के दिए जलाना –खुशियाँ मनाना |

प्रयोग –जब देश स्वतंत्र हुआ तो देशवासियों ने घी के दिये जलाए थे |

घोड़े बेंचकर सोना –निश्चिंत हो जाना |

प्रयोग-परीक्षा के बाद ग्रीष्मवकाश मे बच्चे घोड़े बेंचकर सोते है |

चार चाँद लगना –शोभा बढ़ाना |

प्रयोग –कार्यक्रम मे अच्छे संगीत से चार चाँद लग गए |

चैन की बंशी बजाना बेफिक्र होना |

प्रयोग – नौकरी पाने के बाद लोग चैन की बंसी बजाने लगते है |

छक्के छुड़ाना –बुरी तरह हारना |

प्रयोग –विश्व कप के फ़ाइनल मे भारतीय टीम ने श्रीलंका की टीम के छक्के छुड़ा दिए|

जान पर खेलना – अपनी जान जोखिम मे डालना |

प्रयोग –हमारे सैनिक जान पर खेलकर देश की सुरक्षा करते है |

झक मारना –विवश हो जाना |

प्रयोग –झक मारकर मुझे मित्र के साथ बाजार जाना पड़ा |

टेढ़ी खीर होना –कठिन काम होना |

प्रयोग – आजकल पढ़ लिखकर नौकरी पाना टेड़ी खीर है |

टस से मस  न होना –अपनी बात  पर अड़े रहना |

प्रयोग – जो सच्चा और इमनदसर होता है वह अपनी जगह से कभी टस से मस नहीं होता

ठोकर खाना –कष्ट सहन करना

प्रयोग –आजकल बेरोजगार युवक नौकरी के लिए दर-दर की ठोकरें खाते है |

थाली का बैंगन – सिद्धांतहीन व्यक्ति

प्रयोग –अवसरवादी नेता थाली के बैंगन की तरह दल बदलते रहते है |

दाल न गलना – वश न चलना

प्रयोग – आप यहाँ से चले जाइए यहाँ आपकी दाल नहीं गलेगी |

दिल दुखाना – कष्ट पहुंचाना

प्रयोग- हमें किसी कमजोर  का दिल नहीं दुखाना चाहिए |

धज्जियाँ उड़ाना – दुर्गति करना

प्रयोग- सदन में विधायकों ने प्रस्ताव की धज्जियाँ उड़ा दी |

नौ दो ग्यारह  होना  – भाग जाना

प्रयोग- बिल्ली को देखते ही चूहे नौ दो ग्यारह हो गए |

नाक कटना – बेइज्जत होना

प्रयोग - रमेश जब चोरी करते पकड़ा गया तो उसके पूरे परिवार की नाक कट गई |

पोल खुलना –भेद खुल जाना

प्रयोग – जब विकास की पोल खुल गई तो पार्टी को बीच में ही छोडकर वह भाग गया |

पेट में चूहे कूदना – भूख लग जाना

प्रयोग – आज मैंने सुबह से कुछ नहीं खाया ,अब मेरे पेट में चूहे कूद रहे है |

फूला  न समाना – बहुत खुश होना |

प्रयोग – स्कूल में प्रथम आने पर संतोष फूला न समाया |

बाएँ हाथ का खेल – बहुत आसान काम

प्रयोग - कवि को कविता सुनना उसके बाएँ हाथ का खेल है |

भीगी बिल्ली बनना – दर जाना  

प्रयोग –पुलिस ने जब चोर को पकड़ा तो वह भीगी बिल्ली बन गया |

मुँह में पानी आना – खाने को मन ललचाना

प्रयोग- मिठाई देखकर लोगो के मुंह में पानी आ जाता है |

रात दिन एक करना –कठिन  कठिन परिश्रम करना

प्रयोग – मेंने परीक्षा के समय अपना रात दिन एक कर दिया था

लोहा लेना –सामना  करना

प्रयोग - रानी लक्ष्मी बाई ने अंग्रेजों से लोहा लिया |

विष उगलना – कटु वचन कहना

प्रयोग- तुम कभी अपने मित्र के बारे में अच्छा नहीं बोलते ,हमेशा विष उगलते रहते हो |

हवा से बातें करना - बहुत तेज दौड़ना

प्रयोग - राणा प्रताप का घोड़ा चेतक हवा से बातें करता  था |

 हाथ बँटाना -काम में मदद करना

प्रयोग - बच्चो को अपने माता पिता के कामों में हाथ बाँटना चाहिए |

हिम्मत न हारना – साहस नहीं छोड़ना

 प्रयोग – संकट के समय हमें हिम्मत नहीं हारनी चाहिए |

दुम दबाकर भगाना – डरकर भा  जाना 

प्रयोग - पुलिस को देखकर चोर  दुम दबाकर भाग गए

दो दिन का मेहमान – मुत्यु के निकट होना

प्रयोग - अपनी लंबी बीमारी से जूझते हुए लाला जी बस अब दो दिन के मेहमान रह गए |

 

 

  

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