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Monday, February 21, 2022
Wednesday, January 5, 2022
भीष्म शर-शैय्या पर
पाठ 31 भीष्म शर-शैय्या पर
प्रश्न ) भीष्म शिखंडी के
बाणों का प्रत्युत्तर क्यों नहीं दे रहे थे
?
उत्तर
) शिखंडी वास्तव में पूर्ण पुरुष नहीं था | वह अंबा नाम की स्त्री ही थी,जिसे स्वयंवर से विचित्रवीर्य के लिए जबरदस्ती उठाकर लाया था | पर वह शाल्व नरेश से विवाह करना चाहती थी | उसने ये
बात भीष्म को बताई | तब भीष्म ने उसे शाल्व नरेश के पास जाने
की आज्ञा दे दी | शाल्व नरेश ने विवाह करने से इंकार कर दिया | इस प्रकार दोनों तरफ से निराश हुई अंबा ने स्त्री रूप छोड़कर अपना नाम शिखंडी
रख लिया | शिखंडी के स्त्री होने की बात भीष्म जानते थे| अतः वह उसके बाणों का प्रत्युत्तर नहीं दे रहे थे |
प्रश्न) भीष्म ने ऐसा क्यों
कहा कि अभी उनके मरने का समय नहीं हुआ है ?
उत्तर
) भीष्म ने अपने पिता के आजीवन ब्रह्मचारी रहकर विवाह न करने का संकल्प लिया और आजीवन
ब्रह्मचारी बने रहे | उनके
इस त्याग पर उनके पिता ने उनको इच्छित मृत्यु का वरदान दिया था | इस कारण भीष्म की मृत्यु तभी होती जब वे चाहते |
प्रश्न ) युधिष्ठिर को जीवित
पकड़ने की बात सुनकर द्रोण ने संतोष क्यों मान लिया ?
सातवाँ ,आठवाँ और नवाँ दिन
पाठ 30 सातवाँ ,आठवाँ और नवाँ दिन
प्रश्न ) सातवें दिन का
युद्ध अन्य दिनों से किस तरह भिन्न था ?
उत्तर
) सातवें दिन का युद्ध किसी एक स्थान पर केन्द्रित नहीं था | युद्ध-क्षेत्र में अनेक वीरों
के साथ विपक्षी सेना के वीर युद्ध कर रहे थे | अर्जुन के
विरुद्ध भीष्म, द्रोणाचार्य से विराटराज, शिखंडी से अश्वत्थामा आदि वीर इसी प्रकार युद्ध कर रहे थे |
प्रश्न ) इरावान के मारे
जाने का घटोत्कच पर क्या असर हुआ ?
उत्तर
) अर्जुन पुत्र इरावन के युद्ध में मारे जाने पर भीम-घटोत्कच ने तेज़ गर्जना की और कौरव
सेना पर टूट पड़ा | उसकी
गर्जना सुनकर युधिष्ठिर ने उसकी मदद के लिए भीमसेन को भेज दिया | इस प्रकार दोनों ने भीषण युद्ध कर कौरव सेना को क्षति पहुंचाई |
प्रश्न ) नवें दिन अभिमन्यु
किसके साथ युद्ध कर रहा था ? उसका क्या परिणाम हुआ
?
उत्तर
) नवें दिन अर्जुन पुत्र अभिमन्यु और अलम्वुश में घोर संग्राम छिदा हुआ था | दोनों ही वीर युद्धकला में पारंगत
थे | अभिमन्यु ने अपने पिता की भाँति अत्यंत कुशलता से युद्ध
करते हुए विपक्षी को परेशान कर दिया |
Sunday, January 2, 2022
चौथा,पाँचवाँ और छठा दिन
पाठ 29 चौथा,पाँचवाँ और छठा दिन
प्रश्न ) चौथे दिन के युद्ध
में किस पक्ष की ज्यादा हानि हुई थी ?
उत्तर
) चौथे दिन के युद्ध में दुर्योधन के आठ भाई
मारे गए | पांडवों की ओर से घटोत्कच ने ऐसा
भीषण युद्ध किया कि कौरव सेना का उसके सामने ठहरना मुश्किल हो गया | भीष्म को युद्ध बंद कर देना पड़ा | इस प्रकार चौथे दिन
के युद्ध में कौरव पक्ष की ज्यादा हानि हुई थी |
प्रश्न ) धृतराष्ट्र अपना
दुख हल्का करने के लिए क्या करते थे ?
उत्तर
) संजय से युद्ध का हाल सुनकर धृतराष्ट्र बहुत दुखी थे | उनके अनेक पुत्र मारे जा चुके थे
| दुख जब उनकी सहनशक्ति से भारी हो जाता तब वे कुछ कह सुनकर अपना
दुख हल्का करने की कोशिश करते |
प्रश्न ) छठे दिन यदि घायल
को कृपाचार्य न बचाते तो क्या होता ?अपनी कल्पना
से लिखिए |
उत्तर
) छठे दिन यदि घायल दुर्योधन को कृपाचार्य न बचाते तो दुर्योधन की मृत्यु हो जाती | अठारह दिनों तक युद्ध न चलता और
हजारों वीर असमय मारे जाने से बच जाते | इस प्रकार अपार जन-धन
की हानि न होती |
पहला,दूसरा और तीसरा दिन
पाठ 28 पहला,दूसरा और तीसरा
दिन
प्रश्न ) ‘कौरवों –पांडवों के बीच हुए इस युद्ध में रिश्तों का कोई
महत्व नहीं रह गया था’ |तर्क सहित उत्तर
दीजिए|
उत्तर ) यह सच है कि इस युद्ध में रिश्तों का कोई महत्व नहीं
रह गया था | उसका कारण यह था कि भाई-भाई, पिता-पुत्र, मामा-भांजा, चाचा-भतीजे, गुरु-शिष्य
तथा सगे-संबंधी अपनों की जान लेने को उतारू थे | इस युद्ध में
कोई किसी की परवाह किए बिना एक दूसरे के प्राणों
के प्यासे बने बैठे थे |
प्रश्न ) दूसरे दिन की समाप्ति से पहले कौरव सेना के सेनानी पश्चिम
की ओर क्यों देखे जा रहे थे ?
उत्तर ) दूसरे दिन की समाप्ति से पहले कौरव-सेना के सेनानी
आसमान की ओर इसलिए देखे जा रहे थे कि कब सूर्यास्त हो और उन्हें युद्ध से छुटकारा मिले
| उस समय धर्मयुद्ध
का यह नियम था कि सूर्यास्त होते ही दोनों पक्षों के युद्ध बंद कर देंगे |
प्रश्न ) ‘दुर्योधन के सारथी ने जो सोचा था,
हुआ उससे उल्टा’ कैसे ?
दुर्योधन जब भीमसेन के बाण से चोट खाकर रथ पर गिरकर मूर्छित
हो गया तो उसके सारथी ने सोचा कि दुर्योधन को रण-क्षेत्र से बाहर ले जाए जिससे उसके
मूर्छित होने का किसी को पता न चले | जैसे ही वह रथ बाहर की ओर ले चला था कि सेना
का अनुशासन टूट गया और सैनिक में भगदड़ मच गई
|
पांडवों व कौरवों के सेनापति
पाठ 27 पांडवों व कौरवों के सेनापति
प्रश्न ) पांडवों के सेना
का नायक किसे बनाया गया और क्यों ?
उत्तर
) युधिष्ठिर ने सेना को सात भागों में बाँटकर प्रत्येक भाग का नायक नियुक्त कर दिया,सेनापति के लिए सेना के वीरों ने
अनेक नाम सुझाए, पर अर्जुन की राय युधिष्ठिर को सब प्रकार से
ठीक लगी |
प्रश्न ) ‘अर्जुन रथ से कूदकर युधिष्ठिर के पीछे इसलिए भागे होंगे, क्योंकि –
उत्तर
) i) युधिष्ठिर को अकेला ,निहत्था देखकर दुर्योधन कोई कुचाल न चल दे |
ii)युधिष्ठिर को अचानक क्या हो गया जो इस तरह विपक्षी सेना की ओर भागे जा रहे
हैं |
iii)
युधिष्ठिर
के इस कृत्य का अनुमान अर्जुन न कर सके होंगे |
प्रश्न ) भीष्म और द्रोण
जैसे वीरों ने विपक्ष में रहकर भी युधिष्ठिर को विजय होने का आशीर्वाद
क्यों दिया होगा ?
Saturday, January 1, 2022
शांतिदूत श्रीकृष्ण
पाठ 26 शांतिदूत श्रीकृष्ण
प्रश्न ) ‘ऐसा उपाय करें जिससे आप भाग्यशाली
बनें’ से कृष्ण का क्या आशय था ?
उत्तर ) ऐसा कहकर श्रीकृष्ण, धृतराष्ट्र को यह कहना चाहते थे
कि पांडव तो संधि के लिए तैयार हैं| युद्ध रोकना या युद्ध आरंभ
करवाना आपके हाथ में हैं | आप अपने पुत्रों को समझाकर युद्ध में
कुल के विनाश को रोक सकते है | युद्ध ने होने पर आपके सभी पुत्र
और परिवार जीवित रहेंगे |
प्रश्न ) धृतराष्ट्र ने सभा में गांधारी को क्यों बुलाया ?
उत्तर ) धृतराष्ट्र ने सभा में गांधारी को इसलिए
बुलाया क्योंकि माँ को सभा में आया जानकर दुर्योधन
सभा में आ जाएगा | माँ
की ममता पुत्र पर पिता की अपेक्षा अधिक रहती है और पुत्र भी माँ को ज्यादा प्यार करता है| एक पुत्र
के कारण ही दुर्योधन शायद अपनी माँ का कहना मान ले | गांधारी
की समझ बहुत स्पष्ट है तथा वह दूर की सोच सकती है |
प्रश्न ) तुम्हारे विचार से कुंती ने कर्ण से क्या अनुरोध किया और क्यों
?
उत्तर ) कुंती ने कर्ण से दुर्योधन और कौरवों का
साथ छोडकर पांडवों की ओर से लड़ने का अनुरोध किया | मेरे विचार से उसने ऐसा इसलिए किया होगा कि कुंती सबसे पहले
एक माँ थी| उसकी ममता अपने पुत्रों पर बराबर थी चाहे वह कर्ण
हो या अर्जुन या अन्य | कुंती अपने पुत्रों को जीवित देखना चाहती
थी और तभी संभव है जब कर्ण पांडव पक्ष से युद्ध करे| अपने सभी
पुत्रों की जीवित रहने की कामना के कारण ही
वह कर्ण के पास गई |
समास
समास विनय अपने माता और पिता के साथ देव के मंदिर गया | चार राहों के समूह से गुजरते हुए उसने घोड़े पर सवारी करते हुए छ्त्रपति शि...
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नेताजी का चश्मा स्वयं प्रकाश क्षितिज भाग 2 प्रश्न 1 ) सेनानी न होते हुए भी चश्मेवाले को लोग कैप्टन क्यों कहते थे ? उत्तर ) निश्चय ...
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फसल नागार्जुन प्रश्न 1) कवि के अनुसार फसल क्या है ? उत्तर ) कवि के अनुसार फसल मानव और प्रकृति के मिले झुले प्रयासों का परिणाम है |...
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माता का अंचल शिव पूजन सहाय कक्षा 10वीं हिन्दी कृतिका भाग 2 प्रश्न 1) प्रस्तुत पाठ के आधार पर यह कहा जा सकता है कि बच्चे का अपने पिता ...