Wednesday, January 5, 2022

भीष्म शर-शैय्या पर

 पाठ 31 भीष्म शर-शैय्या पर

प्रश्न ) भीष्म शिखंडी के बाणों का प्रत्युत्तर  क्यों नहीं दे रहे थे ?

उत्तर ) शिखंडी वास्तव में पूर्ण पुरुष नहीं था | वह अंबा नाम की  स्त्री ही थी,जिसे स्वयंवर से विचित्रवीर्य के लिए जबरदस्ती उठाकर लाया था | पर वह शाल्व नरेश से विवाह करना चाहती थी | उसने ये बात भीष्म को बताई | तब भीष्म ने उसे शाल्व नरेश के पास जाने की आज्ञा दे दी | शाल्व नरेश ने  विवाह करने से इंकार कर दिया | इस प्रकार दोनों तरफ से निराश हुई अंबा ने स्त्री रूप छोड़कर अपना नाम शिखंडी रख लिया | शिखंडी के स्त्री होने की बात भीष्म जानते थे| अतः वह उसके बाणों का प्रत्युत्तर नहीं दे रहे थे |

प्रश्न) भीष्म ने ऐसा क्यों कहा कि अभी उनके मरने का समय नहीं हुआ है ?

उत्तर ) भीष्म ने अपने पिता के आजीवन ब्रह्मचारी रहकर विवाह न करने का संकल्प लिया और आजीवन ब्रह्मचारी बने रहे | उनके इस त्याग पर उनके पिता ने उनको इच्छित मृत्यु का वरदान दिया था | इस कारण भीष्म की मृत्यु तभी होती जब वे चाहते |

प्रश्न ) युधिष्ठिर को जीवित पकड़ने की बात सुनकर द्रोण ने संतोष क्यों मान लिया ?

उत्तर ) द्रोण ने जब युधिष्ठिर को जीवित पकड़ने के लिए दुर्योधन का उद्देश्य सुना तो उनका मन घृणा से भर गया , पर उनके मन संतोष इसलिए हुआ कि अब मौका मिलने पर युधिष्ठिर को जान से नहीं मारना है |

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