पाठ 26 शांतिदूत श्रीकृष्ण
प्रश्न ) ‘ऐसा उपाय करें जिससे आप भाग्यशाली
बनें’ से कृष्ण का क्या आशय था ?
उत्तर ) ऐसा कहकर श्रीकृष्ण, धृतराष्ट्र को यह कहना चाहते थे
कि पांडव तो संधि के लिए तैयार हैं| युद्ध रोकना या युद्ध आरंभ
करवाना आपके हाथ में हैं | आप अपने पुत्रों को समझाकर युद्ध में
कुल के विनाश को रोक सकते है | युद्ध ने होने पर आपके सभी पुत्र
और परिवार जीवित रहेंगे |
प्रश्न ) धृतराष्ट्र ने सभा में गांधारी को क्यों बुलाया ?
उत्तर ) धृतराष्ट्र ने सभा में गांधारी को इसलिए
बुलाया क्योंकि माँ को सभा में आया जानकर दुर्योधन
सभा में आ जाएगा | माँ
की ममता पुत्र पर पिता की अपेक्षा अधिक रहती है और पुत्र भी माँ को ज्यादा प्यार करता है| एक पुत्र
के कारण ही दुर्योधन शायद अपनी माँ का कहना मान ले | गांधारी
की समझ बहुत स्पष्ट है तथा वह दूर की सोच सकती है |
प्रश्न ) तुम्हारे विचार से कुंती ने कर्ण से क्या अनुरोध किया और क्यों
?
उत्तर ) कुंती ने कर्ण से दुर्योधन और कौरवों का
साथ छोडकर पांडवों की ओर से लड़ने का अनुरोध किया | मेरे विचार से उसने ऐसा इसलिए किया होगा कि कुंती सबसे पहले
एक माँ थी| उसकी ममता अपने पुत्रों पर बराबर थी चाहे वह कर्ण
हो या अर्जुन या अन्य | कुंती अपने पुत्रों को जीवित देखना चाहती
थी और तभी संभव है जब कर्ण पांडव पक्ष से युद्ध करे| अपने सभी
पुत्रों की जीवित रहने की कामना के कारण ही
वह कर्ण के पास गई |
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