पाठ 13 जरासंध
प्रश्न) ‘पांडवों द्वारा किए जाने यज्ञ में जरासंध
बाधक था, कैसे ?
उत्तर ) वह अत्यंत शक्तिशाली राजा था ,
जिसने सभी राजाओं को जीतकर अपने वश में कर रखा था |सभी उससे
पराजित हो चुके थे और उससे डरते थे | शिशुपाल जैसे शक्ति सम्पन्न
राजा भी उसकी अधीनता स्वीकार कर चुके थे | श्री कृष्ण और
उनके बंधु भी हार चुके थे | इस प्रकार राजसूय यज्ञ में बाधक
बन रहा था |
प्रश्न) जरासंध की कैद में बंदी राजा कैसे मुक्त हुए ?
उत्तर ) जरासंध से युद्ध का निश्चय हो जाने पर भीम,अर्जुनऔर श्री कृष्ण ब्राह्मण वेष में जरासंध के पास गए | उनका आदर सत्कार किया| आधी रात के बाद जब वह
अतिथियों से बातचीत करने आए तो अतिथियों ने अपना सही परिचय देकर द्वंद्व युद्ध के
लिए ललकारा | भीम के साथ द्वंद्व युद्ध में जरासंध मारा गया|
प्रश्न) शिशुपाल को श्री कृष्ण की अग्र पूजा क्यों
अच्छी न लगी ?
उत्तर ) शिशुपाल एक शक्तिसम्पन्न राजा था| पांडवों द्वारा जरासंध को मारने में श्रीकृष्ण ही योजनाकार थे | इसे वे श्री कृष्ण की कुचाल समझता था इसके अलावा वह श्री कृष्ण को मामूली सा व्यक्ति
समझता था इसलिए उसे श्री कृष्ण की अग्र –पूजा
अच्छी न लगी|
Hlo
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