Saturday, September 11, 2021

विशेषण

 

विशेषण

जो शब्द संज्ञा या सर्वनाम की विशेषता का बोध कराते हैं, वे विशेषण कहलाते हैं |

लाल कार खड़ी है|             तीन कबूतर उड़ रहे हैं|     यह घर मेरा है|

विशेष्य – विशेषण जिन शब्दों की विशेषता बताते हैं, वे शब्द विशेष्य कहलाते हैं|

उपर दिये गए वाक्यों में कार, कबूतर , घर  विशेष्य है|

प्रविशेषण- विशेषणों की भी विशेषता बताने वाले शब्द प्रविशेष्ण कहलाते हैं|

उदाहरण- सचिन बहुत मेहनती है|

        भीम बहुत वीर था |

        आज बहुत अधिक गर्मी है|

विशेषण के भेद  चार है |

1    गुणवाचक विशेषण – जो शब्द संज्ञा या सर्वनाम के गुण,दोष,रंग,आकार,अवस्था आदि का बोध कराए,उन्हें गुणवाचक विशेषण कहते हैं ; जैसे – होशियार,दुष्ट, गुलाबी,लंबा,वार्षिक,खट्टा,खुरदरा आदि|

असीम बुद्धिमान बालक है|              झंडे में सफेद,केसरी और हरा रंग है|

बुद्धिमान, सफेद,केसरी और हरा विशेषण है |

2    परिमाणवाचक विशेषण- जिन शब्दों से संज्ञा या सर्वनाम के माप तौल का पता चले,उन्हें परिमाणवाचक विशेषण कहते है| दो मीटर, पाँच किलो  आदि|

परिमाणवाचक विशेषण दो प्रकार के हैं|

I) निश्चित परिमाणवाचक विशेषण –जिन विशेषण शब्दों से किसी निश्चित परिमाण का बोध हो, उन्हें निश्चित परिमाणवाचक विशेषण कहते हैं जैसे-

दो किलो चावल                            तीन लीटर दूध

Ii) अनिश्चित परिमाणवाचक विशेषण – जिन शब्दों से किसी निश्चित माप-तौल का पता नहीं चलता, उन्हें अनिश्चित परिमानवाचक विशेषण कहते हैं|

चाय में थोड़ी सी चीनी दाल दे |  

बाज़ार से कुछ फल ले आए |

3 संख्यावाचक विशेषण – जो विशेषण शब्द किसी संज्ञा या सर्वनाम शब्द की संख्या या क्रम का बोध कराते हैं, उन्हें संख्यावाचक विशेषण कहते हैं ; जैसे-

कक्षा में चार पंखे हैं |                  विद्यालय में बीस कमरे हैं|

संख्यावाचक विशेषण  विशेषण दो प्रकार के हैं|

निश्चित संख्या वाचक विशेषण –जिन विशेषण शब्दों से निश्चित संख्या का पता चले, उन्हें निश्चित संख्या वाचक विशेषण कहते हैं|

कमरे में दो खिड़कियाँ हैं|                गमले में दो फूल हैं|

अनिश्चित संख्यावाचक  विशेषण – जिन विशेषण शब्दों से किसी निश्चित संख्या का पता नहीं चलता , उन्हें अनिश्चित संख्या वाचक विशेषण कहते हैं –

जैसे टोकरी में  कुछ टॉफियाँ पड़ी हैं|

 बाग में कुछ लोग घूम रहे हैं|

4    सार्वनामिक विशेषण – जो सर्वनाम विशेषण के रूप में प्रयुक्त होते हैं, उन्हें सार्वनामिक विशेषण कहते हैं; जैसे –

यह घर मेरा है|                             वह महिला बुला रही है |

सर्वनाम और सार्वनामिक विशेषण में अंतर –

जो शब्द संज्ञा के स्थान पर प्रयोग होते हैं वे सर्वनाम कहलाते हैं तथा जो सर्वनाम संज्ञा शब्द से पहले आकर विशेषता का कार्य करे वे सार्वनामिक विशेषण कहलाते हैं जैसे –

  सर्वनाम                               सर्वनामिक विशेषण

  वह पढ़ता है |                          वह बालक  पढ़ता है|

  किसी ने बुलाया |                        किसी बालक ने बुलाया|

 

 

 

 

 

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