पाठ 14 शकुनि का प्रवेश
प्रश्न) युधिष्ठिर ने क्या शपथ ली थी?
उत्तर ) युधिष्ठिर ने शपथ ली थी कि आज से तेरह वर्ष तक अपने भाइयों तथा अन्य
बंधु-बाँधवों से किसी तरह का वैर नहीं रखेंगे | वह
उनकी इच्छानुसार ही चलेंगे जिससे कि मनमुटाव का कोई डर न रहे | वे अपने मन से क्रोध को निकाल देंगे तथा कौरवों कि इच्छानुसार ही काम
करेंगे |
प्रश्न ) शकुनि ने दुर्योधन को पांडवों से राज्य प्राप्त करने का क्या सहज
उपाय बताया ?
उत्तर ) शकुनि ने बताया युद्ध खतरनाक
काम है | पांडवों से राज्य प्राप्त करने का सहज उपाय
है कि उन्हें चौसर का खेल खेलने के लिए आमंत्रित किया जाए|
इस खेल के शौकीन युधिष्ठिर को खेलना भी नहीं आता है|
इससे उन्हें हराकर आसानी से उनका राज्य
प्राप्त किया जा सकता है|
प्रश्न) चौसर के खेल के बारे में
विदुर ने दृतराष्ट्र को क्या बताया ?
उत्तर ) चौसर के खेल दुष्परिणामों के बारे में विदुर ने दृतराष्ट्र को क्या
बताया ?
उत्तर ) चौसर के खेल के दुष्परिणामों के बारे में दृतराष्ट्र को बताते हुए
विदुर ने आगाह किया कि इस खेल के कारण हमारे कुल के लोगों में आपसी मनमुटाव और
झगड़े फसाद बढेंगे | इससे हम सभी पर विपदा आएगी जो कौरव –कुल के
नाश का कारण बन जाएगी |
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