Saturday, January 1, 2022

राजदूत संजय

 पाठ 25 राजदूत संजय

प्रश्न ) पांडव हमारी ग्यारह अक्षौहिणी सेना देखकर डर गए है – दुर्योधन के इस कथन से आप सहमत हैं या असहमत और क्यों ?

उत्तर ) दुर्योधन के  इस कथन से मैं बिल्कुल असहमत हूँ | दुर्योधन बड़बोला था | उसे अपनी शक्ति पर घमंड था | वह सोचता था कि पांडवों को युद्ध में हराकर सारे राज्य का स्वामी बन जाएगा | वह तो हर स्थिति मैं युद्ध चाहता था |

प्रश्न) वे कौन-से दो अवसर थे जब भीष्म तथा अन्य कौरव अर्जुन का पराक्रम देख चुके थे ?

उत्तर ) पहला अवसर था जब दुर्योधन ने अर्जुन को बंदी बना लिया था, तब अर्जुन ने दुर्योधन को गन्धर्वों से मुक्त कराया था |

दूसरी बार तब जब विराट राज्य के उत्तरी छोर पर दुर्योधन ने सेना सहित आक्रमण कर दिया था| तब अर्जुन ने अकेले ही सारी सेना को हराते हुए विजय प्राप्त की थी |

प्रश्न ) दुर्योधन का स्वभाव जानते हुए भी श्री कृष्ण हस्तिनापुर क्यों जाना चाहते थे ?

उत्तर ) श्रीकृष्ण कौरवों और पांडवों दोनों के समान रूप से हितकारी थे | वे जानते थे कि युद्ध हुआ तो दोनों ओर के अनेक वीर तथा बंधु- बांधव ही मारे जाएंगे | वे युद्ध की संभावना टालकर सारे संसार का कल्याण चाहते थे, इसलिए श्रीकृष्ण हस्तिनापुर जाना चाहते थे |

 

मंत्रणा

पाठ 24 मंत्रणा

प्रश्न) सात्यकी ने ऐसा क्यों कहा होगा कि दुर्योधन बगैर युद्ध के मानेगा नहीं?

उत्तर) सात्यकि ने ऐसा इसलिए कहा होगा, क्योंकि –

i)        सात्यकि दुर्योधन के स्वभाव से भली- भांति परिचित रहे होंगे |

ii)       पांडवों ने प्राण निभाकर खेल कि शर्तों का पालन किया,फिर भी दुर्योधन ने उन्हें मरने का प्रयास किया |

प्रश्न) दुर्योधन युद्ध के बिना राज्य वापस नहीं करेगा , यह जानकार भी उसके पास दूत क्यों भेजे जा रहे थे ?

उत्तर) पांडव पक्ष के अधिकांश लोग शांतिपूर्वक समस्या क्यों हल करना चाहते थे कि युद्ध से किसी का भला नहीं हो सकता | इसके अलावा वे दुर्योधन और पांडवों से संधि करना चाहते थे |

प्रश्न) अर्जुन ने मौका दिये जाने पर भी श्री कृष्ण को ही क्यों चुना ?

उत्तर ) अर्जुन ये जानते थे कि वे सत्य के लिए लड़ रहे हैं | श्री कृष्ण सत्य का नाश अवश्य कर देंगे | भले ही श्रीकृष्ण निहत्थे रहेंगे पर श्रीकृष्ण इतने शक्तिशाली थे कि सेना उनकी शक्ति के सामने कहीं न ठहरती | इसके अलावा श्रीकृष्ण और अर्जुन में अत्यधिक प्रेम और अपनत्व था |

प्रश्न) मद्रराज शल्य को धोखे से दुर्योधन ने किस तरह अपनी तरफ कर लिया ?

उत्तर ) मद्रराज शल्य ने भी एक विशाल सेना एकत्रित की और पांडवों की सहायता के लिए चल पड़े | उनके सेना सहित आने की खबर सुनकर दुर्योधन ने शल्य का इतना आदर किया कि वे पांडवों को सहायता देने की बात भूलकर दुर्योधन को सहायता देने का वचन दे बैठे |

 

 


Friday, December 31, 2021

विराट का भ्रम

 

विराट का भ्रम

प्रश्न) यदि पांडव अपना अज्ञातवास विराटराज के यहाँ न बिता रहे होते तो युद्ध में विराटराज की क्या स्थिति होती ? अपनी कल्पना से लिखिए |

उत्तर ) तब उन्हें  युद्ध के दूसरे मोर्चे अर्थात् दुर्योधन और उसके साथियों द्वारा उत्तर की ओर से किए गए हमले में पराजय का सामना करना पड़ता | क्योंकि दुर्योधन की सेना भीष्म, द्रोणाचार्य, कृपाचार्य जैसे वीर योद्धाओं से सज्जित थी |

प्रश्न) विराटराज ने कंक के मुँह पर चौपड़ का पासा दे मारा | क्यों ?

उत्तर ) विराटराज  के यहाँ पांडव विभिन्न रूपों में अपना अज्ञातवास बिता रहे थे | युधिष्ठिर भी कंक नामक दरबारी बनकर राजा के साथ चौपड़ खेला करते थे | विराटराज इस बात से अनभिज्ञ थे | कंक के मुँह से अपने पुत्र की प्रशंसा के स्थान पर सारथी की प्रशंसा सुनकर उन्होंने कंक के मुँह पर चौपड़ का पासा दे मारा |

प्रश्न) अर्जुन ने उत्तरा से विवाह करना क्यों उचित नहीं समझा ?

उत्तर ) अर्जुन ने विराटराज की पुत्री उत्तरा को नृत्य और गायन सिखाया था | वे उसे बेटी के समान मानते थे, इसलिए उन्होंने उत्तरा के साथ विवाह करना उचित न समझा |

Wednesday, November 24, 2021

प्रतिज्ञा-पूर्त्ति

                                                              पाठ 22 प्रतिज्ञा-पूर्ति

प्रश्न) अर्जुन के यूँ अचानक प्रकट होने पर भी कर्ण क्यों नहीं घबराया?

उत्तर) अर्जुन के यूँ अचानक प्रकट होने पर भी कर्ण इसलिए  नहीं घबराया क्योंकि वनवास और अज्ञातवास की अवधि पूरी होने से पहले पांडव पहचान में आ जाते हैं तो उन्हें पुनः बारह वर्ष का वनवास तथा एक वर्ष का अज्ञातवास बिताना होगा|

प्रश्न) पांडवों की वनवास अवधि के बारे में भीष्म ने दुर्योधन को क्या बताया?

उत्तर) भीष्म ने दुर्योधन को बताया कि पांडवों के वनवास की अवधि कल ही पूरी हो चुकी है सूर्य,चंद्र,ग्रह की गति, वर्ष,महीने और पक्ष विभाग के पारस्परिक संबंध का ज्ञान रखने वाले इसकी पुष्टि करेंगे| तुम्हारी गणना में जरूर गलती हो गई है, क्योंकि सभी महीनों में दिनों की संख्या एक समान नहीं होती है|

प्रश्न) अर्जुन ने विजय उपरांत किस रूप में नगर में प्रवेश किया और क्यों?

उत्तर) अर्जुन ने राजकुमार उत्तर से कहा कि इस विजय का श्रेय तुम्हीं को मिलना चाहिए| तुम विजय योद्धा की भाँति चन्दन लगाकर तथा फूलों का हार पहनकर नगर में प्रवेश करना| ऐसा कहकर अर्जुन ने वृहन्नला का रूप बनाकर रथ पर सारथी के रूप में नगर में प्रवेश किया| अर्जुन ने राजा विराट को आश्चर्यचकित करने तथा राजकुमार उत्तर का मान-सम्मान बढ़ाने के उद्देश्य से ऐसा किया| 

अज्ञातवास

 

अज्ञातवास

प्रश्न) पांडव विराट के यहाँ चाकरी करने क्यों गए?

उत्तर ) बारह वर्षों की अवधि का वनवास बिताने के बाद पांडवों को अगला एक वर्ष इस प्रकार छिपकर बिताना था कि उन्हें कोई पहचान न सके| यदि वे पहचाने जाते तो उन्हें दुबारा वनवास बिताना पड़ता| अपनी पहचान छिपाते हुए दिन बिताने के लिए वे राजा विराट के यहाँ चाकरी करने गए|

प्रश्न) त्रिगर्त सुशर्मा विराट-राज्य पर आक्रमण करने के लिए इतना उत्सुक क्यों था?

उत्तर) मत्स्य देश के राजा विराट सुशर्मा के शत्रु थे| कीचक ने भी सुशर्मा को खूब तंग किया था| इस अवसर का लाभ उठाते हुए वह भी अपना पुराना बैर बराबर कर लेना चाहता था इसलिए विराट- राज्य पर आक्रमण करने के लिए इतना उत्सुक  था|

प्रश्न) विराट राज को छुड़ाकर लाने के लिए भेजते समय युधिष्ठिर ने भीम को क्या समझाया?

उत्तर ) विराट राज के बंदी हो जाने पर युधिष्ठिर ने भीम से उन्हें छुड़ाकर लाने के लिए कहा और समझाते हुए कहा, “भीम, यदि हमेशा की तरह तुम गर्जना करोगे तो शत्रुओं द्वारा पहचान लिए जाओगे| तुम्हें साधारण योद्धा की तरह रथासीन होकर धनुष-बाण से युद्ध करना होगा|”

प्रश्न) कौरव सेना को सामने देखकर अर्जुन ने क्या किया?

उत्तर ) अर्जुन ने गांडीव-धनुष सँभाल लिया और टंकार की| अर्जुन द्वारा की गई शंख ध्वनि सुनकर कौरव सेना में खलबली मच गई कि पांडव आ गए|

 

Saturday, November 13, 2021

यक्ष प्रश्न

 

पाठ 20  यक्ष प्रश्न

 

प्रश्न ) मनुष्य का कौन साथ देता है?

उत्तर ) धैर्य ही मनुष्य का साथी होता है|

प्रश्न) कौन-सा  शास्त्र है, जिसका अध्ययन करके मनुष्य बुद्धिमान बनता है?

उत्तर) कोई भी शास्त्र ऐसा नहीं है | महान लोगों की संगति से ही मनुष्य बुद्धिमान बनता है|

प्रश्न) आकाश से भी ऊंचा कौन है?

उत्तर ) पिता|

प्रश्न ) हवा से भी तेज चलने वाला कौन है ?

उत्तर ) मन |

प्रश्न ) घास से भी तुच्छ कौन सी चीज होती है ?

उत्तर ) चिंता

प्रश्न ) विदेश जाने वाले का कौन साथी होता है ?

उत्तर ) विद्या

प्रश्न ) घर मेन ही रहने वाला कौन साथी होता है ?

उत्तर ) पत्नी

प्रश्न ) मरणासन्न वृद्ध का साथी कौन होता है ?

उत्तर ) दान, क्योंकि वही मृत्यु के बाद अकेले चलने वाले जीव के साथ –साथ चलता है |

प्रश्न ) बरतनों में सबसे बड़ा कौन-सा है ?

उत्तर ) भूमि ही सबसे बड़ा बरतन है जिसमें सब कुछ समा सकता है |

प्रश्न ) सुख क्या है ?

उत्तर ) सुख वह चीज है जो शील और सच्चरित्रता पर स्थित है |

प्रश्न ) किसके छूट जाने पर मनुष्य सर्व प्रिय बनता है ?

उत्तर ) अहंभाव के छूट जाने पर |

प्रश्न ) किस चीज के खो जाने पर दुख नहीं होता ?

उत्तर ) क्रोध के खो जाने पर |

प्रश्न ) किस चीज को गँवाकर मनुष्य धनी बन जाता है ?

उत्तर ) लालच को गँवाकर |

प्रश्न )युधिष्ठर  ! निश्चित रूप से बताओ कि किसी ब्राह्मण होना किस बात पर निर्भर करता है? उसके जन्म पर, विद्या पर या  

        शील-स्वभाव पर?                                  

उत्तर )कुल या विद्या के कारण ब्रह्मानत्व प्राप्त नहीं हो जाता | ब्रह्मानत्व तो शील स्वभाव पर निर्भर होता है|
जिसमें शील न हो वह ब्राह्मण नहीं हो सकता
| जिसमें बुरे व्यसन हो वह चाहे कितना ही पढ़ा लिखा क्यों न हो, ब्राह्मण नहीं कहला सकता | चारों वेदों को जान करके भी चरित्र –भ्रष्ट हो तो उसे नीच ही समझना चाहिए |

प्रश्न) संसार में सबसे बड़े आश्चर्य की बात क्या है?

उत्तर ) हर रोज आँखों के सामने कितने ही प्राणियों को मृत्यु के मुँह में जाते देखकर बचे हुए प्राणी जो यह चाहते हैं कि हम अमर रहें ,यहीं महान आश्चर्य की बात है|

प्रश्न) तालाब के किनारे अपने भाइयों को मरा देखकर युधिष्ठर ने अपने मन में क्या-क्या सोचा?

उत्तर ) तालाब के किनारे अपने भाइयों को मरा देखकर युधिष्ठर ने अपने मन में निम्नलिखित बातें सोची|

        उनके शरीर पर कोई निशान न देखकर सब कुछ मायाजाल जैसा लगा|

        हो सकता है यह दुर्योधन का षड्यंत्र हो|

        संभव है पानी में विष मिला हो|

प्रश्न) यक्ष के रूप में कौन प्रश्न पूछ रहा था? उसने युधिष्ठर को क्या आशीष दिया?

उत्तर ) बारह वर्ष के बाद बारह माह का अज्ञातवास सफलतापूर्वक पूरा हो जाएगा | तुम्हें और तुम्हारे भाइयों को कोई पहचान नहीं सकेगा | तुम अपनी प्रतिज्ञा सफलता पूर्वक पूरा करोगे |

प्रश्न ) अज्ञातवास मत्स्य देश में बिताना ठीक रहेगा  इसके लिए अर्जुन ने क्या-क्या तर्क दिए?

उत्तर ) मतस्य देश के राजा विराट हैं और उनका नगर बहुत ही सुन्दर और समृद्ध है|

          मतस्य नरेश शक्ति सम्पन्न हैं | वे दुर्योधन की बातों में आने वाले नहीं हैं | उनके यहन छिपकर रहना ठीक होगा |

मायावी सरोवर

 

पाठ 19 मायावी सरोवर

प्रश्न) ब्राह्मण की झोपड़ी के बाहर कौन – सी लकड़ी टंगी थी? उसका क्या उपयोग था?

त्तर) ब्राह्मण की झोपड़ी के बाहर अरणी की लकड़ी टंगी थी| यह काठ की चौकोर लकड़ी थी जिस पर मथनी जैसी दूसरी लकड़ी से   रगड़कर उन दिनों आग उत्पन्न की जाती थी |

प्रश्न) नकुल ने कैसे अनुमान लगाया कि उस स्थान पर जलाशय हो सकता है?

उत्तर ) नकुल ने पेड़ पर चढ़कर देखा कि कुछ दूर पर ऐसे पौधे उगे है, जो केवल पानी के ही नजदीक उगते है|आस- पास बगुले भी उड़ रहे थे | यहीं सोचकर नकुल ने वहाँ जलाशय होने का अनुमान लगाया होगा |

प्रश्न) नकुल को  जलाशय  मिलने पर उसने क्या किया ?

उत्तर ) उसने सोचा कि पहले तो मैं अपनी प्यास बुझा लूँ और फिर तरकश में पानी भरकर भाइयों के लिए ले जाऊँगा |

प्रश्न)  नकुल के द्वारा  जलाशय  का  पानी पीने पर क्या हुआ?

उत्तर )  वे जलाशय का पानी पीते ही  बेहोश होकर भूमि पर गिर पड़े |

प्रश्न) जलाशय किसके अधीन था?

उत्तर ) एक यक्ष के अधीन था|

प्रश्न) जलाशय से आती हुई आवाज़ सुनकर अर्जुन ने क्या किया?

उत्तर ) जलाशय  में जल पीने के लिए उतरते समय वहीं आवाज़ सुनने पर अर्जुन को खूब गुस्सा आया | अर्जुन ने जिस दिशा से आती हुई आवाज़ को सुना था उसी दिशा में निशाना लगाकर बाण चलाने लगे |  बाणों को यूँ बेअसर होता देख अर्जुन गुस्से से भर उठे |

समास

  समास विनय अपने माता और पिता के साथ देव के मंदिर गया | चार राहों के समूह से गुजरते   हुए   उसने घोड़े पर सवारी करते हुए छ्त्रपति शि...