अपठित गद्यान्शकक्षा 7 व 8 के लिए
निम्नलिखित गद्यान्श को पढ़कर प्रश्नों के उत्तर
दीजिए|
आज के करीब डेढ़ हज़ार साल से पहले चीन में
बारूद का आविष्कार हुआ | फिर ईसा की ग्यारहवीं सदी में चीनियों ने रॉकेट भी बनाए | लगभग उसी समय भारत को भी बारूद की जानकारी मिली |भारत
को यह जानकारी या तो चीनी मजदूरों से मिली या भारतीय बन्दरगाहों में पहुँचने वाले
चीनी व्यापारियों के जरिये | आज भी आतिशबाज़ी के पटाखों का
सबसे ज्यादा उत्पादन दक्षिण भारत में ही होता है | रॉकेटों का भी ज्यादा इस्तेमाल दक्षिण भारत के
युद्धों में ही हुआ है | रॉकेटों के लिए लोहे के खोलों का
इस्तेमाल संभवत: भारत की ही खोज है |
प्रश्न) बारूद का आविष्कार किस देश की देन
है ?
उत्तर ) चीन की |
प्रश्न ) भारत को बारूद की जानकारी कब मिली ?
उत्तर ) ईसा की ग्यारहवीं शताब्दी में |
प्रश्न ) भारत में आतिशबाजी के पटाखों का
सर्वाधिक प्रयोग कहाँ होता है ?
उत्तर ) दक्षिण भारत में होता है
प्रश्न )रॉकेट के लिए लोहे के खोलों की खोज
की संभावना किस देश के लिए प्रकट की जाती है ?
उत्तर ) भारत के लिए |
निम्नलिखित गद्यान्श को पढ़कर प्रश्नों के उत्तर
दीजिए|
लोग चाहते है की सरकार उनकी भलाई के लिए
कार्य करती रहे और वे स्वयं कुछ न करे | गांधी जी के सिद्धांतों पर चलने की
अपेक्षा भी अधिकतर लोग दूसरों से ही कहते है जबकि स्वयं उस पर चलना नहीं चाहते | गांधी जी किसी गरीब को भोजन देने की बजाए उसके लिए काम उपलब्ध करने की बार करते थे | वे खैरात बांटने का खुला विरोध करते थे | उनका कहना
था – भगवान हमारा नौकर नहीं है, जो
हमारे काम कर जाए |काम तो हमें ही करना पड़ेगा |अपने अधिकार हमें याद है, परंतु समाज और राष्ट्र के
प्रति अपने कर्तव्यों को हम भूल गए है | हम अकर्मण्यता के दलदल में फसते जा रहे है |कर्म
संस्कृति की सोच हमने क्षीण कर दी है |सड़क पर यातायात का
पहले हम उल्लंगन करते है और पकड़े जाने पर जुर्माना देने की बजाय कम रकम में पुलिस
से समझौता करने की फिराक में रहते है |
प्रश्न ) लोग सरकार से क्या चाहती है ?
उत्तर ) लोग चाहते है की सरकार उनकी भलाई के
लिए कार्य करती रहे और वे स्वयं कुछ न करे |
प्रश्न ) गांधी जी के सिद्धांतों की क्या
स्थिति है ?
उत्तर ) लोग चाहते है की दूसरे गांधी के
सिद्धांतों पर चले |
प्रश्न ) ........हम अपनी सुविधा देखते है |( सही कथन
से वाक्य पूरा कीजिए |)
उत्तर ) भ्रष्टाचार का विरोध करने की बजाय
प्रश्न ) समाज और राष्ट्र के प्रति हम क्या
भूल गए है ?
उत्तर ) हम अपने कर्तव्यों को भूल गए है |
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