Tuesday, June 29, 2021

पाठ 8 द्रोणाचार्य

 

पाठ 8

द्रोणाचार्य

प्रश्न 1  द्रोणाचार्य कौन थे ?

उत्तर -  ये ऋर्षि भरद्वाज के पुत्र थे| बचपन में राजा द्रुपद से एक  ही आश्रम में पढ़ने के करण गहरी दोस्ती हो  गई  थी |ये कौरव –पांडवो के गुरु थे |इनके पुत्र का नाम अश्वत्थामा था |

प्रश्न 2 परशुराम जी से गुरु द्रोण ने क्या प्रार्थना की ?

उत्तर - द्रोण ने उनसे सारे अस्त्रों के प्रयोग तथा रहस्य सीखने की प्रार्थना की |    

प्रश्न 3 पांचाल नरेश द्रुपद ने द्रोणाचार्य जी के साथ कैसे व्यवहार किया ?

उत्तर- उन्होने राज्य के मद में द्रोण को बड़ा भला बुरा कहा |उन्होने  कहा कि दरिद्र की धनी के साथ ,मूर्ख की विद्वान के साथ और कायर  की वीर के साथ मित्रता कैसे हो सकती है ?

प्रश्न 4 कुएँ में पड़ी गेंद को द्रोणाचार्य जी ने कैसे निकाला ?

उत्तर – द्रोणाचार्य ने पास में पड़ी सींके उठाकर एक दूसरे पर डालते रहें |सींके एक दूसरे के सिरे से चिपकती गई |जब आखिरी सींके का सिरा कुएँ के बाहर तक पहुँच गया तो द्रोणाचार्य ने उसे पकड़कर खींच लिया और गेंद निकाल गई |

प्रश्न 5 द्रोणाचार्य ने पांचाल नरेश द्रुपद से अपने अपमान का बदला किस प्रकार लिया ?

उत्तर – जब कौरव और पांडवों की शिक्षा पूरी ही गई तब गुरु द्रोण ने गुरु –दक्षिणा के रुप में अर्जुन ने  पांचाल नरेश  द्रुपद को हराकर उसे गुरु के सामने खड़ा किया| तब गुरु ने द्रुपद को उससे मित्रता रखने के लिए आधा राज्य लौटा दिया क्योंकि कभी द्रुपद ने गुरु द्रोण को कहा था कि मित्रता बराबर वाला में ही होती है |इस तरह अपने अपमान का बदला लिया |

प्रश्न 6 द्रुपद ने अपने अपमान का बदला लेने के लिए क्या किया ?

उत्तर- उसने कई कठोर व्रत किए जिससे उसे एक ऐसा पुत्र हो जो द्रोण को मार सके और साथ ही एक ऐसी कन्या हो ,जो अर्जुन को ब्याही जा सके |  

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