Friday, June 25, 2021

वाक्य कक्षा (नौवीं के लिए )

 

वाक्य

शब्दों के सार्थक समूह को वाक्य कहते हैं | वाक्य भाषा की इकाई है ; जैसे – राम स्कूल जाता है | वाक्य में क्रिया का होना अति आवश्यक होता है | क्रिया के बिना वाक्य की रचना संभव नहीं होती है | यथा – मैं जाता हूँ | परंतु मैं एक मात्र शब्द है |

अर्थ के आधार पर वाक्य के आठ प्रकार होते हैं –

1 विधानवाचक – जिन वाक्यों में किसी क्रिया के होने या करने की सामान्य सूचना हो, उन्हें विधानवाचक वाक्य कहते हैं ; जैसे – गंगा हिमालया से निकलती है | बच्चे मैदान में खेल रहे हैं |

2 निषेधवाचक वाक्य – जिन वाक्यों में न या नहीं होने का भाव व्यक्त होता है, उन्हें नकरात्मक वाक्य कहते है ; जैसे अवनी स्कूल नहीं जाती | रमेश पुस्तक नहीं पढ़ता |

3 प्रश्नवाचक वाक्य – जिन वाक्यों में प्रश्न का बोध होता है, उन्हें प्रश्नवाचक वाक्य कहते है ; जैसे हरियाणा में कितने जिले है ?आप क्या काम करते हो ?

4 संदेहवाचक वाक्य – जिन वाक्यों में कार्य के होने में संदेह होता है ,उन्हें संदेहवाचक वाक्य कहते हैं ; जैसे – शायद आज विद्यालय बंद हो  संभवत: गाड़ी नहीं गई होगी |

5 आज्ञावाचक वाक्य – जिस वाक्य में आज्ञा , प्रार्थना , उपदेश , अनुमति का बोध होता है, उसे आज्ञावाचक  वाक्य कहते हैं |

जैसे – तुम बाहर जाओ | (आज्ञा )

आप आ सकते हो  (अनुमति)

कृपया आप मेरा काम कर दीजिए | (प्रार्थना )

6 इच्छावाचक वाक्य जिस वाक्य में इच्छा ,आशीर्वाद ,या शुभ कामना का बोध होता है उसे इच्छावाचक या इच्छार्थक वाक्य कहते है |

7 संकेतवाचक वाक्य – जिस वाक्य में एक बात या काम  का होना दूसरी बात या काम के होने पर निर्भर करता है , उसे संकेतवाचक वाक्य कहते है ; जैसे – यदि कपिल पढ़ता तो अवश्य प्रथम आता | आप समय पर स्टेशन पहुँच जाते तो आपकी ट्रेन नहीं छूटती |

8 विस्मयादिबोधक वाक्य जिस वाक्य में हर्ष, शोक, घृणा ,आश्चर्य, भय आदि का बोध होता है , उसे विस्मयादिबोधक वाक्य कहते हैं | जैसे –

हर्ष – वाह ! क्या छक्का मारा है |

आश्चर्य – अरे ! तजेंदर गा भी सकता है |

 

 

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