वाक्य
शब्दों के सार्थक समूह को वाक्य कहते हैं | वाक्य भाषा की इकाई है ; जैसे – राम स्कूल जाता है | वाक्य में क्रिया का होना अति आवश्यक होता है |
क्रिया के बिना वाक्य की रचना संभव नहीं होती है | यथा – ‘ मैं जाता हूँ | परंतु ‘मैं’ एक मात्र शब्द है |
अर्थ के आधार पर वाक्य के आठ प्रकार होते हैं –
1 विधानवाचक – जिन वाक्यों में किसी क्रिया के होने
या करने की सामान्य सूचना हो, उन्हें विधानवाचक वाक्य कहते
हैं ; जैसे – गंगा हिमालया से निकलती है | बच्चे मैदान में खेल रहे हैं |
2 निषेधवाचक वाक्य – जिन वाक्यों में न या नहीं
होने का भाव व्यक्त होता है, उन्हें नकरात्मक वाक्य कहते
है ; जैसे अवनी स्कूल नहीं जाती | रमेश
पुस्तक नहीं पढ़ता |
3 प्रश्नवाचक वाक्य – जिन वाक्यों में प्रश्न का
बोध होता है, उन्हें प्रश्नवाचक वाक्य कहते है ; जैसे हरियाणा में कितने जिले है ?आप क्या काम करते
हो ?
4 संदेहवाचक वाक्य – जिन वाक्यों में कार्य के होने
में संदेह होता है ,उन्हें संदेहवाचक वाक्य कहते हैं ; जैसे – शायद आज विद्यालय बंद हो संभवत: गाड़ी नहीं
गई होगी |
5 आज्ञावाचक वाक्य – जिस वाक्य में आज्ञा , प्रार्थना , उपदेश , अनुमति
का बोध होता है, उसे आज्ञावाचक वाक्य कहते हैं |
जैसे – तुम बाहर जाओ | (आज्ञा )
आप आ सकते हो
(अनुमति)
कृपया आप मेरा काम कर दीजिए | (प्रार्थना )
6 इच्छावाचक वाक्य – जिस वाक्य
में इच्छा ,आशीर्वाद ,या शुभ कामना का
बोध होता है उसे इच्छावाचक या इच्छार्थक वाक्य कहते है |
7 संकेतवाचक वाक्य – जिस वाक्य में एक बात या
काम का होना दूसरी बात या काम के होने पर
निर्भर करता है , उसे संकेतवाचक वाक्य कहते है ; जैसे – यदि कपिल पढ़ता तो अवश्य प्रथम आता | आप समय
पर स्टेशन पहुँच जाते तो आपकी ट्रेन नहीं छूटती |
8 विस्मयादिबोधक वाक्य – जिस वाक्य में हर्ष, शोक, घृणा ,आश्चर्य, भय आदि का बोध होता है , उसे विस्मयादिबोधक वाक्य कहते हैं | जैसे –
हर्ष – वाह ! क्या छक्का मारा है |
आश्चर्य – अरे ! तजेंदर गा भी सकता है |
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