पाठ -5 उत्साह
सूर्यकांत त्रिपाठी ‘निराला’
प्रश्न) कवि बादल से फुहार,
रिमझिम या बरसने के स्थान पर गरजने के लिए कहता है, क्यों?
उत्तर) बादल अपने जल से निश्चय
ही पृथ्वी के प्राणो की प्यास बुझाता है और उन्हे प्रसन्न करता है|यही
बादल विध्वंस भी मचा सकता है| कवि बादल को गरजने के लिए इसलिए कहता है ताकि सोई सोई आत्माएँ जाग जाएँ तथा उनके मन में क्रांति का संचार हो सके |
क्रांति व परिवर्तन से ही युग का निर्माण हो सकता है |
इसलिए कवि बादल को बरसने की अपेक्षा गरजने के लिए कहता है |
प्रश्न) कविता का शीर्षक
उत्साह क्यों रखा गया है?
उत्तर) कवि बादल से गरजने
के लिए कहता है| गर्जन बादल की शक्ति को व्यक्त करता है |
इसलिए कवि बादल का गरज – गरजकर नई प्रेरणा देने की लिए आह्वान करता है |
अत: कवि ने बादल के इस विशेष गुण के आधार पर इस कविता का शीर्षक उत्साह
रखा है जो अत्यंत उचित एवं सार्थक है |
प्रश्न) कविता में बादल
किन-किन अर्थो की और संकेत करता है ?
उत्तर) कविता में बादल कवि
की कल्पना शक्ति और क्रांति की भावना की ओर संकेत करता है |
बादल एक ओर तो पीड़ित लोगों की आशाओं और कामनाओं को पूरा करने वाला है तो दूसरी और
जन- जन के मन में उत्साह और संघर्ष के भाव भरने वाला भी है |
प्रश्न) शब्दों का प्रयोग
जिससे कविता के किसी खास भाव या दृश्य में ध्वन्यात्मक प्रभाव पैदा हो,नाद-सौन्दर्य
कहलाता है| उत्साह कविता में ऐसे कौन से शब्द है जिनमें
नाद-सौन्दर्य मौजूद है,छाँटकर
लिखें|
उत्तर ) 1 “घेर घेर गगन,
धराधार ओ !
2 ललित ललित, काले घुँघराले,
बाल कल्पना के-से पाले
3 “विद्युत-छवि उर में”कविता की इन
पंक्तियों में नाद-सौन्दर्य मौजूद है|
प्रश्न) उत्साह कविता का केन्द्रीय
भाव का उल्लेख कीजिए| अथवा
प्रश्न) उत्साह कविता
के मूल उद्देश्य का वर्णन कीजिए|
उत्तर ) इस कविता में निराला
ने बादल को उत्साह के प्रतीक के रूप में चित्रित किया है|
कवि ने बादल से अनुरोध किया है कि वह सारे आकाश में छा जाए और खूब वर्षा करे ताकि तप्ति
हुई धरती को शीतलता मिल सके | अपनी गर्जन से सोई हुई मानवता को जगा दे|
वह संघर्षशील कवि के समान सबके जीवन में उत्साह भर दे|
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