Sunday, July 11, 2021

दो वरदान

 

पाठ – 3 दो वरदान

प्रश्न) अपने चारों पुत्रों  के विवाह के पश्चात दशरथ  के मन में  क्या इच्छा बची थी?

उत्तर) राजा दशरथ के मन में केवल एक ही इच्छा बची थी | राम का राज्याभिषेक | उन्हें युवराज का पद देना |

प्रश्न) राम को सभी अयोध्यावासी राजा क्यों बनाना चाहते थे?

उत्तर ) क्योंकि राम बड़े ही विनम्र, विद्वान तथा प्रजा के हितों का ध्यान रखने वाले थे| उनके पराक्रम का लोहा सभी मानते थे| राम राज-काज की ज़िम्मेदारी अच्छी तरह से निभा रहे थे | उनका सम्मान दरबार में लगातार बढ़ता ही जा रहा था |

प्रश्न) राम के राज्याभिषेक की तैयारियों के समय भरत कहाँ थे?

उत्तर ) वह उस समय अयोध्या में नहीं थे |वे अपने नाना केकयराज के घर गए हुए थे|  

प्रश्न) मंथरा कौन थी ?

उत्तर ) वह कैकयी की दासी और उसकी मुँह लगी थी | उसी ने  राम का राज्याभिषेक भरत की अनुपस्थिति में एक षड्यंत्र बताया |उसने रानी को राजा दशरथ से दो वरदान मांगने को कहा |

प्रश्न) मंथरा को जब राम के राज्याभिषेक के बारे में पता चला तो उसकी क्या मनोदशा हुई ?

उत्तर) वह जल भुन गई| राम का राज्याभिषेक उसे कैकयी के विरुद्ध एक षड्यंत्र लगा | वह हाँफ कर कैकयी के    रनिवास की ओर भागी तथा सोती हुई कैकयी को उसने नींद से जगा  दिया |

प्रश्न) रानी कैकयी ने राजा दशरथ से अपने कौन से दो वरदान देने  को कहा  ?

उत्तर ) पहला वरदान राम के स्थान पर भरत का राज्याभिषेक| दूसरा राम को चौदह वर्ष का वनवास |

प्रश्न) रानी के दो वरदान मांगने पर राजा दशरथ की क्या दशा थी?

उत्तर ) दशरथ का चेहरा सफेद पड़ गया| वह अवाक रह गए| उसका  सिर चकराने लगा | वे मूर्छित होकर गिर पड़े|

 

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