पाठ – 3 दो वरदान
प्रश्न) अपने चारों पुत्रों के विवाह के पश्चात दशरथ के मन में क्या इच्छा बची थी?
उत्तर) राजा दशरथ के मन में
केवल एक ही इच्छा बची थी | राम का राज्याभिषेक |
उन्हें युवराज का पद देना |
प्रश्न) राम को सभी
अयोध्यावासी राजा क्यों बनाना चाहते थे?
उत्तर ) क्योंकि राम बड़े ही
विनम्र, विद्वान तथा प्रजा के हितों का ध्यान रखने वाले थे|
उनके पराक्रम का लोहा सभी मानते थे| राम राज-काज की ज़िम्मेदारी अच्छी तरह से निभा रहे थे
| उनका सम्मान दरबार में लगातार बढ़ता ही जा रहा था |
प्रश्न) राम के राज्याभिषेक
की तैयारियों के समय भरत कहाँ थे?
उत्तर ) वह उस समय अयोध्या
में नहीं थे |वे अपने नाना केकयराज के घर गए हुए थे|
प्रश्न) मंथरा कौन
थी ?
उत्तर ) वह कैकयी की दासी और
उसकी मुँह लगी थी | उसी ने राम का राज्याभिषेक भरत की अनुपस्थिति में एक
षड्यंत्र बताया |उसने रानी को राजा दशरथ से दो वरदान मांगने को कहा |
प्रश्न) मंथरा को
जब राम के राज्याभिषेक के बारे में पता चला तो उसकी क्या मनोदशा हुई ?
उत्तर) वह जल भुन गई|
राम का राज्याभिषेक उसे कैकयी के विरुद्ध एक षड्यंत्र लगा |
वह हाँफ कर कैकयी के रनिवास की ओर भागी तथा
सोती हुई कैकयी को उसने नींद से जगा दिया |
प्रश्न) रानी कैकयी
ने राजा दशरथ से अपने कौन से दो वरदान देने को कहा ?
उत्तर ) पहला वरदान राम के
स्थान पर भरत का राज्याभिषेक| दूसरा राम को चौदह वर्ष का वनवास |
प्रश्न) रानी के
दो वरदान मांगने पर राजा दशरथ की क्या दशा थी?
उत्तर )
दशरथ का चेहरा सफेद पड़ गया| वह अवाक रह गए| उसका सिर चकराने लगा | वे मूर्छित होकर गिर पड़े|
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