Friday, May 7, 2021

पाठ 2 दादी माँ (पाठ का सार तथा प्रश्न उत्तर )

 

पाठ 2  दादी माँ


पाठ का सार



इस पाठ में लेखक ने अपनी दादी माँ के बारे में बताया है कि वह कितनी महान व दयालु थी | दादी माँ अपने अच्छे स्वभाव के कारण घर में तो सबकी प्रिय तो  थी ही साथ में बाहर के लोगो में भी प्रसिद्ध थी |

लेखक जब बीमार हुआ –लेखक की आयु 20 वर्ष से अधिक होने पर भी थोड़ी से मुसीबत पड़ते ही वह उदास हो जाता था |तब दादी माँ ऐसे समय में उसकी देखभाल करने आ जाती |लेखक क़्वार  के महीने में और गाँव के बच्चो के साथ तालाब के बदबूदार पानी में नहाया ,पर बीमार पड़ गया और उसका बुखार रात बारह बजे के बाद ही उतर सका |

दादी माँ का इलाज़ -   दादी माँ दिन –रात  बीमार लेखक की चारपाई के पास बैठी रहती व उसके हाथ पाँव सहलाती  रहती | वह लेखक को दाल-चीनी का लेप करती और मूँग की दाल की खिचड़ी बनाने के हिदायत देती|

उन्हें गँवई पचासों किस्म की दवाओं के नाम याद थे |  गाँव में कोई भी बीमार होता तो दादी  माँ  सबसे  पहले पहुँचती |वह  हाथ –माथा छूकर मलेरिया,निमोनिया,सरनाम आदि का विश्वासपूर्वक अनुमान लगाती | बीमारी में साफ-सफाई का ध्यान रखती |तकिये का गिलाफ न बदला जाने पर व पागल सी  हो जाती|

एक दोपहरी का अप्रिय प्रसंग – लेखक ने बचपन में देखा की दादी माँ एक दोपहरी रामी की चाची धन्नो पर खूब बिगड़ रही थी | उसे ब्याज के साथ सारे पैसे वापस देने के लिए कह रही थी |धन्नो पैसे फसल पर वापस देने के लिए कह रहीथी |  तब लेखक ने कहा दादी यह बाद में पैसे वापस कर देगी | इस घटना के कई दिन बाद एक दिन धन्नो  दादी को आशीर्वाद देते जा रही थी कि उससे मुलाकात हो गई |लेखक के पूछने पर धन्नो ने बताया कि दादी  माँ ने उसका सभी रुपया माफ करते हुए बेटी  की शादी के लिए दस रुपये भी दिए  है |

विवाहोत्सव के रतजगे का वर्णन –विवाह की रात जब बारात चली गई और लेखक बीमारी के कारण बा रात में न जा सका तो औरतों द्वारा रात भर जागकर किए जाने  वाले दृश्यों  को लेखक ने छिपकर देखा |अभिनय में भाभी की बात पर लेखक की हंसी आ गई और भंडाफोड़ हो गया |तब दादी  ने लेखक का बचाव किया |

स्नेह व ममता की मूर्ति-दादी को जीवन  का गहन अनुभव था | दादा जी की मृत्यु के बाद यह संसार उन्हें झूठा सा लगा | उन्हें असली व नकली शुभ चिंतकों की पहचान हो गई थी | दादा जी की  मृत्यु के बाद लेखक के पिता  ने अतुलनीय संपत्ति व्यय की थी | दादी अकेली होने के कारण उदास हो गई थी | वह अपना अधिकांश समय पूजा-पाठ में व्यतीत करती थी |

                         एक सुबह पिताजी व किशन भैया उदास बैठे थे ,अब रुपए  कोई उधार देता न था | कुछ लोगों के पिछले पैसे भी बाकी थे | तभी दादी माँ ने दादाजी के दिये हुए कंगन निकाले और देते हुए पुराने लोग सब आगा-पीछा सोच लेते थे बेटा |’

किशन भैया का पत्र लिए हुए लेखक का हाथ काँप रहा है उसे अपनी आंखों पर विश्वास नहीं हो रहा था कि  अब दादी माँ इस दुनिया में नहीं  रही |

कठिन शब्दार्थ

अनमना : उदास, रूखापन;  शुभचिंतक : हितैषी ;  क़्वार : भारतीय कैलेंडर के अनुसार बरसात का आखिरी महिना;

सिवान: गाँव कि सीमावर्ती भूमि ; लाई : चावल का भुना हुआ दाना |

गंधपूर्ण : बदबूदार ; हुड़क: वियोग ; सद्य : नया ; सरसाम : मूर्छा ; तिताई: कड़वाहट :

उत्साह : उमंग ;  कार-परोजन :अनेक तरह के कार्य जैसे शादी- विवाह ;निकसार : निकलने का मार्ग ; मयसूद : ब्याज सहित |

निस्तार : छुटकारा ;  विह्वल : अत्यंत दुख ; उऋण : कर्जमुक्त ; अभिनय : नाटक; दालान : बरामदा ; आपत्ति: असहमति |

वात्याचक्र : बवंडर ;  डांवाडोल: चंचल ; अतुल  :असीम ; पाला : ओस की बूँदों का जम जाना ; स्नेह-कातर : प्रेमयुक्त |

सहेजकर : सावधानी से ;  वंश; खानदान ; आगा-पीछा : शुभ- अशुभ |

शापभ्रष्ट : शापित ; विलीन: अदृश्य ; घिनोनी: घृणित ; धूमिल: कमजोर;  पांखे: पंख |

 

प्रश्न ) लेखक को अपनी दादी माँ की याद के साथ- साथ बचपन की और किन किन बातों की याद आती है?

उत्तर ) लेखक को बचपन की निम्नलिखित घटनाओं की याद आती है |

1 ) क़्वार माह में तालाब के बदबूदार पानी में नहाने की |

 2) रामी की चाची धन्नो को पैसो के लिए डाँटते हुए तथा कर्जा माफ कर देने पर धन्नो का दादी माँ को आशीर्वाद देते हुए |

 3)  किशन  भैया के ब्याह में रतजगे में हुए अभिनय की |

प्रश्न ) दादा की मृत्यु के बाद लेखक के घर की आर्थिक स्थिति खराब क्यों हो गई ?

उत्तर ) दादा की मृत्यु के बाद लेखक के घर की आर्थिक स्थिति खराब इसलिए खराब हो गई क्योंकि लेखक के पिताजी ने दादी माँ के मना करने पर भी दादाजी के श्राद्ध  कार्यक्रम  में खूब धन- संपत्ति खर्च की थी |

प्रश्न )     दादी माँ के स्वभाव  का कौन सा पक्ष आपको सबसे अच्छा लगता है व क्यों ?

उत्तर )  दादी माँ के स्वभाव के सबसे अच्छे पक्ष में मुझे उनके द्वारा दूसरों की मदद करना लगता है | दादी माँ  लोगों  से उनका समय पर पैसा न मिलने पर वह उन्हें डाँटती भी है और उनका कर्ज़ माफ कर पुनः उनकी मदद कर दिया करती है |

भाषा की बात

प्रश्न )  कहानी में छू- छूकर ज्वर का अनुमान करती , पूछ- पूछकर घरवालों को परेशान कर देती –जैसे वाक्य आए है |

किसी क्रिया पर ज़ोर देने के लिए एक से अधिक  बार एक शब्द का प्रयोग किया जाता है|जैसे वहाँ जा-जाकर थक गया ,उन्हें ढूंढ- ढूंढकर देख लिया| ऐसे चार वाक्य  ओर  लिखिए |

उत्तर )    शब्द                                       वाक्य प्रयोग

            लिखते-लिखते                          लिखते लिखते  वह थक गया , पर समय से प्रश्न पत्र पूरा न कर सका |

            माँग – माँग                                 अपना ही पैसा मैं  रामू से माँग – माँग कर में थक गया था |

           पढ़ते –पढ़ते                                  पढ़ते –पढ़ते    वह ऊब गया,  किन्तु किताब पूरी न हुई |

           उड़ते –उड़ते                                  उड़ते –उड़ते   पक्षी  थककर चूर हो गया |

 

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