कोरोना महामारी
प्रस्तावना : हमारे पर्यावरण
में अनेक प्रकार के जीव-जन्तु रहते हैं | इनमें से कुछ जीव एक कोशीय होते है |
इन्हें नंगी आँखों से देख पाना असंभव है | इनमें कुछ एक कोशीय जीव मानव के लिए लाभदायक तो कुछ
हानिकारक होते हैं | कोरोना नामक विषाणु (वायरस ) भी एक ऐसा ही हानिकारक
एक कोशीय जीव है |
1. कोरोना का मानव शरीर में प्रवेश :वर्ष 2019 के मध्य तक यही माना जाता था कि कोरोना वायरस केवल चमगादड़ के शरीर में पाया जाता है |परंतु चीन के वूहान शहर में एक अज्ञात बीमारी से जब लोग बीमार पड़ने लगे और उनकी जांच की गई ,तब उन लोगो शरीर में कोरोना वायरूस पाया गया | मानुषे के शरीर में कोरोन कैसे पहुंचा –इस संबंध में चीन की सरकार कहना है कि वह सी – फूड मार्किट ( ऐसा बाज़ार जहां समुंद्री जीवों को भोजन के रूप में खरीद – बेचा जाता है ) से आया है जबकि अमेरिका जैसे देशों का कहना है कि चीन की सरकार ने वूहान की एक प्रयोगशाला में इस वायरस को चमगादड़ से प्राप्त किया , उसमें बदलाव किया और पूरे विश्व में जैविक हथियार की तरह फैला दिया |
2. कोरोना –महामारी : मार्च 2020 तक कोरोना वायरस विश्व के अधिकतर देशों के लोगों को संक्रमित कर चुका था | और हज़ार लोगों की जान ले चुका था | अतः विश्व स्वास्थ्य संगठन ने इसे महामारी के रूप में घोषित कर दिया और इस कोरोना महामारी का नाम कोवायड-19 ( covid-19 ) रखा | इस नाम में ‘को’ co शब्द ‘कोरोना’ ले लिए , ‘वाय’ शब्द विषाणु के लिए ‘डी’ शब्द बीमारी (डीजिज ) तथा 19 अंक वर्ष 2019 के लिए है |
3. लक्षण : कोरोना से पीड़ित व्यक्ति में 14 दिनों में इसके लक्षण दिखाई दे सकते हैं | इससे संक्रमित व्यक्ति को सबसे पहले बुखार होता है| उसके बाद सुखी खांसी , जुकाम जैसा प्रतीत होता है |तथा बाद में सांस लेने में कठिनाई होती है |
4. फैलाव : यह बीमारी बड़ी तेज़ी से फैल रही है | संक्रमित व्यक्ति के छिंकने व खांसने से उसके साँस के साथ जल के छोटे कणों में उपस्थित यह वायरस किसी भी ठोस वस्तु, व्यक्ति तक पहुँच सकता है | संक्रमित व्यक्ति को छूने से यह दूसरे व्यक्ति के हाथ तक और संक्रमित व्यक्ति द्वारा उसी हाथ से नाक, मुँह आदि को छूने पर उसके शरीर में प्रवेश कर जाता है |
5. बचने के उपाय : अनेक देशों ने इस महामारी से बचने व इसकी रोकथाम के लिए लॉकडाउन जैसी व्यवस्था सबसे पहले अपनाई परंतु यह व्यवस्था अधिक प्रभावशाली नहीं रही | जब तक कि इस बीमारी की प्रभावी दावा / वैक्सीन नहीं बन जाती है , तब तक इसे फैलने से रोकने के लिए विश्व स्वास्थ्य संघठन व भारत सरकार ने निम्नलिखित उपाय अपनाने पर बल दिया है –
· घर से बाहर तभी निकले , जब बहुत आवश्यक हो |
· घर से बाहर निकलते समय मुँह व नाक पर मास्क , रुमाल या गमछे से ढके हुए हों |
· दो गज की सामाजिक दूरी बनाए रखें | भीड़-भाड़ वाली जगह से बचें |
· थोड़ी थोड़ी देर में साबुन से 30 सैकिन्ड तक हाथ धोएँ | या फिर विषाणु नाशक सैनेटाइज़र का प्रयोग करें | रोग प्रतिरोधक क्षमता तक बढाने के लिए फल आदि का प्रयोग करें |
· संक्रमित होने की संभावना होने पर तुरंत अपनी जाँच करवाएँ तथा संक्रमित व्यक्ति से पर्याप्त सावधानी बरतें |
6. उपसंहार : हालांकि अभी तक इस बीमारी की कोई दवाई नहीं बनाई जा सकी है पर अब वैक्सीन बन गई है | सरकार द्वारा स्थापित किए गए टीकाकरण केंद्र पर जाकर हम कोरोना बीमारी से बचने का टीका लगवा सकते है | इस महामारी के कारण अब तक लगभग लाखों लोगो की मृत्यु हो चुकी है | मार्च 2020 से भी विद्यालय , महाविद्यालय , होटल, दुकानें आदि बंद पड़े है | इस महामारी ने विश्व की अर्थव्यवस्था को चौपट कर दिया है और लोगों के जीवन में उथल-पुथल मचा दी है | अतः हम सभी का यह प्रयास होना चाहिए कि हम सरकार द्वारा जारी दिशा – निर्देशों का हर समय पालन करें | तभी हम अपने आपको और अपने परिवार को सुरक्षित रख सकते हैं |
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