Thursday, May 20, 2021

संगति का महत्व बताते हुए छोटे भाई को पत्र लिखिए |

 

परीक्षा भवन

क ख ग

दिनांक ______

प्रिय नीरज

खुश रहो

हम सब यहाँ कुशलपूर्वक हैं | आशा है अब तुम्हारा मन छात्रावास में लग गया होगा | तुमने वातावरण के अनुसार अपने आप को बदल लिया होगा |

भाई, यह पहला अवसर है जब तुम , हम सबसे अलग रहे हो |हमें तो तुम्हारी कमी खल ही रही है, लेकिन तुम भी अकेलापन महसूस कर रहे होगे | ऐसे में तुम्हें अच्छे मित्र की आवश्यकता है | लेकिन तुम वहाँ मित्र बनाने में विशेष सावधानी बरतना क्योंकि संगति का प्रभाव हमारे विचारों तथा व्यवहारों पर पड़ता है | जैसे लोगों के बीच हम रहते है, धीरे –धीरे हमारा स्वभाव भी वैसा ही हो जाता है | अच्छे आचार-विचार वाले लोगों के साथ रहकर तुम उनसे बहुत कुछ सीख पाओगे तथा सफलता तुम्हारे कदम चूमेगी | यदि तुम्हारी संगति अच्छी न रही, तो तुम्हें लक्ष्य की प्राप्ति नहीं हो पाएगी |हम सभी से दूर रहने का उद्देश्य तुम्हें ध्यान रहना चाहिए | अंत में, मैं तुम्हें एक बार फिर यही कहूंगा कि तुम सत्संगति में रहना ,ताकि माता जी और पिता जी का स्वप्न पूरा हो सके |

 

हम सभी की शुभकामनाएँ तुम्हारे साथ हैं | माता जी और पिता जी की ओर से ढेर सारा प्यार |

तुम्हारा अग्रज

आशुतोष

 

 

 

 

1 comment:

समास

  समास विनय अपने माता और पिता के साथ देव के मंदिर गया | चार राहों के समूह से गुजरते   हुए   उसने घोड़े पर सवारी करते हुए छ्त्रपति शि...