अशुद्धि
शोधन
भाषा में शब्दों एवं वाक्यों को शुद्ध रूप से लिखना
एवं बोलना आवश्यक है | व्याकरण के अभाव में प्राय: इन्हें
लिखने और बोलने में कुछ अशुद्धियाँ हो जाती है |
ये अशुद्धियाँ दो प्रकार की होती हैं –
शब्दों के शुद्ध रूप का ज्ञान न होने से उन्हें
बोलने एवं लिखने में कुछ अशुद्धियाँ हो जाती हैं | ऐसी अशुद्धियों को वर्तनी संबंधी अशुद्धि कहते
हैं –
क )
मात्रा संबंधी अशुद्धियाँ –
अशुद्ध शब्द शुद्ध
शब्द
छवी छवि
कवी कवि
हानी हानि
रिषि ऋषि
एसा ऐसा
अगनी अग्नि
प्रथक पृथक
पत्नि
पत्नी
अकाश आकाश
एनक ऐनक
ओजार औज़ार
आयू आयु
दयालू दयालु
ओरत औरत
किर्ती कीर्ति
अतिथी अतिथि
तिथी तिथि
इतिहासिक
ऐतिहासिक
पती पति
क्योंकी क्योंकि
समाजिक
सामाजिक
बीमारि बीमारी
ख) अनुस्वार संबंधी अशुद्धियाँ –
घन्टा
घंटा
सुन्दर सुंदर
फन्दा फंदा
ऊंट
ऊँट
शन्ख
शंख
संभु शंभु
ष , स ,श संबंधी अशुद्धियाँ
-
विषेश
विशेष
प्रशाद
प्रसाद
धनुस
धनुष
दृष्य दृश्य
सक्ति शक्ति
सीतल शीतल
श्वाद
स्वाद
क्ष, त्र, ज्ञ संबंधी
अशुद्धियाँ -
पुतर
पुत्र
शस्तर
शस्त्र
प्रगया
प्रज्ञा
ग्यात
ज्ञात
छत्र
क्षत्रिय
विगयान
विज्ञान
ण , न, व संबंधी अशुद्धियाँ
–
गुन गुण
कारन
कारण
प्रनाम प्रणाम
प्रान प्राण
विबाद
विवाद
बाणी वाणी
र संबंधी अशुद्धियाँ -
करम
कर्म
आशिरवाद आशीर्वाद
धरम
धर्म
शरम शर्म
झूत झूठ
पूज्यनीय
पूजनीय
सनेह
स्नेह
उज्वल उज्ज्वल
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