जंगल और जनकपुरी
प्रश्न) महर्षि
विश्वामित्र ने राम-लक्ष्मण को जंगल में जाते समय कौन सी विद्याएँ सिखाई ?
उत्तर ) महर्षि
विश्वामित्र ने राम-लक्ष्मण को जंगल में जाते समय बला – अतिबला नाम की विद्याएँ
सिखाई | इन विद्याओं के सीखने के बाद रात को सोते समय भी जब वे नींद में
हो उन पर कोई प्रहार नहीं कर सकेगा |
प्रश्न ) महर्षि विश्वामित्र ने राम-लक्ष्मण को जंगल में
जाते समय जंगल व राक्षसी ताड़का के बारे में क्या कहा ?
उत्तर ) उन्होने कहा,
“ये जानवर और वनस्पतियाँ जंगल की शोभा है | इनसे कोई डर नहीं है |
असली खतरा राक्षसी ताड़का से है | वह यहीं रहती है | तुम्हें इस खतरे को हमेशा
के लिए मिटा देना है |”
प्रश्न )
ताड़का-वध का वर्णन कीजिए |
उत्तर ) राम ने धनुष पर
प्रत्यंचा चढ़ाई और उसे एक बार खींच कर छोड़ा | ताड़का को क्रोधित करने के लिए यह काफी था |टँकार
सुनते ही क्रोध से ताड़का राम की ओर दौड़ी| ताड़का ने पत्थर बरसाने शुरू कर दिए |
राम ने उस पर बाण चलाए | राम का एक बाण उसके ह्रदय में लगा और वह गिर पड़ी और
मर गई |
प्रश्न ) ताड़का
का वध होने के बाद विश्वामित्र ने प्रसन्न होकर क्या किया ?
उत्तर ) उन्होंने राम को गले से लगा लिया |
उन्होने दोनों राजकुमारों को सौ तरह के नए अस्त्र- शस्त्र दिए |
उनका प्रयोग करने की विधि बताई | उनका महत्व समझाया |
प्रश्न ) सुबाहु का वध किसने किया ?
उत्तर ) राम के बाण से
सुबाहु का वध हुआ |
प्रश्न ) अनुष्ठान
की समाप्ति पर राम ने विश्वामित्र
से आज्ञा मांगी तो महर्षि ने क्या कहा ?
उत्तर ) महर्षि ने राम को गले लगाकर कहा कि हम मिथिला जाएँगे | महाराज जनक के यहाँ
विदेहराज के दरबार में | तुम दोनों भी मेरे साथ चलो और उनके आयोजन में हिस्सा
लो |
प्रश्न ) शिव धनुष
का वर्णन अपने शब्दों में करो ?
उत्तर ) शिव-धनुष सचमुच विशाल
था | वह लोहे कि पेटी में रखा हुआ था |
उसे उठान असंभव था | इसलिए पहियों के सहारे खिसकाकर एक स्थान से दूसरे स्थान
पर ले जया जाता था |अनुचर मुश्किल से उसे खींचते हुए यज्ञशाला में लाए |
प्रश्न ) राजा जनक
ने सीता के विवाह के संबंध में क्या प्रतिज्ञा
ली थी ?
उत्तर ) राजा जनक ने यह प्रतिज्ञा
ली थी कि जो शिव धनुष उठाकर उस पर प्रत्यंचा चढ़ा देगा उसी के साथ सीता का विवाह होगा
|
प्रश्न ) शिव धनुष
किसने और कैसे तोड़ा ?
उत्तर ) राम ने शिव धनुष तोड़ा
| राम ने आसानी से धनुष झुकाया और उस पर से प्रत्यंचा खींची |
दबाव से धनुष बीच से टूट गया | उसके दो टुकड़े हो गए |
बच्चों के खिलौने की तरह | यज्ञशाला में सन्नाटा छ गया |
प्रश्न ) विवाह से
पहले विदेहराज ने महाराज दशरथ से क्या इच्छा
व्यक्त की ?
उत्तर ) उनकी इच्छा थी कि उनकी
छोटी पुत्री उर्मिला का विवाह लक्ष्मण से और उनके छोटे भाई कुशध्वज की पुत्रियाँ मांडवी
और श्रुतकीर्ति का विवाह भारत और शत्रुघ्न से हो जाए |
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