प्रदूषण एक
समस्या
भूमिका : आज के युग को
विज्ञान का युग कहा जाता है | विज्ञान ने आज मनुष्य को अनेक प्रकार के उपहारों
और शक्तियों से उपकृत किया है |इनके बल पर मानव जल,थल,
नभ का स्वामी बन बैठा है | विज्ञान ने जहां मनुष्य को अनेक प्रकार की
सुविधाएं प्रदान की हैं, दूसरी ओर वहीं अनेक समस्याओं को भी जन्म दिया है |
प्रदूषण की समस्या भी ऐसी ही समस्या है |
अर्थ : वायु,
जल , मिट्टी, पेड़-पौधे आदि पर्यावरण की रचना करते हैं |
इन सब पदार्थों का निश्चित संतुलन होता है | जब यह संतुलन बिगड़ जाता है,
तो प्रदूषण का जन्म होता है | ‘प्रदूषण’ दो शब्दों के योग से बना है – प्र + दूषण |
जिसका अर्थ है – वातावरण का दूषित हो जाना |
प्रकार : प्रदूषण मुख्य
रूप से चार प्रकार का होता है – वायु प्रदूषण ,जल प्रदूषण ,ध्वनि
प्रदूषण और भूमि प्रदूषण |उद्योग –धंधों तथा सड़क पर चलने वाले वाहनों से निकलने
वाले धुएँ के कारण वायु प्रदूषण का जन्म होता है |जब कारखानों से निकालने
वाले अपशिष्ट पदार्थ जल में बहा दिया जाता है तो जल प्रदूषित हो जाता है |
मशीनों ,वाहनों आदि के शोर के कारण ध्वनि प्रदूषण होता है |
भूमि प्रदूषण का अन्य कारण है-रासायनिक पदार्थों तथा कीटनाशक दवाइयों का प्रयोग |
कारण : आजकल वनों की अंधाधुंध कटाई के कारण भी प्रदूषण बढ़ता
जा रहा है |जनसंख्या की अधिकता के लिए भूमि की कमी को पूरा
करने के लिए तथा उद्योग –धंधो के लिए भूमि उपलब्ध करने के लिए ,वनों को काटना अनिवार्य हो गया है जिससे वातावरण में प्रदूषण बढ़ गया है क्योंकि वृक्ष हमें शुद्ध वायु प्रदान करते हैं |
परिणाम : प्रदूषण के भयंकर
दुष्परिणाम सामने आ रहे हैं |अनेक प्रकार के रोग बढ़ते जा रहे हैं ,साँस
,गले ,कान फेफडों ,त्वचा संबंधी रोगों में निंरतर वृद्धि होती जा रही
है |जल प्रदूषण के कारण पेट के अनेक रोग बढ़ गए हैं तथा ध्वनि
प्रदूषण से उच्च रक्तचाप ,मानसिक तनाव आदि बढ़ रहे हैं |आज
वायु इतनी प्रदूषित हो गई है कि साँस लेने
के लिए शुद्ध वायु का भी अभाव हो गया है |
प्रदूषण दूर करने के उपाय : :यद्यपि
प्रदूषण की समस्या विश्वव्यापी है तथा इसे रोकना मनुष्य के हाथ में नहीं है तथापि वृक्षों की
कटाई पर नियंत्रण करके ,औद्योगिक प्रतिष्ठानों को नगरों से दूर स्थापित
करके ,अधिक वृक्ष लगाकर इस समस्या पर कुछ नियंत्रण लगाया जा सकता है |
Aaj kal hamare Desh mein pradushan ke prabhav bahut jyada badh chuka hai jisse hamari aane wali pidiyan ko bahut nuksan hoga yahi soch kar hamen aage chalna hai ki hamari aane wali chidiya aage kaise chale
ReplyDeletemain yah to school ka kam bhejo isliye hamen pareshan Ko rokana hai pradushan lutega vah to ham denge Jay Hind Jay Bharat